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BHU में ‘UNSEEN Exhibition 2026’ का शुभारम्भ, अनदेखी रचनात्मक प्रतिभाओं को मिला सशक्त मंच

BHU में ‘UNSEEN Exhibition 2026’ का शुभारम्भ, अनदेखी रचनात्मक प्रतिभाओं को मिला सशक्त मंच
Jun 03, 2026, 08:32 AM
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Posted By Preeti Kumari

वाराणसी: क्या कला केवल कला के विद्यार्थियों तक सीमित है. इस प्रश्न का सशक्त उत्तर प्रस्तुत करती है "UNSEEN Exhibition 2026", जिसका आज बीएचयू के नगर छात्र निकाय स्थित कला सूत्र आर्ट स्टूडियो एवं गैलरी में भव्य शुभारम्भ हुआ. प्रदर्शनी का उद्घाटन आईएमएस के न्यूरोलॉजी विभाग के प्रो. विजय नाथ मिश्रा द्वारा किया गया, जबकि प्रो. रंजन कुमार सिंह, डीन ऑफ स्टूडेंट्स, विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे. दोनों अतिथियों ने विद्यार्थियों की रचनात्मक अभिव्यक्तियों की सराहना करते हुए इस पहल को विश्वविद्यालय के सांस्कृतिक और सृजनात्मक वातावरण को समृद्ध करने वाला महत्वपूर्ण प्रयास बताया.


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"UNSEEN Exhibition 2026" का उद्देश्य विश्वविद्यालय के उन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को मंच प्रदान करना है, जो औपचारिक रूप से ललित कला से जुड़े नहीं हैं, किन्तु चित्रकला, फोटोग्राफी, डिजिटल आर्ट, स्केचिंग तथा अन्य रचनात्मक विधाओं में अपनी विशिष्ट पहचान रखते हैं. यह प्रदर्शनी उन अनदेखी प्रतिभाओं को सामने लाने का प्रयास है जो अब तक सीमित दायरे में अपनी कला का सृजन कर रही थीं. इस वर्ष प्रदर्शनी के लिए विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों एवं विभागों से 72 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक अपनी कलाकृतियाँ प्रस्तुत कीं. प्राप्त प्रविष्टियों का मूल्यांकन दृश्य कला संकाय के चित्रकला विभाग के सहायक आचार्य डॉ. ललित मोहन सोनी तथा व्यावहारिक कला विभाग के सहायक आचार्य डॉ.


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आशीष कुमार गुप्ता द्वारा किया गया. विशेषज्ञों के चयन के उपरांत 32 उत्कृष्ट कलाकृतियों को प्रदर्शनी के लिए चुना गया. प्रदर्शनी में प्रदर्शित कृतियाँ विविध माध्यमों और विचारों का अनूठा संगम प्रस्तुत करती हैं. इनमें चित्रकला, फोटोग्राफी, डिजिटल आर्ट, स्केचिंग तथा मिश्रित माध्यमों की रचनाएँ शामिल हैं, जो युवा कलाकारों की कल्पनाशीलता, नवाचार और संवेदनशील दृष्टिकोण को प्रभावशाली रूप से अभिव्यक्त करती हैं. अपने संबोधन में प्रो. विजय नाथ मिश्रा ने कहा कि कला केवल सौन्दर्य की अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि समाज को नई दृष्टि प्रदान करने का माध्यम भी है.


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वहीं प्रो. रंजन कुमार सिंह ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास और सांस्कृतिक चेतना को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. यह प्रदर्शनी 02 जून से 06 जून तक आयोजित की जा रही हैऔर प्रतिदिन प्रातः 10:00 बजे से सायं 5:00 बजे तक आम जनमानस, कला प्रेमियों तथा विश्वविद्यालय समुदाय के लिए खुली रहेगी.


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कार्यक्रम का आयोजन प्रो. ललित मोहन अग्रवाल, चीफ वार्डन, नगर छात्र निकाय, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के संरक्षण में किया गया. प्रदर्शनी के समन्वयक डॉ. आशीष कुमार गुप्ता, वार्डन, उत्तर निकाय, नगर छात्र निकाय रहे. यदि आप युवा कलाकारों की अनदेखी कल्पनाओं, संवेदनाओं और रचनात्मक दृष्टि से रूबरू होना चाहते हैं, तो "UNSEEN Exhibition 2026" आपके लिए एक विशेष अवसर है.

