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यूपी का बजट पेश, किसानों और बुनकरों के लिए बड़े ऐलान

यूपी का बजट पेश, किसानों और बुनकरों के लिए बड़े ऐलान
Feb 11, 2026, 09:23 AM
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Posted By Preeti Kumari

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने आज बुधवार को विधानसभा में अपना 10वां बजट पेश कर दिया है. 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूसरे कार्यकाल का यह अंतिम पूर्ण बजट पेश हुआ है, जिसे लेकर सियासी गलियारों में काफी हलचल मची हुई है. देश में आम बजट 2026 पेश होने के बाद 25 करोड़ की जनसंख्या वाले यूपी पर हर किसी की नजर टिकी हुई है. योगी सरकार के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने यूपी विधानसभा में बजट पेश किया और कहा, हमारी पिछली और वर्तमान सरकार के कार्यकाल में प्रदेश के सभी क्षेत्रों का विकास हुआ है.


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यहां तक कि, एसडीजी इंडिया इंडेक्‍स में यूपी की रैंकिंग जो वर्ष 2018-2019 में 29 वें स्थान पर थी, जो अब बेहतर होकर साल 2023 से लेकर 2024 में 18 वें स्थान पर आ गई है. इसी के आगे मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि. उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा मोबाइल फोन विनिर्माण केन्द्र है. देश के कुल मोबाइल फोन उत्पादन का 65 प्रतिशत उत्पादन प्रदेश में होता है. आपको बता दें कि, बजट पेश करने से पहले वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने पारंपरिक रूप से भगवान की पूजा-अर्चना की, जिसके बाद से उन्होंने सदन में राज्य का लेखा-जोखा रखा. माना ये जा रहा है कि, इस बार बजट का आकार 9.5 लाख करोड़ रुपये के करीब हो सकता है, जिसमें निवेश, रोजगार और जनकल्याण पर फोकस देखने को मिला. जो राज्य के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश हुआ है.


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"25 करोड़ प्रदेशवासियों की आकांक्षाओं का बजट"


योगी सरकार का यह बजट महज आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि उत्तर-प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में एक बड़ा फैसला माना जा रहा है. इस अहम बजट की पेशकश को योगी सरकार ने 25 करोड़ प्रदेशवासियों की आकांक्षाओं का बजट बताया है. पेश हुए इस बजट में सुशासन, विकास और जनकल्याण जैसे मुद्दों पर सबसे ज्यादा जोर दिया गया. यूपी सरकार की यह कोशिश है कि उद्योगों को बढ़ावा देकर रोजगार के नए अवसर मिले.


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ताकि, युवाओं को अपने ही राज्य में बेहतर भविष्य मिल सके. इतना ही नहीं, सीएम योगी ने बताया कि, पेश हुए 2026 के इस बजट में कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को सबसे ऊपर रखा गया है, ये भी उम्मीद है कि सरकार वृद्धावस्था पेंशन और निराश्रित महिलाओं को मिलने वाली आर्थिक मदद में अच्छी-खासी बढ़ोतरी कर सकती है, साथ ही राज्य के लाखों शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में वृद्धि का ऐलान कर सरकार एक बड़े वर्ग को साधने की कोशिश करेगी. युवाओं के लिए स्टार्टअप और औद्योगिक निवेश से जुड़ी कई नई योजनाओं के लिए भी खजाना खोला जा सकता है.


लखनऊ मेट्रो का विस्तार


बता दें, पेश हुए इस बजट में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए लखनऊ मेट्रो के विस्तार और चित्रकूट लिंक परियोजना जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स को रफ्तार देने की तैयारी है, कैबिनेट बैठक में इन प्रस्तावों के साथ-साथ औद्योगिक इकाइयों को राहत देने वाले कई अन्य फैसलों पर भी अंतिम मुहर लगने की संभावना है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बजट को सर्वसमावेशी बताया है, 2027 के चुनावों को देखते हुए यह बजट योगी सरकार की उपलब्धियों को गिनाने और भविष्य का खाका खींचने का एक बड़ा जरिया बनेगा, अब देखना यह होगा कि 11 बजे जब वित्त मंत्री अपना पिटारा खोलेंगे, तो उत्तर प्रदेश की जनता की झोली में क्या-क्या आता है.

