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कफ सिरप कांड में कोलकाता से दो फर्म संचालक गिरफ्तार, वाराणसी एसआईटी का एक्‍शन

कफ सिरप कांड में कोलकाता से दो फर्म संचालक गिरफ्तार, वाराणसी एसआईटी का एक्‍शन
Dec 09, 2025, 09:29 AM
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Posted By ANKUR YADAV

वाराणसी : कफ सिरप तस्‍करी मामले में वाराणसी की विशेष जांच टीम को एक और महत्वपूर्ण कामयाबी मिली है. इस टीम ने कोलकाता में दबिश देकर दो फर्म संचालकों को गिरफ्तार किया है. इनमें निशांत फार्मा के प्रतीक मिश्रा और विश्वनाथ फार्मा के विशाल सोनकर शामिल हैं. दोनों को वाराणसी लाया जा रहा है, जहाँ उनसे गहन पूछताछ की जाएगी. इसके साथ ही इस बड़े नेटवर्क में अब तक यूपी में दर्जन भर आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है.

एसआईटी का नेतृत्‍व कर रहे सरवरण टी. ने बताया कि जांच में दोनों फर्मों की भूमिका बेहद अहम पाई गई है। इन फर्मों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ड्रग लाइसेंस प्राप्त किए और शैली ट्रेडर्स, रांची से मिलीभगत कर बड़े पैमाने पर प्रतिबंधित कफ सिरप की अवैध खरीद–बिक्री की.


फर्जी दस्तावेजों पर ड्रग लाइसेंस


  1. प्रतीक मिश्रा और विशाल सोनकर ने किरायानामा, अनुभव पत्र और अन्य कूटरचित दस्तावेजों से लाइसेंस लिया.
  2. इन्हीं लाइसेंसों के सहारे करोड़ों की कफ सिरप आपूर्ति अवैध रूप से संचालित होती रही.
  3. दोनों फर्में रांची स्थित शैली ट्रेडर्स से भारी मात्रा में कफ सिरप खरीदती थीं.
  4. बिल में दिखाया गया माल कभी दुकानों तक नहीं पहुँचता था, बल्कि सीधे दूसरे राज्यों के अवैध नेटवर्क को भेज दिया जाता था.


कितनी बड़ा था अवैध कारोबार

निशांत फार्मा (प्रतीक मिश्रा)

  1. 3 वर्षों में 5 लाख+ कफ सिरप की शीशियाँ खरीदीं
  2. अनुमानित अवैध मूल्य: ₹6 करोड़ से अधिक


विश्वनाथन मेडिकल (विशाल सोनकर)

  1. 1,18,000 कफ सिरप की खरीद
  2. अनुमानित अवैध मूल्य: ₹1.5 करोड़

जांच में यह भी सामने आया कि दोनों फर्मों के खातों में आया पैसा तुरंत अन्य खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता था, जिससे असली लेन-देन छिपाया जा सके.


48 घंटे में 4 गिरफ्तार


वाराणसी एसआईटी की तेज कार्रवाई ने पूरे नेटवर्क को हिला कर रख दिया है. केवल दो दिनों में 4 महत्वपूर्ण गिरफ्तारियाँ हुईं, जिससे तस्करी की परतें तेजी से उधड रही हैं. एाआईटी अध्‍यक्ष सरवरण टी. के अनुसार यह नेटवर्क बेहद संगठित था. फर्मों, लाइसेंसों और बैंक लेनदेन की गहन जांच जारी है. आगे और गिरफ्तारियाँ होंगी. बत दें कि कोतवाली में भी कल दो गिरफ्तारियां की गई थीं.


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आगे की जांच का फोकस


  1. बैंक खातों का धन प्रवाह
  2. फर्जी दस्तावेजों की तैयारी
  3. अवैध सप्लाई चैन
  4. अन्य राज्यों में भेजी गई खेप
  5. शैली ट्रेडर्स से मिलीभगत

वाराणसी में कफ सिरप तस्करी का यह मामला तेजी से खुल रहा है, और एसआईटी की लगातार कार्रवाई से पूरे नेटवर्क के जल्द उजागर होने की उम्मीद और मजबूत हो गई है.


