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साल 2026 में लगेंगे चार ग्रहण, एक भारत में दिखेगा, जाने सूतक प्रभाव

साल 2026 में लगेंगे चार ग्रहण, एक भारत में दिखेगा, जाने सूतक प्रभाव
Jan 14, 2026, 07:39 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी : साल 2026 में खगोलीय घटनाओं की श्रृंखला में कुल चार ग्रहण लगेंगे. इनमें दो सूर्य ग्रहण और दो चंद्रग्रहण शामिल हैं. इनमें से भारत में केवल एक दृश्‍यमान होगा. इस वर्ष केवल एक चंद्रग्रहण भारत में दिखाई देगा और उसी का प्रभाव भी पड़ेगा. जबकि अन्य तीन ग्रहण देश में नहीं देखे जा सकेंगे.

ज्योतिष के अनुसार, भारत में दृश्यमान ग्रहण काल के दौरान सूतक का प्रभाव होता है. इस बार तीन मार्च को लगने वाला खग्रास उदित चंद्रग्रहण ही भारत में देखा जाएगा. इस कारण, तीन मार्च को सूतक काल मान्य होगा. सूतक काल सुबह 9:39 बजे से प्रारंभ होकर ग्रहण समाप्ति के साथ शाम 6:46 बजे तक रहेगा. चंद्रग्रहण चंद्रोदय के साथ शाम 6:26 बजे प्रारंभ होकर 6:46 बजे समाप्त होगा. इसके बाद, दूसरा चंद्रग्रहण 28 अगस्त को लगेगा, जो भारत में दिखाई नहीं देगा. इसलिए, इस पर सूतक काल लागू नहीं होगा. यह ग्रहण उत्तर और दक्षिण अमेरिका, यूरोप और अफ्रीका के कुछ हिस्सों में देखा जा सकेगा.


इससे पूर्व, वर्ष का पहला सूर्यग्रहण अमावस्या तिथि में 17 फरवरी को लगेगा. यह ग्रहण भी भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए इस पर सूतक काल मान्य नहीं होगा. इसके बाद, साल का दूसरा सूर्यग्रहण 12 अगस्त को होगा, जो पूर्ण सूर्य ग्रहण रहेगा. यह भी भारत में नजर नहीं आएगा और इसे स्पेन, रूस और पुर्तगाल के कुछ हिस्सों में देखा जा सकेगा. धार्मिक दृष्टि से भारत में इसका कोई प्रभाव नहीं माना जाएगा.


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ग्रहणों के इन खगोलीय घटनाक्रमों का भारतीय संस्कृति में विशेष महत्व है. सूतक काल के दौरान, कई धार्मिक मान्यताएँ और परंपराएँ जुड़ी होती हैं. इस समय को अशुभ माना जाता है और लोग पूजा-पाठ में लीन रहते हैं. चंद्रग्रहण के दौरान, विशेष रूप से चंद्रमा की स्थिति का ध्यान रखा जाता है, क्योंकि इसे मानसिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है.वैज्ञानिक दृष्टिकोण से, ग्रहणों का अध्ययन करने से हमें ब्रह्मांड की संरचना और उसके कार्यप्रणाली को समझने में मदद मिलती है. काशी के ज्‍योत‍िषाचार्यों के अनुसार होली पर होने वाला ग्रहण ही प्रभावकारी होगा. इसके अत‍िर‍िक्‍त बाकी तीन अन्‍य का प्रभाव नहीं होगा.

