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सीपी दफ्तर के बाहर धरने पर बैठे घायल दरोगा के स्वजन, बोले – वर्दी कैसे रहे सुरक्षित

सीपी दफ्तर के बाहर धरने पर बैठे घायल दरोगा के स्वजन, बोले – वर्दी कैसे रहे सुरक्षित
Sep 18, 2025, 07:46 AM
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Posted By Gaandiv


वाराणसी : कचहरी में बीते मंगलवार को अधिवक्ताओं ने बडागांव थाने के दरोगा और सिपाही की बेरहमी से पिटाई कर दी थी. घटना में दरोगा मिथिलेश प्रजापति और राणा प्रसाद गंभीर रूप से घायल हो गए थे. इस बीच गुरुवार की सुबह घायल दरोगा मिथिलेश के स्वजन कार्रवाई की मांग को लेकर पुलिस कमिश्नर दफ्तर के बाहर धरने पर बैठ गए. वे आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करने लगे. उनके भाई ने कहा कि हमें बताया जाए कि वर्दी कैसे सुरक्षित रहेगी. आए दिन पुलिसकर्मियों को कचहरी आना पड़ता है. आज मेरे भाई के साथ यह नृशंस घटना हुई है, कल किसी और के साथ हो गई तो, उसके सुरक्षा की गारंटी क्या है. साथ ही आरोपियों के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई. मेरा भाई आधा घंटा तक फोन करता रहा लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई. ऐसे में कैसे कोई सुरक्षित नौकरी कर सकता है. वहीं पुलिस अधिकारियों ने दरोगा के परिजनों से वार्ता की और कार्रवाई चल रही होने की जानकारी दी.


कार्रवाई का आश्वासन, धरना समाप्त


पुलिस कमिश्ननर मोहित अग्रवाल ने कचहरी में हुई घटना को लेकर परिजनों को दो दिन के भीतर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया. इसके बाद घायल दरोगा के परिजनों ने धरना समाप्त कर दिया.


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जांच के लिए 11 सदस्यीय कमेटी गठित


कचहरी में दरोगा की पिटाई मामले में 10 नामजद समेत 60 अज्ञात अधिवक्ताओं पर दर्ज मुकदमे से अधिवक्ताओं में विरोध देखा गया. न्यायिक कार्यों से विरत नाराज अधिवक्ताओं ने बुधवार को कचहरी परिसर में जुलूस निकालकर नारेबाजी और मुकदमे रद किए जाने की मांग की. उधर, पुलिस-अधिवक्ता गतिरोध खत्म करने को लेकर सेंट्रल बार एसोसिएशन के सभागार में हुई बैठक के दौरान सेंट्रल बार और बनारस बार के वर्तमान व पूर्व पदाधिकारियों की कुल 11 सदस्यीय कमेटी गठित की गई. यह कमेटी गुरुवार को पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक करेगी. दरोगा पर हमले में दर्ज मुकदमे में विवेचना पूरी होने तक गिरफ्तारी न किए जाने, समिति की निगरानी में साक्ष्यों के परीक्षण, समिति को भरोसे में रखकर विवेचना पूरी करने समेत अन्य बिंदुओं पर बातचीत होगी.


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कमेटी में सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मंगलेश दुबे, महामंत्री राजेश गुप्ता, बनारस बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सतीश तिवारी, महामंत्री शशांक श्रीवास्तव, सेंट्रल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष रामजन्म सिंह, सुरेश श्रीवास्त, मोहन यादव, विवेक शंकर तिवारी, बनारस बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अवधेश सिंह, राजेश मिश्रा, पूर्व महामंत्री नित्यानंद राय शामिल हैं. सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मंगलेश दुबे ने कहा कि दरोगा पर हमले में दर्ज मुकदमे में नामजद एवं अज्ञात अधिवक्ताओं पर किसी तरह की उत्पीड़नात्मक कार्रवाई नहीं होनी चाहिए. इसके लिए यह कमेटी जिला जज जयप्रकाश तिवारी, पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल, डीएम सत्येंद्र कुमार से समय लेकर उनके साथ बैठक करेगी.


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ट्रॉमा सेंटर से दरोगा डिस्चार्ज


अधिवक्ताओं की पिटाई से घायल दरोगा मिथिलेश प्रजापति को बीएचयू स्थित ट्रॉमा सेंटर से बुधवार की शाम 5 बजे के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया. चिकित्सकों ने दरोगा को बेडरेस्ट की सलाह दी है. सिर और पेट में चोट है. उधर, कचहरी में आंदोलित अधिवक्ताओं को देखते हुए आरआरएफ समेत भारी फोर्स तैनात रही. कचहरी के मुख्य द्वार से लेकर अन्य गेट के बाहर पुलिस कर्मियों की तैनाती रही. एहतियातन पुलिस अधिकारियों ने कचहरी परिसर में भी बार पदाधिकारियों से संवाद किया.

