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BHU में मास्कलेस लेजर लिथोग्राफी पर दो दिवसीय कार्यशाला का समापन, प्रतिभागियों को मिले प्रमाणपत्र....

BHU में मास्कलेस लेजर लिथोग्राफी पर दो दिवसीय कार्यशाला का समापन, प्रतिभागियों को मिले प्रमाणपत्र....
Sep 03, 2026, 04:54 AM
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Posted By gagan arora

वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के सोफिस्टिकेटेड एनालिटिकल एंड टेक्निकल हेल्प इंस्टीट्यूट (SATHI-BHU) में मास्कलेस लेजर लिथोग्राफी पर आयोजित दो दिवसीय व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यशाला का बुधवार को समापन हुआ। एक और दो सितंबर को सेंट्रल डिस्कवरी सेंटर (CDC) स्थित SATHI-BHU की क्लीनरूम सुविधा में आयोजित कार्यशाला में देश के विभिन्न संस्थानों से आए प्रतिभागियों ने अत्याधुनिक लिथोग्राफी तकनीक और सेमीकंडक्टर डिवाइस फैब्रिकेशन की बारीकियां सीखीं।


समापन समारोह में बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए। उन्होंने SATHI-BHU में इस तरह की विशिष्ट और अत्याधुनिक सुविधा स्थापित होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी सुविधाएं नवीन तकनीकों और उपकरणों के विकास के लिए महत्वपूर्ण मंच उपलब्ध कराती हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से कार्यशाला में प्राप्त तकनीकी ज्ञान को अपने शोध और थीसिस में उपयोग करने तथा भविष्य में SATHI-BHU की सुविधाओं का उपयोग सहयोगात्मक अनुसंधान के लिए करने का आह्वान किया।


कुलपति ने कहा कि अत्याधुनिक शोध सुविधाओं को विकसित करने में वित्तीय संसाधनों, समय और प्रशासनिक प्रयासों का बड़ा निवेश होता है। इन सुविधाओं का वास्तविक लाभ तब मिलेगा, जब इनके माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शोध प्रकाशन और पेटेंट योग्य तकनीकों का विकास हो।


कार्यशाला में प्रतिभागियों को मास्कलेस लेजर लिथोग्राफी, लिथोग्राफी पैटर्न, क्लीनरूम प्रोटोकॉल, रेजिस्ट कोटिंग, सॉफ्ट बेक और सब्सट्रेट तैयार करने की प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण दिया गया। प्रतिभागियों ने क्लीनरूम वातावरण में लिथोग्राफी सिस्टम पर प्रत्यक्ष अभ्यास किया और माइक्रो-पैटर्निंग तथा माइक्रो-इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़े व्यावहारिक कौशल विकसित किए।


कार्यशाला का शुभारंभ एक सितंबर को पंजीकरण एवं स्वागत सत्र के साथ हुआ। उद्घाटन सत्र में IIT-BHU के इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. अमृतांशु पांडेय और कार्यशाला की संयोजक प्रो. अंचल श्रीवास्तव मौजूद रहीं। प्रो. अंचल श्रीवास्तव ने लेजर आधारित लिथोग्राफी के मूल सिद्धांतों और इसके अनुप्रयोगों पर विशेषज्ञ व्याख्यान दिया। इसके बाद शोधार्थी साजल राय ने लेजर राइटर के संचालन और व्यावहारिक पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया।


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दूसरे दिन डॉ. अंकित अरोड़ा, सहायक प्रोफेसर, इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग, IIT-BHU ने ‘Lithography for Advanced Electronic Devices’ विषय पर व्याख्यान दिया। इसमें उन्नत इलेक्ट्रॉनिक एवं सेमीकंडक्टर उपकरणों के निर्माण में लिथोग्राफी की भूमिका पर जानकारी दी गई।


समापन समारोह में सेंट्रल डिस्कवरी सेंटर के समन्वयक प्रो. ए.के. घोष, SATHI-BHU के समन्वयक प्रो. त्र्यंबक देव सिंह, उप-समन्वयक प्रो. बिरिंची कुमार शर्मा, प्रो. अमृतांशु पांडेय और प्रो. अंचल श्रीवास्तव समेत अन्य विशेषज्ञ मौजूद रहे। प्रतिभागियों ने कार्यशाला के अनुभव साझा किए और विशेषज्ञों के साथ संवादात्मक सत्र में क्लीनरूम, लिथोग्राफी तथा डिवाइस फैब्रिकेशन से जुड़े सवालों के जवाब भी प्राप्त किए।