अतिक्रमण मुक्त जमीन पर बनेगा 'नमो वन', सारंगतालाब में लगेंगे 40 हजार से ज्यादा पौधे…
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वाराणसी : शहरीकरण और विकास की तीव्र रफ्तार के बीच बनारस की लगातार सिमटती हरियाली को बचाने के लिए नगर निगम ने सक्रियता बढ़ा दी है.सड़कों के चौड़ीकरण, निर्माण कार्यों और पेड़ों की कटाई से प्रभावित हुए पर्यावरण संतुलन को बहाल करने के लिए काशी को अब एक बड़े 'ऑक्सीजन हब' के रूप में विकसित किया जा रहा है.इस क्रम में शनिवार को सारंगनाथ चौराहा स्थित सारंगतालाब की जमीन पर एक नए मियावाकी वन (अर्बन फॉरेस्ट) की शुरुआत हुई है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान से प्रेरणा लेते हुए इस अर्बन फॉरेस्ट को 'नमो वन' के रूप में विकसित किया जा रहा है. यहां 40,000 से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है. यह शहर का तीसरा मियावाकी वन बनने जा रहा है.जिस जमीन पर इस विशाल 'नमो वन' को बनाया जा रहा है, उसे हाल ही में निगम प्रशासन द्वारा अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया है। वन की सुरक्षा को देखते हुए नगर निगम ने चारों तरफ बाउंड्री वॉल (सुरक्षा दीवार) का निर्माण करा दिया है. पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों की सेहत और सुविधा के लिए यहाँ जल्द ही सुंदर टहलने का रास्ता और एक ओपन जिम भी बनाया जाएगा.प्रभारी मंत्री और महापौर ने की शुरुआतइस कार्यक्रम की शुरुआत प्रदेश के प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना, महापौर अशोक कुमार तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या और कैंट विधानसभा के विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने पौधा रोपकर किया.अभियान के पहले दिन पीपल, पाकड़, जामुन, बरगद, गुलमोहर, अमलताश और मौलश्री समेत कुल 20 विभिन्न प्रजातियों के 501 पौधे रोपे गए.इस दौरान मुख्य रूप से जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल, जोनल अधिकारी कृष्ण चंद्र के साथ-साथ क्षेत्रीय पार्षद बलराम कन्नौजिया, राजकपूर चौधरी, अशोक मौर्या और अन्य अधिकारी मौजूद थेडोमरी के विश्व रिकॉर्ड के बाद तीसरी बड़ी उपलब्धिइससे पहले नगर निगम काशी ने डोमरी (सुजाबाद) में करीब 350 बीघा क्षेत्र में मात्र एक घंटे के भीतर 2,51,446 पौधे रोपकर एक नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया था। डोमरी और कंचनपुर में मियावाकी पद्धति से तैयार हुए वनों की सफलता के बाद अब सारंगतालाब शहर का तीसरा ऐसा क्षेत्र बनने जा रहा है, जिसे 'ग्रीन काशी' अभियान के तहत घने जंगल का रूप दिया जाएगा.ALSO READ : नीट व अन्य भर्ती परीक्षाओं में धांधली के विरोध में वाराणसी में मार्च करेंगी डॉ. पल्लवी पटेल...महापौर ने बताया कि मियावाकी तकनीक से पौधे बेहद तेजी से बढ़ते हैं, जिससे शहर के बढ़ते प्रदूषण पर लगाम लगेगी और निवासियों को शुद्ध हवा मिल सकेगी.और पर्यटक के लिए आकर्षक का केंद्र बनेगी .
नीट व अन्य भर्ती परीक्षाओं में धांधली के विरोध में वाराणसी में मार्च करेंगी डॉ. पल्लवी पटेल...
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वाराणसी : NEET समेत विभिन्न प्रतियोगी एवं भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और धांधली के विरोध में 15 जून को वाराणसी में विशाल विरोध मार्च निकाला जाएगा.यह मार्च अपना दल (कमेरावादी) की शीर्ष नेता और सिराथू विधायक डॉ. पल्लवी पटेल के नेतृत्व में आयोजित होगा.आयोजकों के अनुसार विरोध मार्च काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के लंका स्थित मुख्य द्वार से शुरू होकर प्रधानमंत्री के संसदीय जनसंपर्क कार्यालय तक जाएगा.कार्यक्रम में अपना दल (कमेरावादी) के कार्यकर्ताओं के साथ विभिन्न छात्र एवं युवा संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे.डॉ. पल्लवी पटेल ने कहा कि NEET पेपर लीक प्रकरण सहित लेखपाल भर्ती, यूपीएसआई, पुलिस भर्ती तथा अन्य प्रतियोगी एवं दक्षता परीक्षाओं में सामने आए कथित अनियमितताओं और धांधली के मामलों ने युवाओं का विश्वास कमजोर किया है.ऐसे मामलों के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने के लिए यह विरोध मार्च आयोजित किया जा रहा है.उन्होंने कहा कि लाखों छात्र-छात्राएं वर्षों की मेहनत और तैयारी के बाद परीक्षाओं में शामिल होते हैं, लेकिन पेपर लीक और अनियमितताओं की घटनाएं उनकी मेहनत पर पानी फेर देती हैं.ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर यह प्रदर्शन किया जाएगा.ALSO READ : वाराणसी में नशा माफियाओं पर बड़ा एक्शन, आपरेशन के तहत 3.5 करोड़ की ड्रग्स नष्ट...आयोजकों ने छात्र-युवाओं एवं आम नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर आंदोलन को सफल बनाने की अपील की है.
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वाराणसी : नशामुक्ति संकल्प का सपना साकार करते हुए. वाराणसी पुलिस को एक बड़े उपलब्धि मिली है 'ऑपरेशन दहन ' तहत पुलिस ने ड्रग माफियोंओ की कमर तोड़ दी है 3.50 करोड़ के लगभग 700 किलोग्राम के मादक पदार्थ को जला दिया गया है. पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल के देख रेख में यह कार्रवाई की गई और ये ड्रग्स माफियाओं के लिए एक सबक है.रामनगर स्थित श्री गणेश प्लाइवुड इंडस्ट्री में गठित ड्रग डिस्पोजल कमेटी की निगरानी में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज 71 मुकदमों से संबंधित हेरोइन, गांजा और अन्य नशीली पदार्थों को इंसीनरेटर में जलाकर नष्ट किया गया.इस अभियान में गोमती जोन की डीसीपी नीतू काद्दयान की भी अहम भूमिका रही. अपनी बातों सख्त कार्यशैली के लिए चर्चित डीसीपी नीतू काद्दयान को लोग 'लेडी सिंघम' के नाम से भी जानते हैं .उनकी निगरानी में पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराया गया.इस कार्रवाई ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि वाराणसी में नशे के कारोबार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने कहा कि युवाओं को नशे की लत से बचाने और समाज को सुरक्षित बनाने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे.ALSO READ : भारत के ज्ञान और आधुनिक विज्ञान के समन्वय से ही लोककल्याण संभव : सुनील आंबेकर...वाराणसी पुलिस की इस कार्रवाई को नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी चेतावनी और कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.