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यूपी में पर्यटन का अंतरराष्‍ट्रीय हब बना वाराणसी, 2025 में 14.69 करोड़ सैलानियों ने निहारी दिव्‍य भव्‍य काशी

यूपी में पर्यटन का अंतरराष्‍ट्रीय हब बना वाराणसी,  2025 में 14.69 करोड़ सैलानियों ने निहारी दिव्‍य भव्‍य काशी
Dec 18, 2025, 06:38 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी - धर्म, अध्यात्म, संस्कृति और इतिहास को समेटे हुए पौराणिक नगरी काशी ने हाल के वर्षों में अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है. ब्रांड बनारस अब विश्व भर के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन चुका है. वाराणसी देश के उन शहरों में शामिल हो गया है, जहां तेजी से पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हो रही है. योगी सरकार के नेतृत्व में काशी के कलेवर में हुए ऐतिहासिक बदलावों ने उसके प्राचीन वैभव को नई ऊर्जा दी है. अपनी मौलिक पहचान को बरकरार रखते हुए आधुनिक होती काशी की बदलती हुई हुई छवि ने दुनिया भर के सैलानियों को बनारस की ओर खींचा है. पर्यटकों की संख्या का कीर्तिमान स्थापित होने के साथ ही पर्यटन उद्योग व काशी की आर्थिकी में भी सकारात्मक असर दिख रही है.


12 साल में 45 करोड़, 44 लाख,82 हजार से अधिक पर्यटकों ने काशी का किया भ्रमण 


वर्ष 2014 से वर्ष 2025 (सितम्बर तक) तक 12 सालो में 45 करोड़ 44, लाख 82, हजार ,662 भारतीय और विदेशी पर्यटकों ने काशी का भ्रमण किया है. पर्यटन विभाग के अनुसार वर्ष 2014 में पर्यटकों की संख्या 54,89,997 थी, जो 2025 ( सितंबर तक) तक बढ़कर 146975155 के पार पहुँच गई. आंकड़ों के अनुसार 2014 के मुकाबले 2025 में भारतीय और विदेशी पर्यटकों की संख्या में लगभग 14,64,26,158 से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है. 2014 से 2025 तक 12 वर्षो में भारतीय पर्यटकों की संख्या 45,16,09,026 और विदेशी पर्यटकों की संख्या 28,73,636 है. 


डबल इंजन सरकार में धरातल पर उतरा विकास


दशकों तक विकास कार्य केवल कागज़ी योजनाओं तक सिमटा रहा. अब काशी में विकास कार्य तेजी से धरातल पर उतर रहा है, वाराणसी का सांसद बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में केंद्र की बागडोर संभाली और 2017 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की सत्ता संभाली तब से डबल इंजन की सरकार ने उत्तर प्रदेश के पर्यटन स्थलों के साथ-साथ वाराणसी के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया. मजबूत कानून व्यवस्था, बेहतर कनेक्टिविटी (सड़क, रेल और हवाई मार्ग), बुनियादी सुविधाओं में व्यापक सुधार और विश्वस्तरीय सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं ने काशी को पर्यटन के नए केंद्र के रूप में स्थापित किया है.


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विश्वनाथ कॉरिडोर से बुद्ध की तपोस्थली सारनाथ  तक बदली काशी की तस्वीर


नव्य-भव्य काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के लोकार्पण से मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सुविधाओं का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है. वहीं, गंगा घाटों के सौंदर्यीकरण, बेहतर साफ-सफाई व्यवस्था, बुद्ध की तपोस्थली सारनाथ के विकास, गंगा में क्रूज़ का संचालन और आधुनिक सुविधाओं की निरंतर बढ़ती श्रृंखला ने देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित किया है.


कोरोना काल के बाद रिकॉर्ड उछालकोरोना महामारी के कारण वर्ष 2020 और 2021 में पर्यटन प्रभावित हुआ, लेकिन इसके बाद काशी में पर्यटकों की संख्या में ऐतिहासिक उछाल देखने को मिला. वर्ष 2022 से लेकर 2025 तक हर साल रिकॉर्ड संख्या में सैलानी वाराणसी पहुँचे, जिससे पर्यटन उद्योग को नई रफ्तार मिली.


12 वर्षों में वाराणसी में आये पर्यटकों की वर्षवार संख्या ...


वर्ष --भारतीय और विदेशी पर्यटकों की संख्या 


 1. 2014- 5489997 

 2. 2015 -5716297 

 3. 2016 - 5912665

 4. 2017 - 6282215

 5. 2018- 6445160 

 6. 2019 - 6797775 

 7. 2020 - 982492 

 8. 2021 - 3078479

 9. 2022 -71231051

 10. 2023 - 85473633 

 11. 2024 1-110097743 

 12. 2025- 146975155  


वाराणसी में पर्यटकों की …


वाराणसी में पर्यटकों की बढ़ती संख्या से पर्यटन उद्योग से जुड़े हर वर्ग को लाभ मिला है। इससे न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा हुए हैं। वाराणसी आज एक वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में उभर रहा है। राहुल मेहता, अध्यक्ष, टूरिज्म वेलफेयर एसोसिएशन, उप्र


किसी शहर के विकसित होने से औद्योगिक विकास के साथ ही पर्यटन उद्योग को भी रफ़्तार मिलती है। पर्यटन उद्योग से न सिर्फ आर्थिक मजबूती मिलती है ,बल्कि शहर की पहचान भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित होती हैं। वाराणसी जैसे ऐतिहासिक शहर में विकास के साथ पर्यटन, होटल और रियल एस्टेट सेक्टर में रोजगार की संभावनाएं कई गुना बढ़ गई हैं।


खालिद अंसारी (एम.डी.,कोरल होटल्स एंड रिसोर्ट) 


काशी में पर्यटन का सुनहरा समय चल रहा है ,मौज़ूदा सरकार ने पर्यटन उद्योग को बढ़ाने के लिए पर्यटन स्थलों को विश्वस्तरीय सुविधायुक्त बनाया है। जिसका परिणाम आज पर्यटकों की रिकॉर्ड संख्या में दिख रहा है। “गंगा आरती और घाटों की सुंदरता देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यट रिवर राइड करते है 