रामनगर रामलीला में हाथी के हमले में घायल महावत की मौत, 18 अक्टूबर को हुई थी घटना
रामनगर रामलीला में हाथी के हमले में घायल महावत की मौत, 18 अक्टूबर को हुई थी घटना
वाराणसी : रामनगर की रामलीला में हाथी के हमले में घायल महावत घपलू नट उर्फ छपलू की आजमगढ़ के निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई. 18 अक्टूबर को हाथी को नहलाने ले जाते समय हाथी अचानक बेकाबू हो गया था और उसने महावत को सूंड से उठाकर जमीन पर पटक दिया था. गंभीर रूप से घायल होने के बाद संक्रमण फैलने से डॉक्टरों को उसका बायां पैर काटना पड़ा, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका.घपलू चार भाइयों में तीसरे नंबर पर था. उसको चार साल का बेटा है. उसकी मौत से पत्नी सरीकुन और मां कलावती का रो-रोकर बुरा हाल है. परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है और घटना से गांव में शोक का माहौल है.ALSO READ : वाराणसी एयर शो: दूसरे दिन चरमराई यातायात व्यवस्था, शहर में लगा भीषण जाम, रहगीर परेशानगत 18 अक्‍टूबर को रामनगर में उस समय हड़कंप मच गया था, जब रामलीला में आया हाथी अचानक बेकाबू होकर इधर-उधर भागने लगा. हाथी का उत्‍पात देख लोगों में भगदड़ मच गई. महावत ने उसे काबू करने की कोशिश की, लेकिन हाथी ने उसे पटक दिया, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया. उसका इलाज अस्पताल में चल रहा था. हाथी को आजमगढ़ से रामलीला में लाया गया था, जहां वह पंचवटी मैदान से निकलकर सड़क पर भागने लगा. 12 घंटे बाद थककर एक जगह हाथी रुक गया. मौके पर वन विभाग के कर्मी व पुलिस फोर्स मौजूद रहे. इसके साथ ही गोरखपुर से भी वन विभाग की स्पेशल टीम पहुंची. हाथी पर मशक्‍कत के बाद काबू पाया जा सका. हाथी के हमले में घायल महावत को 50 टांके लगे थे. हाथी के बेकाबू होने की वजह से रविवार को लीला भी प्रभावित हुई. लीला का मंचन नहीं हुआ, बल्कि भगवान की आरती हुई थी.
वाराणसी एयर शो: दूसरे दिन चरमराई यातायात व्यवस्था, शहर में लगा भीषण जाम, रहगीर परेशान
वाराणसी एयर शो: दूसरे दिन चरमराई यातायात व्यवस्था, शहर में लगा भीषण जाम, रहगीर परेशान
वाराणसी : एयर शो के दूसरे दिन शनिवार को शहर की यातायात व्यवस्था चरमरा गई. विभिन्न मार्गों पर लागू डायवर्जन और वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध के चलते शहर के भीतर से लेकर बाहरी इलाकों तक कई स्थानों पर जाम की स्थिति बनी रही. सुबह करीब 9:30 बजे के बाद यातायात एडवाइजरी लागू होने के साथ ही प्रमुख सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ने लगा. कुछ ही समय में कई मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे आम नागरिकों, राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा. शहर के अलग-अलग हिस्सों में यातायात नियंत्रित करने के लिए पुलिसकर्मी तैनात रहे, लेकिन प्रतिबंधों के कारण बदले मार्गों पर वाहनों की संख्या बढ़ने से कई जगह जाम की समस्या बनी रही.हाईवे से शहर में प्रवेश पर प्रतिबंध, रिंग रोड पर कतारएयर शो के मद्देनजर शहर में यातायात को व्यवस्थित रखने के लिए हाईवे से शहर के अंदर वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया. इसके साथ ही गंगा घाटों की ओर जाने वाले वाहनों की आवाजाही भी रोकी गई. इन प्रतिबंधों का असर शहर में प्रवेश करने वाले प्रमुख रास्तों पर दिखाई दिया. आजमगढ़-लालपुर रिंग रोड मार्ग पर सुबह से ही वाहनों का दबाव बना रहा और लंबी कतारों के चलते आवागमन प्रभावित हुआ. बसों, कारों और अन्य वाहनों को आगे बढ़ने में परेशानी हुई. यातायात व्यवस्था में बदलाव के कारण निर्धारित रास्तों से गुजरने वाले वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ा, जिससे दूसरे मार्गों पर भी दबाव बढ़ने की स्थिति बनी. पहडिया-पांडेयपुर मार्ग, अंधरापुल, चौकाघाट समेत अन्‍य मार्गों पर जाम की स्थिति बनी रही.