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संपूर्णानंद विश्वविद्यालय परिसर से निकली तिरंगा यात्रा, ‘भारत माता की जय’ के उद्घोष से गूंजा मार्ग

संपूर्णानंद विश्वविद्यालय परिसर से निकली तिरंगा यात्रा, ‘भारत माता की जय’ के उद्घोष से गूंजा मार्ग
Aug 25, 2026, 08:10 AM
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Posted By Niharika dwivedi

वाराणसी: सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में राष्ट्रभाव, अनुशासन और देशभक्ति की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से प्रतिदिन तिरंगा यात्रा निकाली जा रही है, साहित्य संस्कृति संकायाध्यक्ष एवं मुख्य छात्रावास के चीफ वार्डन प्रो. दिनेश कुमार गर्ग के नेतृत्व में निकाली जा रही यह यात्रा विश्वविद्यालय के मुख्य भवन से शुरू होकर लहुराबीर स्थित अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा तक पहुंच रही है.


यात्रा में विश्वविद्यालय के एनसीसी कैडेट्स, एनएसएस स्वयंसेवक और स्काउट-गाइड के विद्यार्थी हाथों में तिरंगा लेकर उत्साह और अनुशासन के साथ शामिल हो रहे हैं। इस दौरान ‘भारत माता की जय’ समेत देशभक्ति के जयघोष से पूरा मार्ग राष्ट्रप्रेम की भावना से गूंज उठता है.


प्रो. दिनेश कुमार गर्ग ने कहा कि तिरंगा केवल राष्ट्रध्वज नहीं, बल्कि भारत की अस्मिता, गौरव, एकता और अखंडता का जीवंत प्रतीक है, युवाओं के हाथों में तिरंगा देश के उज्ज्वल भविष्य के प्रति विश्वास जगाता है. उन्होंने कहा कि तिरंगा यात्रा का उद्देश्य विद्यार्थियों में राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध, अनुशासन, त्याग और समर्पण की भावना को मजबूत करना है.


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उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा तक यात्रा पहुंचाना विद्यार्थियों को स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और राष्ट्रनिष्ठा से जोड़ने का माध्यम है, संस्कृत विश्वविद्यालय केवल शिक्षा और ज्ञान का केंद्र नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, राष्ट्रचेतना और संस्कारों का भी महत्वपूर्ण केंद्र है.


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तिरंगा यात्रा में डॉ. विजेन्द्र आर्य, डॉ. रविशंकर पाण्डेय, डॉ. नितिन कुमार आर्य समेत विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी और विद्यार्थी शामिल हो रहे हैं. हाथों में लहराता तिरंगा, विद्यार्थियों का अनुशासन और देशभक्ति के उद्घोष यात्रा को विशेष बना रहे हैं.


विश्वविद्यालय के अनुसार, यह यात्रा विद्यार्थियों के लिए राष्ट्र के प्रति सम्मान, शहीदों के प्रति कृतज्ञता और भारत की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत के प्रति संकल्प का प्रेरणादायी अभियान बन गई है.

