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उत्तरप्रदेश पुलिस झण्डा दिवस - अधिकारियों एवं बल के जवानों ने संगठनात्मक निष्ठा की ली शपथ

उत्तरप्रदेश पुलिस झण्डा दिवस -  अधिकारियों एवं बल के जवानों ने संगठनात्मक निष्ठा की ली शपथ
Nov 24, 2025, 10:33 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी: अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) के नेतृत्व में “उत्तर प्रदेश पुलिस झण्डा दिवस” के अवसर पर रविवार को एक भव्य एवं गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन परेड ग्राउण्ड पुलिस लाइन, वाराणसी में किया गया. इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पीयूष मोर्डिया, (अपर पुलिस महानिदेशक, वाराणसी ज़ोन) प्रभारी पुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट उपस्थित रहे. कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस बल में संगठनात्मक निष्ठा, परंपरा, शौर्य तथा राष्ट्र-सेवा की भावना को पुनर्स्मरण कराते हुए पुलिस ध्वज के प्रति सम्मान को सुदृढ़ करना था.

कार्यक्रम का शुभारम्भ ध्वज आरोहण एवं ध्वज को सलामी के साथ हुआ. परंपरानुसार राष्ट्रधुन प्रस्तुत की गई और ध्वज सम्मान गार्ड द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. इसके पश्चात वरिष्ठ अधिकारियों एवं बल के जवानों ने संगठनात्मक निष्ठा शपथ ली, जिसमें कानून-व्यवस्था बनाए रखने, मानवाधिकारों की रक्षा करने, जनता की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा कर्तव्य के प्रति समर्पित रहने की प्रतिज्ञा दोहराई गई.


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कर्तव्य भावना, अनुशासन और मानवीय पुलिसिंग पर बल


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मुख्य अतिथि एडीजी पीयूष मोर्डिया ने कहा कि पुलिस ध्वज दिवस केवल एक औपचारिक पर्व नहीं, बल्कि यह पुलिस बल की गौरवशाली परंपरा, शौर्य, बलिदान और सेवा के दीर्घ इतिहास का प्रतीक है. उन्होंने बताया कि पुलिस ध्वज देश की एकता, अखंडता और संवैधानिक मर्यादाओं की रक्षा के प्रति संकल्प का प्रतिरूप है. उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान समय में पुलिसिंग की चुनौतियाँ बदलते स्वरूप में सामने आ रही हैं. साइबर अपराध, संगठित अपराध, नशा तस्करी, आर्थिक अपराध, फेक न्यूज़, सांप्रदायिक तनाव, यातायात प्रबंधन और सार्वजनिक आयोजनों के दौरान भीड़ नियंत्रण जैसे विषय आज के दौर में तकनीकी दक्षता, मानवीय संवेदना और त्वरित प्रतिक्रिया की मांग करते हैं. इस परिप्रेक्ष्य में पुलिस के प्रत्येक सदस्य का यह दायित्व है कि वह निरंतर प्रशिक्षण प्राप्त कर स्वयं को अद्यतन रखे, आधुनिक संसाधनों का उपयोग करे तथा जनता के साथ संवादमूलक और जिम्मेदारीपूर्ण संपर्क स्थापित करे.

"पुलिस बल की अनुशासनात्मक धुरी केवल वर्दी और आदेश नहीं, बल्कि भीतर से उत्पन्न होने वाली निष्ठा, कर्तव्यपरायणता और सेवा-भाव है. वास्तविक शक्ति पुलिस जवान के चरित्र, निर्णय क्षमता और संवेदनशील व्यवहार में निहित है."


टीमवर्क, पारदर्शिता, समयबद्धता, तकनीक आधारित कार्यप्रणाली तथा पीड़ित-उन्मुख पुलिसिंग के सिद्धान्तों का पालन करने की प्रेरणा तथा निर्देश दिए.

