तुलसी घाट पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय पर्यावरणीय कार्यशाला का दूसरा दिन संपन्न

वाराणसी : युवाओं को वैश्विक स्तर पर पर्यावरणीय प्रदूषण के प्रति जागरूक और प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से संकट मोचन फाउंडेशन, मदर्स फॉर मदर्स तथा ओज़ग्रीन के तत्वावधान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय पर्यावरणीय कार्यशाला का दूसरा दिन आज तुलसी घाट पर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ.

कार्यशाला में भारत के साथ-साथ ऑस्ट्रेलिया, अबू धाबी, नेपाल और बांग्लादेश के प्रतिनिधियों ने ऑनलाइन माध्यम से सहभागिता की. इस अंतरराष्ट्रीय भागीदारी ने कार्यक्रम को वैश्विक दृष्टिकोण प्रदान किया और युवाओं को विश्वस्तरीय पर्यावरणीय चुनौतियों से जुड़ने का अवसर मिला.

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने जल प्रदूषण, गंगा में गिरते सीवेज, प्लास्टिक अपशिष्ट और व्यक्तिगत कार्बन फुटप्रिंट जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा किए. युवाओं ने संकल्प लिया कि पर्यावरण संरक्षण की शुरुआत व्यक्तिगत स्तर से की जानी चाहिए.
एमजीकेवीपी के एमबीए छात्रों ने घरों और संस्थानों में वॉटर मीटर लगाने का सुझाव दिया, जिससे जल खपत को नियंत्रित कर प्रदूषण को कम किया जा सके. साथ ही कुछ विद्यार्थियों ने यह प्रस्ताव रखा कि यदि सीवेज के पानी का वैज्ञानिक ढंग से शोधन किया जाए तो उसका उपयोग कृषि कार्य में किया जा सकता है, जिससे ताजे पानी की बचत होगी और जल संसाधनों पर दबाव कम पड़ेगा.
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समापन अवसर पर आभा मिश्रा, अध्यक्ष मदर्स फॉर मोथेस, ने कहा कि यह पहल आगे भी निरंतर जारी रहेगी और युवाओं की भागीदारी को और अधिक सशक्त बनाया जाएगा.



