Daily Bulletin Tag
AI गार्गी दैनिक बुलेटिन

बनारस विनाले में दुनिया को दिखेगी भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक राजधानी की विशेषता...

बनारस विनाले में दुनिया को दिखेगी भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक राजधानी की विशेषता...
Jun 23, 2026, 08:15 AM
|
Posted By Diksha Mishra


दिसंबर माह में होने वाले इस खास आयोजन के लिए बनने लगी रूपरेखा

कई दिनों तक चलने वाले वाले उत्सव के रंग सराबोर रहेगा पूरा शहर


वाराणसी: भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक राजधानी बनारस की हर खूबियां को दुनिया को सामने प्रस्तुत करने के लिए पहली बार सांस्कृतिक उत्सव बनारस विनाले का आयोजन किया जाएगा। इसमें दुनिया के सबसे प्राचीन जिंदा शहर की कला, संस्कृति, साहित्य, खान-पान समेत सभी विशेषताओं का प्रदर्शन किया जाएगा। यह किसी स्थान विशेष तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि पूरा शहर इस उत्सव के रंग से सराबोर रहेगा। इसे अद्भुत, अद्वितीय और अविस्मरणीय बनाने का खाका खींचा जा रहा है.

इस आयोजन में सहभागिता करने वाले भारत कला भवन और बीएचयू का प्रतिनिधित्व कर रहे भारत कला भवन के निदेशक प्रो. श्रीरूप रायचौधुरी के अनुसार बनारस विनाले का आयोजन इतना भव्य होगा कि पूरी दुनिया इसे देखकर अचंभित रहेगी। इसे भव्य बनाने प्रदेश सरकार, स्थानीय प्रशासन, बीएचयू व निजी संस्थानों की पूरी सहभागिता रहेगी। इसकी तिथि अभी तय नहीं की गई है लेकिन दिसंबर में किया जाना तय किया जा रहा है.


beenale


विनाले इतालवी भाषा का एक शब्द है, जिसका सीधा अर्थ द्विवार्षिक होता है। कला और संस्कृति की दुनिया में, यह एक बड़े पैमाने पर आयोजित होने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी होती है, जो हर दो साल में एक बार आयोजित की जाती है। इसकी शुरुआत सबसे पहले 1895 में इटली के वेनिस शहर में हुई थी, जिसे 'वेनिस विनाले' कहा जाता है। वेनिस विनाले को आज भी कला की दुनिया का 'ओलिंपिक' माना जाता है। इसी की सफलता को देखकर दुनिया के अन्य देशों ने अपने यहां विनाले की शुरुआत की। विनाले किसी बंद गैलरी तक सीमित नहीं होता। पूरे शहर के ऐतिहासिक भवनों, गोदामों, पार्कों और सार्वजनिक स्थलों को कला दीर्घाओं में बदल दिया जाता है . इसमें दुनिया भर के समकालीन कलाकार, क्यूरेटर, लेखक और विचारक को एक मंच पर लाने का प्रयास किया जाता है। हर विनाले की एक विशेष थीम होती है जो समकालीन वैश्विक मुद्दों जैसे जलवायु परिवर्तन, प्रवासन, युद्ध या तकनीक पर आधारित होती है। यहां केवल पेंटिंग्स ही नहीं, बल्कि विशाल मूर्तियां, डिजिटल आर्ट, लाइव परफारमेंस, साउंड इंस्टालेशन और शार्ट फिल्में भी प्रदर्शित की जाती हैं। विनाले के दौरान दुनिया भर से लाखों कला प्रेमी और पर्यटक उस शहर में आते हैं।

binalee


ALSO READ: वाराणसी में साइबर अराधियों से पुलिस भी नहीं सुरक्षित, बैंकखाते पर डाला डाका...


इससे स्थानीय होटलों, परिवहन, रेस्तरां और हस्तशिल्प कलाकारों को बड़ा आर्थिक बढ़ावा मिलता है। भारत का सबसे प्रसिद्ध और एशिया का सबसे बड़ा विनाले केरल में आयोजित होने वाला कोच्चि-मुज़िरिस विनाले है। इसका आयोजन विशेष रूप से फोर्ट कोच्चि, मट्टानचेरी और विलिंगडन द्वीप के ऐतिहासिक स्थानों पर किया जाता है। सआ विनाले का आयोजन लद्दाख में किया जाता है। यह उच्च ऊंचाई वाले हिमालयी क्षेत्र में आयोजित होने वाला एक विशिष्ट कला उत्सव है जो क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय कलाकारों को मंच प्रदान करता है। बंगाल विनाले का आयोजन शांतिनिकेतन और कोलकाता में किया जाता है। इस कला उत्सव में मुख्य रूप से दृश्य कला और समकालीन रचनाओं को प्रदर्शित किया जाता है। बनारस में विनाले पहली बार होगा इसलिए यह आयोजन बेहद खास हो जाता है। यहां ऐसा बहुत कुछ है जिसे इस उत्सव के माध्यम से दुनिया को दिखाया जा रहा है। विनाले में एक ओर संगीत का आयोजन होगा तो दूसरी तरफ चित्रकला का प्रदर्शन किया जाएगा। साहित्यकारों का जमावड़ा होगा जिसमें बनारस के साहित्यकारों व ‌उनकी रचनाओं की चर्चा होगी। इन सबके बीच बनारसी पकवानों की खुशबू भी आएगी। कई दिनों तक चलने वाले उत्सव में भाग लेने के लिए देश ही नहीं दुनिया के कलाकर, साहित्यकार, कला प्रेमियों को आमंत्रित किया जाएगा। इसकी रूपरेखा कुछ इस तरह से तैयार की जा रही है कि इस उत्सव में पूरा बनारस शामिल हो जाए और दुनिया को अपनी विशेषता का एहसास कराए.

शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोपी गिरफ्तार, वाराणसी छोड़ने की फिराक में था.
शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोपी गिरफ्तार, वाराणसी छोड़ने की फिराक में था.
वाराणसी: मंडुआडीह थाना पुलिस ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म, मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को शनिवार तड़के बरेका (बीएलडब्ल्यू) आवासीय परिसर से गिरफ्तार किया गया।पुलिस के अनुसार, लहरतारा निवासी एक महिला की तहरीर पर 24 जुलाई को आरोपी किशन कुमार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 69, 115(2), 352 और 351(3) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और विरोध करने पर मारपीट, गाली-गलौज के साथ जान से मारने की धमकी दी।मामले की विवेचना उपनिरीक्षक प्रवीण सचान कर रहे हैं। पुलिस टीम ने 25 जुलाई की रात करीब 12:25 बजे आरोपी किशन कुमार (30), निवासी लहरतारा, को बीएलडब्ल्यू आवासीय परिसर से गिरफ्तार कर लिया।ALSO READ : गुरु पूर्णिमा पर नहीं लगेगा जाम पड़ाव आश्रम में ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था का एडीसीपी ने लिया जायजापूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि युवती से उसकी मित्रता थी और दोनों के बीच आपसी सहमति से संबंध बने थे। उसने यह भी स्वीकार किया कि मुकदमा दर्ज होने की जानकारी मिलने के बाद वह वाराणसी छोड़कर जाने की तैयारी में था, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक प्रवीण सचान, उपनिरीक्षक विवेक यादव, फैंटम-48 के कांस्टेबल अमित कुमार तिवारी तथा कांस्टेबल संदीप शाह शामिल रहे। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
गुरु पूर्णिमा पर नहीं लगेगा जाम  पड़ाव आश्रम में ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था का एडीसीपी ने लिया जायजा
गुरु पूर्णिमा पर नहीं लगेगा जाम पड़ाव आश्रम में ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था का एडीसीपी ने लिया जायजा
वाराणसी: गुरु पूर्णिमा पर्व पर पड़ाव स्थित श्री सर्वेश्वरी समूह के अवधूत भगवान राम आश्रम में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। 28 और 29 जुलाई को होने वाले आयोजन के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए एडीसीपी ट्रैफिक अंशुमान मिश्र ने शनिवार को आश्रम परिसर और आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान एडीसीपी ने यातायात प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था, बैरिकेडिंग, श्रद्धालुओं के प्रवेश एवं निकास मार्ग सहित अन्य व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी कर ली जाएं, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या जाम की स्थिति उत्पन्न न हो।ALSO READ : काशी विद्यापीठ में 'दहेज मुक्त भारत' विषयक भाषण प्रतियोगिता, विद्यार्थियों ने लिया दहेज न लेने-देने का संकल्प.पुलिस प्रशासन ने गुरु पूर्णिमा पर लाखों श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना को देखते हुए विशेष ट्रैफिक एवं पार्किंग प्लान तैयार किया है। इसके तहत प्रमुख मार्गों पर यातायात का सुचारु संचालन, पार्किंग स्थलों का निर्धारण तथा आवश्यक स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यातायात व्यवस्था उपलब्ध कराना है, जिससे गुरु पूर्णिमा का आयोजन शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
काशी विद्यापीठ में 'दहेज मुक्त भारत' विषयक भाषण प्रतियोगिता, विद्यार्थियों ने लिया दहेज न लेने-देने का संकल्प.
काशी विद्यापीठ में 'दहेज मुक्त भारत' विषयक भाषण प्रतियोगिता, विद्यार्थियों ने लिया दहेज न लेने-देने का संकल्प.
वाराणसी: महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के मनोविज्ञान विभाग में शनिवार को 48वें दीक्षांत समारोह के उपलक्ष्य में 'दहेज मुक्त भारत' विषय पर भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई। कार्यक्रम में शिक्षकों ने दहेज प्रथा को सामाजिक बुराई बताते हुए युवाओं से इसके खिलाफ जनजागरण का आह्वान किया।मनोविज्ञान विभाग की अध्यक्ष प्रो. शैफाली वर्मा ठकराल ने कहा कि दहेज प्रथा केवल सामाजिक बुराई नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान, समानता और मानवीय गरिमा के विरुद्ध अपराध है। उन्होंने विद्यार्थियों से दहेज न लेने और न देने का संकल्प लेकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की अपील की।प्रो. रश्मि सिंह ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान अर्जित करना नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करना भी है। उन्होंने युवाओं से दहेज जैसी कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।डॉ. मुकेश कुमार पंथ ने कहा कि शिक्षित समाज ही दहेज प्रथा जैसी कुप्रथा को समाप्त करने में प्रभावी भूमिका निभा सकता है। वहीं डॉ. कंचन शुक्ला ने समाज में समानता, महिला सम्मान और नैतिक मूल्यों को मजबूत करने पर बल दिया।ALSO READ : दालमंडी ध्वस्तीकरण के दौरान सरकारी कर्मचारियों से मारपीट का आरोप, चौक थाने में प्राथमिक दर्जभाषण प्रतियोगिता में जाह्नवी गुप्ता, विकास कुमार, विकास यादव, दीपाली यादव और मोहम्मद आरिफ सहित अन्य विद्यार्थियों ने अपने विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने 'दहेज मुक्त भारत' का सामूहिक संकल्प लिया।कार्यक्रम का स्वागत डॉ. प्रतिभा सिंह ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. पूर्णिमा श्रीवास्तव ने किया