प्रतिबंधित मांझे के परित्याग का लिया संकल्प, लोगों को किया जागरूक

वाराणसी - यूं तो प्रतिबंधित चाइनीज कातिल मंझा साल के 12 महीने बाजार में चोरी-चुपके बेधड़क बिक रहे हैं. आगामी पर्व मकर संक्रांति पर पतंगों का पर्व को देखते हुए गाहे-बगाहे लोगों के गले का फांस बनने वाले प्रतिबंधित कातिल चाइनीज मांझा की बिक्री पर रोक का कड़ाई से पालन कराने के लिए प्रशासन से मांग की गई. मछोदरी स्थित श्री स्वामीनारायण मंदिर के मंहत संत स्वामी प्रेम स्वरूप दास के आह्वान पर सामाजिक संस्था सुबह-ए-बनारस क्लब के बैनर तले संस्था के अध्यक्ष मुकेश जायसवाल, लक्ष्मी नर्सिंग कॉलेज एंड हॉस्पिटल के प्रबंध निदेशक डॉ अशोक कुमार राय, कालेज की प्रधानाचार्या डॉ प्रियंका तिवारी, के नेतृत्व में मैदागिन स्थित श्री हरिश्चंद्र बालिका इंटरमीडिएट कॉलेज के परिसर में छात्राओं के बीच हाथों में बैनर व पतंग लेकर प्रतिबंधित चाइनीज मांझा से पतंग ना उड़ाने के अपील के साथ आज बुधवार को जन जागरूकता अभियान चलाया गया.
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि पतंग उड़ाने का शौक सदियों से चला रहा है मगर वही शौक जब जानलेवा बन रहा है. इंसान तो इंसान बेजुबान निरिह पशु-पक्षी इसके मकड़जाल में फंसकर अपनी प्राण को त्याग रहे हैं. यह अपराध की श्रेणी में आता है. शासन प्रशासन वक्त वक्त पर इसके खिलाफ कार्रवाई करता रहता है. पतंग के शौकीनों से विनम्र अपील है कि जनहित में मानवता को देखते हुए विदेशी मांझा का परित्याग कर अपने शौक को स्वदेशी मांझा से पूरा करें. ज्ञात हो कि न्यायालय के द्वारा रोक के आदेश के बावजूद धड़ल्ले से बिक रहे प्रतिबंधित मांझा का खतरा इंसानों के साथ बेजुबान पशु-पक्षियों के ऊपर साल के 12 महीने मंडराता रहता है. कई घटनाएं हो रही है और हो चुकी हैं. जनहित में इस पर रोक लगाना नितांत आवश्यक है.
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कार्यक्रम में मुख्य रूप से:- मुकेश जायसवाल,डॉ अशोक कुमार राय, डॉ प्रियंका तिवारी, श्याम दास गुजराती, ललित गुजराती, बी.डी. टकसाली सहित सैकड़ों छात्राएं शामिल थी.