वाराणसी में डंपर की टक्‍कर से बाइक सवार युवती की मौत, पिता गंभीर रूप से घायल
वाराणसी में डंपर की टक्‍कर से बाइक सवार युवती की मौत, पिता गंभीर रूप से घायल
वाराणसी : चौबेपुर थाना क्षेत्र के सिंगुलपुर अंडरपास पर मंगलवार दोपहर एक भीषण सड़क हादसे में बाइक सवार युवती की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसके पिता गंभीर रूप से घायल हो गए. तेज रफ्तार डंपर ने बाइक को बगल से टक्कर मारी, जिससे बाइक पूरी तरह चकनाचूर हो गई. हादसे की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुँच गई और मामले की जाँच शुरू कर दी है. हादसे की खबर लगते ही युवती के परिवार में मातम पसर गया.जानकारी के अनुसार, मृतका जोया खां (उम्र 21, अविवाहित, पुत्री आलम खां) अपने पिता के साथ बाइक पर बैठकर गाजीपुर से वाराणसी की ओर जा रही थीं. इसी दौरान एक तेज रफ्तार डंपर चौबेपुर की ओर से भगतुवा चौराहे की तरफ जा रहा था. अंडरपास पर दोनों वाहनों की भीषण टक्कर हुई. जिससे बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई. पिता-पुत्री सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए. हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के स्थानीय ग्रामीणों और मौके पर मौजूद पुलिस ने तुरंत दोनों घायलों को नजदीकी नरपतपुर सीएससी पहुँचाया. वहाँ डॉक्टरों ने पिता का प्राथमिक इलाज शुरू किया, जबकि पुत्री जोया खां को जाँच के बाद मृत घोषित कर दिया.सूचना के बाद युवती के अन्य परिजन अस्पताल पहुँचे, जहाँ उनका रो-रोकर बुरा हाल है. परिजनों ने प्रशासन से न्याय और डंपर चालक की गिरफ्तारी की गुहार लगाई है. मृतका का पता चुप्पेपुर, थाना शिवपुर, वाराणसी बताया गया है. घायल पिता की स्थिति अब स्थिर बताई जा रही है.ALSO READ : बीएचयू अस्पताल बना तालाब, कमर भर पानी, कंधे पर मरीज लेकर पहुंचे ओपीडी व इमरजेंसीस्थानीय पुलिस ने डंपर को कब्जे में ले लिया है, जबकि चालक मौके से फरार हो गया. पुलिस टीम उसकी तलाश में जुटी है. थानाध्यक्ष का कहना है कि मामला दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है.
बीएचयू अस्पताल बना तालाब, कमर भर पानी, कंधे पर मरीज लेकर पहुंचे ओपीडी व इमरजेंसी
बीएचयू अस्पताल बना तालाब, कमर भर पानी, कंधे पर मरीज लेकर पहुंचे ओपीडी व इमरजेंसी
वाराणसी : काशी में सोमवार रात से शुरू हुई बारिश मंगलवार को भी लगातार जारी रही. बारिश के चलते सड़कें तालाब बन गईं हैं. वहीं रात से सुबह तक हुई बारिश से बीएचयू परिसर में कमर भर पानी भर गया. इस दौरान बीएचयू अस्पताल में इलाज के लिए आए मरीजों व तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा. लोगों को कमर भर पानी में घुसकर जाना पड़ा. बच्चे व बुजुर्गों को गोद में उठाकर ले जाना पड़ा. उधर, बरेका में पानी भरने के कारण गेट बंद कर दिया गया है. ऐसे में आवागमन बाधित है. सोमवार की देर शाम से हो रही बारिश में बीएचयू अस्पताल में व्यवस्थाएं चरमरा गईं. पूरा अस्पताल तालाब बन गया.मंगलवार को ओपीडी से लेकर इमरजेंसी जाने वाले रास्ते के साथ ही खून जांच काउंटर, पर्ची, दवा काउंटर वाले रास्ते पर एक फीट से ज्यादा पानी भरा रहा. पानी भरने के कारण अस्पताल में स्ट्रेचर, व्हील चेयर तक नहीं जा सका. लोग मरीजों को कंधे पर बिठाकर ओपीडी और इमरजेंसी में पहुंचे. यह पहली बार नहीं है.