वाराणसी में 11 वर्षीय बालिका से छेड़छाड़ का आरोप, सेना के कर्मचारी पर केस,मासूम से छेड़खानी के आरोप में सेना के हलवदार के खिलाफ मुकदमा ...
वाराणसी में 11 वर्षीय बालिका से छेड़छाड़ का आरोप, सेना के कर्मचारी पर केस,मासूम से छेड़खानी के आरोप में सेना के हलवदार के खिलाफ मुकदमा ...
वाराणसीःमासूम से छेड़खानी के आरोप में सेना के हलवदार के खिलाफ कैंट थाना में मुकदमा दर्ज किया गया है. इस मामले में कैंट थाना प्रभारी का कहना है कि पुलिस मामले की जांच कर रही है. जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उसके मुताबिक आगे की कार्रवाई की जाएगी.परिजनों ने पुलिस को बताया कि 11 साल की बच्ची दूध लेने के लिए घर से बाहर गई थी. इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले सेना के हवालदार ने उसे अपने कमरे में बुलाया. कमरे के अंदर उसने बच्ची के साथ गलत हरकत शुरू कर दिया. घटना के बाद बच्ची वहां से अपने घर पहुंची और परिजनों को पूरी बात बताई. बच्ची की बात सुनकर परिवार के लोग परेशान हो गए.उन्होंने मामले की जानकारी कैंट थाना पुलिस को दी और आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुकदमा दर्ज किया. पुलिस अब घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है. बच्ची और उसके परिजनों से भी जानकारी ली जा रही है.ALSO READ:ओवरलोड बालू वाहनों पर कार्रवाई की मांग, ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने अधिकारियों को सौंपा पत्रसाथ ही पुलिस आरोपों की पुष्टि के लिए जरूरी साक्ष्य जुटा रही है. जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. मामला नाबालिग से जुड़ा होने के कारण पुलिस और परिवार की ओर से बच्ची की पहचान को सार्वजनिक नहीं किया गया है.आरोपी के खिलाफ केस दर्ज हो चुका है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बनारस में नदी में होगी जलयानों की मरम्मत....
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वाराणसीः इनलैंड वाटरवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया ने रामनगर में बंदरगाह के उत्तरी छोर पर चार बीघा क्षेत्र में बनने वाले शिप रिपेयरिंग सेन्टर की शुरुआत की है. इसके साथ ही वाराणसी देश का पहला शहर होगा जहां नदी में जलयानों की मरम्मयत की जाएगी.कार्यदायी संस्था लार्सन एन्ड टुब्रो जिओ स्ट्रक्चर के कर्मचारियों ने प्राथमिक कार्य शुरू कर दिया है. यहां जहाजों को रिपेयर करने के लिए उत्त्तरी छोर पर एक वाटर चैनल बनाया जाएगा जहा जहाज नदी की मुख्य धारा से अंदर चैनल में रिपेयर होने के लिए आएंगे.कार्यदायी संस्था फिलहाल रिपेयर फैसिलिटी के प्लेटफार्म को बनाने का काम कर रही है उनके मुख्य अभियंता रमेश जोशी ने बताया कि प्रोजेक्ट को दो साल में पूरा करना है. बताया कि बारिश खत्म होने का इंतजार कर रहे थे लेकिन प्रोजेक्ट को जल्दी खत्म करने के लिए जल्दी ही काम शुरू करना पड़ा.ALSO READ: ओवरलोड बालू वाहनों पर कार्रवाई की मांग, ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने अधिकारियों को सौंपा पत्रइस बाबत उन्होंने बताया कि देश मे किसी भी नदी पर बनने वाला यह पहला शिप रिपेयरिंग सेंटर है. यहां कुछ जहाजों को क्रेन के माध्यम से ड्राई डाक सूखी सतह पर लाकर रिपेयर करने की सुविधा होगी। इसके साथ ही जहाज में पानी की सतह से ऊपर की खराबी को नदी में ही ठीक कर दिया जाएगा.बताया रि देश मे अभी तक शिप रिपेयरिंग सेन्टर समुद्रों के किनारे ही बनाये जाते है देश मे किसी नदी के ऊपर पहली बार शिप रिपेयरिंग सेन्टर बन रहा है. पहले जहाजों को रिपेयरिंग के लिए कोलकाता जाना होता था जो अब बनारस में भी संभव है.
ओवरलोड बालू वाहनों पर कार्रवाई की मांग, ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने अधिकारियों को सौंपा पत्र
