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वाराणसी: घूस मामले में पूर्व चौकी इंचार्ज और सिपाही की जमानत अर्जी खारिज

वाराणसी:  घूस मामले में  पूर्व चौकी इंचार्ज और सिपाही की जमानत अर्जी खारिज
Feb 17, 2026, 06:33 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी: थाना सिगरा के काशी विद्यापीठ पूर्व चौकी इंचार्ज रहे उपनिरीक्षक शिवाकर मिश्रा और उनके सहयोगी सिपाही गौरव द्विवेदी को घूस लेते पकड़े जाने के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है. विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) कक्ष संख्या-2 पूनम पाठक ने दोनों आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी.


चंदौली निवासी प्रहलाद गुप्ता ने 27 जनवरी को भ्रष्टाचार निवारण संगठन, वाराणसी इकाई में शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में बताया गया कि उसकी पत्नी द्वारा थाना सिगरा में उसके खिलाफ दर्ज कराए गए मुकदमे की विवेचना काशी विद्यापीठ पुलिस चौकी प्रभारी शिवाकर मिश्रा कर रहे थे. आरोप है कि उपनिरीक्षक ने मुकदमे में मदद करने के एवज में 50 हजार रुपये की मांग की, जो बाद में 20 हजार रुपये पर तय हुई.


शिकायत के आधार पर एंटी करप्शन टीम ने 28 जनवरी को ट्रैप कार्रवाई की. शिकायतकर्ता प्रहलाद गुप्ता टीम के साथ चौकी पहुंचा.आरोप है कि शिवाकर मिश्रा ने स्वयं रुपये न लेकर अपने साथ तैनात सिपाही गौरव द्विवेदी को पैसे लेने का इशारा किया. इसके बाद सिपाही गौरव को 20 हजार रुपये लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया गया.दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया.


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मामले में उपनिरीक्षक शिवाकर मिश्रा और सिपाही गौरव द्विवेदी की ओर से अदालत में जमानत याचिका दाखिल की गई थी. सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गंभीर तर्क प्रस्तुत किए, जिनसे सहमत होते हुए अदालत ने जमानत अर्जी निरस्त कर दी.

अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) विक्रमशिला चतुर्वेदी, आलोक श्रीवास्तव और कमलेश कुमार यादव ने प्रभावी पैरवी की. मामले की आगे की सुनवाई नियमानुसार की जाएगी.

ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर महिला से लाखों की ठगी, जांच में जुटी पुलिस
ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर महिला से लाखों की ठगी, जांच में जुटी पुलिस
Woman duped of Rs 13 lakh in the name of online trading, police investigatingवाराणसी: ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर महिला से ठगी का मामला सामने आया है. भुक्‍तभोगी को मोटे मुनाफा का लालच देकर साइबर ठगों ने 13.10 लाख रुपये की ठगी कर ली. महिला ने थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई. पुलिस मामले की जांच में जुट गई है. शारदा विहार कॉलोनी, मीरापुर बसही निवासी पीड़िता स्वाति सिंह ने तहरीर में बताया कि एक अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें ऑनलाइन ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा दिया.आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज पीड़िता ने अलग-अलग तारीखों में चार किश्तों में 13 लाख 10 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए. 20 अप्रैल को जब जमा राशि निकालने की कोशिश की तो संबंधित कंपनी ने नए-नए नियमों का हवाला देते हुए भुगतान से इन्कार कर दिया. इसके बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ. पीड़िता ने मामले की शिकायत साइबर सेल में दर्ज कराई है. थाना प्रभारी अजीत कुमार वर्मा ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.बकाया दिलाने के नाम 91,997 की साइबर ठगीराजातालाब क्षेत्र के मिल्कीचक निवासी विपिन कुमार को भी अपराधी ने ऑनलाइन ठगी का शिकार बनाया. साइबर ठग ने मजदूरी का बकाया भुगतान दिलाने के नाम पर लिंक भेजकर उनके खाते से 91,997 रुपये निकाल लिए. पीड़ित ने थाने में तहरीर दी है. विपिन कुमार पेशे से पेंटर है. तहरीर में बताया कि एक स्थान पर उनकी मजदूरी के 12 हजार रुपये बकाया थे. 29 अप्रैल को मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से काल आई.Also Read: यूपी का सबसे ठंडा शहर बना 'वाराणसी', आंधी-बारिश का यलो अलर्टफोन कॉल करने वाले ने कहा कि बकाया राशि फोन पे से भेज दी जाएगी. कुछ देर बाद उनके वाट्सएप पर 12 हजार रुपये भेजने का स्क्रीन शॉट भी आया. पीड़ित ने जब अपना बैंक खाता चेक किया तो पैसा नहीं पहुंचा था. इस पर उन्होंने दोबारा उसी नंबर पर संपर्क किया. आरोपी ने उन्हें एक लिंक भेजते हुए कहा कि उस पर क्लिक कर रकम ले लें. जैसे ही विपिन ने लिंक पर क्लिक किया उनके खाते से चार बार में कुल 91,997 रुपये कट गए. पीड़ित ने बैंक पहुंचकर खाते का स्टेटमेंट निकलवाया, जहां रकम निकालने की पुष्टि हुई. उन्होंने राजातालाब थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है. थाना प्रभारी दयाराम ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है.https://www.youtube.com/watch?v=OxmuubD2ofQ
अधूरी तैयारी के साथ शुरू हुआ तेलियाना अंडरपास रोशनी और सुरक्षा का अभाव, जिम्मेदार कौन?...
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वाराणसी: जालालीपुरा स्थित तेलियाना फाटक को अधूरे निर्माण कार्य के साथ स्थानीय लोगों के लिए खोल दिया गया है और आवगमन शुरू कर दिया गया. जिससे स्थानीय लोगों और राहगीरों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.फाटक पर न तो पर्याप्त लाइट की व्यवस्था है और न ही सुरक्षा के कोई ठोस इंतजाम हैं. अंधेरे के कारण साइकिल सवारों, पैदल यात्रियों और रोजाना आने-जाने वाले लोगों के लिए यह रास्ता खतरे से खाली नहीं है.फाटक के आसपास लोहे के सरिए् खुले में पड़ी हैं, जो कभी भी दुर्घटना का कारण बन सकती हैं.सबसे चिंताजनक बात यह है कि छोटे-छोटे बच्चे भी इसी जगह पर खेलते हुए नजर आ रहे है, जिस कारण उनको चोट लगने और दुर्घटना होने की स्थिति साफ देखी जा सकती है.स्थानीय ने क्या कहा स्थानीय राहगीर आलोक पांडेय ने बताया कि फाटक पर काम अभी अधूरा है, इसके बावजूद इसे चालू कर दिया गया है, जो लोगों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है.वहीं राहगीर शंकर का कहना है कि अंदर से साइकिल पर आने में बड़ी दिक्कत होती है .चारों तरफ अंधेरा छाया रहता है चोरों उचकों का गिरोह भी सक्रिय रहता है .इलाके में आए दिन छिनैती और छोटी-बड़ी घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन यहां न तो पुलिस की गश्त है और न अंडरपास के अंदर लाइट की कोई व्यवस्था है.राहगीर यश पांडेय ने भी चिंता जताते हुए कहा कि फाटक के पास बिखरे लोहे के सरिए और अंधेरा बच्चों के लिए बेहद खतरनाक है. उन्होंने बताया कि मोहल्ले के बच्चे अक्सर यहीं खेलते हैं, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है.ALSO READ:नजरबंदी के आरोपों के बीच महिला आरक्षण बिल पर सपा का हमला, विष्णु शर्मा बोले—आवाज नहीं दबेगी....स्थानीय बच्चन यादव का कहना है कि इस फाटक के खुलने से जाम की समस्या से लोगों को राहत तो मिली है लेकिन शाम होते ही अंदर एक दम अंधेरा छा जाता है जिससे आने जाने में रोज डर लगता है.लोगों ने मांग की है कि जल्द से जल्द अंडरपास का निर्माण कार्य पूरा करे उसके अंदर लाइट, सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि किसी भी अनहोनी से पहले हालात को सुधारा जा सके.
नजरबंदी के आरोपों के बीच महिला आरक्षण बिल पर सपा का हमला, विष्णु शर्मा बोले—आवाज नहीं दबेगी....
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वाराणसी: सपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष विष्णु शर्मा ने प्रशासन और सरकार पर एक साथ कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं.उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री के दौरे से पहले समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं को हाउस अरेस्ट या नजरबंद कर दिया जाता है, ताकि वे आम जनता की समस्याओं को उनके सामने न रख सकें. उनके अनुसार यह कदम लोकतांत्रिक अधिकारों का सीधा हनन है और विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश है.विष्णु शर्मा ने कहा कि सपा कार्यकर्ता “लोहिया के सिपाही” हैं और किसी भी दबाव से डरने वाले नहीं हैं. “हमें नजरबंद कर देने से हमारी आवाज नहीं रुकेगी.हम बिना डरे जनता के मुद्दों को उठाते रहेंगे,” उन्होंने प्रशासन से इस तरह की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की.इसी क्रम में उन्होंने महिला आरक्षण बिल का मुद्दा भी उठाया और कहा कि महिलाओं को अधिकार देने की बातें तो की जा रही हैं, लेकिन हकीकत यह है कि अब तक यह बिल पास नहीं हो सका है. उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह केवल घोषणाएं कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा.also read:यूपी का सबसे ठंडा शहर बना 'वाराणसी', आंधी-बारिश का यलो अलर्टउन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर गंभीर है, तो महिला आरक्षण बिल को जल्द से जल्द पारित किया जाना चाहिए। विष्णु शर्मा ने जोर देते हुए कहा कि लोकतंत्र में न तो विपक्ष की आवाज दबाई जानी चाहिए और न ही महिलाओं के अधिकारों को टालना चाहिए, बल्कि दोनों मुद्दों पर ईमानदारी से काम होना जरूरी है.