राष्ट्रीय ध्वज  के प्रति सम्मान, राष्ट्र प्रेम  एवं देशभक्ति की बुनियाद को मजबूत करें युवा : प्रो. बिहारी लाल शर्मा
राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान, राष्ट्र प्रेम एवं देशभक्ति की बुनियाद को मजबूत करें युवा : प्रो. बिहारी लाल शर्मा
वाराणसी : संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में बुधवार को तिरंगा यात्रा निकाली गई. जिसका उदेश्य समाज में देशभक्ति की बुनियाद मजबूत होगी, यह भाव लेकर सभी लोग एक साथ जागरूकता के साथ इस पहल में भाग लिए, कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा के नेतृत्व में आज अपराह्न 1:00बजे ऐतिहासिक मुख्य भवन से एक बड़े जुलूस के साथ प्रत्येक हाथ में तिरंगा झंडा लेकर "हर घर तिरंगा" यात्रा अभियान लहुराबीर चौराहे पर स्थापित महान क्रांतिकारी अमर शहीद चन्द्रशेखर आजाद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर भारत माता की जय उद्घोष के साथ विश्वविद्यालय परिसर मुख्य भवन के समक्ष सम्पन्न हो गयी.प्रो. शर्मा ने कहा कि स्वतंत्रता का 79 वां वर्ष पूर्ण होने तथा 80 वां वर्ष प्रारम्भ होने पर (स्वतंत्रता दिवस) राष्ट्रीय पर्व अत्यन्त गौरव के साथ मनाये जाने का अवसर है. राष्ट्र गौरव के प्रतीक तिरंगा को लगाकर बहुत धूमधाम से इस महापर्व का अभिनंदन करें. "हर घर तिरंगा" अभियान की अपील आज से प्रारम्भ है, सभी आवासों, इमारतों एवं देवालयों पर भी राष्ट्र के गौरव के प्रतीक तिरंगा को लगाकर बहुत धूमधाम से इस महापर्व का स्वागत करें.नवीन पीढ़ी के अन्दर त्याग, समर्पण और श्रद्धा का अलख जगाएं और आने वाली पीढ़ियों को तिरंगे के महत्व और प्रभाव के बारे में विस्तार से बताएं, इससे उनमें आत्मविश्वास, त्याग, समर्पण और श्रद्धा की भावना जागृत होगी। राष्ट्र भाव और आदर का प्रस्फुटन होगा. आगे वही बच्चे राष्ट्र के भविष्य हैं.राष्ट्रीय ध्वज गौरव और समृद्धि एवं सम्पूर्ण प्रभुसत्ता सम्पन्न राष्ट्र होने का सन्देश देता है. हम विश्वविद्यालय परिवार, संस्कृत समाज एवं देश के सभी जिम्मेदार नागरिकों से अपील करते हैं कि आज से हम "हर घर तिरंगा" अभियान चलाकर आत्मिक भाव से अपने- अपने घरों में तिरंगा फहराकर, अपने देश के प्रति प्रेम, सम्मान और समर्पण व राष्ट्रवाद का भाव जागृत करें.ALSO READ : शिकागो में तैयार होगा भारत काे एआई लीडर बनाने का रोडमैप, आईआईटी बीएचयू के पूर्व छात्र एक मंच पर होंगेउक्त यात्रा के दौरान विश्वविद्यालय परिवार के सभी सम्मानित प्रो जितेन्द्र कुमार,प्रो सुधाकर मिश्र,प्रो हीरक कान्ति चक्रवर्ती, प्रो विधु द्विवेदी, प्रो शैलेष कुमार मिश्र, प्रो महेन्द्र पाण्डेय, ,प्रो अमित कुमार शुक्ल, प्रो दिनेश कुमार गर्ग, प्रो विजय कुमार पाण्डेय समेत छात्र एवं कर्मचारी उपस्थित थे.
वाराणसी में चलती बाइक में लगी आग, सड़क पर लगा लंबा जाम
वाराणसी में चलती बाइक में लगी आग, सड़क पर लगा लंबा जाम
वाराणसी : कैंट थाना क्षेत्र के अर्दली बाजार इलाके में बुधवार दोपहर एक चलती बाइक में अचानक आग लगने से अफरा तफरी मच गई. देखते ही देखते पूरी बाइक जलकर राख हो गई. इस घटना के कारण सड़क पर लंबा जाम लग गया, हालांकि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई. फायर संयंत्र की सहायता से आग पर काबू पाया गया. आग बुझने तक बाइक पूरी तरह जल चुकी थी. इसके बाद पुलिस ने जाम खुलवाकर यातायात सुचारू कराया.नारायणपुर पुराना भट्ठा सिंधोरा रोड, शिवपुर के निवासी रवि प्रजापति ने बताया कि वे मकानों में खिड़की-दरवाजे लगाने का काम करते हैं. बुधवार को वे काम के सिलसिले में महावीर मंदिर की ओर जा रहे थे. इसी बीच दोपहर लगभग 1 बजे उनकी बाइक अचानक गर्म होकर बंद हो गई.