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मौनी अमावस्‍या कल, गंगा स्‍नान का है विशेष महत्‍व, काशी में लाखों श्रद्धालु लगाएंगे डुबकी

मौनी अमावस्‍या कल, गंगा स्‍नान का है विशेष महत्‍व, काशी में लाखों श्रद्धालु लगाएंगे डुबकी
Jan 17, 2026, 06:45 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी : माघ कृष्ण अमावस्या, जिसे मौनी अमावस्या के नाम से जाना जाता है. इस बार 18 जनवरी को गंगा स्नान का विशेष महत्व है. संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के ज्योतिष विभाग के अनुसार, स्नान का उत्तम समय 18 जनवरी को प्रातः 5.59 बजे से 11.55 बजे तक है. अमृत स्नान शाम 4.41 बजे से रात 9.23 बजे तक का समय विशेष लाभप्रद है. इस दौरान मकर राशि में सूर्य और चंद्रमा का योग उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में होगा.

विश्वविद्यालय के ज्योतिषाचार्य डा. मधुसूदन मिश्र ने बताया कि इस दिन गंगा या पवित्र नदियों में स्नान करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है. उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे इस शुभ अवसर पर गंगा स्नान अवश्य करें और दान-पुण्य करें.


स्नान का महत्व


मौनी अमावस्या के दिन गंगा, यमुना, नर्मदा, सरयू अथवा किसी भी पवित्र नदी में स्नान करना अत्यंत पुण्यकारी माना गया है. प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में स्नान कर सूर्यदेव को अर्घ्य देने की परंपरा है.

स्नान के समय पितरों का स्मरण करते हुए उन्हें जल अर्पित करें. ऐसा करने से पितर प्रसन्न होते हैं, परिवार को आशीर्वाद देते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का संचार होता है. मान्यता है कि इस दिन तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है.


गंगा स्नान संभव न हो तो क्या करें


मौनी अमावस्या पर पवित्र नदियों में स्नान करके करोड़ों श्रद्धालु पुण्य लाभ प्राप्त करते हैं. किंतु यदि किसी कारणवश आप गंगा या किसी पवित्र नदी में स्नान करने में असमर्थ हैं, तो निराश होने की आवश्यकता नहीं है. घर पर स्नान के जल में कुछ बूंदें गंगाजल मिलाकर ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करें. इसे भी गंगा स्नान के समान पुण्यकारी माना गया है.

इसके अतिरिक्त, संध्या समय घर की दक्षिण दिशा में चौमुखी दीपक जलाएं. यह उपाय पितरों की कृपा प्राप्त करने और घर में शांति एवं खुशहाली लाने में सहायक माना जाता है.

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मौनी अमावस्या पर दान


स्नान के पश्चात मौनी अमावस्या पर दान करना बेहद पुण्यदायी माना गया है. शास्त्रों के अनुसार, इस दिन किया गया दान सौ यज्ञों के बराबर पुण्य फल देता है. मौनी अमावस्या के दिन अन्न, वस्त्र, कंबल तथा जरूरतमंदों की आवश्यक वस्तुओं का दान करना चाहिए. साथ ही गौसेवा, पशु-पक्षियों को चारा और दाना डालना भी विशेष पुण्य प्रदान करता है. ऐसा करने से पितरों की आत्मा तृप्त होती है और पितृदोष से मुक्ति मिलती है. मौनी अमावस्या पर श्रद्धा, नियम और भक्ति के साथ किए गए पुण्य कर्म न केवल पितरों को मोक्ष प्रदान करते हैं, बल्कि साधक के जीवन में भी शांति, समृद्धि और आध्यात्मिक प्रकाश का संचार करते हैं.

