लोन दिलाने के नाम पर 10 करोड की ठगी में दो सगे भाई गिरफ्तार, कई पुलिसकर्मी भी झांसे में फंसे

वाराणसी - लोन दिलाने और किस्त जमा करने सहित अन्य लुभावने ऑफर का लालच देकर लगभग 10 करोड़ रुपये की ठगी में कैंट थाने की पुलिस ने दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया.गिरफ्तार आरोपितों में पहड़िया के अशोक विहार कॉलोनी निवासी दीपक गुप्ता और गौरव गुप्ता, शामिल हैं. इन्होंने वाराणसी और आसपास के जिलों के 100 से अधिक लोगों को निशाना बनाया. इनमें 70 फीसदी पुलिसकर्मी भी शामिल हैं, जो ठगी के शिकार हुए हैं; सीओ रैंक के तीन अधिकारी भी इनके झांसे में आ चुके हैं.
पूरे प्रकरण की जांच डीसीपी क्राइम की निगरानी में की जा रही है. आरोपितों पर इससे पहले भी कैंट और कोतवाली थानों में ठगी की प्राथमिकी दर्ज है. सारनाथ थाना क्षेत्र के सारंगतालाब इलाके में दोनों भाइयों, दीपक और गौरव, ने लगभग चार साल पहले अपना कार्यालय खोला था. विभिन्न स्कीम, ऑफर और ‘लोन की आधी रकम जमा करने’ जैसे लालच देकर इन्होंने छोटे कारोबारियों को फंसाया.
पुलिसकर्मियों को भी नहीं छोडा
आरोपितों ने शुरू के पांच-छह माह तक लाभ पहुंचाकर लोगों का भरोसा जीता. आईडी पर लोन लेकर उसकी आधी रकम जमा कराने जैसी स्कीम में वाराणसी समेत आसपास जिलों के कई पुलिसकर्मी भी फंसते गए; हेड कांस्टेबल, दरोगा, इंस्पेक्टर से लेकर डीसीपी रैंक तक के अफसरों ने निवेश के उद्देश्य से अपने सगे-संबंधियों, पत्नी और बच्चों के नाम पर लोन लिए. आधी रकम खुद जमा करने का झांसा दोनों भाई देते थे.
छह-सात माह तक यह प्रक्रिया चलती रही, लेकिन उसके बाद दोनों भाइयों ने किश्त जमा करना बंद कर दिया. जब फाइनेंस कंपनियों और बैंकों की ओर से लोन धारकों पर दबाव आया, तब तक दोनों भाई बड़ी रकम लेकर गायब हो चुके थे. बाद में जब लोगों पर ब्याज और मूलधन चुकाने का दबाव बढ़ा, तो वे आरोपितों की तलाश में लगे. सबसे अधिक पुलिसकर्मियों को ही दोनों भाइयों ने ठगा है. कई पीड़ित पुलिसकर्मी अब भी चुप हैं और शिकायत दर्ज नहीं करा रहे.
कुछ पुलिसकर्मियों का कहना है कि यह मामला केवल पुलिसकर्मियों तक सीमित नहीं है. पहड़िया मंडी के आढ़ती, छोटे व्यापारी और अन्य कई लोग भी करोड़ों की चपत खाने वालों में शामिल हैं. दोनों भाइयों ने लंबे समय तक योजनाबद्ध तरीके से लोगों का विश्वास जीतकर रकम ली और बाद में भुगतान से बचते रहे. डीसीपी क्राइम सरवणन टी., ने बताया कि आरोपितों के खिलाफ दो प्राथमिकी दर्ज हैं. कुछ और पीड़ित सामने आ सकते हैं. दो भाइयों के अलावा जो भी इसमें शामिल होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
ALSO READ: जिलाधिकारी ने एसआईआर की प्रगति का लिया जायजा, दिए आवश्यक निर्देश



