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चांदी लूटकांड में शामिल दो आरोपी मुठभेड़ में गिरफ्तार, एसओजी प्रभारी को भी गोली लगी

चांदी  लूटकांड में शामिल दो आरोपी मुठभेड़ में गिरफ्तार, एसओजी प्रभारी को भी गोली लगी
Aug 04, 2026, 06:38 AM
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Posted By gagan arora

वाराणसी : चौक क्षेत्र में पिछले दिनों आभूषण व्यवसायी के कर्मचारियों से चांदी लूट कांड में शामिल दो आरोपियों को चौक पुलिस और एसओजी ने सोमवार की देर रात लंका थाना क्षेत्र के लौटूवीर में मुठभेड़ में गिरफ्तार किया. इस दौरान दोनों आरोपियों के दोनों पैर में गोली लगी. एसओजी प्रभारी गौरव कुमार सिंह के दाएं हाथ में भी गोली लगी. सभी को बीएचयू ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया. दोनों आरोपियों के पास से चार किलो चांदी, नकदी, पिस्‍तौल और कारतूस बरामद हुए हैं. दोनों आरोपियों की पहचान मध्‍यप्रदेश के हौशंगाबाद के पिपरिया निवासी साबिर व माशाल्लाह के रूप में हुई है. दर्जनों सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद पुलिस को यह सफलता मिली है. पुलिस अधिकारियों ने कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम की पीठ थपथपाई है.


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सहायक पुलिस आयुक्त अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि चौक थाने की पुलिस और एसओजी टीम को सूचना मिली कि लूट मामले में कार सवार दो बदमाश लंका थाना क्षेत्र में हैं. इस आधार पर टीम ने घेराबंदी की. खुद को घिरता देख आरोपियों ने कार छोड़कर पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपी के दोनों पैर में गोली लगी. फायरिंग में एसओजी प्रभारी गौरव कुमार सिंह के दाहिने हाथ में भी गोली लग गई. मुठभेड़ के बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. मौके से लुटी गई चार किलोग्राम चांदी और कुछ नकदी बरामद कर ली गई है. घायल आरोपियों और एसओजी प्रभारी समेत तीनों घायलों को तत्काल उपचार के लिए ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है. आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई, अन्य सहयोगियों की गिरफ्तारी और शेष बरामदगी की प्रक्रिया जारी है.

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ये था पूरा मामला


बता दें कि 16 जुलाई को शहर के अतिव्यस्त चौक क्षेत्र में बदमाशों ने खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर सर्राफा कारोबारी के कर्मचारियों को रोका और उन्हें 'ड्रग तस्करी' के झूठे आरोप में फंसाने की धमकी दी. इसके बाद जांच के नाम पर वे कर्मचारियों से करीब 60 लाख रुपये कीमत की 27 किलो चांदी लेकर रफूचक्कर हो गए थे. इस बड़ी वारदात के बाद इलाके के व्यापारियों में हड़कंप मच गया था. मामले की गंभीरता को देखते हुए चौक पुलिस और एसओजी की टीमें सक्रिय हो गई थीं. चौक थाना क्षेत्र गोविंदपुरा में शशि कुमार वर्मा की 'जय मां लक्ष्मी ज्वेलर्स' नाम से दुकान है. वहीं सुड़िया क्षेत्र में विनय सोनी की 'हेमा ज्वेलर्स' नाम से प्रतिष्ठान है. दोनों सर्राफा कारोबारी आपस में सोना-चांदी के गहनों का लेन-देन करते हैं. 16 जुलाई की शाम शशि कुमार ने विनय सोनी की दुकान से 27 किलो चांदी लाने के लिए अपने 23 वर्षीय कर्मचारी उमाकांत को भेजा था. उमाकांत बोरी में चांदी लेकर लौट रहा था, और उसकी सुरक्षा के लिए विनय सोनी का 16 वर्षीय कर्मचारी आर्यन भी उसके साथ था.


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दोनों कर्मचारी जैसे ही चांदी लेकर राजा दरवाजा मोड़ के पास पहुंचे, तभी अचानक लंबे-चौड़े कद के तीन अज्ञात युवकों ने उनका रास्ता रोक लिया. एक आरोपी ने कर्मचारी आर्यन के कंधे पर हाथ रखा और रौब झाड़ते हुए कहा, "हम क्राइम ब्रांच से हैं." आरोपियों ने दोनों कर्मचारियों पर नशीला ड्रग बेचने का आरोप लगाकर भयभीत शुरू कर दिया. कर्मचारियों ने बार-बार दुहाई दी कि बोरी में ड्रग नहीं बल्कि चांदी है, लेकिन फर्जी क्राइम ब्रांच वाले नहीं माने. शातिरों ने कर्मचारियों पर दबाव बनाया कि वे तुरंत अपने मालिक को मौके पर बुलाएं. जैसे ही आर्यन अपने मालिक को फोन करने या बुलाने के लिए थोड़ी दूर आगे बढ़ा, तीनों शातिर उचक्के चांदी से भरी बोरी समेटकर पलक झपकते ही वहां से रफूचक्कर हो गए.

