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वाराणसी में निकलने लगी तेज धूप, हवा नहीं चलने से गर्मी का एहसास

वाराणसी में निकलने लगी तेज धूप, हवा नहीं चलने से गर्मी का एहसास
Apr 12, 2026, 05:22 AM
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Posted By Preeti Kumari

यूपी में गर्मी अपना असर दिखाने लगी है. पिछले 24 घंटे की बात करें तो प्रयागराज का मौसम सबसे गर्म रहा, यहां अधिकतम तापमान 37.6°C रिकॉर्ड किया गया. वाराणसी में पारा 37.4°C दर्ज किया गया है, साथ ही तेज हवाओं ने भी लोगों को रात के वक्त हल्की ठंड का एहसास कराया. मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म होने से गर्मी बढ़ने लगी है. अगले 15 दिन कोई भी विक्षोभ सक्रिय नहीं हो रहा है.इस वजह से बारिश के आसार नहीं हैं. इससे भीषण गर्मी पड़ेगी. अधिकतम तापमान में 8°C और न्यूनतम तापमान में 6°C तक की बढ़ोतरी हो सकती है.


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निकलने लगी तेज धूप


बदलते मौसम की वजह से वाराणसी में सुबह से तेज धूप निकली हुई है. हवा के झोके बिलकुल शांत है, जिसकी वजह से गर्मी का एहसास कुछ ज्यादा ही हो रहा है. हवा ना चलने से उमस भी बढ़ने लगी है. अधिकतम तापमान 37 डिग्री और न्यूनतम 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, कुछ दिन पहले इसी वाराणसी में मौसम ने लोगों पर अपनी गजब की मेहरबानी दिखाई, जिसका लुत्फ उठाने में लोग भी पीछे नहीं रहें.


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किसानों को मिली राहत


वहीं इस बदलते मौसम को लेकर कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि, मौसम साफ होने से अगर राहत मिली है तो वो है किसान, जिनकी खुशी का अंदाजा भी नहीं लगाया जा सकता है, क्योंकि उनकी फसले नष्ट होने से बच गई है. इससे भी खास बात यह है कि तेज धूप होने से किसानों की वो फसले सुरक्षित बच जाएंगी.


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बता दें, किसानों ने जो फसले काट कर रखी थी और बारिश के समय वो पुरी तरह से भीग गई थी, अब खिली-खिली धूप होने ने ये फसले जल्द ही सूख जाएंगी, इससे किसान जल्द से जल्द मड़ाई कर पाएंगे, फसलों के दाने काले पड़ने की आशंका कम होगी. ये सोचकर किसानों के चेहरे खुशी से खिल उठे है.

लखनऊ की सड़कों पर सियासी शक्ति प्रदर्शन, CM योगी करेंगे कल पैदल मार्च
लखनऊ की सड़कों पर सियासी शक्ति प्रदर्शन, CM योगी करेंगे कल पैदल मार्च
Political power show on the streets of Lucknow, CM Yogi will march on foot tomorrowनारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक के लोकसभा में गिर जाने से बीजेपी में आक्रोश है, यही वजह है कि पार्टी देशभर में इस मुद्दे को लेकर विपक्ष के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रही है. इसी सिलसिले में कल यानी मंगलवार (21 अप्रैल) को यूपी में बीजेपी पैदल मार्च निकालने की मुहिम चलाने जा रही हैं, जिसमें राज्य के मुख्यमंत्री, दोनों उपमुख्यमंत्री, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी समेत भारी संख्या में कार्यकर्ता शामिल होंगे, इनमें महिलाएं भी होंगी.सीएम आवास से शुरू होकर विधानसभा तक आयोजित जानकारी के मुताबिक, यह पैदल मार्च लखनऊ में स्थित सीएम आवास से शुरू होकर विधानसभा तक आयोजित होगा. इसमें सीएम योगी आदित्यनाथ, उनके मंत्री डिप्टी CM केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक शामिल होंगे. इसके अलावा इस मार्च में महिला जनप्रतिनिधि, महिला मोर्चा कार्यकर्ता और महिला आयोग की अध्यक्ष समेत पूरी टीम शामिल होगी. बताया जा रहा है कि, इस पैदल यात्रा में हिस्सा लेने के लिए आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताएं राजधानी पहुंच रही हैं. कालिदास मार्ग से निकलने वाली यह पदयात्रा महिलाओं के आरक्षण के मुद्दे पर विपक्ष पर हमला बोलने का प्रमुख हिस्सा है.जानें वाराणसी में कब है कार्यक्रमभारतीय जनता पार्टी ने पहले ही नारी शक्ति वंदन अभियान की रूपरेखा तैयार कर ली थी, लेकिन विधेयक के पास न होने के बाद अब इसे दोनों तरफ से सियासी मुद्दा बना दिया गया है. बीजेपी पदाधिकारियों के मुताबिक, 21 अप्रैल की पदयात्रा के बाद 28 अप्रैल को वाराणसी में और बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें 50 हजार महिलाएं शामिल होंगी. इस कार्यक्रम के जरिए भी विपक्षी दलों को घेरने की रणनीति बनाई गई है. वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बनारस में महिला सम्मेलन को संबोधित करेंगे.विपक्ष को लेकर बीजेपी का बड़ा बयानवहीं, विपक्षी दलों ने विधेयक गिरने का दोष बीजेपी पर मढ़ते हुए अपना तर्क दिया है, लेकिन बीजेपी इसे विपक्ष की साजिश बता रही है. पार्टी का कहना है कि महिला सशक्तिकरण के नाम पर विपक्ष अब सच्चाई से मुंह छिपा रहा है. यह पदयात्रा और वाराणसी कार्यक्रम बीजेपी की महिला सशक्तिकरण की छवि को और मजबूत करने के साथ-साथ आगामी चुनावी रणनीति का भी हिस्सा माना जा रहा है.https://www.youtube.com/watch?v=uhSzJoCRqDI
BHU छात्र राजनीति से लेकर कांग्रेस न छोड़ने तक, नेता अनिल ने खोले कई राजनीतिक राज
BHU छात्र राजनीति से लेकर कांग्रेस न छोड़ने तक, नेता अनिल ने खोले कई राजनीतिक राज
From BHU student politics to not leaving Congress, leader Anil reveals many political secretsवाराणसी: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अनिल श्रीवास्तव ने छात्र राजनीति, बनारस की पुरानी सियासत, कांग्रेस से अपने लंबे सफर और वर्तमान राजनीति पर खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि उनकी राजनीति की शुरुआत गांव से पढ़ाई पूरी करने के बाद छात्र जीवन में हुई और BHU छात्रसंघ ने उन्हें पहचान दिलाई. अनिल श्रीवास्तव ने बताया कि उन्होंने सनातन धर्म इंटर कॉलेज से छात्र राजनीति शुरू की. फिर DAV कॉलेज और उसके बाद काशी हिंदू विश्वविद्यालय पहुंचे. वर्ष 1978 में पश्चिमी नगर शासन के अध्यक्ष चुने गए और बाद में नगर शासन के अध्यक्ष भी बने, इसके बाद BHU छात्रसंघ चुनाव लड़ा और महामंत्री बने.उन्होंने कहा कि उस दौर में BHU छात्रसंघ चुनाव सांसद चुनाव से भी ज्यादा चर्चित होता था, राष्ट्रीय दलों की नजर रहती थी और बड़े नेता इसमें रुचि लेते थे. छात्रसंघ केवल चुनाव नहीं, बल्कि वैचारिक राजनीति की प्रयोगशाला था.“कांग्रेस को रोकने के लिए बना था मोर्चा”अनिल श्रीवास्तव ने दावा किया कि जब वे छात्रसंघ अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ रहे थे, तब कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार को रोकने के लिए विरोधी दलों ने संयुक्त मोर्चा बनाया था. उस चुनाव में राजेश मिश्रा, ओमप्रकाश सिंह जैसे कई बड़े नाम सक्रिय थे, उन्होंने कहा कि चुनाव बेहद ऐतिहासिक और संघर्षपूर्ण रहा.