Daily Bulletin Tag
AI गार्गी दैनिक बुलेटिन

ऊर्जा मंत्री ने बिजली बिल राहत शिविर का किया निरीक्षण, 173 उपभोक्ताओं ने कराया रजिस्ट्रेशन

ऊर्जा मंत्री ने बिजली बिल राहत शिविर का किया निरीक्षण, 173 उपभोक्ताओं ने कराया रजिस्ट्रेशन
Dec 10, 2025, 07:51 AM
|
Posted By Gaandiv

वाराणसी - नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के.शर्मा ने रोहनिया स्थित विद्युत उपकेंद्र पर आयोजित बिजली बिल राहत योजना शिविर का निरीक्षण किया. शिविर में भारी संख्या में उपभोक्ताओं की भीड़ रही. आज के शिविर में कुल 173 उपभोक्ताओं ने रजिस्ट्रेशन कराया, जो उपभोक्ता हित में चल रही इस योजना की सफलता का महत्वपूर्ण संकेत है.

निरीक्षण के दौरान मंत्री ने उपस्थित उपभोक्ताओं से संवाद करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री के नेतृत्व में शुरू की गई यह योजना उन लाखों परिवारों के लिए बड़ी राहत है, जिन पर वर्षों से बिजली बिल का भारी बोझ था. उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि उपभोक्ता बिना किसी परेशानी के अपने बकाया का निपटारा कर सकें और आगे नियमित एवं सरल बिलिंग व्यवस्था का लाभ प्राप्त कर सकें.

ऊर्जा मंत्री ने उपभोक्ताओं से अपील की कि वे इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अपने बकाया बिलों को इस अवसर का उपयोग कर समाधान करें. उन्होंने बताया कि सरकार ने प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, सरल और जनसुलभ बनाया है, ताकि हर पात्र उपभोक्ता तक यह सुविधा आसानी से पहुंचे. उन्होंने बताया कि योजना का प्रथम चरण 31 दिसंबर तक है इसमें रजिस्ट्रेशन करने वाले उपभोक्ताओं को ब्याज में 100 प्रतिशत और मूलधन में 25 प्रतिशत तक का लाभ मिलेगा.

3

गांव-गांव में कैंप लगाकर योजना का लाभ देने के निर्देश


इसी क्रम में उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे गांव-गांव जाकर जागरूकता अभियान चलाएं, शिविरों की संख्या बढ़ाएं और यह सुनिश्चित करें कि किसी भी पात्र उपभोक्ता को जानकारी के अभाव में योजना से वंचित न होना पड़े. उन्होंने यह भी कहा कि जनता के हित में लगाए जा रहे इन शिविरों की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी, ताकि सेवाएं समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण बनी रहें. यह भी उल्लेख किया कि बिजली बिल राहत योजना न केवल उपभोक्ताओं को वित्तीय राहत दे रही है, बल्कि प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र में पारदर्शिता, विश्वास और सुव्यवस्थित प्रबंधन के नए आयाम भी स्थापित कर रही है. उन्होंने कहा कि जनता की बढ़ती भागीदारी यह प्रमाण है कि सरकार की नीतियां सही दिशा में और जनहित में प्रभावी रूप से कार्य कर रही हैं.


ALSO READ: तमिलनाडु से काशी पहुंचा पांचवां दल, डमरू वादन और पुष्पवर्षा के बीच हुआ स्वागत


मृतक की करोड़ों की संपत्ति हड़पी, पूर्व वायुसेना अधिकारी के भाई ने दर्ज कराया केस
मृतक की करोड़ों की संपत्ति हड़पी, पूर्व वायुसेना अधिकारी के भाई ने दर्ज कराया केस
वाराणसी : पूर्व वायुसेना अधिकारी के मृत भाई की करीब 40 करोड़ रुपये की संपत्ति धोखे से हड़पने और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है. इस संबंध में सोमवार को मंडुवाडीह थाने में दंपती समेत छह नामजद और छह अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई. पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है. लहरतारा निवासी सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कमांडर राय अजय कुमार ने पुलिस को बताया कि उनके मंझले भाई राय विमल कुमार अमेरिका में डॉक्टर थे. वर्ष 2017 में वह भारत लौटे और वाराणसी स्थित पैतृक निवास के अलावा एंबी वैली में रहने लगे. आरोप है कि कैलाश दामू मालखेड़े और उनकी पत्नी नीता ने देखभाल करने के बहाने राय विमल कुमार के घर में प्रवेश किया.तहरीर के अनुसार, दंपती ने राय विमल कुमार को शराब में नशीली दवाएं मिलाकर दीं, जिससे उनकी तबीयत खराब हो गई. इसके बाद आरोपियों ने उनके बैंक खातों, डेबिट कार्ड, जमीन के दस्तावेज, लैपटॉप और मोबाइल फोन पर कब्जा कर लिया. आरोप है कि फर्जी दस्तावेज तैयार कर खुद को कोटक महिंद्रा बैंक के खातों में नॉमिनी भी बनवा लिया. राय अजय कुमार ने आरोप लगाया कि राय विमल कुमार के जीवित रहते और उनकी मृत्यु के बाद करीब 40 करोड़ रुपये की राशि आरोपियों ने अपने खातों में स्थानांतरित कर ली.तहरीर में यह भी आरोप लगाया गया कि आरोपियों ने 28 अगस्त 2025 और 30 मई 2026 को घर में घुसकर धमकी दी और मारपीट की. मंडुवाडीह थाना प्रभारी दिगंबर उपाध्याय ने बताया कि कैलाश दाम मालखेड़े, नीता मालखेड़े, चंद्रमोहन रामस्वरूप बग्गा, सुयश भीमरव सीताफले, सिमरन चंद्र मोहन बग्गा और वैभव देवीदास घुगरे समेत छह अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े आरोपों और दस्तावेजों की जांच की जा रही है. जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.ALSO READ :ज्ञानवापी सुरक्षा में तैनात महिला पुलिसकर्मी से मारपीट, नेम प्लेट खींचा, पहचान पत्र छीना, मां-बेटी पर केस
ज्ञानवापी सुरक्षा में तैनात महिला पुलिसकर्मी से मारपीट, नेम प्लेट खींचा, पहचान पत्र छीना, मां-बेटी पर केस
ज्ञानवापी सुरक्षा में तैनात महिला पुलिसकर्मी से मारपीट, नेम प्लेट खींचा, पहचान पत्र छीना, मां-बेटी पर केस
वाराणसी: ज्ञानवापी परिसर की सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात एक महिला पुलिसकर्मी से मारपीट और पहचान पत्र छीनने का प्रयास किए जाने की घटना से अफरा तफरी मच गई. घटना रविवार दोपहर पश्चिमी डी गेट पर हुई. महिला आरक्षी की तहरीर पर सोमवार को चौक थाने में मिर्जापुर के राजगढ़ थाना क्षेत्र के बंगालीपुर निवासी प्रियंका और उनकी बेटी कृतिका के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई. पुलिस मामले की जांच कर रही है.महिला सिपाही चांदनी ने पुलिस को बताया कि वह ज्ञानवापी परिसर की सुरक्षा व्यवस्था के तहत पश्चिमी डी गेट पर ड्यूटी कर रही थीं. दोपहर करीब 12:45 बजे चेकिंग के दौरान दो महिलाएं गेट पर पहुंचीं. जांच में उनके पास मोबाइल फोन और अन्य प्रतिबंधित सामान मिला. इस पर उन्हें प्रतिबंधित सामान बाहर जमा करके दोबारा आने की हिदायत दी गई. महिला आरक्षी के अनुसार, दोनों महिलाएं सामान जमा करने के बाद दोबारा गेट पर पहुंचीं. इस दौरान आरोपी महिला की बेटी कृतिका ने चेकिंग को लेकर बहस शुरू कर दी. कहासुनी के दौरान चांदनी ने बीच-बचाव करते हुए दोनों को शांत रहने और व्यवस्था का पालन करते हुए दर्शन करने की सलाह दी. आरोप है कि इसके बाद दोनों मां-बेटी उग्र हो गईं और महिला आरक्षी के साथ हाथापाई करने लगीं.