ट्रंप के इस आदेश ने उड़ाई खामेनेई के रातों की नींद, मुश्किलों में ईरान

ईरान में कुछ दिनों से चल रहे विरोध-प्रदर्शन धीरे-धीरे उग्र हो गया. हिंसा प्रदर्शन को देखते हुए ईरानी की अयातुल्लाह खामनेई सरकार ने कई प्रदर्शनकारियों की हत्या करवा दी. जिसके बाद से अमेरिका आगबबूला हो उठा. फिर क्या ईरान पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की आशंका भी बढ़ गई है. जी हां, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार ईरान को समझौता करने या फिर हमला झेलने के लिए तैयार रहने को चेतावनी देने लगे हैं.

इस स्थिति को देखते हुए भारत समेत कई देशों ने ईरान में रह रहे अपने नागरिकों से तुरंत वह देश छोड़ने को कहा है. वहीं ईरान सरकार के खिलाफ बड़े पेमाने पर हो रहे विरोध-प्रदर्शन की पृष्ठभूमि में यह सवाल जायज है कि डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर हमला करने का आदेश पर खामेनेई सरकार क्या एक्शन लेगी या फिर वो ट्रंप के आदेशों के आगे झुक झाएगी.

प्रदर्शनकारियों से निपटना खामेनेई के लिए हुआ मुश्किल
एक रिपोर्ट के मुताबिक, इन हिंसा प्रदर्शनों को शांत कराने के लिए ईरान की सुरक्षा बल द्वारा कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जा रही है, जिसके चलते अब तक 2500 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. सोचने वाली बात तो यह है कि इस विरोध-प्रदर्शन में भले ही कई लोगों की जान चली गई हो पर अफसोस की हजारों की संख्या में मौजूद प्रदर्शनकारियों से निपटना खामेनेई के लिए काफी मुश्किल सा साबित हो रहा है. ऐसे में कई विशेषज्ञों का कहना है कि, अमेरिकी हमला उलटा असर डाल सकता है, क्योंकि बाहरी हमले से ईरान की सरकार राष्ट्रवाद का सहारा लेकर जनता को अपने पक्ष में खड़ा कर सकती है, जिससे प्रदर्शनकारियों की स्थिति कमजोर हो सकती है.

गिरावट के खिलाफ सड़क पर प्रदर्शन
वहीं, ईरान में आजकल हो रहे विरोध-प्रदर्शन पिछले साल 28 दिसंबर को शुरू हुए था. तेहरान के मशहूर ग्रैंड बाजार में दुकानदारों ने ईरानी मुद्रा 'रियाल' की डॉलर के मुकाबले आई भारी गिरावट के खिलाफ सड़क पर उतर कर प्रदर्शन किया था. पहले यह केवल व्यापारियों का प्रदर्शन था. लेकिन बाद में इसमें समाज के अलग-अलग वर्गों के लोग शामिल होते गए और यह देश के छोटे-बड़े शहरों में फैल गया.



