चांदी लूटकांड में शामिल दो आरोपी मुठभेड़ में गिरफ्तार, एसओजी प्रभारी को भी गोली लगी

वाराणसी : चौक क्षेत्र में पिछले दिनों आभूषण व्यवसायी के कर्मचारियों से चांदी लूट कांड में शामिल दो आरोपियों को चौक पुलिस और एसओजी ने सोमवार की देर रात लंका थाना क्षेत्र के लौटूवीर में मुठभेड़ में गिरफ्तार किया. इस दौरान दोनों आरोपियों के दोनों पैर में गोली लगी. एसओजी प्रभारी गौरव कुमार सिंह के दाएं हाथ में भी गोली लगी. सभी को बीएचयू ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया. दोनों आरोपियों के पास से चार किलो चांदी, नकदी, पिस्तौल और कारतूस बरामद हुए हैं. दोनों आरोपियों की पहचान मध्यप्रदेश के हौशंगाबाद के पिपरिया निवासी साबिर व माशाल्लाह के रूप में हुई है. दर्जनों सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद पुलिस को यह सफलता मिली है. पुलिस अधिकारियों ने कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम की पीठ थपथपाई है.

सहायक पुलिस आयुक्त अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि चौक थाने की पुलिस और एसओजी टीम को सूचना मिली कि लूट मामले में कार सवार दो बदमाश लंका थाना क्षेत्र में हैं. इस आधार पर टीम ने घेराबंदी की. खुद को घिरता देख आरोपियों ने कार छोड़कर पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपी के दोनों पैर में गोली लगी. फायरिंग में एसओजी प्रभारी गौरव कुमार सिंह के दाहिने हाथ में भी गोली लग गई. मुठभेड़ के बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. मौके से लुटी गई चार किलोग्राम चांदी और कुछ नकदी बरामद कर ली गई है. घायल आरोपियों और एसओजी प्रभारी समेत तीनों घायलों को तत्काल उपचार के लिए ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है. आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई, अन्य सहयोगियों की गिरफ्तारी और शेष बरामदगी की प्रक्रिया जारी है.

ये था पूरा मामला
बता दें कि 16 जुलाई को शहर के अतिव्यस्त चौक क्षेत्र में बदमाशों ने खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर सर्राफा कारोबारी के कर्मचारियों को रोका और उन्हें 'ड्रग तस्करी' के झूठे आरोप में फंसाने की धमकी दी. इसके बाद जांच के नाम पर वे कर्मचारियों से करीब 60 लाख रुपये कीमत की 27 किलो चांदी लेकर रफूचक्कर हो गए थे. इस बड़ी वारदात के बाद इलाके के व्यापारियों में हड़कंप मच गया था. मामले की गंभीरता को देखते हुए चौक पुलिस और एसओजी की टीमें सक्रिय हो गई थीं. चौक थाना क्षेत्र गोविंदपुरा में शशि कुमार वर्मा की 'जय मां लक्ष्मी ज्वेलर्स' नाम से दुकान है. वहीं सुड़िया क्षेत्र में विनय सोनी की 'हेमा ज्वेलर्स' नाम से प्रतिष्ठान है. दोनों सर्राफा कारोबारी आपस में सोना-चांदी के गहनों का लेन-देन करते हैं. 16 जुलाई की शाम शशि कुमार ने विनय सोनी की दुकान से 27 किलो चांदी लाने के लिए अपने 23 वर्षीय कर्मचारी उमाकांत को भेजा था. उमाकांत बोरी में चांदी लेकर लौट रहा था, और उसकी सुरक्षा के लिए विनय सोनी का 16 वर्षीय कर्मचारी आर्यन भी उसके साथ था.
ALSO READ :काशी विद्यापीठ : 24 दिवसीय गुरु दक्षता कार्यक्रम का शुभारंभ
दोनों कर्मचारी जैसे ही चांदी लेकर राजा दरवाजा मोड़ के पास पहुंचे, तभी अचानक लंबे-चौड़े कद के तीन अज्ञात युवकों ने उनका रास्ता रोक लिया. एक आरोपी ने कर्मचारी आर्यन के कंधे पर हाथ रखा और रौब झाड़ते हुए कहा, "हम क्राइम ब्रांच से हैं." आरोपियों ने दोनों कर्मचारियों पर नशीला ड्रग बेचने का आरोप लगाकर भयभीत शुरू कर दिया. कर्मचारियों ने बार-बार दुहाई दी कि बोरी में ड्रग नहीं बल्कि चांदी है, लेकिन फर्जी क्राइम ब्रांच वाले नहीं माने. शातिरों ने कर्मचारियों पर दबाव बनाया कि वे तुरंत अपने मालिक को मौके पर बुलाएं. जैसे ही आर्यन अपने मालिक को फोन करने या बुलाने के लिए थोड़ी दूर आगे बढ़ा, तीनों शातिर उचक्के चांदी से भरी बोरी समेटकर पलक झपकते ही वहां से रफूचक्कर हो गए.



