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करोड़ों की लागत वाली दो बड़ी सड़क परियोजनाओं को मंजूरी, ट्रैफिक जाम से राहत मिलने की उम्‍मीद...

करोड़ों की लागत वाली दो बड़ी सड़क परियोजनाओं को मंजूरी, ट्रैफिक जाम से राहत मिलने की उम्‍मीद...
Jul 15, 2026, 11:02 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : केंद्र सरकार ने करीब ₹25,445.96 करोड़ की लागत वाली दो बड़ी सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है. कैबिनेट से हरी झंडी मिलने के बाद इन परियोजनाओं के तहत शहर में कुल 89.26 किलोमीटर लंबे दो एलिवेटेड कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे. सरकार का दावा है कि इससे ट्रैफिक जाम में कमी आएगी, यात्रा का समय आधा रह जाएगा और धार्मिक, शैक्षणिक व औद्योगिक क्षेत्रों तक पहुंच पहले से अधिक आसान होगी. इस परियोजना को रिंग रोड से जोडकर देखा जा रहा है. इसको देखते हुए फिलहाल प्रभावित गांवों और क्षेत्रों में जमीन की खरीद फरोख्‍त पर प्रशासन की ओर से रोक लगा दी गई है.

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वरुणा नदी किनारे बनेगा 43.21 किमी लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर


कैबिनेट ने वरुणा नदी के किनारे 43.218 किलोमीटर लंबे 6/4 लेन एलिवेटेड कॉरिडोर को मंजूरी दी है. यह परियोजना हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल पर विकसित की जाएगी और इसकी अनुमानित लागत ₹10,998.32 करोड़ होगी. यह परियोजना वाराणसी डी-कंजेशन प्लान का अहम हिस्सा मानी जा रही है. इसके निर्माण से एमएच-31 और काशी रेलवे स्टेशन के बीच सीधी और तेज कनेक्टिविटी मिलेगी. वर्तमान में लगभग 40 मिनट में तय होने वाला सफर घटकर करीब 20 मिनट का रह जाएगा. इसके अलावा परियोजना से चंदौली सोशल इकोनॉमिक जोन, एक सोशल नोड और छह प्रमुख लॉजिस्टिक्स हब तक पहुंच बेहतर होगी, जिससे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.


एनएच-19 से रिंग रोड तक बनेगा 46 किमी का ग्रीनफील्ड कॉरिडोर


कैबिनेट ने एनएच-19 और वाराणसी रिंग रोड के बीच 46.039 किलोमीटर लंबे 6 लेन ग्रीनफील्ड एलिवेटेड कॉरिडोर को भी मंजूरी दी है. इस परियोजना पर ₹14,447.64 करोड़ खर्च किए जाएंगे.

कॉरिडोर बनने के बाद एनएच-19 और रिंग रोड के बीच निर्बाध संपर्क स्थापित होगा. इससे शहर के मौजूदा सड़क नेटवर्क पर दबाव कम होगा और शहरी यातायात अधिक सुगम बनेगा.

सरकारी अनुमान के मुताबिक, इस परियोजना के पूरा होने के बाद क्षेत्र में औसत यात्रा समय 60 मिनट से घटकर लगभग 20 मिनट रह जाएगा. इससे काशी विश्वनाथ धाम, प्रमुख घाटों, शैक्षणिक संस्थानों और सांस्कृतिक स्थलों तक पहुंच आसान होगी.


ट्रैफिक जाम से राहत, पर्यटन और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा दोनों परियोजनाओं के पूरा होने के बाद वाराणसी में यातायात व्यवस्था को नई दिशा मिलने की उम्मीद है. शहर के भीतर और बाहरी क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी, जिससे श्रद्धालुओं, पर्यटकों, छात्रों और व्यापारिक गतिविधियों से जुड़े लोगों को बड़ा लाभ मिलेगा. विशेषज्ञों का मानना है कि ये परियोजनाएं न केवल ट्रैफिक दबाव कम करेंगी, बल्कि वाराणसी को पूर्वांचल के प्रमुख धार्मिक, सांस्कृतिक और आर्थिक केंद्र के रूप में और मजबूत बनाएंगी.


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ये है गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर


गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर गंगा नदी के समानांतर बनने वाली छह लेन की एलिवेटेड रोड होगी. इसकी लंबाई करीब 46 किलोमीटर होगी. यह नेशनल हाईवे-19 को वाराणसी रिंग रोड से जोड़ेगा. इस कॉरिडोर के जरिए अस्सी घाट, मणिकर्णिका घाट, नमो घाट और काशी विश्वनाथ धाम तक पहुंच आसान हो जाएगी. इस प्रोजेक्ट के बनने के बाद वाराणसी के कई हिस्सों के बीच सफर का समय काफी कम होने की उम्मीद है. इस परियोजना की सबसे खास बात यह होगी कि इसे इस तरह तैयार किया जाएगा कि गंगा नदी और घाटों के प्राकृतिक स्वरूप को नुकसान न पहुंचे. इसमें केबल स्टेड ब्रिज यानी तारों पर टिके पुल का निर्माण भी प्रस्तावित है. इसके अलावा पर्यटकों के लिए व्यूपॉइंट और दर्शक गैलरी भी बनाई जाएंगी, जहां से लोग गंगा और घाटों का खूबसूरत नजारा देख सकेंगे‌.

शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोपी गिरफ्तार, वाराणसी छोड़ने की फिराक में था.
शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोपी गिरफ्तार, वाराणसी छोड़ने की फिराक में था.
वाराणसी: मंडुआडीह थाना पुलिस ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म, मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को शनिवार तड़के बरेका (बीएलडब्ल्यू) आवासीय परिसर से गिरफ्तार किया गया।पुलिस के अनुसार, लहरतारा निवासी एक महिला की तहरीर पर 24 जुलाई को आरोपी किशन कुमार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 69, 115(2), 352 और 351(3) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और विरोध करने पर मारपीट, गाली-गलौज के साथ जान से मारने की धमकी दी।मामले की विवेचना उपनिरीक्षक प्रवीण सचान कर रहे हैं। पुलिस टीम ने 25 जुलाई की रात करीब 12:25 बजे आरोपी किशन कुमार (30), निवासी लहरतारा, को बीएलडब्ल्यू आवासीय परिसर से गिरफ्तार कर लिया।ALSO READ : गुरु पूर्णिमा पर नहीं लगेगा जाम पड़ाव आश्रम में ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था का एडीसीपी ने लिया जायजापूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि युवती से उसकी मित्रता थी और दोनों के बीच आपसी सहमति से संबंध बने थे। उसने यह भी स्वीकार किया कि मुकदमा दर्ज होने की जानकारी मिलने के बाद वह वाराणसी छोड़कर जाने की तैयारी में था, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक प्रवीण सचान, उपनिरीक्षक विवेक यादव, फैंटम-48 के कांस्टेबल अमित कुमार तिवारी तथा कांस्टेबल संदीप शाह शामिल रहे। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
गुरु पूर्णिमा पर नहीं लगेगा जाम  पड़ाव आश्रम में ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था का एडीसीपी ने लिया जायजा
गुरु पूर्णिमा पर नहीं लगेगा जाम पड़ाव आश्रम में ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था का एडीसीपी ने लिया जायजा
वाराणसी: गुरु पूर्णिमा पर्व पर पड़ाव स्थित श्री सर्वेश्वरी समूह के अवधूत भगवान राम आश्रम में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। 28 और 29 जुलाई को होने वाले आयोजन के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए एडीसीपी ट्रैफिक अंशुमान मिश्र ने शनिवार को आश्रम परिसर और आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान एडीसीपी ने यातायात प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था, बैरिकेडिंग, श्रद्धालुओं के प्रवेश एवं निकास मार्ग सहित अन्य व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी कर ली जाएं, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या जाम की स्थिति उत्पन्न न हो।ALSO READ : काशी विद्यापीठ में 'दहेज मुक्त भारत' विषयक भाषण प्रतियोगिता, विद्यार्थियों ने लिया दहेज न लेने-देने का संकल्प.पुलिस प्रशासन ने गुरु पूर्णिमा पर लाखों श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना को देखते हुए विशेष ट्रैफिक एवं पार्किंग प्लान तैयार किया है। इसके तहत प्रमुख मार्गों पर यातायात का सुचारु संचालन, पार्किंग स्थलों का निर्धारण तथा आवश्यक स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यातायात व्यवस्था उपलब्ध कराना है, जिससे गुरु पूर्णिमा का आयोजन शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
काशी विद्यापीठ में 'दहेज मुक्त भारत' विषयक भाषण प्रतियोगिता, विद्यार्थियों ने लिया दहेज न लेने-देने का संकल्प.
काशी विद्यापीठ में 'दहेज मुक्त भारत' विषयक भाषण प्रतियोगिता, विद्यार्थियों ने लिया दहेज न लेने-देने का संकल्प.
वाराणसी: महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के मनोविज्ञान विभाग में शनिवार को 48वें दीक्षांत समारोह के उपलक्ष्य में 'दहेज मुक्त भारत' विषय पर भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई। कार्यक्रम में शिक्षकों ने दहेज प्रथा को सामाजिक बुराई बताते हुए युवाओं से इसके खिलाफ जनजागरण का आह्वान किया।मनोविज्ञान विभाग की अध्यक्ष प्रो. शैफाली वर्मा ठकराल ने कहा कि दहेज प्रथा केवल सामाजिक बुराई नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान, समानता और मानवीय गरिमा के विरुद्ध अपराध है। उन्होंने विद्यार्थियों से दहेज न लेने और न देने का संकल्प लेकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की अपील की।प्रो. रश्मि सिंह ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान अर्जित करना नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करना भी है। उन्होंने युवाओं से दहेज जैसी कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।डॉ. मुकेश कुमार पंथ ने कहा कि शिक्षित समाज ही दहेज प्रथा जैसी कुप्रथा को समाप्त करने में प्रभावी भूमिका निभा सकता है। वहीं डॉ. कंचन शुक्ला ने समाज में समानता, महिला सम्मान और नैतिक मूल्यों को मजबूत करने पर बल दिया।ALSO READ : दालमंडी ध्वस्तीकरण के दौरान सरकारी कर्मचारियों से मारपीट का आरोप, चौक थाने में प्राथमिक दर्जभाषण प्रतियोगिता में जाह्नवी गुप्ता, विकास कुमार, विकास यादव, दीपाली यादव और मोहम्मद आरिफ सहित अन्य विद्यार्थियों ने अपने विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने 'दहेज मुक्त भारत' का सामूहिक संकल्प लिया।कार्यक्रम का स्वागत डॉ. प्रतिभा सिंह ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. पूर्णिमा श्रीवास्तव ने किया