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काशी में 'कथक यज्ञ' से पद्म विभूषण बिरजू महाराज को श्रद्धांजलि, युवा दिखाएंगे प्रतिभा

काशी में 'कथक यज्ञ' से पद्म विभूषण बिरजू महाराज को श्रद्धांजलि, युवा दिखाएंगे प्रतिभा
Jan 16, 2026, 08:52 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी : कथक सम्राट पद्म विभूषण पंडित बिरजू महाराज की पुण्यतिथि पर काशी में पांच प्रदेशों के कलाकारों अपनी प्रतिभा दिखाएंगे. दुर्गाकुंड स्थित अंध विद्यालय में नटराज संगीत अकादमी के तत्वावधान में 17 जनवरी को कथक के भगवान को 'कथक यज्ञ' के माध्यम से श्रद्धांजलि दी जाएगी. इसमें करीब 6 घंटे तक 40 कलाकार कथक करेंगे. अकादमी की निदेशिका और पंडित बिरजू महाराज की एकमात्र गंडाबंध शिष्या संगीता सिन्हा ने बताया कि काशी में यह आयोजन दूसरी बार होगा. इस बार दिल्ली, कोलकाता, जबलपुर, मैहर, नागपुर, देहरादून, महाराष्ट्र सहित विभिन्न राज्यों और जिलों के युवा कलाकार 'कथक यज्ञ' करेंगे. हम अपनी अकादमी और गुरुजी के सैकड़ों शिष्यों की तरफ से सरकार से यह मांग करेंगे कि काशी में पंडित बिरजू महाराज की एक आदमकद स्टैच्यू लगाने की मांग करेंगे. वर्षों से काशी संगीत और संगीत का घराना रहा है. यहां पर गुरुजी की प्रतिमा कथक कर रहे तमाम युवाओं को अनोखा संदेश देगी.


गुरु-शिष्य परंपरा युवा कलाकारों के लिए प्रेरणा स्रोत


युवा कलाकार आशीष सिंह ने कहा कि कथक को वैश्विक पहचान दिलाने वाले पंडित बिरजू महाराज ने न केवल मंच पर अपनी अद्भुत प्रस्तुतियों से लोगों को मंत्रमुग्ध किया, बल्कि कथक सीखने वाले युवाओं को एक अनोखी कला और जीवन दृष्टि भी दी. उनकी शिक्षाएं केवल नृत्य तक सीमित नहीं थीं, बल्कि भाव, लय, अनुशासन और भारतीय संस्कृति की गहरी समझ से जुड़ी थीं.

पंडित बिरजू महाराज का मानना था कि कथक सिर्फ पैरों की थाप नहीं, बल्कि आत्मा की अभिव्यक्ति है. सांस्कृतिक शहर काशी में उन्होंने कथक से जुड़े कई युवाओं को प्रेरित किया. उनके मार्गदर्शन में प्रशिक्षित कलाकार आज देश-विदेश में कथक की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं. गुरु-शिष्य परंपरा को उन्होंने आधुनिक समय में भी जीवंत बनाए रखा, जो आज के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है.

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पंडित बिरजू महाराज की प्रतिमा की मांग


काशी के कलाकारों और सांस्कृतिक संगठनों का कहना है कि पंडित बिरजू महाराज का काशी से गहरा और भावनात्मक जुड़ाव रहा है. ऐसे में उनकी स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए काशी में उनकी प्रतिमा (स्टैचू) स्थापित की जानी चाहिए. इससे आने वाली पीढ़ियों को कथक और भारतीय शास्त्रीय नृत्य की महान परंपरा के बारे में जानने-समझने का अवसर मिलेगा.

स्थानीय कलाकारों का मानना है कि यदि काशी में पंडित बिरजू महाराज की प्रतिमा स्थापित होती है, तो यह न केवल उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी, बल्कि कथक सीखने वाले युवाओं के लिए प्रेरणा का केंद्र भी बनेगी. इससे काशी की सांस्कृतिक पहचान और अधिक सशक्त होगी.