रवि प्रजापति ने जब बाइक को दोबारा स्टार्ट करने की कोशिश की, तो उसमें अचानक आग लग गई. आग तेजी से फैली और पूरी बाइक को अपनी चपेट में ले लिया. उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी और आसपास के लोगों से मदद मांगी. इलाकाई लोगों ने बाल्टी के पानी, बालू और दुकान में रखे फायर संयंत्र की मदद से आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग और भयावह होती गई.ALSO READ : शिकागो में तैयार होगा भारत काे एआई लीडर बनाने का रोडमैप, आईआईटी बीएचयू के पूर्व छात्र एक मंच पर होंगेबीच सड़क पर बाइक में आग लगने से दोनों तरफ लंबा जाम लग गया. सूचना के बाद कैंट थाने की महिला सब इंस्पेक्टर आरती गौड़ मौके पर पहुंचीं. उन्होंने तत्काल फायर सर्विस टीम को सूचित किया और इलाकाई लोगों के साथ मिलकर फायर संयंत्र की सहायता से आग पर काबू पाया. इसके बाद पुलिस ने जाम खुलवाकर यातायात सामान्य कराया. इस दौरान मौके पर अफरा तफरी की स्थिति बनी रही.
शिकागो में तैयार होगा भारत काे एआई लीडर बनाने का रोडमैप, आईआईटी बीएचयू के पूर्व छात्र एक मंच पर होंगे
शिकागो में तैयार होगा भारत काे एआई लीडर बनाने का रोडमैप, आईआईटी बीएचयू के पूर्व छात्र एक मंच पर होंगे
वाराणसी : आईआईटी बीएचयू से बीते 40 साल में निकलीं 200 से ज्यादा तकनीकी प्रतिभाएं अब करोड़पति और अरबपति हैं. ये सभी अगले महीने अमेरिका की विंड सिटी शिकागो में एक साथ होंगे. वहां भारत को एआई लीडर बनाने का रोडमैप तैयार किया जाएगा. शिकागो सम्मेलन में एआई, रक्षा, तकनीक, कारोबार और उद्योगों का भी संगम होगा. शिकागो के द वेस्टइन शिकागो लोंबार्ड में पांच और छह सितंबर को ग्लोबल एलुमनी मीट-2026 होना है. करीब 900 अरब डॉलर के मालिक जीस्केलर के संस्थापक जय चौधरी के साथ 40 साल पुराने बैच के 200 से ज्यादा पूर्व छात्र एक मंच पर मंथन करेंगे.जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा मुख्य अतिथि होंगे. वे पहले दिन पांच सितंबर को चाय पर चर्चा करेंगे. इन्होंने आईआईटी बीएचयू से 1979 बैच में सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक किया था. 12,500 करोड़ संपत्ति वाले पालो ऑल्टो नेटवर्क्स के सीईओ निकेश अरोड़ा और टेस्ला के सीएफओ दीपक आहूजा भी इस सम्मेलन में शामिल हो सकते हैं. सम्मेलन का पूरा फोकस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस युग में नेतृत्व और कुछ नया निर्माण करने को लेकर है. इसके अलावा मशीन लर्निंग, डिजिटल रिसर्च और बदलती तकनीक पर भी सम्मेलन में कई एकेडमिक और व्यवसायिक प्रस्ताव तैयार होंगे.एआई युग में कंपनियों का उदय, कटिंग एज एआई पैनल, एआई और मानव क्षमता के सत्र होंगे. स्टैंप अप कॉमेडी भी होगी. आईआईटी बीएचयू में डीन (पुरा छात्र एवं संसाधन) प्रो. हीरालाल प्रामाणिक ने बताया कि देश एआई के मामले में अग्रणी रहे, इस पर मंथन किया जाएगा. व्यवसायियों और वैज्ञानिक मेहमानों की सूची लगातार अपडेट हो रही है. हिस्सेदारी करने वालों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. आईआईटी से निकलकर दुनिया भर में अपने कारोबार और तकनीक जगत में कुछ नया मुकाम पा चुके दिग्गजों को आमंत्रित किया गया है. जीस्केलर के संस्थापक और चेयरमैन जय चौधरी 1980 बैच के इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग के छात्र रहे. उन्होंने एयर डिफेंस, सिफर ट्रस्ट, कोर हार्बर और सिक्योर आई जैसी कंपनियों का नेटवर्क तैयार किया है. पूर्व छात्रों का नेटवर्क उभरती तकनीक से संस्थान के वैज्ञानिकों और प्रोफेसरों को रूबरू कराएगा. क्लाउड, माइक्रोसर्विसेज और साइबर सिक्योरिटी जैसे विषयों पर कार्यक्रम आयोजित करता रहा है. तकनीकी बदलावों के साथ उद्योग और कारोबार पर उसके प्रभाव को लेकर भी मंथन होगा.ALSO READ: बरेका में भव्य तिरंगा यात्रा, राष्ट्रभक्ति के नारों से गूंजा पूरा परिसरइन पुरा छात्रों की सूची तैयारमाई कर्मा के फाउंडर उज्ज नाथ, पोर्टवॉक्स के सीईओ मुरली थिरुमाले, शिकागो यूनिवर्सिटी के प्रो. प्रदीप चिंतागुता, सिलिकॉन वैली क्वाड के फाउंडर मैनेजिंग पार्टनर बीवी जगदीश, अफर्मा कैपिटल के सीईओ नयनेश जयसिंह, डिजिटल इंडिया फाउंडेशन के अरविंद गुप्ता, मोबाइल फोर्स के सीईओ जगदीश भंडोल और रोबोटिक्स के फाउंडर सौरभ चंद्रा आदि शामिल होंगे.