राष्ट्रनिर्माण का सशक्त माध्यम है सोशल मीडिया,सीएम के नेतृत्व में प्रशिक्षण महाभियान
राष्ट्रनिर्माण का सशक्त माध्यम है सोशल मीडिया,सीएम के नेतृत्व में प्रशिक्षण महाभियान
वाराणसी: उत्तर प्रदेश के काशी क्षेत्र वाराणसी शिवपुर विधानसभा में शिवपुर मंडल के भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अभियान पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान के समापन सत्र में मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में अरविंद मिश्रा ने कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया एवं एआई समेत तमाम विषयों पर प्रशिक्षण दिया.सत्र में मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता जिला मीडिया प्रभारी अरविंद मिश्रा ने कहा कि,यह प्रशिक्षण अभियान वास्तव में सेवा, संगठन और समर्पण की भावना को मजबूत करने का प्रयास है. भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता इस महाभियान के माध्यम से यह संकल्प ले रहा है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राष्ट्र निर्माण के इस अभियान को गांव-गांव, घर-घर तक पहुंचाएगा.निस्संदेह, जब विचारधारा, संगठन और सेवा का संगम होता है, तब समाज में सकारात्मक परिवर्तन की एक नई धारा प्रवाहित होती है. पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान-2026 इसी परिवर्तन का सशक्त माध्यम बन रहा है, जो भाजपा के कार्यकर्ताओं को जनसेवा के पथ पर और अधिक दृढ़ता के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रहा है.बता दें कि,इस महाभियान अंतर्गत मंडल स्तर पर कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है, जिनमें कार्यकर्ताओं को पार्टी की विचारधारा, संगठनात्मक कार्यप्रणाली, आधुनिक तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग तथा केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तृत प्रशिक्षण दिया जा रहा है.ALSO READ: "एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य" पर आधारित है एसआईआर प्रक्रिया- कुंवर मानवेंद्र सिंहसमापन सत्र की अध्यक्षता पूर्व मंडल अध्यक्ष हीरालाल जायसवाल ने की, संचालन मंडल अध्यक्ष डॉ शशिकांत गिरी ने किया. वहीँ,प्रशिक्षण महाभियान में प्रमुख रूप से जिला उपाध्यक्ष दिनेश मौर्य, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अपराजिता सोनकर, गोपाल भारद्वाज,संजय गुप्ता ,फूल प्रकाश दूबे, शोभनाथ गोड,मिंटू तिवारी,बलवन्त पटेल,रामनरेश, अंकित दूबे,शेषनाथ भारती,गंगाराम,ममता पटेल,सीता रानी मिश्रा,उर्मिला पांडेय,संजय गुप्ता,ममता पटेल ,मीना तिवारी,ममता राय,आदि मौजूद रहे.
"एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य" पर आधारित है एसआईआर प्रक्रिया- कुंवर मानवेंद्र सिंह
"एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य" पर आधारित है एसआईआर प्रक्रिया- कुंवर मानवेंद्र सिंह
वाराणसी: उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह की अध्यक्षता में सांविधानिक एवं संसदीय अध्ययन संस्थान, उत्तर प्रदेश क्षेत्रीय शाखा, विधान परिषद की ओर से “एसआईआर की वैधानिक उपादेयता” विषय पर आयोजित दो दिवसीय विचार गोष्ठी के द्वितीय एवं अंतिम सत्र का आयोजन शनिवार को हुआ. चुनाव आयोग द्वारा कराए जा रहे एसआईआर के संबंध में सभी सदस्यों ने अपने विचार रखे. सदस्यों ने यह माना कि एसआईआर लोकतंत्र की मजबूती के लिए समय-समय पर कराया जाना आवश्यक है, जिससे लोकतंत्र के प्रति जन विश्वास की आस्था और मजबूत होगी. एसआईआर की वैधानिकता पर प्रकाश डालते हुए सदस्यों ने अनु. 324, जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950, नागरिकता अधिनियम 1955 पर गहन विचार विमर्श करते हुए चुनाव आयोग की आधिकारिकता एवं उसकी सीमाओं पर भी विस्तृत रूप से चर्चा पर परिचर्चा की.