1. कर्तव्य-निष्ठा एवं अनुशासन

प्रत्येक अधिकारी/कर्मचारी सेवा भावना के साथ कर्तव्य का निर्वहन करें तथा वर्दी में परिलक्षित अनुशासन, व्यवहार और कार्य-प्रणाली में निरंतर सुधार सुनिश्चित करें.

2. जनता-केंद्रित एवं संवेदनशील पुलिसिंग

पीड़ितों, महिलाओं, बच्चों, वृद्धजनों और कमजोर वर्गों से व्यवहार में गरिमा, सम्मान एवं सहानुभूति सुनिश्चित की जाए. शिकायतों पर त्वरित, निष्पक्ष और पारदर्शी कार्रवाई की जाए.

3. कानून-व्यवस्था प्रबंधन में तत्परता

किसी भी आपात स्थिति, विशेष आयोजन, त्योहार, भीड़ नियंत्रण या वीआईपी मूवमेंट के दौरान समयबद्ध व समन्वित तैनाती सुनिश्चित की जाए. घटनास्थल पर प्रतिक्रिया समय न्यूनतम रखा जाए.

4. आधुनिक एवं तकनीक-आधारित कार्यप्रणाली

साइबर अपराध, संगठित अपराध, यातायात प्रबंधन और जनसंपर्क कार्यों में तकनीकी संसाधनों, डेटा विश्लेषण एवं डिजिटल उपकरणों का अधिकाधिक उपयोग किया जाए.

5. अनुसंधान की गुणवत्ता

प्रत्येक विवेचना में साक्ष्य-आधारित, वैज्ञानिक एवं समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की जाए. चार्जशीट की गुणवत्ता और पैरवी की निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जाए.

6. आंतरिक समन्वय एवं टीमवर्क

समस्त इकाइयों के बीच समन्वय को सुदृढ़ किया जाए तथा आदेश/सूचना का पालन समयबद्ध रूप से किया जाए. थाने-स्तर पर बीट, डेस्क, चौकी और वरिष्ठ अधिकारियों के बीच स्पष्ट संचार हो.

7. जनसहभागिता एवं संवाद

शांति समिति, स्थानीय प्रतिनिधियों, शिक्षण संस्थानों एवं बाजार संघों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित कर कानून-व्यवस्था संबंधी संदेश जन-स्तर पर प्रसारित किए जाएँ.

8. स्वच्छता, परेड एवं आचार-संहिता का पालन

परिसर, कार्यालय और वर्दी अनुशासन के साथ-साथ आधिकारिक आचार संहिता एवं विभागीय परंपराओं का ईमानदारी से पालन किया जाए.

