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वाराणसी में बनेगा यूपी का पहला खादी प्‍लाजा, क्षेत्रीय श्री गांधी आश्रम का निर्णय

वाराणसी में बनेगा यूपी का पहला खादी प्‍लाजा, क्षेत्रीय श्री गांधी आश्रम का निर्णय
Jan 09, 2026, 09:23 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी : स्‍वदेशी की दिशा में खादी वस्त्र और ग्रामोद्योग की अवधारणा को बढ़ावा देने के लिए अनवरत प्रयास किए जा रहे हैं. खादी ग्रामोद्योग भी समय के साथ अपने उत्पादों में बदलाव लाते हुए लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है. पूर्वांचल में खादी की बढ़ती मांग को देखते हुए क्षेत्रीय श्री गांधी आश्रम ने खादी प्लाजा बनाने का निर्णय लिया है, जो उत्तर प्रदेश का पहला खादी प्लाजा होगा.

क्षेत्रीय श्री गांधी आश्रम वाराणसी के मंत्री श्रीप्रकाश पांडेय ने बताया कि प्रधानमंत्री के खादी खरीदने के आह्वान का सकारात्मक परिणाम सामने आया है. ताज होटल के सामने मिंट हाउस स्थित खादी भंडार की बिक्री में लगातार वृद्धि हो रही है, जो 2024-25 में 3.28 करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना है. इस वृद्धि को देखते हुए इसे खादी प्लाजा में परिवर्तित करने का निर्णय लिया गया है, जिससे खादी वस्त्रों और ग्रामोद्योग की बिक्री में करोड़ों की वृद्धि हो सकती है.


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खादी प्लाजा का निर्माण खादी आश्रम के चार मंजिला भवन के 3600 वर्ग फीट क्षेत्र में किया जाएगा. मंत्री द्वारा इसका प्रस्ताव निदेशक खादी ग्रामोद्योग आयोग के मंडलीय कार्यालय को सौंपा गया है. निदेशक के आदेश पर सह निदेशक की टीम ने खादी भंडार का भौतिक सत्यापन किया, जिसे व्यवहारिक रूप से सही पाया गया. इसके बाद मंडलीय कार्यालय ने पूरी रिपोर्ट खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग मुंबई के निदेशक विपणन को भेज दी है. वहां से अनुमति मिलने के बाद निर्माण प्रक्रिया शुरू की जाएगी.


एक ही छत के नीचे खादी और ग्रामोद्योग के विभिन्न उत्पाद


खादी प्लाजा में एक ही छत के नीचे खादी और ग्रामोद्योग के विभिन्न उत्पाद उपलब्ध होंगे. इसमें पुरुषों, महिलाओं और युवाओं के लिए रेडीमेड और ड्रेस मेटेरियल की विस्तृत श्रृंखला होगी. प्लाजा में बंगाल का मटका सिल्क, कटिया सिल्क, गरद सिल्क, बालू चरी, जमदानी साड़ी, प्रिंटेड सिल्क, काटन, फाइन काटन, छत्तीसगढ़ का कोसा सिल्क, कटक साड़ी और कांथा स्टिच, आसाम की अंडी सिल्क, मूंगा, स्कार्फ, चादर, कश्मीर की साल और चादर, गुजरात का पोली काटन, महाराष्ट्र से राष्ट्रीय ध्वज, मैसूर से अगरबत्ती, परफ्यूम, चंदन माला और लकड़ी, आधुनिक हर्बल सौंदर्य प्रसाधन आदि उपलब्ध होंगे.

इस पहल से न केवल खादी के प्रति लोगों का आकर्षण बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय कारीगरों और उत्पादकों को भी आर्थिक लाभ होगा. खादी प्लाजा का निर्माण प्रधानमंत्री मोदी के आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. यह प्लाजा न केवल खादी के उत्पादों को बढ़ावा देगा, बल्कि स्थानीय संस्कृति और हस्तशिल्प को भी संरक्षित करेगा.