यह भी पढ़ें: वाराणसी में बढ़ती महंगाई के विरोध में आम आदमी पार्टी का प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापनसदस्यों ने एसआईआर प्रक्रिया के दौरान नागरिकों को हो रही परेशानियों एवं उसके निराकरण के सुझाव दिए. विधान परिषद उत्तर प्रदेश के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने दो दिवसीय सत्र के समापन सत्र पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि एसआईआर प्रक्रिया डॉ भीमराव अंबेडकर द्वारा प्रस्तावित सिद्धांत "एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य" पर आधारित है. यह फर्जी और दोहराए गए मतदाताओं को हटाकर लोकतांत्रिक प्रणाली में जनता का विश्वास बनाए रखने में, सहायक होता है. क्योंकि यह सूक्ष्म जांच की प्रक्रिया सुनिश्चित करता है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि एसआईआर चुनाव आयोग के "कोई भी मतदाता ना छूटे" के आदर्श वाक्य का समर्थन करता है. उन्होंने कहा की विधि आयोग की 255वीं रिपोर्ट के अनुसार लोकसभा, विधानसभा और स्थानीय निकाय चुनाव के लिए एक ही मतदाता सूची का उपयोग करने से प्रक्रिया सुव्यवस्थित होगी और सार्वजनिक संसाधनों की बचत होगी.विचार गोष्ठी के समापन सत्र पर सभापति, विधान परिषद ने विचार गोष्ठी में प्रतिभाग़ करने वाले सदस्यों, विद्वान वक्ताओं, आयोजक, मीडिया, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि सभी के सहयोग, कठिन परिश्रम और लगन से ही इस गोष्ठी को सफल और भव्य बनाया गया. विधान परिषद के प्रमुख सचिव डॉ राजेश सिंह ने एसआईआर की वैधानिकता और उसके न्यायिक पक्ष एवं नागरिकों के मौलिक अधिकार पर अपने विचार प्रकट किया. उन्होंने बताया कि एसआईआर प्रक्रिया की आवश्यकता इसलिए है कि बाहरी घुसपैठियों की पहचान की जा सके और जिससे चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाया जा सके.
टेक्‍नेक्‍स : आम जनता का समर्थन ही सैनिकों की सबसे बड़ी ताकत - ब्रगेडियर करियप्‍पा
टेक्‍नेक्‍स : आम जनता का समर्थन ही सैनिकों की सबसे बड़ी ताकत - ब्रगेडियर करियप्‍पा
वाराणसी : आइआइटी बीएचयू के स्वतंत्रता भवन में आयोजित 'टेक्नेक्स' कार्यक्रम के दूसरे दिन शनिवार को छात्रों से भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी ब्रिगेडियर बीएम करियप्पा रूबरू हुए. छात्रों से संवाद में उन्‍हों ने कहा कि आम जनता सैनिकों की सबसे बड़ी मदद अपने विश्वास, सम्मान और समर्थन के माध्यम से कर सकती है. उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी सैन्य कार्रवाई के समय सरकार किन परिस्थितियों और सीमाओं में निर्णय लेती है, उस पर सार्वजनिक टिप्पणी करना सैनिकों के लिए उचित नहीं होता, क्योंकि कई रणनीतिक बातें गोपनीय होती हैं.ब्रिगेडियर करियप्पा ने कहा कि भारत ने समय-समय पर साहसिक सैन्य कदम उठाए हैं.उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि 2016 में सीमा पार जाकर की गई भारतीय सर्जिकल स्ट्राइक और 2019 में हुई बालाकोट एयर स्ट्राइक जैसी कार्रवाइयों में भारत ने आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया. इन अभियानों से यह स्पष्ट होता है कि जब परिस्थितियाँ अनुकूल होती हैं, तब सरकार और सेना मिलकर निर्णायक कदम उठाती हैं.उन्होंने आगे कहा कि सैनिक हमेशा देश की सुरक्षा और सेवा के लिए तत्पर रहते हैं. ऐसे में नागरिकों का विश्वास और प्रेम उनके मनोबल को और मजबूत करता है. ब्रिगेडियर करियप्पा ने यह भी कहा कि यदि देशवासी सेना के प्रति अपना समर्थन और सम्मान बनाए रखें, तो सैनिक भी उसी समर्पण और साहस के साथ देश की रक्षा करते रहेंगे.यह भी पढ़े:- वाराणसी में बढ़ती महंगाई के विरोध में आम आदमी पार्टी का प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापनछात्रों के सवालों का दिया जवाबइस संवाद में छात्रों ने ब्रिगेडियर करियप्पा से कई प्रश्न पूछे, जिनका उन्होंने विस्तार से जवाब दिया. उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी को देश की सुरक्षा और सेवा में अपनी भूमिका को समझना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि तकनीकी विकास के साथ-साथ युवाओं को सैन्य सेवा में भी रुचि लेनी चाहिए, क्योंकि यह देश की सेवा का एक महत्वपूर्ण माध्यम है.ब्रिगेडियर करियप्पा ने यह भी बताया कि भारतीय सेना न केवल युद्ध के समय, बल्कि शांति के समय भी नागरिकों की सहायता के लिए तत्पर रहती है. उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान सेना ने हमेशा नागरिकों की मदद की है, जो कि उनकी सेवा भावना को दर्शाता है. उन्होंने सभी से अपील की कि वे सेना के प्रति अपने समर्थन को बनाए रखें, जिससे देश की सुरक्षा और अखंडता को और भी मजबूती मिले.