तहरीर के मुताबिक, आरोपी महिलाओं ने महिला सिपाही की नेम प्लेट का पट्टा खींचकर तोड़ दिया. इसके बाद पहचान पत्र लेकर भागने का प्रयास किया गया. चांदनी ने जब अपना पहचान पत्र वापस लेने की कोशिश की तो आरोपियों ने उनके बाल खींचे और मारपीट की. घटना में महिला आरक्षी के शरीर के कई हिस्सों में चोटें आईं. मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने तहरीर के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया. चौक इंस्पेक्टर विजय कुमार शुक्ला ने बताया कि प्रियंका और कृतिका के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. पुलिस घटना से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है.ALSO READ :एलआईसी में निवेश के नाम पर 39 लाख रुपये की धोखाधड़ी, पैसा मांगने पर कहा - 'कंपनी भाग गई है'
एलआईसी में निवेश के नाम पर 39 लाख रुपये की धोखाधड़ी, पैसा मांगने पर कहा - 'कंपनी भाग गई है'
एलआईसी में निवेश के नाम पर 39 लाख रुपये की धोखाधड़ी, पैसा मांगने पर कहा - 'कंपनी भाग गई है'
वाराणसी : एलआईसी पॉलिसी में निवेश के नाम पर ग्रामीणों से 39 लाख सात हजार रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. पुलिस आयुक्त के आदेश पर जंसा थाने की पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी. आरोपियों में पिता-पुत्र भी शामिल हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें एलआईसी में निवेश का झांसा देकर फर्जी कंपनियों की रसीदें और कूटरचित बॉन्ड थमा दिए गए.पुलिस के अनुसार जंसा थाना क्षेत्र के बेरुका गांव निवासी अशोक कुमार शर्मा, कृष्ण कुमार सिंह और रितेश कुमार सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. आरोप है कि जलालपुर, महम्मदपुर, बड़ौरा, झबरा और गंगापुर के ग्रामीणों को एलआईसी में पैसा निवेश कराने का भरोसा दिया गया. इसके बाद आरोपियों ने एलआईसी में पैसा जमा करने के बजाय फर्जी कंपनियों की रसीदें और कूटरचित बॉन्ड दिए. पीड़ितों को बताया गया कि संबंधित कंपनियां एलआईसी से जुड़ी हैं और इनमें निवेश करने पर अधिक लाभ मिलेगा. आरोप है कि किस्तों और एकमुश्त रकम के रूप में ग्रामीणों से कुल 39 लाख सात हजार रुपये लिए गए. इनमें दिनेश सोनी, खटाई, रामजी पटेल समेत कई ग्रामीण शामिल हैं.शिकायत के मुताबिक, जब पॉलिसी की परिपक्वता पूरी होने पर ग्रामीणों ने रुपये वापस मांगे तो आरोपी टालमटोल करने लगे. बाद में उन्हें निवेश में धोखाधड़ी का पता चला. 26 जुलाई को ग्रामीणों ने अशोक कुमार शर्मा को रोककर रुपये वापस करने की मांग की. पंचायत में आरोपियों ने कथित तौर पर कहा कि कंपनी भाग गई है और अब कोई रकम वापस नहीं मिलेगी. विरोध करने पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है.ALSO READ: वाराणसी में छत से गिरकर ओडिशा की छात्रा की मौत, पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहीपीड़ितों ने 28 जुलाई को जंसा थाने में प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर अशोक कुमार पटेल, राजकुमार कन्नौजिया, सियाराम समेत अन्य पीड़ितों ने पुलिस आयुक्त से शिकायत की. पुलिस आयुक्त के हस्तक्षेप के बाद प्राथमिकी दर्ज हुई. थाना प्रभारी सत्यजीत सिंह ने बताया कि अशोक कुमार शर्मा उर्फ मुन्ना, कृष्ण कुमार सिंह उर्फ मुकेश और रितेश कुमार सिंह उर्फ करिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है.