पर्याप्त डीजल-पेट्रोल और सिलेंडर उपलब्ध, अफवाह फ़ैलाने वालों और कालाबाजारी पर रखी जा रही नजर: डीएम 
पर्याप्त डीजल-पेट्रोल और सिलेंडर उपलब्ध, अफवाह फ़ैलाने वालों और कालाबाजारी पर रखी जा रही नजर: डीएम 
वाराणसी: जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने कहा कि जनपद में पर्याप्त डीजल-पेट्रोल एवं सिलेंडर उपलब्ध है. किसी भी तरह की किल्लत नहीं है. ऑयल मार्केटिंग कंपनियों से निरन्तर समन्वय स्थापित कर सुचारू रूप से पेट्रोल, डीजल एवं घरेलू गैस सिलेंडर की आपूर्ति कराई जा रही है. उन्होंने कहा कि जनपद के सभी पेट्रोल पंपों, गैस एजेंसियों पर पर्याप्त मात्रा में डीजल, पेट्रोल एवं घरेलू गैस सिलेंडर उपलब्ध है. किसी भी तरह की अफवाह फ़ैलाने और कालाबाजारी करने वालों पर नजर रखी जा रही है. उन्होंने चेतावनी दी कि पकड़े जाने पर सख्त कार्रवाई होगी. जिलाधिकारी ने पीएनजी गैस सप्लाई को सुचारू बनाये रखने के लिए भी निर्देश दिए हैं. हॉस्पिटल और एजुकेशनल संस्थाओं में भी गैस की सप्लाई सुचारू बनी हुई है. यह भी पढ़ें: वाराणसी में महायज्ञ का होगा आयोजन, 24 घंटे विष्णु सहस्रनाम पाठ और एक लाख बिल्वार्चनागैस किल्लत को लेकर अफवाहों पर योगी सरकार सख्त है. जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने बताया कि सभी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के साथ बैठक करके मौजूदा स्थिति का आकलन किया गया है. बैठक में ऑयल कंपनियों के अधिकारियों ने जानकारी दी कि स्थिति सामान्य है. किसी भी प्रकार से आमजन को परेशानी नहीं होने दी जाएगी.जिलाधिकारी ने उपभोक्ताओं से भी अपील भी की कि किसी भी अफवाह में पड़ कर घबराए नहीं. सभी उपभोक्ताओं को घरेलू गैस, पेट्रोल और डीजल सामान्य तरीके से मिलता रहेगा. उन्होंने बताया कि औसतन परिवार में घरेलू गैस लगभग 1 महीने चलता है. लोग इसका अनुचित प्रयोग न करें, इसलिए गैस प्राप्त करने के पश्चात 25 दिन का समय बुक करने के लिए रखा गया है. जिलापूर्ति अधिकारी के.बी सिंह ने बताया कि वाराणसी में गैस एजेंसियों की संख्या 81 एवं उपभोक्ताओं की संख्या लगभग 10. 36 लाख है. प्रतिदिन औसतन लगभग 23,600 उपभोक्ताओं की गैस रिफिल की जाती है, जो पूर्व की तरह सुचारू रूप से चल रही है. इसमें किसी तरह का कोई व्यवधान नहीं है. सभी को होम डिलीवरी के माध्यम से घरेलू गैस उपलब्ध हो रहा है.
वाराणसी में महायज्ञ का होगा आयोजन, 24 घंटे विष्णु सहस्रनाम पाठ और एक लाख बिल्वार्चना
वाराणसी में महायज्ञ का होगा आयोजन, 24 घंटे विष्णु सहस्रनाम पाठ और एक लाख बिल्वार्चना
वाराणसी: काशी में विश्व शांति और धर्म रक्षा के संकल्प के साथ एक भव्य धार्मिक आयोजन होने जा रहा है. श्रृंगेरी शारदा पीठम के दोनों जगद्गुरुओं के दिव्य आशीर्वाद से कल्वाकोलानु चितरंजन दास मेमोरियल सेवा संगठन, हैदराबाद (तेलंगाना) की ओर से काशी के मुमुक्षु भवन परिसर स्थित सहस्त्रलिंगेश्वर क्षेत्र में ‘शिवाय विष्णु रूपाय’ नामक विशेष आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा. इस आयोजन का नेतृत्व ब्रह्मश्री कल्वाकोलानु रामचन्द्रमूर्ति और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती जयलक्ष्मी रामचन्द्रमूर्ति के मार्गदर्शन में किया जा रहा है. कार्यक्रम की शुरुआत महा संकल्प और गणपति पूजन से होगी. इसके बाद पुण्य वाचन, मंडप स्थापना और यज्ञशाला प्रवेश के साथ विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे.यह भी पढ़ें: अलविदा जुमे की नमाज को लेकर पुलिस अलर्ट, शुरू हुई ड्रोन से निगरानीतीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में गणपति हवन, रुद्र हवन, नवग्रह हवन, गायत्री हवन जैसे विशेष यज्ञ आयोजित किए जाएंगे. मंदिर परिसर में विष्णु सहस्रनाम का 24 घंटे अखंड पारायण किया जाएगा. इसके साथ ही एक लाख बिल्वार्चना और एक लाख रुद्राक्ष अर्चना का भी आयोजन होगा. इसके अलावा महिलाओं द्वारा हनुमान चालीसा पारायण, सौंदर्य लहरी पाठ और ललिता सहस्रनाम पारायण भी किया जाएगा. कार्यक्रम के दौरान अस्सी घाट के तट पर ब्राह्मणों द्वारा सामूहिक संध्यावंदन भी किया जाएगा. आयोजन के अंत में मंत्र पुष्प और प्रसाद वितरण के साथ अनुष्ठान का समापन होगा.