राष्ट्रीय ध्वज  के प्रति सम्मान, राष्ट्र प्रेम  एवं देशभक्ति की बुनियाद को मजबूत करें युवा : प्रो. बिहारी लाल शर्मा
राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान, राष्ट्र प्रेम एवं देशभक्ति की बुनियाद को मजबूत करें युवा : प्रो. बिहारी लाल शर्मा
वाराणसी : संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में बुधवार को तिरंगा यात्रा निकाली गई. जिसका उदेश्य समाज में देशभक्ति की बुनियाद मजबूत होगी, यह भाव लेकर सभी लोग एक साथ जागरूकता के साथ इस पहल में भाग लिए, कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा के नेतृत्व में आज अपराह्न 1:00बजे ऐतिहासिक मुख्य भवन से एक बड़े जुलूस के साथ प्रत्येक हाथ में तिरंगा झंडा लेकर "हर घर तिरंगा" यात्रा अभियान लहुराबीर चौराहे पर स्थापित महान क्रांतिकारी अमर शहीद चन्द्रशेखर आजाद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर भारत माता की जय उद्घोष के साथ विश्वविद्यालय परिसर मुख्य भवन के समक्ष सम्पन्न हो गयी.प्रो. शर्मा ने कहा कि स्वतंत्रता का 79 वां वर्ष पूर्ण होने तथा 80 वां वर्ष प्रारम्भ होने पर (स्वतंत्रता दिवस) राष्ट्रीय पर्व अत्यन्त गौरव के साथ मनाये जाने का अवसर है. राष्ट्र गौरव के प्रतीक तिरंगा को लगाकर बहुत धूमधाम से इस महापर्व का अभिनंदन करें. "हर घर तिरंगा" अभियान की अपील आज से प्रारम्भ है, सभी आवासों, इमारतों एवं देवालयों पर भी राष्ट्र के गौरव के प्रतीक तिरंगा को लगाकर बहुत धूमधाम से इस महापर्व का स्वागत करें.नवीन पीढ़ी के अन्दर त्याग, समर्पण और श्रद्धा का अलख जगाएं और आने वाली पीढ़ियों को तिरंगे के महत्व और प्रभाव के बारे में विस्तार से बताएं, इससे उनमें आत्मविश्वास, त्याग, समर्पण और श्रद्धा की भावना जागृत होगी। राष्ट्र भाव और आदर का प्रस्फुटन होगा. आगे वही बच्चे राष्ट्र के भविष्य हैं.राष्ट्रीय ध्वज गौरव और समृद्धि एवं सम्पूर्ण प्रभुसत्ता सम्पन्न राष्ट्र होने का सन्देश देता है. हम विश्वविद्यालय परिवार, संस्कृत समाज एवं देश के सभी जिम्मेदार नागरिकों से अपील करते हैं कि आज से हम "हर घर तिरंगा" अभियान चलाकर आत्मिक भाव से अपने- अपने घरों में तिरंगा फहराकर, अपने देश के प्रति प्रेम, सम्मान और समर्पण व राष्ट्रवाद का भाव जागृत करें.ALSO READ : शिकागो में तैयार होगा भारत काे एआई लीडर बनाने का रोडमैप, आईआईटी बीएचयू के पूर्व छात्र एक मंच पर होंगेउक्त यात्रा के दौरान विश्वविद्यालय परिवार के सभी सम्मानित प्रो जितेन्द्र कुमार,प्रो सुधाकर मिश्र,प्रो हीरक कान्ति चक्रवर्ती, प्रो विधु द्विवेदी, प्रो शैलेष कुमार मिश्र, प्रो महेन्द्र पाण्डेय, ,प्रो अमित कुमार शुक्ल, प्रो दिनेश कुमार गर्ग, प्रो विजय कुमार पाण्डेय समेत छात्र एवं कर्मचारी उपस्थित थे.
वाराणसी में चलती बाइक में लगी आग, सड़क पर लगा लंबा जाम
वाराणसी में चलती बाइक में लगी आग, सड़क पर लगा लंबा जाम
वाराणसी : कैंट थाना क्षेत्र के अर्दली बाजार इलाके में बुधवार दोपहर एक चलती बाइक में अचानक आग लगने से अफरा तफरी मच गई. देखते ही देखते पूरी बाइक जलकर राख हो गई. इस घटना के कारण सड़क पर लंबा जाम लग गया, हालांकि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई. फायर संयंत्र की सहायता से आग पर काबू पाया गया. आग बुझने तक बाइक पूरी तरह जल चुकी थी. इसके बाद पुलिस ने जाम खुलवाकर यातायात सुचारू कराया.नारायणपुर पुराना भट्ठा सिंधोरा रोड, शिवपुर के निवासी रवि प्रजापति ने बताया कि वे मकानों में खिड़की-दरवाजे लगाने का काम करते हैं. बुधवार को वे काम के सिलसिले में महावीर मंदिर की ओर जा रहे थे. इसी बीच दोपहर लगभग 1 बजे उनकी बाइक अचानक गर्म होकर बंद हो गई.रवि प्रजापति ने जब बाइक को दोबारा स्टार्ट करने की कोशिश की, तो उसमें अचानक आग लग गई. आग तेजी से फैली और पूरी बाइक को अपनी चपेट में ले लिया. उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी और आसपास के लोगों से मदद मांगी. इलाकाई लोगों ने बाल्टी के पानी, बालू और दुकान में रखे फायर संयंत्र की मदद से आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग और भयावह होती गई.ALSO READ : शिकागो में तैयार होगा भारत काे एआई लीडर बनाने का रोडमैप, आईआईटी बीएचयू के पूर्व छात्र एक मंच पर होंगेबीच सड़क पर बाइक में आग लगने से दोनों तरफ लंबा जाम लग गया. सूचना के बाद कैंट थाने की महिला सब इंस्पेक्टर आरती गौड़ मौके पर पहुंचीं. उन्होंने तत्काल फायर सर्विस टीम को सूचित किया और इलाकाई लोगों के साथ मिलकर फायर संयंत्र की सहायता से आग पर काबू पाया. इसके बाद पुलिस ने जाम खुलवाकर यातायात सामान्य कराया. इस दौरान मौके पर अफरा तफरी की स्थिति बनी रही.
शिकागो में तैयार होगा भारत काे एआई लीडर बनाने का रोडमैप, आईआईटी बीएचयू के पूर्व छात्र एक मंच पर होंगे
शिकागो में तैयार होगा भारत काे एआई लीडर बनाने का रोडमैप, आईआईटी बीएचयू के पूर्व छात्र एक मंच पर होंगे
वाराणसी : आईआईटी बीएचयू से बीते 40 साल में निकलीं 200 से ज्यादा तकनीकी प्रतिभाएं अब करोड़पति और अरबपति हैं. ये सभी अगले महीने अमेरिका की विंड सिटी शिकागो में एक साथ होंगे. वहां भारत को एआई लीडर बनाने का रोडमैप तैयार किया जाएगा. शिकागो सम्मेलन में एआई, रक्षा, तकनीक, कारोबार और उद्योगों का भी संगम होगा. शिकागो के द वेस्टइन शिकागो लोंबार्ड में पांच और छह सितंबर को ग्लोबल एलुमनी मीट-2026 होना है. करीब 900 अरब डॉलर के मालिक जीस्केलर के संस्थापक जय चौधरी के साथ 40 साल पुराने बैच के 200 से ज्यादा पूर्व छात्र एक मंच पर मंथन करेंगे.जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा मुख्य अतिथि होंगे. वे पहले दिन पांच सितंबर को चाय पर चर्चा करेंगे. इन्होंने आईआईटी बीएचयू से 1979 बैच में सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक किया था. 12,500 करोड़ संपत्ति वाले पालो ऑल्टो नेटवर्क्स के सीईओ निकेश अरोड़ा और टेस्ला के सीएफओ दीपक आहूजा भी इस सम्मेलन में शामिल हो सकते हैं. सम्मेलन का पूरा फोकस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस युग में नेतृत्व और कुछ नया निर्माण करने को लेकर है. इसके अलावा मशीन लर्निंग, डिजिटल रिसर्च और बदलती तकनीक पर भी सम्मेलन में कई एकेडमिक और व्यवसायिक प्रस्ताव तैयार होंगे.एआई युग में कंपनियों का उदय, कटिंग एज एआई पैनल, एआई और मानव क्षमता के सत्र होंगे. स्टैंप अप कॉमेडी भी होगी. आईआईटी बीएचयू में डीन (पुरा छात्र एवं संसाधन) प्रो. हीरालाल प्रामाणिक ने बताया कि देश एआई के मामले में अग्रणी रहे, इस पर मंथन किया जाएगा. व्यवसायियों और वैज्ञानिक मेहमानों की सूची लगातार अपडेट हो रही है. हिस्सेदारी करने वालों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. आईआईटी से निकलकर दुनिया भर में अपने कारोबार और तकनीक जगत में कुछ नया मुकाम पा चुके दिग्गजों को आमंत्रित किया गया है. जीस्केलर के संस्थापक और चेयरमैन जय चौधरी 1980 बैच के इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग के छात्र रहे. उन्होंने एयर डिफेंस, सिफर ट्रस्ट, कोर हार्बर और सिक्योर आई जैसी कंपनियों का नेटवर्क तैयार किया है. पूर्व छात्रों का नेटवर्क उभरती तकनीक से संस्थान के वैज्ञानिकों और प्रोफेसरों को रूबरू कराएगा. क्लाउड, माइक्रोसर्विसेज और साइबर सिक्योरिटी जैसे विषयों पर कार्यक्रम आयोजित करता रहा है. तकनीकी बदलावों के साथ उद्योग और कारोबार पर उसके प्रभाव को लेकर भी मंथन होगा.ALSO READ: बरेका में भव्य तिरंगा यात्रा, राष्ट्रभक्ति के नारों से गूंजा पूरा परिसरइन पुरा छात्रों की सूची तैयारमाई कर्मा के फाउंडर उज्ज नाथ, पोर्टवॉक्स के सीईओ मुरली थिरुमाले, शिकागो यूनिवर्सिटी के प्रो. प्रदीप चिंतागुता, सिलिकॉन वैली क्वाड के फाउंडर मैनेजिंग पार्टनर बीवी जगदीश, अफर्मा कैपिटल के सीईओ नयनेश जयसिंह, डिजिटल इंडिया फाउंडेशन के अरविंद गुप्ता, मोबाइल फोर्स के सीईओ जगदीश भंडोल और रोबोटिक्स के फाउंडर सौरभ चंद्रा आदि शामिल होंगे.