IIT-BHU के टेक्नेक्स में पहुंचे फेरारी के CEO,  गंगा में किया नौका विहार
IIT-BHU के टेक्नेक्स में पहुंचे फेरारी के CEO, गंगा में किया नौका विहार
वाराणसी: आईआईटी बीएचयू के टेक्नेक्स के 87वें संस्करण का शुक्रवार को शुभांरभ हो गया. टेक्‍नेक्‍स में शामिल होने के लिए फेरारी के सीईओ बेनेडेटो विग्ना वाराणसी पहुंचे. यहां पहुंचते ही उन्होंने अपनी पत्नी के साथ काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन किया. इसके बाद बेनेडेटो विग्ना ने नाव पर बैठकर गंगा घाट का भ्रमण किया.आर्मी के जवान के संग खिंचाई फोटो वहीं टेक्नेक्स में यूनिट्री जी-1 ह्यूमनॉइड रोबोट ने आर्मी के जवान के साथ फोटो खिंचाई और हाथ हिलाकर “जय हिन्द” कहा. इस पल ने आयोजन को और रोमांच और कार्यक्रम के उद्घाटन में जोश भर दिया. इंजीनियरिंग और डिजाइन को करीब से देखने और समझने का मौका.डांसिंग रोबोट, फेरारी कार और डिफेंस समेत अन्‍य प्रदर्शनी के बीच तीन दिन तक फेस्ट चलेगा. इसमें छात्रों और तकनीक प्रेमियों के लिए नए-नए डेमो और प्रदर्शनी तैयार की गई हैं. टेक्नेक्स के पहले दिन ऑटो एक्सपो और डिफेंस प्रदर्शनी लगी. ऑटो एक्सपो में फेरारी सहित कई लग्जरी कारों का प्रदर्शन हुआ, जिसमें लोग इंजीनियरिंग और डिजाइन के सभी पहलुओं को करीब से देख और समझ सके.यह भी पढ़ें: स्वच्छता सर्वेक्षण-चकाचक दिखेगी काशी, सुंदरीकरण के मानकों पर नगर निगम सख्तडिफेंस प्रदर्शनी में भारतीय सेना के गढ़वाल राइफल्स, ड्रोन, नाइट-विजन उपकरण, डिफेंस वाहन और आधुनिक हथियारों को देखने और उठाने का मौका मिला। छात्रों के लिए हैकाथॉन और वर्कशॉप भी आयोजित की गईं.रोबोटिक और तकनीकी डेमो स्वतंत्रता भवन सभागार में ओपनिंग सेरेमनी में यूनीट्री रोबोटिक्स द्वारा विकसित यूनीट्री जी-1 ह्यूमनॉइड रोबोट का डांस प्रदर्शन हुआ. इसके साथ ही क्वाड्रुपेड रोबोट और न्यूरो-हेल्थ डिवाइस का लाइव डेमो भी दिखाया गया. जापान की टीम ने 3डी मैपिंग और होलोग्राफिक तकनीक की प्रस्तुति दी. सांस्कृतिक कार्यक्रम में स्केल्टन डांस ने भी दर्शकों का मन मोह लिया.फेरारी की पहली इलेक्ट्रिक कार का नाम ‘फेरारी लूचे’फेस्ट में थिंक टॉक लेक्चर सीरीज में फेरारी के सीईओ बेनेडेटो विग्ना छात्रों के साथ लग्जरी इंजीनियरिंग पर संवाद करेंगे. इसके अलावा भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी बीएम करियप्पा, पूर्व स्पेशल फोर्सेस सुशांत सिंह और आईपीएस अमित लोढ़ा भी छात्रों से राष्ट्रीय सुरक्षा, नेतृत्व और पब्लिक सर्विस के अनुभव साझा करेंगे. थिंक टॉक के पहले सत्र में फेरारी के सीईओ बेनेडेटो विग्ना ने बताया कि यह उनका 50वां मौका है, जब वे काशी आए हैं. यह शहर उन्हें बेहद पसंद है. बेनेडेटो विग्ना ने बताया कि फेरारी की पहली इलेक्ट्रिक कार का नाम ‘फेरारी लूचे’ रखा गया है. इसका अर्थ है ‘रोशनी’, और काशी का भी अर्थ ‘रोशनी का शहर’ है. उन्होंने बातचीत के दौरान फेरारी कारों में इस्तेमाल हो रही तकनीक के बारे में भी जानकारी दी.सीईओ बेनेडेटो विग्ना ने कहा- फेरारी का अस्तित्व केवल ‘संभावनाओं की सीमाओं को साहसपूर्वक पुनर्परिभाषित करने’ से ही संभव है. यह एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें अपनी विरासत के प्रति सम्मान और भविष्य के लिए साहस दोनों की समान आवश्यकता होती है.