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काशी विश्‍वनाथ मंदिर में एप आधारित नई व्‍यवस्‍था, श्रद्धालुओं को होगा बेहतर अनुभव
काशी विश्‍वनाथ मंदिर में एप आधारित नई व्‍यवस्‍था, श्रद्धालुओं को होगा बेहतर अनुभव
New app-based system at Kashi Vishwanath Temple, devotees will have a better experienceवाराणसी: काशी विश्वनाथ मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अब दर्शन व्यवस्था और अधिक सुव्यवस्थित और आधुनिक बनाया जा रहा है. मंदिर न्यास ने श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और बेहतर अनुभव देने के उद्देश्य से एप-आधारित नई व्‍यवस्‍था लागू करने का निर्णय लिया है. श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास एक मई से ऐप आधारित व्यवस्था शुरू करने जा रहा है. इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा. काशी विश्वनाथ न्यास परिषद के सीईओ डॉ. विश्वभूषण ने बताया कि इसमें श्रद्धालुओं के मूल विवरण अनिवार्य रूप से प्राप्त किए जाएंगे. कई भाषाओं में प्रशिक्षित कर्मचारियों की नियुक्ति इस आधार पर उनका सामान्य, क्षेत्रीय और भाषाई वर्गीकरण किया जाएगा. इससे कई भाषाओं में प्रशिक्षित कर्मचारियों की नियुक्ति कर बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा. सुरक्षा की दृष्टि से नई व्यवस्था महत्वपूर्ण होगी. आगंतुकों की मूल पहचान संबंधी जानकारी सीमित अवधि तक सुरक्षित रखी जाएगी. काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के अनुसार, धाम में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को भाषा और क्षेत्रीय भिन्नताओं के कारण कई बार असुविधा का सामना करना पड़ता है. इसी समस्या को दूर करने के लिए यह नई व्यवस्था शुरू की जा रही है.ई प्रणाली के तहत सुगम दर्शन, अभिषेक और अन्य विशेष सेवाओं के लिए आने वाले श्रद्धालुओं का पंजीकरण एप के माध्यम से किया जाएगा. इसमें आधार संख्या सहित कुछ जरूरी विवरण दर्ज करना अनिवार्य होगा. इस डेटा के आधार पर श्रद्धालुओं का भाषाई और क्षेत्रीय वर्गीकरण किया जाएगा, जिससे संबंधित भाषाओं में प्रशिक्षित कर्मचारियों की तैनाती की जा सकेगी. इससे श्रद्धालुओं को अधिक सहज और संतोषजनक अनुभव मिलेगा.Also Read: बुद्ध पूर्णिमा: सारनाथ बौद्ध अनुयायियों से गुलजार, भगवान बुद्ध के अस्थि अवशेष के किए दर्शननई व्यवस्था आगामी दिनों में शुरू की जाएगी यह नई व्यवस्था आगामी दिनों में शुरू की जाएगी और 1 मई 2026 के बाद इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा. न्यास ने स्पष्ट किया है कि सामान्य श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क दर्शन व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है. काशीवासियों के लिए भी विशेष द्वार से सुबह और शाम के समय मुफ्त दर्शन की सुविधा पहले की तरह जारी रहेगी. मंदिर न्यास ने श्रद्धालुओं से इस नई व्यवस्था के सफल संचालन के लिए सहयोग की अपील की है. साथ ही, सुझाव देने के लिए आधिकारिक वेबसाइट और ईमेल के माध्यम से अपनी राय साझा करने का आग्रह किया गया है.https://www.youtube.com/watch?v=OxmuubD2ofQ
बुद्ध पूर्णिमा: सारनाथ बौद्ध अनुयायियों से गुलजार, भगवान बुद्ध के अस्थि अवशेष के किए दर्शन
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Buddha Purnima: Sarnath buzzes with Buddhist followers, offering prayers to the relics of Lord Buddhaवाराणसी: वैशाख बुद्ध पूर्णिमा के मौके पर शुक्रवार को सारनाथ गुलजार है. इस अवसर पर सुबह मूलगंध कुटी बौद्ध मंदिर में हजारों बौद्ध अनुयायी भगवान बुद्ध के अस्थि अवशेष का दर्शन पूजन कर निहाल हुए. दिन भर बौद्ध भिक्षुओं की चहल पहल बनी रही. मंदिर और मठों में विशेष सजावट की गई. बौद्ध मंदिर के विहाराधिपति भिक्षु आर सुमित्ता नन्द थेरो के नेतृत्व में हीरा मोती से जड़ित फ्लास्क में रखा बुद्ध अस्थि अवशेष मन्दिर के हाल में दर्शन को रखा गया.जापानी बौद्ध मंदिर में किए दर्शन पूजन थाईलैंड, वियतनाम, श्रीलंका के साथ महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, बिहार के बोध गया, के अलावा यूपी के श्रावस्ती, कुशीनगर, गाजीपुर, जौनपुर, चंदौली,अन्य जिलों से बौद्ध अनुयायी एंव स्थानीय बौद्ध मठ के बौद्ध भिक्षुओं ने बुद्ध अस्थि अवशेष के दर्शन किये. इस दौरान भिक्षु चंदिमा, भिक्षु शीलवश, भिक्षु धम्म रत्न, भिक्षु रत्नाकर, सहित थाई, तिब्बती,जापानी, वियतनाम, कम्बोडिया बौद्ध मंदिर के बौद्ध भिक्षु शामिल रहे. इसके पूर्व मन्दिर में सुबह 6 बजे विश्व शांति के लिए बौद्ध भिक्षुओं ने पूजा की. इसके साथ यहां आए बौद्ध अनुयायियों ने सारनाथ के कम्बोडिया, थाईलैंड, वियतनाम, तिब्बती, जापानी बौद्ध मंदिर में दर्शन पूजन किए.Also Read: कमर्शियल LPG सिलेंडर के संग महंगा हुआ 5 किलो वाला 'छोटू', जानें दामों में कितनी बढ़ोतरीबुद्ध पूर्णिमा पर सारनाथ आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भोजन दान किया गया. इसके पहले पहला भोजन भिक्षु चण्डपदुम लेकर भगवान बुद्ध के चढ़ाया गया. धम्म शिक्षण केंद्र के प्रभारी भिक्षु चंदिमा ने बताया कि मूलगंध कुटी बौद्ध मंदिर परिसर में सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक भोजन की व्यवस्था की गई. इस दौरान सारनाथ में दुकानों पर भी भीड देखी गई. अवकाश होने और मौसम के तकाजे के कारण आम लोग भी बडी संख्‍या में लोगा पहुंचे.https://www.youtube.com/watch?v=OxmuubD2ofQ