हर वर्ष बारिश के मौसम में अस्पताल की यही स्थिति देखने को मिलती है. यहां हर दिन यूपी, बिहार, झारखंड आदि जगहों से करीब 6,000 मरीज इलाज की उम्मीद लेकर आते हैं, वहीं मरीजों की भारी भीड़ के मुकाबले अस्पताल की व्यवस्थाएं नाकाफी नजर आती हैं. लेकिन जलभराव के विकराल रूप को देखते हुए मरीजों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई है.ALSO READ : वाराणसी नगर निगम का एक्शन, डेढ़ घंटे में पानी गायब, 11 प्रमुख मार्गों से हटाए गए गिरे पेड़दर्जनों मरीज और उनके तीमारदार परिसर का दृश्य देखकर बिना डॉक्टर को दिखाए ही वापस लौटने पर मजबूर हो गए. जलभराव का सबसे गंभीर असर बाल रोग विभाग पर पडा. छोटे-छोटे बच्चों को लेकर पहुंचे अभिभावक पानी के बीच काफी परेशान नजर आए. नेत्र एवं ईएनटी विभाग में बुजुर्ग मरीजों की संख्या ज्यादा होती है, जिन्हें कमर भर पानी में चलने में भारी जोखिम उठाना पड़ा.
वाराणसी नगर निगम का एक्शन, डेढ़ घंटे में पानी गायब, 11 प्रमुख मार्गों से हटाए गए गिरे पेड़
वाराणसी नगर निगम का एक्शन, डेढ़ घंटे में पानी गायब, 11 प्रमुख मार्गों से हटाए गए गिरे पेड़
​वाराणसी : शहर में रातभर हुई मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं के बाद पैदा हुई चुनौतियों से निपटने के लिए नगर निगम पूरी तरह अलर्ट है. बारिश थमते ही महापौर अशोक कुमार तिवारी और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल खुद धरातल पर उतरे और शहर के विभिन्न स्थानों का दौरा कर महज डेढ़ घंटे के भीतर शहर को जलजमाव से राहत दिलाने के साथ यातायात व्यवस्था बहाल कराई. ​रातभर हुई भारी बारिश के कारण शहर के 11 प्रमुख मार्गों पर पेड़ गिर गए थे, जिससे आवागमन बाधित हुआ. निगम की टीमों ने तत्परता दिखाते हुए सुंदरपुर, सुसवाही, संसदीय कार्यालय के पास, आदमपुर पुलिस चौकी के पास, आदमपुर वार्ड, लक्ष्मी मंदिर (अशोक विहार कॉलोनी) में दो स्थानों पर तथा आशापुर से हवेलियां चौराहा तक तीन स्थानों पर गिरे पेड़ों की कटाई कराकर रास्ते तुरंत क्लियर कराए. सड़कों से लकड़ी उठाने का कार्य भी युद्धस्तर पर पूरा किया जा रहा है.महापौर और नगर आयुक्त ने संभाला मोर्चा​जलजमाव की गंभीरता को देखते हुए महापौर अशोक कुमार तिवारी ने जलकल विभाग के अधिकारियों संग खुद मोर्चे पर कमान संभाली. उन्होंने रविंद्रपुरी समेत विभिन्न प्रमुख क्षेत्रों का जायजा लिया और अपनी मौजूदगी में जल-निकासी का काम पूरा कराया. इस दौरान जलकल विभाग के महाप्रबंधक अनूप सिंह और अधिशासी अभियंता आगम कटियार समेत तमाम आला अधिकारी मौके पर डटे रहे. निगम की इस त्वरित रणनीति का नतीजा रहा कि बारिश रुकने के एक से डेढ़ घंटे के भीतर अधिकांश क्षेत्रों से पानी पूरी तरह निकल गया.ALSO READ: बीएचयू में फाइन आर्ट्स के छात्रों का धरना, प्रैक्टिकल कॉपियों की दोबारा जांच की मांग​दूसरी ओर, नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने सुबह शहर के सबसे अधिक प्रभावित इलाकों का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया. उन्होंने कचहरी से तहसील सदर, गिलट बाजार, नदेसर, अंधरापुल, सिगरा, रथयात्रा, गुरुबाग, भेलूपुर, ब्रॉडवे होटल से लेकर रविंद्रपुरी और बीएचयू गेट तक का दौरा किया.बारिश रुकते ही शहर के हालात हुए सामान्यकई स्थानों पर नगर आयुक्त ने स्वयं खड़े होकर गली-पिट्स व नालियों में जमा कचरे और सिल्ट को साफ कराया. ​निरीक्षण के बाद नगर आयुक्त ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि फोन या अन्य माध्यम से प्राप्त जलभराव की शिकायतों का तत्काल निस्तारण किया जाए. अधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचकर समस्या के मूल कारण का चिन्हांकन करें और त्वरित जल-निकासी सुनिश्चित कराएं. नगर निगम की टीमें सभी संवेदनशील बिंदुओं पर लगातार निगरानी रख रही हैं. स्थानीय निवासियों ने निगम प्रशासन और महापौर के इस त्वरित एक्शन की जमकर सराहना की है.