देश-विदेश से आएंगे श्रद्धालुआयोजकों के अनुसार इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में करीब 1500 से 2000 श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है. इसमें आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, कर्नाटक सहित देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों से भी श्रद्धालु काशी पहुंच रहे हैं. आयोजकों का कहना है कि यह आयोजन विश्व शांति और मानव कल्याण के उद्देश्य से किया जा रहा है. उनका मानना है कि मंत्र जाप और यज्ञ के माध्यम से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा और विश्व में शांति का संदेश जाएगा. संस्था के प्रतिनिधियों ने बताया कि इससे पहले भी संस्था ने अयोध्या में शतकोटि गायत्री महायज्ञ और काशी में महारुद्र यज्ञ जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों का सफल आयोजन किया है. आयोजकों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि जाति, लिंग और आयु के भेदभाव के बिना सभी लोग इस आध्यात्मिक उत्सव में शामिल होकर भगवान की पूजा-अर्चना करें और विश्व कल्याण के संकल्प में सहभागी बनें.
अलविदा जुमे की नमाज को लेकर पुलिस अलर्ट, शुरू हुई ड्रोन से निगरानी
अलविदा जुमे की नमाज को लेकर पुलिस अलर्ट, शुरू हुई ड्रोन से निगरानी
वाराणसी: ईद और अलविदा जुमे की नमाज को लेकर वाराणसी में पुलिस हाई अलर्ट मोड पर रही. सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई. संवेदनशील इलाकों में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की गश्‍त बढा दी गई. इसी क्रम में पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों ने शुक्रवार को शहर के दालमंडी इलाके में पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया. पुलिस प्रशासन की ओर से शहर के संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है. सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है.इसके अलावा ड्रोन कैमरों और CCTV के माध्यम से लगातार निगरानी की जा रही है, जिससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके. पुलिस कमिश्नर के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम ने दालमंडी क्षेत्र में पैदल गश्त की. इस दौरान पुलिस टीम ज्ञानवापी क्षेत्र तक पहुंची और वहां की सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया.गश्त के दौरान पीएसी, महिला कमांडो और भारी पुलिस बल के साथ पूरे इलाके में फ्लैग मार्च किया गया, ताकि आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा बना रहे और किसी भी तरह की अफवाह या असामाजिक गतिविधि पर नजर रखी जा सके. पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने बताया कि जिले की सभी मस्जिदों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है और वरिष्ठ अधिकारी लगातार पेट्रोलिंग और रूट मार्च कर रहे हैं.यह भी पढ़ें: चैत्र नवरात्र पर बाबा विश्‍वनाथ धाम में भक्‍तों को होगा नया अनुभव, हर दिन अलग आयोजनउन्होंने कहा कि जिन मस्जिदों में अधिक भीड़ होने की संभावना है, वहां अधिकारियों को स्वयं मौजूद रहकर नमाज को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के निर्देश दिए गए. साथ ही धार्मिक गुरुओं से भी बातचीत की गई है और लोगों से अपील की गई है कि ऐसी जगहों पर नमाज अदा न करें जहां ट्रैफिक बाधित हो सकता हो. अगर किसी स्थान पर भीड़ अधिक हो तो नमाज दो पालियों में पढ़ने की व्यवस्था की जा सकती है. इस दौरान पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे. इनमें एसीपी, एडीसीपी और डीसीपी समेत अन्य पुलिस अधिकारी शामिल रहे, जिन्होंने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया.