वाराणसी: घूस मामले में पूर्व चौकी इंचार्ज और सिपाही की जमानत अर्जी खारिज

वाराणसी: थाना सिगरा के काशी विद्यापीठ पूर्व चौकी इंचार्ज रहे उपनिरीक्षक शिवाकर मिश्रा और उनके सहयोगी सिपाही गौरव द्विवेदी को घूस लेते पकड़े जाने के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है. विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) कक्ष संख्या-2 पूनम पाठक ने दोनों आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी.
चंदौली निवासी प्रहलाद गुप्ता ने 27 जनवरी को भ्रष्टाचार निवारण संगठन, वाराणसी इकाई में शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में बताया गया कि उसकी पत्नी द्वारा थाना सिगरा में उसके खिलाफ दर्ज कराए गए मुकदमे की विवेचना काशी विद्यापीठ पुलिस चौकी प्रभारी शिवाकर मिश्रा कर रहे थे. आरोप है कि उपनिरीक्षक ने मुकदमे में मदद करने के एवज में 50 हजार रुपये की मांग की, जो बाद में 20 हजार रुपये पर तय हुई.
शिकायत के आधार पर एंटी करप्शन टीम ने 28 जनवरी को ट्रैप कार्रवाई की. शिकायतकर्ता प्रहलाद गुप्ता टीम के साथ चौकी पहुंचा.आरोप है कि शिवाकर मिश्रा ने स्वयं रुपये न लेकर अपने साथ तैनात सिपाही गौरव द्विवेदी को पैसे लेने का इशारा किया. इसके बाद सिपाही गौरव को 20 हजार रुपये लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया गया.दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया.
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मामले में उपनिरीक्षक शिवाकर मिश्रा और सिपाही गौरव द्विवेदी की ओर से अदालत में जमानत याचिका दाखिल की गई थी. सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गंभीर तर्क प्रस्तुत किए, जिनसे सहमत होते हुए अदालत ने जमानत अर्जी निरस्त कर दी.
अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) विक्रमशिला चतुर्वेदी, आलोक श्रीवास्तव और कमलेश कुमार यादव ने प्रभावी पैरवी की. मामले की आगे की सुनवाई नियमानुसार की जाएगी.



