हत्या के 10 दिन बाद खुला यूपी कॉलेज, आरोपी मंजीत का ऑनलाइन पोर्टल ब्हुआ लॉक

वाराणसी: बीएससी के छात्र सूर्य प्रताप सिंह की हत्या के 10 दिन बाद उदय प्रताप कालेज कॉलेज खुल गया. एक तरफ घटना को लेकर जितने मुंह उतनी बातें होती रहीं वहीं दूसरी ओर कालेज प्रशासन ने हत्या के आरोपी मंजीत चौहान के ऑनलाइन पोर्टल को ब्लॉक कर दिया गया. अब उससे मंजीत के कोई भी एकेडमिक कागज, जैसे कि रिजल्ट, मार्कशीट, प्रवेश पत्र, परीक्षा फॉर्म आदि नहीं निकाले जा सकेंगे. साथ ही अब उसके निष्कासन की कागजी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है. अगले दो दिनों में निष्कासन हो सकता है.

आईडी जांच के बाद परिसर में प्रवेश
सोमवार को कालेज गेट पर छात्र-छात्राओं की आईडी चेक करके ही परिसर में प्रवेश दिया गया. गेट के बाहर भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात रही. सूर्य की क्लास की ओर सिर्फ विज्ञान संकाय के छात्र-छात्राओं को जाने की अनुमति दी गई. सिर्फ पीजी की कक्षाएं खोली गईं, जबकि यूजी की कक्षाएं पूर्व निर्धारित समय सारिणी के अनुसार ऑनलाइन माध्यम से ही चलीं. एमए, एमकॉम, एमएससी, एमएससी (एग्रीकल्चर), बीएड और बी.लिब कोर्स की कक्षाएं ऑफलाइन चलाई गईं.

कॉलेज खुलते ही ज्यादातर छात्र घटना स्थल और छत की ओर पहुंचे. जिस रास्ते मंजीत भागा, उस छत से कूदने की जगह का मुआयना करते रहे. सीन रिक्रियेट करने की कोशिश होती रही. काफी देर तक यही चर्चा करते रहे कि आखिर इतनी आसानी से हत्या कर वह भाग कैसे पाया. कई छात्र उस स्थान का वीडियो भी बनाते दिखे. क्लासरूम में क्षमता के मुकाबले 70 फीसदी छात्र-छात्राएं पहुंचे. जिनके पास वैध आईडी कार्ड नहीं था, उन्हें परिसर में प्रवेश से रोका गया.

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प्राचार्य प्रो. धर्मेंद्र कुमार सिंह के अनुसार सुरक्षा के साथ कोई लापरवाही नहीं होगी. कार्रवाई के लिए पुलिस की ओर से कई छात्रों को चिन्हित किया जा रहा है. ऑनलाइन कक्षाओं में शामिल होने वाले विद्यार्थियों की उपस्थिति का रिकॉर्ड संबंधित शिक्षक द्वारा सुरक्षित रखा जाएगा, जिससे उनकी पढ़ाई और उपस्थिति का पूरा विवरण उपलब्ध रहे.

इस दिन हुई थी हत्या
बता दें कि यूपी कॉलेज में बीते 20 मार्च को छात्र सूर्य प्रताप सिंह की बीए के छात्र मंजीत ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. क्लासरूम के सामने उसने चार गोलियां मारीं. इसके बाद कैंपस से लेकर भोजूबीर की सड़कों पर जोरदार विरोध प्रदर्शन हुआ. दुकानें बंद कराई गईं. कई दिनों तक चले धरने के बाद सूर्य के दोस्तों और हॉस्टल के छात्रों की मांगें मानी गईं और विरोध समाप्त किया गया.