विकास मालवीय डायरेक्टर अलकनंदा क्रूज़ लाइन

कैरम प्रतियोगिता में खिलाड़ियों में दिखाया कौशल
कैरम प्रतियोगिता में खिलाड़ियों में दिखाया कौशल
वाराणसीः सीआईसीएसई उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय खेलकूद कैरम प्रतियोगिता का आयोजन विलियम हेनरी रिमब्ध मेमोरियल स्कूल के सिसिलिया रोज सभागार में हुआ. इसमें उत्तर प्रदेश के 19 टीमों के 236 विद्यार्थियों ने भाग लिया. प्रतियोगिता में जीत हासिल करने वाले खिलाड़ी राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे.प्रतियोगिता के एकल मुकाबले के 14 वर्ष आयु वर्ग के बालक वर्ग में अदीब असजद विजेता रहे. बालिका वर्ग में शैली रानी को जीत मिली. 17 वर्ष बालक वर्ग में मोहम्मद अहाब और बालिका वर्ग में आराध्या वर्मा विजेता रहे. 19 वर्ष आयु वर्ग में बालक वर्ग में सार्थक कुमार और बालिका वर्ग में आद्रिका अग्रहरि सेठ विजेता रहे. युगल मुकाबले के 14 वर्ष बालक वर्ग में अर्णव सिंह व विवान पवार की जोड़ी को जीत मिली. बालिका वर्ग में काव्या चौरसिया व श्रीतिजा गुप्ता की जोड़ी विजेता रही. 17 वर्ष बालक वर्ग में हमजा सदाब और एबाद इलाही की जोड़ी जीती. बालिका वर्ग में अनुष्का गुप्ता और आराध्या की जोड़ी ने जीत हासिल की.ALSO READ : सीवरेज योजना में सुस्ती पर भड़के नगर आयुक्त, ठेकेदार को दी कड़ी चेतावनी...19 वर्ष बालक वर्ग में इम्माद खान और शर्जील सिद्दीकी की जोड़ी ने जीत हासिल की. बालिका वर्ग में नवी वर्मा और वैष्णवी वर्मा की जोड़ी विजेता बनी. प्रतियोगिता का शुभारम्भ मुख्य सीआईसीएसई उत्तर प्रदेश के खेलकूद समन्वयक डेविड जार्ज सीरील ने किया. समापन सत्र के मुख्य अतिथि उप्र कैरम एशोसिएशन के अध्यक्ष बैजनाथ सिंह और उपाध्यक्ष सरदार रणवीर सिंह ने विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार प्रदान किया. इस दौरान विद्यालय की प्रधानाचार्य डा. अनीता पालीन के उप-प्रधानाचार्य प्रत्याशा मेरी रहीं. कार्यक्रम को सफलता बनाने में खेलकूद शिक्षक मो. इशरार व नार्चिता साहू का प्रयास सफल रहा.
सीवरेज योजना में सुस्ती पर भड़के नगर आयुक्त, ठेकेदार  को दी कड़ी चेतावनी...
सीवरेज योजना में सुस्ती पर भड़के नगर आयुक्त, ठेकेदार को दी कड़ी चेतावनी...
वाराणसी. नगर निगम क्षेत्र के हुकुलगंज और नई बस्ती वार्ड में चल रही 119.35 करोड़ रुपये की सीवरेज परियोजना की धीमी प्रगति पर नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने कड़ी नाराजगी जताई है। शनिवार को किए गए औचक निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यदायी संस्था और ठेकेदार फर्म को फटकार लगाते हुए निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और प्रगति की समीक्षा की। उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) की ओर से संचालित इस परियोजना का निर्माण कार्य मैसर्स ईएमएस लिमिटेड, गाजियाबाद द्वारा कराया जा रहा है। समीक्षा में सामने आया कि अब तक केवल 350 मीटर सीवर लाइन बिछाई जा सकी है, जबकि पूरी परियोजना की भौतिक प्रगति महज 5 प्रतिशत तक ही पहुंची है।इस पर नाराजगी जताते हुए नगर आयुक्त ने कार्यदायी फर्म को श्रमिकों की संख्या और आवश्यक संसाधन बढ़ाकर कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूरा नहीं हुआ या निर्देशों की अनदेखी की गई तो संबंधित फर्म के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।नगर आयुक्त ने बताया कि परियोजना के तहत हुकुलगंज और नई बस्ती वार्ड में कुल 38.887 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन बिछाई जाएगी। इसके अलावा 6,561 घरों को सीवर कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएंगे तथा एक सीवेज पंपिंग स्टेशन का भी निर्माण होगा। योजना पूरी होने के बाद दोनों वार्डों के हजारों लोगों को बेहतर सीवरेज व्यवस्था का लाभ मिलेगा।ALSO READ : कारगिल विजय दिवस पर डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन छात्रावास(बी.एच.यू.)में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन,61 यूनिट रक्त संग्रहित...निरीक्षण के दौरान स्थानीय पार्षद राजेश यादव एवं बृजेश चंद्र श्रीवास्तव, अधिशासी अभियंता वृजेश कुमार, सहायक अभियंता पीयूष वर्मा, अवर अभियंता रामचंद्र राय, अजय कुमार पासवान तथा कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि अमित कुमार उपस्थित रहे।
कारगिल विजय दिवस पर डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन छात्रावास(बी.एच.यू.)में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन,61 यूनिट रक्त संग्रहित...
कारगिल विजय दिवस पर डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन छात्रावास(बी.एच.यू.)में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन,61 यूनिट रक्त संग्रहित...
कारगिल विजय दिवस पर बीएचयू के कृषि विज्ञान संस्थान के डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन छात्रावास में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया. विवेकानंद डिवाइन लाइफ मिशन (वीडीएलएम) की ओऱ से वाराणसी हेल्प ग्रुप के सहयोग से आयोजित शिविर में एकत्रित 61 यूनिट रक्त महामना कैंसर सेंटर,वाराणसी को उपलब्ध कराया गया. इससे कैंसर के जरूरतमंद मरीजों को उपचार में सहायता मिल सकेगी.कार्यक्रम में कृषि विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. विनोद कुमार मिश्रा मुख्य अतिथि तथा विशिष्ट अतिथि कृषि विज्ञान संकाय के डीन प्रोफ़ेसर सतीश कुमार सिंह रहे. इस अवसर पर कृषि विज्ञान संकाय के छात्रावास के प्रशासनिक वार्डन डा. विनोद कुमार त्रिपाठी, वार्डन डा. सुधीर कुमार राजपूत, वार्डन डा. निखिल कुमार सिंह, डा. अफजल अहमद, डा. सैकत माजी, आभा गेस्ट हाऊस के वार्डन डा. तरुन वर्मा तथा कृषि विज्ञान संस्थान के छात्र सलाहकार प्रो. मनोज कुमार सिंह, वाराणसी हेल्प ग्रुप के हिमांशु गुप्ता रहे. रक्तदान शिविर में डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन छात्रावास, बाल गंगाधर तिलक छात्रावास एवं अन्य संकायों के विद्यार्थियों के साथ रानी लक्ष्मीबाई छात्रावास की छात्राओं ने भी रक्तदान किया. सभी प्रतिभागियों के सहयोग से शिविर में कुल 61 यूनिट रक्त का संग्रह करकारगिल विजय दिवस के वीरों को श्रद्धांजलि दी गई एवं भारत की जीत को सहर्ष स्मरण किया गया. इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने रक्तदान को महादान बताते हुए युवाओं से नियमित रूप से रक्तदान करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि कारगिल विजय दिवस पर रक्तदान करना देश के वीर सैनिकों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ-साथ मानवता की सेवा का श्रेष्ठ माध्यम भी है.ALSO READ : रेल मदद हेल्पलाइन की तत्परता से महिला यात्री की बची जान, समय पर मिला उपचार.सभी रक्तदाताओं एवं वालंटियर्स के लिये रिफ्रेशमेंट, फल, स्वच्छ पेयजल एवं हल्के नाश्ते का प्रबंध किया गया था. कार्यक्रम के अंत में सभी रक्तदाताओं प्रमाण पत्र, अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया एवं देशप्रेम,मालवीय मूल्यों एवं सामाज कल्याण की भावना को आगे बढ़ाने का मंत्र दिया गया.