कारोबारी कोर्ट की शरण में


वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीनाथ त्रिपाठी ने 10 फर्म वालों का मुकदमा अपने हाथ में लिया है. अधिवक्ता का कहना है कि जो 10 फर्म वाले मेरे पास आये उनके दस्तावेज की जांच की गई. सभी दस्तावेज उन फर्मो के सही पाए गए. सभी ने स्टॉकिस्ट से बकायदा बिल के साथ माल खरीदा है. जो लोग इसे मौत का सिरप बता रहे हैँ वो बिल्कुल गलत बात है. इन दवाओ के कारण काशी के छोटे छोटे व्यापारियों व फर्मो की छवि धूमिल हो रही है.

अगर अवैध भंडारण हुआ या अन्य कोई विषय है तो उसकी जांच कराये और जो दोषी हो उसके खिलाफ कार्रवाई हो. कार्रवाई के नाम पर सभी को एक ही तराजू में न तौला जाए,इससे बनारस जो पीएम का संसदीय क्षेत्र है उसकी छवि धूमिल हो रही है.

पेट्रोलियम मंत्री ने कहा- भारत में LPG गैस की कमी नहीं...
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अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग के चलते देशभर में गैस सिलेंडर को लेकर काफी किल्लते देखने को मिल रही है. जी हां, एलपीजी गैस संकट पर लोकसभा में केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने एक बड़ा बयान दिया और कहा भारत 40 देशों से क्रूड ऑयल ले रहा है, ऐसे में गैस सिलेंडर पर पैनिक होने की कोई बात नहीं है. इतना ही नहीं हरदीप सिंह पुरी ने वेस्ट एशिया संकट पर ये भी कहा कि एनर्जी के इतिहास में दुनिया ने ऐसा दिन पहले कभी नहीं देखा था, होर्मुज स्ट्रेट को इतिहास में पहली बार कमर्शियल शिपिंग के लिए बंद कर दिया गया है. संघर्ष पैदा करने में कोई भी भूमिका नहीं है, इसलिए भारत को किसी भी हाल में इसके सभी नतीजों से निपटना ही होगा.यह भी पढ़ें: गैस संकट को लेकर उठने वाले सवालों पर मंदिर प्रशासन ने लगाया विराम, कही ये बात"भारत की क्रूड ऑयल सप्लाई की स्थिति सुरक्षित"मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने अपने बयानों में ये बताया कि, भारत की क्रूड ऑयल सप्लाई की स्थिति सुरक्षित है. पिछले पांच दिनों में, रिफाइनरी के निर्देशों के जरिए LPG का प्रोडक्शन 28% बढ़ा दिया गया है और असल में आगे की खरीद चल रही है. इस संकट में मोदी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता यह है कि भारत के 33 करोड़ परिवारों, खासकर गरीबों और जरूरतमंदों की रसोई में किसी भी तरह के संकट से जूझना ना पड़े. घरेलू सप्लाई पूरी तरह से सुरक्षित है और डिलीवरी साइकिल में कोई बदलाव नहीं हुआ है.हरदीप सिंह ने कहा- इंडस्ट्री के लिए बिजली का प्रोडक्शन सुरक्षितहरदीप सिंह पुरी ने कहा कि, बड़े LNG कार्गो लगभग रोज दूसरे सप्लाई रास्तों से आ रहे हैं. भारत के पास गैस प्रोडक्शन और सप्लाई के इतने इंतजाम हैं कि लंबे समय तक लड़ाई चलने पर भी यह स्थिति बनी रहेगी. हर घर और इंडस्ट्री के लिए बिजली का प्रोडक्शन पूरी तरह से सुरक्षित है. अब प्रोक्योरमेंट को एक्टिवली डायवर्सिफाई किया गया है और कार्गो को यूनाइटेड स्टेट्स, नॉर्वे, कनाडा, अल्जीरिया और रूस से मंगाया जा रहा है.
गैस संकट को लेकर उठने वाले सवालों पर मंदिर प्रशासन ने लगाया विराम, कही ये बात
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