रोबोट ने जवान से कहा जय हिन्‍दयूनीट्री जी-1 ह्यूमनॉइड रोबोट ने आर्मी के जवान के साथ फोटो खिंचाई और हाथ हिलाकर “जय हिन्द” बोलकर खुशी जताई. इस मजेदार और रोमांचक पल ने उपस्थित सभी छात्रों और आगंतुकों का ध्यान खींचा और कार्यक्रम के उद्घाटन में जोश बढ़ा दिया. उद्घाटन के दौरान छात्र यूनीट्री जी-1 ह्यूमनॉइड रोबोट और अन्य रोबोटिक्स डेमो के साथ फोटो खिंचवाते नजर आए. छात्रों ने रोबोट के साथ सेल्फी और ग्रुप फोटो खिंचाई, जिससे कार्यक्रम में आनंद और उत्साह का माहौल बन गया.टेक्नेक्स एडिशन में 1500 IIT छात्र पहुंचेटेक्नेक्स के इस एडिशन में देशभर से 1500 आईआईटी के छात्र पहुंचे हैं. इसमें ह्यूमनॉइड रोबोट ने आर्मी के जवान के साथ फोटो खिंचवाई. रोबोट को चलाने वाले जवान ने बताया- इसमें 5 कैमरे लगे हैं. यह फायर भी कर सकता है.फेस्ट में आर्मी के जवान त्रिनेत्र ड्रोन और ऑटोमैटिक ग्रेनेड सिस्टम भी लेकर आए हैं. त्रिनेत्र ड्रोन भारत में ही बनाया गया है. इसकी लागत 23 लाख रुपये है. यह 10 किलोमीटर दूर तक जा सकता है. यह दुश्मन के ठिकानों का पता लगाता है. वहीं, ऑटोमैटिक ग्रेनेड सिस्टम की कीमत 12 लाख रुपये है. यह 16.5 किलोमीटर दूर बैठे दुश्मन पर वार कर सकता है. आर्मी का डॉग रोबोट सुल्तान पहुंचा. छात्रों ने रोबोट के साथ फोटो खिंचवाई और रोबोट ने करतब भी दिखाए.‘त्रिनेत्र’ ड्रोन का प्रदर्शन: 10 किमी दूर तक दुश्मन पर रखेगा नजर‘त्रिनेत्र’ ड्रोन का प्रदर्शन किया गया. इस ड्रोन की कीमत करीब 23 लाख रुपये है. यह 10 किलोमीटर तक उड़ान भर सकता है. भारत में ही बने इस ड्रोन की मदद से दुश्मन के ठिकानों और गतिविधियों का पता लगाया जा सकता है. भारतीय सेना अब सीमा पर दुश्मन की निगरानी के लिए अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर रही है. इसमें सबसे ज्यादा उपयोग ड्रोन का हो रहा है. तीन प्रकार के ड्रोन लाए गए हैं, जिनकी कीमत करीब 20 से 25 लाख रुपये तक है. ये ड्रोन दुश्मन के ठिकानों का आसानी से पता लगाने में मदद करते हैं. ये सभी ड्रोन दिल्ली में बनाए गए हैं और डिफेंस सेक्टर में इनका ज्यादा इस्तेमाल हो रहा है. इन ड्रोन को एक बार में करीब 2 से 3 घंटे तक इस्तेमाल किया जा सकता है.
स्वच्छता सर्वेक्षण-चकाचक दिखेगी काशी, सुंदरीकरण के मानकों पर नगर निगम सख्त
स्वच्छता सर्वेक्षण-चकाचक दिखेगी काशी, सुंदरीकरण के मानकों पर नगर निगम सख्त
वाराणसी: नगर निगम अब काशी को केवल साफ ही नहीं, बल्कि पूरी तरह चकाचक बनाने की तैयारी में जुट गया है. आगामी स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 में काशी को देश के शीर्ष तीन शहरों में शामिल कराने के लिए निगम सजग है. इस क्रम में गुरुवार को कचहरी स्थित आयुक्त सभागार में आयोजित कार्यशाला में नगर आयुक्त हिंमाशु नागपाल ने स्पष्ट किया कि अब केवल कूड़ा उठाना काफी नहीं है, बल्कि शहर के सुंदरीकरण से जुड़े हर छोटे पहलू पर काम करना होगा.खामियों को चिन्हित कर ठीक कराना विभाग की जिम्मेदारी​कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए ​नगर आयुक्त ने अधिकारियों से कहा कि वाराणसी प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र है और स्वच्छता उनके प्राथमिक एजेंडे में है. ऐसे में घर-घर से कूड़ा उठाने और सोर्स सेग्रिगेशन (कूड़े का पृथक्करण) के साथ-साथ शहर के सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति, वॉल पेंटिंग, जंग लगे खंभों की रंगाई और लटकते बिजली के तारों जैसी समस्याओं को प्राथमिकता पर दुरुस्त किया जाए. उन्होंने कहा कि विभाग चाहे कोई भी हो, खामियों को चिन्हित कर उन्हें हर हाल में ठीक कराना हमारी जिम्मेदारी है.