राजघाट पुल पर पाबंदी, सामनेघाट पुल पर अनुमतिपड़ाव चौराहे पर वाहनों की एंट्री बंद किए जाने से आसपास के मार्गों पर यातायात का सामान्य संचालन प्रभावित रहा. वहीं, राजघाट पुल पर वाहनों के साथ पैदल आवागमन भी बंद कर दिया गया. इस व्यवस्था के चलते पुल से होकर आने-जाने वाले लोगों को दूसरे रास्तों का उपयोग करना पड़ा. दूसरी ओर, सामनेघाट पुल पर केवल दोपहिया वाहनों को आवाजाही की अनुमति दी गई, जबकि अन्य वाहनों पर प्रतिबंध रहा. पुलों और प्रमुख संपर्क मार्गों पर लागू इन पाबंदियों के कारण यातायात का दबाव वैकल्पिक रास्तों की ओर बढ़ा. इससे शहर के कुछ हिस्सों में लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में सामान्य से अधिक समय लगा.ALSO READ : PET 2026 के अभ्यर्थियों के लिए रेलवे चलाएगा परीक्षा स्पेशल ट्रेन, 24, 29 और 31 अक्टूबर को मिलेगी सुविधासामनेघाट से लंका तक भीषण जामशहर के दक्षिणी हिस्से में सामनेघाट से लंका तक जाम की स्थिति बनी रही. मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लगने से स्थानीय लोगों और इस रास्ते से गुजरने वाले वाहन चालकों को परेशानी हुई. एयर शो के चलते लागू यातायात प्रतिबंधों और सीमित आवाजाही का असर इस क्षेत्र में भी देखने को मिला. लंका तथा आसपास के इलाकों की ओर जाने वाले लोगों को जाम के कारण देरी का सामना करना पड़ा. जिन मार्गों से सामान्य दिनों में वाहन सीधे अपने गंतव्य तक पहुंच जाते हैं, वहां प्रतिबंधों के कारण यातायात की गति प्रभावित रही. सामनेघाट और लंका के बीच वाहनों का दबाव बढ़ने से इस क्षेत्र में आवागमन सुचारु बनाए रखना चुनौतीपूर्ण रहा.गोदौलिया और मैदागिन भी फुल शहर के प्रमुख व्यावसायिक और भीड़भाड़ वाले इलाकों गोदौलिया तथा मैदागिन की ओर भी यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मी निगरानी करते रहे. इन क्षेत्रों में भीड़ और वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया. एयर शो के कारण शहर में लागू प्रतिबंधों का असर केवल आयोजन स्थल के आसपास तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शहर के दूसरे हिस्सों में भी लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही प्रभावित हुई. बाहर से वाराणसी आने वाले वाहन चालकों के साथ ही स्थानीय नागरिकों को भी बदले हुए यातायात मार्गों और प्रतिबंधों के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा.
PET 2026 के अभ्यर्थियों के लिए रेलवे चलाएगा परीक्षा स्पेशल ट्रेन, 24, 29 और 31 अक्टूबर को मिलेगी सुविधा
PET 2026 के अभ्यर्थियों के लिए रेलवे चलाएगा परीक्षा स्पेशल ट्रेन, 24, 29 और 31 अक्टूबर को मिलेगी सुविधा
वाराणसी: PET 2026 की परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए रेलवे की ओर से बलिया से कानपुर के बीच परीक्षा स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है। यह ट्रेन 24, 29 और 31 अक्टूबर को संचालित होगी। इससे वाराणसी और आसपास के जिलों के अभ्यर्थियों को कानपुर पहुंचने में सहूलियत मिलेगी।गाड़ी संख्या 05153 बलिया-कानपुर अनारक्षित परीक्षा स्पेशल बलिया से रवाना होकर गाजीपुर सिटी होते हुए रात करीब 10 बजे वाराणसी सिटी पहुंचेगी। इसके बाद रात 10:30 बजे वाराणसी जंक्शन और रात 10:50 बजे बनारस स्टेशन से रवाना होगी। ट्रेन अगले दिन सुबह 6 बजे कानपुर स्टेशन पहुंचेगी।वहीं, वापसी में गाड़ी संख्या 05154 कानपुर-बलिया अनारक्षित परीक्षा स्पेशल 29 और 31 अक्टूबर के बाद 30 अक्टूबर तथा 1 नवंबर को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संचालित होगी। यह ट्रेन कानपुर से दोपहर 12:55 बजे रवाना होकर रात 9:03 बजे बनारस स्टेशन पहुंचेगी। इसके बाद वाराणसी जंक्शन और वाराणसी सिटी होते हुए बलिया के लिए रवाना होगी और रात करीब 1:15 बजे बलिया पहुंचेगी।ALSO READ : पीएम मोदी के दौरे से पहले जगमगाई काशी, रंग-बिरंगी रोशनी से सजे शहर के प्रमुख स्थलरेलवे के अनुसार, इस ट्रेन में सामान्य द्वितीय श्रेणी के 10 कोच और एसएलआर के दो कोच समेत कुल 12 कोच लगाए जाएंगे। ट्रेन पूरी तरह अनारक्षित होगी, जिससे PET 2026 के अभ्यर्थियों को परीक्षा के दौरान यात्रा में सुविधा मिलेगी।