आंध्र प्रदेश से काशी पहुंची पीड़ित महिला ने सुनाई आपबीती, बेटी के इलाज और सुरक्षा की लगाई गुहार...

वाराणसी: आंध्र प्रदेश के काकीनाडा से काशी पहुंची आरुद्रा नामक महिला ने अपनी और अपनी बेटी के साथ हुए उत्पीड़न की दर्दनाक कहानी सुनाई.उन्होंने कहा काशी में वो अपनी बेटी को बचाने और खुदका आत्मदाह करने आई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व वाईसीपी सरकार के दौरान उनकी संपत्ति हड़पने के लिए उन्हें और उनकी बेटी को प्रताड़ित किया गया तथा जान से मारने की कोशिश भी हुई.
आरुद्रा ने बताया कि उन पर धर्म परिवर्तन कर ईसाई बनने का दबाव बनाया गया. उन्होंने कहा कि उनकी बेटी बेहद होनहार थी, लेकिन हमले और प्रताड़ना के कारण आज उसकी हालत गंभीर है. बेटी को स्पाइनल कॉर्ड इंजरी होने के कारण इलाज की आवश्यकता है, लेकिन वह अपनी संपत्ति बेच नहीं पा रही हैं, जिससे इलाज के पैसे निकल सके .
उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय दबंग और राजनीतिक संरक्षण प्राप्त लोग उन्हें घर बेचने नहीं दे रहे और धर्म परिवर्तन का दबाव बना रहे हैं. आरुद्रा ने बताया कि काशी आने के बाद उन्हें यहां के आश्रम और लोगों से काफी सहयोग मिला, जिससे उन्हें मानसिक शांति मिली. साथ ही उन्होंने ये भी बताया की काशी का माहौल , महिलाओ के लिए सुरक्षा व्यवस्था और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का शाशन बड़ा सुरक्षित महसूस करता है.
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महिला ने दावा किया कि सरकार बदलने के बाद उनकी कई बार एन. चंद्रबाबू नायडू से मुलाकात हुई, जिन्होंने आर्थिक सहायता और पेंशन उपलब्ध कराई. उन्होंने यह भी कहा कि नारा लोकेश और पवन कल्याण ने भी उनका सहयोग किया, लेकिन स्थानीय स्तर पर अब भी उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा है.
आरुद्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद की अपील करते हुए कहा कि वह अपनी बेटी का इलाज कराना चाहती हैं और अब दोबारा आंध्र प्रदेश नहीं लौटना चाहतीं.