​लापरवाही पर लगेगा जुर्माना​कार्यशाला में नगर आयुक्त ने सख्त लहजे में कहा कि जो लोग सफाई के बाद सड़कों पर कूड़ा फेंकते हैं या सूखा व गीला कचरा अलग-अलग करके नहीं देते, उन्हें चिन्हित कर उन पर जुर्माना लगाया जाए. अपर नगर आयुक्त सविता यादव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन वार्डों में चार श्रेणियों के डस्टबिन और स्टीकर बांटे गए हैं, वहां शत-प्रतिशत सोर्स सेग्रिगेशन सुनिश्चित करने के लिए लोगों को जागरूक करें.यह भी पढ़ें: महिला अपराध के मामलों में नहीं चलेगी लापरवाही, जीरो टालरेंस नीति के कारण आई कमी​अधिकारियों को मिली चेकलिस्ट और टूलकिट​स्वच्छता सर्वेक्षण के मानकों को समझाने के लिए डीपीएम अरविंद कुमार ने प्रोजेक्टर के माध्यम से अंकों के गणित की जानकारी दी. सभी जोनल अधिकारियों, स्वास्थ्य निरीक्षकों और कर अधीक्षकों को एक निरीक्षण चेकलिस्ट दी गई है. उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों का दौरा कर रिपोर्ट देने को कहा गया है ताकि समय रहते कमियों को सुधारा जा सके. ​कार्यशाला में मुख्य रूप से नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुरेंद्र कुमार चौधरी, जोनल अधिकारी जितेंद्र आनंद, मृत्युंजय नारायण मिश्र सहित जलकल और निगम के तमाम आला अधिकारी उपस्थित रहे. धन्यवाद ज्ञापन डॉक्यूमेंट मैनेजर प्रीति सिंह ने किया
महिला अपराध के मामलों में नहीं चलेगी लापरवाही, जीरो टालरेंस नीति के कारण आई कमी
महिला अपराध के मामलों में नहीं चलेगी लापरवाही, जीरो टालरेंस नीति के कारण आई कमी
वाराणसी: महिला आत्मसम्मान सम्मेलन में पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं चलेगी. महिलाओं से अपील कर कहा कि चुप्पी तोड़ो, खुलकर बोलो, तभी अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई संभव है. जीरो टॉलरेंस नीति और पुलिस की सख्त कार्रवाई के कारण महिला अपराधों में 60 से 74 प्रतिशत तक कमी आई है. पुलिस आयुक्त ने डिंपल देवी, अर्चना पटेल और शांति देवी को सम्मानित किया. कमिश्‍नरेट के गोमती जोन के बड़ागांव थाना क्षेत्र के बाबतपुर में लॉन में यह सम्‍मेलन गुरुवार को किया गया.महिला सुरक्षा के लिए अनिवार्य CCTV कैमरे पुलिस आयुक्त ने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए स्कूल, कोचिंग सेंटर, हॉस्टल और जिम में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य किया गया है. साथ ही प्रत्येक थाने पर मिशन शक्ति केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां केवल महिला पुलिसकर्मी तैनात रहती हैं, ताकि अपनी शिकायत बेझिझक दर्ज करा सकें.यह भी पढ़ें: दामाद ने गला दबाकर की ससुर की हत्‍या, सामने आया जमीनी विवादबताया कि 2025 में रानी लक्ष्मीबाई महिला और बाल सम्मान कोष के तहत 5.53 करोड़ रुपये की सहायता महिलाओं को दी गई है. 2017 से लगातार कार्रवाई के चलते बलात्कार के मामलों में 74 प्रतिशत, छेड़खानी में 55 प्रतिशत, महिला हत्या में 60 प्रतिशत और पॉक्सो मामलों में 52 प्रतिशत तक कमी दर्ज की गई है. ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत प्रभावी पैरवी के कारण अदालतों में सजा की दर भी बढ़ी है.अपराधियों को सजा दिलाई गई2020-21 में जहां 69 मामलों में 86 आरोपियों को सजा हुई थी, वहीं वर्ष 2024 से मार्च 2026 तक 118 मामलों में 166 अपराधियों को सजा दिलाई गई. 2025 में एक मामले में मृत्युदंड, 10 में आजीवन कारावास, 31 मामलों में 10 वर्ष से अधिक और अन्य मामलों में विभिन्न अवधियों की सजा दिलाई गई. गांवों और मोहल्लों से 2000 महिलाओं ने भाग लिया. डीसीपी गोमती आकाश पटेल, एडीसीपी गोमती नृपेन्द्र, एडीसीपी महिला अपराध नम्रिता श्रीवास्तव ने संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं.