यूपी का बजट पेश, किसानों और बुनकरों के लिए बड़े ऐलान

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने आज बुधवार को विधानसभा में अपना 10वां बजट पेश कर दिया है. 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूसरे कार्यकाल का यह अंतिम पूर्ण बजट पेश हुआ है, जिसे लेकर सियासी गलियारों में काफी हलचल मची हुई है. देश में आम बजट 2026 पेश होने के बाद 25 करोड़ की जनसंख्या वाले यूपी पर हर किसी की नजर टिकी हुई है. योगी सरकार के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने यूपी विधानसभा में बजट पेश किया और कहा, हमारी पिछली और वर्तमान सरकार के कार्यकाल में प्रदेश के सभी क्षेत्रों का विकास हुआ है.

यहां तक कि, एसडीजी इंडिया इंडेक्स में यूपी की रैंकिंग जो वर्ष 2018-2019 में 29 वें स्थान पर थी, जो अब बेहतर होकर साल 2023 से लेकर 2024 में 18 वें स्थान पर आ गई है. इसी के आगे मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि. उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा मोबाइल फोन विनिर्माण केन्द्र है. देश के कुल मोबाइल फोन उत्पादन का 65 प्रतिशत उत्पादन प्रदेश में होता है. आपको बता दें कि, बजट पेश करने से पहले वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने पारंपरिक रूप से भगवान की पूजा-अर्चना की, जिसके बाद से उन्होंने सदन में राज्य का लेखा-जोखा रखा. माना ये जा रहा है कि, इस बार बजट का आकार 9.5 लाख करोड़ रुपये के करीब हो सकता है, जिसमें निवेश, रोजगार और जनकल्याण पर फोकस देखने को मिला. जो राज्य के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश हुआ है.

"25 करोड़ प्रदेशवासियों की आकांक्षाओं का बजट"
योगी सरकार का यह बजट महज आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि उत्तर-प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में एक बड़ा फैसला माना जा रहा है. इस अहम बजट की पेशकश को योगी सरकार ने 25 करोड़ प्रदेशवासियों की आकांक्षाओं का बजट बताया है. पेश हुए इस बजट में सुशासन, विकास और जनकल्याण जैसे मुद्दों पर सबसे ज्यादा जोर दिया गया. यूपी सरकार की यह कोशिश है कि उद्योगों को बढ़ावा देकर रोजगार के नए अवसर मिले.

ताकि, युवाओं को अपने ही राज्य में बेहतर भविष्य मिल सके. इतना ही नहीं, सीएम योगी ने बताया कि, पेश हुए 2026 के इस बजट में कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को सबसे ऊपर रखा गया है, ये भी उम्मीद है कि सरकार वृद्धावस्था पेंशन और निराश्रित महिलाओं को मिलने वाली आर्थिक मदद में अच्छी-खासी बढ़ोतरी कर सकती है, साथ ही राज्य के लाखों शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में वृद्धि का ऐलान कर सरकार एक बड़े वर्ग को साधने की कोशिश करेगी. युवाओं के लिए स्टार्टअप और औद्योगिक निवेश से जुड़ी कई नई योजनाओं के लिए भी खजाना खोला जा सकता है.
लखनऊ मेट्रो का विस्तार
बता दें, पेश हुए इस बजट में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए लखनऊ मेट्रो के विस्तार और चित्रकूट लिंक परियोजना जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स को रफ्तार देने की तैयारी है, कैबिनेट बैठक में इन प्रस्तावों के साथ-साथ औद्योगिक इकाइयों को राहत देने वाले कई अन्य फैसलों पर भी अंतिम मुहर लगने की संभावना है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बजट को सर्वसमावेशी बताया है, 2027 के चुनावों को देखते हुए यह बजट योगी सरकार की उपलब्धियों को गिनाने और भविष्य का खाका खींचने का एक बड़ा जरिया बनेगा, अब देखना यह होगा कि 11 बजे जब वित्त मंत्री अपना पिटारा खोलेंगे, तो उत्तर प्रदेश की जनता की झोली में क्या-क्या आता है.