नशामुक्त भारत के संदेश के साथ BHU में निकली ‘संडे ऑन साइकिल’ रैली.
नशामुक्त भारत के संदेश के साथ BHU में निकली ‘संडे ऑन साइकिल’ रैली.
वाराणसी: नशामुक्त भारत अभियान के तहत रविवार को काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के तत्वावधान में ‘संडे ऑन साइकिल’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के जरिए युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने और नशामुक्त भारत का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।मालवीय भवन प्रांगण से कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने हरी झंडी दिखाकर साइकिल रैली को रवाना किया। इस दौरान विश्वविद्यालय के कुलसचिव राजन श्रीवास्तव, वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षक, NSS स्वयंसेवक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।कार्यक्रम के दौरान कुलपति ने युवाओं से नशे से दूर रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा न केवल स्वयं नशे से बचें, बल्कि अपने आसपास के लोगों और समाज को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें। उन्होंने नशामुक्त समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।also read: विश्व आदिवासी दिवस पर बरेका में निकली भव्य शोभायात्रा, पारंपरिक वेशभूषा में दिखी संस्कृति की झलकसाइकिल रैली में शामिल प्रतिभागियों ने नशामुक्त भारत का संदेश लोगों तक पहुंचाया और युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया। रैली के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया।कार्यक्रम का समन्वयन काशी हिंदू विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम समन्वयक डॉ. स्वप्ना मीना ने किया। आयोजन में विश्वविद्यालय परिवार के साथ बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की भागीदारी रही।
विश्व आदिवासी दिवस पर बरेका में निकली भव्य शोभायात्रा, पारंपरिक वेशभूषा में दिखी संस्कृति की झलक
विश्व आदिवासी दिवस पर बरेका में निकली भव्य शोभायात्रा, पारंपरिक वेशभूषा में दिखी संस्कृति की झलक
वाराणसी: विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में आदिवासी परिवार, बरेका के तत्वावधान में भव्य शोभायात्रा और सांस्कृतिक समारोह का आयोजन किया गया। आयोजन में आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, लोक परंपराओं और सामाजिक एकता की आकर्षक झलक देखने को मिली।शाम चार बजे बरेका सेंट जॉन स्कूल, गेट संख्या-2 से शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा कुंदन तिराहा और सूर्य सरोवर मार्ग होते हुए इंटर कॉलेज चौराहे पहुंची। यहां भगवान गौतम बुद्ध, जननायक बिरसा मुंडा और भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके बाद शोभायात्रा पश्चिमी संस्थान, जलालीपट्टी पहुंचकर संपन्न हुई।शोभायात्रा में बड़ी संख्या में महिला, पुरुष, युवा और बच्चे पारंपरिक आदिवासी वेशभूषा में शामिल हुए। रंग-बिरंगे परिधानों के साथ पारंपरिक गीत-संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्साह और उल्लास से भर दिया। रास्ते में स्थानीय लोगों ने भी शोभायात्रा का उत्साहपूर्वक स्वागत किया।पश्चिमी संस्थान, जलालीपट्टी में आयोजित सांस्कृतिक समारोह में आदिवासी समाज की विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। वक्ताओं ने आदिवासी समुदाय की समृद्ध परंपराओं और प्रकृति के साथ उनके गहरे जुड़ाव को रेखांकित किया। उन्होंने सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने की जरूरत पर भी जोर दिया।also read: श्रावण में भास्करा पोखरा पर पुलिस अलर्ट, गहरे पानी में जाने से बचने की अपीलकार्यक्रम के दौरान सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का संदेश दिया गया। आयोजन में बरेका के अधिकारी, कर्मचारी, उनके परिजन, आदिवासी महिला समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।इस अवसर पर सहायक कार्मिक अधिकारी (कर्मशाला) पीयूष मिंज, जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार, आरपीएफ इंस्पेक्टर प्रमोद लकड़ा, पूर्व संयुक्त सचिव बरेका अमर सिंह, कालू मांझी सहित आदिवासी परिवार बरेका के सुदर्शन उरांव, दिलीप तिर्की, सुचित कुजूर, अजय कुमार तिर्की, संजीवन तिर्की और अजय तिग्गा मौजूद रहे। वहीं आदिवासी महिला समिति की सपना टोप्पो, तारा मैरी मिंज, प्रेमा लिली टोप्पो, अनुपमा और बंदना बारला सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।
श्रावण में भास्करा पोखरा पर पुलिस अलर्ट, गहरे पानी में जाने से बचने की अपील
श्रावण में भास्करा पोखरा पर पुलिस अलर्ट, गहरे पानी में जाने से बचने की अपील
वाराणसी: श्रावण माह में रोहनिया क्षेत्र स्थित भास्करा पोखरा में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की अनहोनी से बचाने के लिए पुलिस की ओर से लगातार जागरूक किया जा रहा है।एसीपी रोहनिया अवधेश विश्वकर्मा ने भास्करा पोखरा पहुंचने वाले श्रद्धालुओं से अपील की कि वे निर्धारित और सुरक्षित स्थान पर ही स्नान करें। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु किसी भी स्थिति में गहरे पानी में न जाएं और सुरक्षा मानकों की अनदेखी न करें।also read: आँसुओं, आक्रोश के बाद खुले आसमान के नीचे दालमंडीएसीपी ने खासतौर पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चों को अकेले पानी के पास न जाने दें और स्नान के दौरान उन पर लगातार नजर बनाए रखें। थोड़ी सी लापरवाही गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।पुलिस प्रशासन की ओर से श्रावण माह के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक सतर्कता बरती जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे पुलिस के निर्देशों का पालन करें और धार्मिक आस्था के साथ अपनी सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखें। अधिकारियों का कहना है कि सामूहिक सहयोग और सतर्कता से ही श्रावण माह के आयोजनों को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सकता है।