छात्रसंघ खत्म होना लोकतंत्र के लिए नुकसानउन्होंने कहा कि छात्रसंघ राजनीति खत्म होना देश की राजनीति के पतन की शुरुआत है। छात्र राजनीति से ही बड़े नेता निकलते थे। लालू यादव, नीतीश कुमार, प्रफुल्ल महंत समेत कई नेताओं का उदाहरण देते हुए कहा कि छात्र आंदोलन सत्ता बदलने की ताकत रखते थे।उनका आरोप था कि सभी दलों ने मिलकर छात्रसंघ व्यवस्था कमजोर की। लिंगदोह समिति की सिफारिशों के बाद छात्र राजनीति का प्रभाव कम हो गया.“हर दल से ऑफर मिला, लेकिन कांग्रेस नहीं छोड़ी”अनिल श्रीवास्तव ने कहा कि उन्हें बसपा, समाजवादी पार्टी और भाजपा से भी प्रस्ताव मिले, लेकिन उन्होंने कभी कांग्रेस नहीं छोड़ी। उनका कहना था कि कांग्रेस की विचारधारा पर उन्हें भरोसा है और देश को आजादी दिलाने वाली पार्टी कांग्रेस ही है, उन्होंने कहा, “कांग्रेस हर जाति, धर्म, भाषा और वर्ग को साथ लेकर चलने वाली पार्टी है।”विरोधियों से भी रिश्ते बेहतरउन्होंने बताया कि भाजपा के कई नेताओं से उनके व्यक्तिगत संबंध अच्छे हैं। मनोज सिन्हा, महेंद्र पांडेय, रविंद्र जायसवाल जैसे नेताओं से आज भी आत्मीय संबंध हैं। चुनावी लड़ाई अपनी जगह है, लेकिन निजी रिश्ते हमेशा सम्मानजनक रहे.“जहां खड़ा होता हूं, लोग साथ जुड़ जाते हैं”अनिल श्रीवास्तव ने कहा कि वे किसी से चंदा लेकर राजनीति नहीं करते। चुनाव हारने के बाद भी कार्यकर्ताओं का पैसा लौटाते हैं। शादी-ब्याह, सामाजिक कार्यक्रम और जरूरतमंदों की मदद में हमेशा आगे रहते हैं। यही कारण है कि हर दल और समाज के लोग उनसे जुड़े रहते हैं.गांडीव अखबार की पुरानी पहचान का किया जिक्रअनिल श्रीवास्तव ने कहा कि एक समय में गांडीव अखबार बनारस के हर व्यापारी घराने तक पहुंचता था और लोग शाम को उसे खरीदकर पढ़ते थे। उन्होंने कहा कि गांडीव का अपना तेवर और अलग पहचान थी। अब गांडीव डिजिटल उसी विरासत को आगे बढ़ा रहा है, उन्होंने लोगों से अपील की कि वे गांडीव डिजिटल को देखें, शेयर करें और समर्थन दें.https://www.youtube.com/watch?v=uhSzJoCRqDI
अक्षय तृतीया पर काशी विश्वनाथ धाम में अनुष्ठान का आयोजन, बद्रीनारायण स्वरूप का भव्य श्रृंगार
अक्षय तृतीया पर काशी विश्वनाथ धाम में अनुष्ठान का आयोजन, बद्रीनारायण स्वरूप का भव्य श्रृंगार
On Akshaya Tritiya, rituals were organised at Kashi Vishwanath Dham, where the Badrinarayana form was decorated in a grand manner.वाराणसी: अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर सोमवार को काशी विश्वनाथ धाम में विविध धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं परंपरागत विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ. इस अवसर पर श्रीहरि विष्णु के बद्रीनारायण स्वरूप का भव्य श्रृंगार किया गया.काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास द्वारा मंदिर सनातन परंपरा का निर्वहन करते हुए आज से पवित्र श्रावण मास तक भगवान श्री विश्वनाथ जी के विग्रह पर ‘कुंवरा’ (शॉवर) की स्थापना की जाएगी. यह परंपरागत व्यवस्था शिवलिंग पर निरंतर जलाभिषेक के उद्देश्य से की जाती है. यह परंपरा प्रत्येक वर्ष निभाई जाती है.कई फलों के रस से भगवान विश्वेश्वर का अभिषेकअक्षय तृतीया के पावन अवसर पर मध्यान्ह भोग आरती के समय भगवान विश्वेश्वर का विभिन्न फलों के रस से विशेष अभिषेक भी संपन्न किया गया. इसके अतिरिक्त, बढ़ती गर्मी को दृष्टिगत रखते हुए धाम में उपस्थित श्रद्धालुओं एवं कार्यरत कार्मिकों के मध्य बेल, नींबू एवं दही से निर्मित शीतल पेय (शरबत) का वितरण किया गया.काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास सनातन संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन एवं प्रचार-प्रसार के प्रति निरंतर प्रतिबद्ध है, जिससे धाम में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को दिव्य पवित्र एवं आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त हो सके. अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास समस्त सनातन समाज को हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित करता है तथा भगवान श्रीहरि विष्णु एवं माता लक्ष्मी से सभी के जीवन में सुख, समृद्धि एवं मंगल की कामना करता है.Also Read: काशी जनसंवाद में बेहतरीन के लिए मंडलायुक्त ने मांगे सुझाव, जनभागीदारी से समावेशी विकास पर जोरभगवान बद्रीनारायण की कृपा सदैव सभी पर बनी रहे. उधर सोमवार को घाटों पर सुबह से ही स्नान करने के लिए भीड़ लगी रही. श्रद्धालु गंगा स्नान कर तीर्थ पुरोहितों को दान-दक्षिणा देकर अक्षय फल की कामना कर रहे हैं. चांदी, दूध, चावल, शंख या सफेद मोती, गेहूं, इत्र, रेशमी वस्त्र, मसूर दाल, चने के दाल, हल्दी आदि दान में दे रहे हैं.