400 वर्ष पुरानी काली तुरबत का आलम उठा, चेहल्लुम का जुलूस निकाला गया

वाराणसी : हजरत इमाम हुसैन की याद में मंगलवार, 4 अगस्त 2026 को प्रातः 11:00 बजे चेहल्लुम के अवसर पर 400 वर्ष पुरानी काली तुरबत का आलम इमामबाड़ा कच्ची सराय, दालमंडी से उठाया गया। जुलूस सैयद इकबाल हुसैन एवं जफर हसन की देखरेख में प्रारंभ हुआ।
जुलूस का नेतृत्व अंजुमन जावादिया ने किया। यह जुलूस दालमंडी, नई सड़क, फाटक, सलीम काली महाल, पितरकुंडा होते हुए फातमान पहुंचकर संपन्न हुआ। पूरे मार्ग में अकीदतमंदों ने गमगीन माहौल में हजरत इमाम हुसैन को खिराज-ए-अकीदत पेश की।

अंजुमन जावादिया के नोहाख्वां साजिद हुसैन ने शायर कविश बनारसी का लिखा नोहा "गूंजी है कर्बला में सदा, मैं हुसैन हूं, नाना मेरे रसूले खुदा, मैं हुसैन हूं" पढ़ा। इसके अलावा नोहा "जाएगा हुसैन ने, हुसैन-हुसैन, तमाम आलम में आज मातम हुसैन बे-कस का" भी पढ़ा गया, जिसे सुनकर अकीदतमंदों की आंखें नम हो गईं।
जुलूस में मुख्य रूप से इमरान हुसैन जैदी, जरगम हैदर, शकील हुसैन जैदी, हैदर मुलाई, सागर हसन, शाहीन हुसैन, शारिक हुसैन, शरीफ, जीशान, बादशाह अली, सकलैन हैदर, मसकन हैदर, रेहान हुसैन तथा शाह आलम सहित बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे।
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जुलूस का संचालन शकील अहमद जादूगर ने किया। सुरक्षा एवं व्यवस्था के बीच चेहल्लुम का जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।



