संपूर्णानंद विश्वविद्यालय परिसर से निकली तिरंगा यात्रा, ‘भारत माता की जय’ के उद्घोष से गूंजा मार्ग

वाराणसी: सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में राष्ट्रभाव, अनुशासन और देशभक्ति की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से प्रतिदिन तिरंगा यात्रा निकाली जा रही है, साहित्य संस्कृति संकायाध्यक्ष एवं मुख्य छात्रावास के चीफ वार्डन प्रो. दिनेश कुमार गर्ग के नेतृत्व में निकाली जा रही यह यात्रा विश्वविद्यालय के मुख्य भवन से शुरू होकर लहुराबीर स्थित अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा तक पहुंच रही है.
यात्रा में विश्वविद्यालय के एनसीसी कैडेट्स, एनएसएस स्वयंसेवक और स्काउट-गाइड के विद्यार्थी हाथों में तिरंगा लेकर उत्साह और अनुशासन के साथ शामिल हो रहे हैं। इस दौरान ‘भारत माता की जय’ समेत देशभक्ति के जयघोष से पूरा मार्ग राष्ट्रप्रेम की भावना से गूंज उठता है.
प्रो. दिनेश कुमार गर्ग ने कहा कि तिरंगा केवल राष्ट्रध्वज नहीं, बल्कि भारत की अस्मिता, गौरव, एकता और अखंडता का जीवंत प्रतीक है, युवाओं के हाथों में तिरंगा देश के उज्ज्वल भविष्य के प्रति विश्वास जगाता है. उन्होंने कहा कि तिरंगा यात्रा का उद्देश्य विद्यार्थियों में राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध, अनुशासन, त्याग और समर्पण की भावना को मजबूत करना है.

उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा तक यात्रा पहुंचाना विद्यार्थियों को स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और राष्ट्रनिष्ठा से जोड़ने का माध्यम है, संस्कृत विश्वविद्यालय केवल शिक्षा और ज्ञान का केंद्र नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, राष्ट्रचेतना और संस्कारों का भी महत्वपूर्ण केंद्र है.
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तिरंगा यात्रा में डॉ. विजेन्द्र आर्य, डॉ. रविशंकर पाण्डेय, डॉ. नितिन कुमार आर्य समेत विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी और विद्यार्थी शामिल हो रहे हैं. हाथों में लहराता तिरंगा, विद्यार्थियों का अनुशासन और देशभक्ति के उद्घोष यात्रा को विशेष बना रहे हैं.
विश्वविद्यालय के अनुसार, यह यात्रा विद्यार्थियों के लिए राष्ट्र के प्रति सम्मान, शहीदों के प्रति कृतज्ञता और भारत की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत के प्रति संकल्प का प्रेरणादायी अभियान बन गई है.