ओवरलोड बालू वाहनों पर कार्रवाई की मांग, ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने अधिकारियों को सौंपा पत्र
वाराणसी। बालू परिवहन में ओवरलोडिंग और बिना आवश्यक वैध दस्तावेजों के वाहनों के संचालन को लेकर बनारस ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने प्रशासन और खनन विभाग से सख्त कार्रवाई की मांग की है। एसोसिएशन के अध्यक्ष अंशुमान सिंह ने संबंधित अधिकारियों को पत्र सौंपकर ओवरलोड एवं बिना आवश्यक आईएसटीपी/वैध कागजात के बालू परिवहन करने वाले वाहनों के खिलाफ तत्काल अभियान चलाने की मांग की।एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि कुछ समय पहले प्रशासन की ओर से ओवरलोड वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया था। इस दौरान विभिन्न थाना क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ओवरलोड वाहनों को पकड़ा गया और कार्रवाई की गई। अभियान का असर यह रहा कि कुछ समय तक ओवरलोड बालू वाहनों का संचालन काफी हद तक नियंत्रित रहा, लेकिन कार्रवाई की गति धीमी पड़ने के बाद एक बार फिर ऐसे वाहनों के संचालन की शिकायतें सामने आने लगी हैं।ओवरलोडिंग से वैध ट्रक ऑपरेटरों को नुकसानएसोसिएशन के संरक्षक विजय सिंह ने कहा कि ओवरलोडिंग का सीधा असर निर्धारित क्षमता के अनुसार वाहन चलाने वाले ट्रक मालिकों पर पड़ रहा है। वैध तरीके से क्षमता के अनुरूप बालू परिवहन करने वाले वाहन संचालकों की लागत अधिक आती है, जबकि ओवरलोड वाहन कम लागत में अधिक माल पहुंचाकर अनुचित प्रतिस्पर्धा पैदा करते हैं। इससे नियमों का पालन करने वाले ट्रक ऑपरेटरों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति बन रही है।एसोसिएशन ने प्रशासन से मांग की कि पूर्व की तरह नियमित और प्रभावी अभियान चलाया जाए तथा बालू लदे प्रत्येक वाहन के भार और दस्तावेजों की जांच सुनिश्चित की जाए।सड़क क्षति और राजस्व नुकसान की भी जताई आशंकाट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने कहा कि ओवरलोडिंग का असर केवल परिवहन कारोबार तक सीमित नहीं है। क्षमता से अधिक भार लेकर चलने वाले भारी वाहनों से सड़कों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे सड़कें समय से पहले क्षतिग्रस्त हो सकती हैं। वहीं, नियमों का उल्लंघन होने की स्थिति में सरकारी राजस्व को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है।बैठक के दौरान एसोसिएशन के पदाधिकारियों और बालू मंडी से जुड़े व्यापारियों ने ओवरलोडिंग के मुद्दे पर चर्चा की। इसके बाद प्रशासन और खनन विभाग से प्रभावी कार्रवाई के लिए पत्र सौंपने का निर्णय लिया गया।ALSO READ: BHU में शुरू हुआ रविवासरीय गीता प्रवचन, कुलसचिव बोले- विद्यार्थियों में भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ाव जरूरीमिलीभगत के आरोपों की जांच की मांगएसोसिएशन से जुड़े कुछ ऑपरेटरों ने ओवरलोड वाहनों को कथित रूप से पास कराने में बालू माफिया और जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत के आरोप भी लगाए हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। एसोसिएशन ने प्रशासन से इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। संगठन का कहना है कि आरोप गलत पाए जाएं तो स्थिति स्पष्ट की जाए और यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन या मिलीभगत सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।इस दौरान एसोसिएशन के अध्यक्ष अंशुमान सिंह, संरक्षक विजय सिंह, उपाध्यक्ष कुंवर सिंह, राकेश सिंह, नीतेश सिंह, महामंत्री आनंद भूषण सिंह, उपमहामंत्री शुभांशु सिंह, मंत्री मुकुंद सिंह, धर्मेंद्र यादव, जितेंद्र सिंह, मीडिया प्रभारी अजित कुमार शर्मा, कोषाध्यक्ष अनुराग सिंह (गुड्डू सिंह), सचिव दीपू यादव समेत अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।