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गर्मी के बीच वाराणसी में बढ़ रहा हवा का प्रदूषण, सांस लेने में हो रही दिक्कतें

गर्मी के बीच वाराणसी में बढ़ रहा हवा का प्रदूषण, सांस लेने में हो रही दिक्कतें
May 28, 2026, 05:10 AM
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Posted By Preeti Kumari

Air pollution is increasing in Varanasi, causing breathing problems.


Varanasi News: इन दिनों भीषण गर्मी का असर देशभर से लेकर यूपी तक का देखने को मिल रहा है. गर्मी की तपन से हर कोई परेशान हो चुका है. लेकिन, इसी बीच वाराणसी में हवा का प्रदूषण बढ़ रहा है, जिससे सांस और हृदय रोगियों की चिंता बढ़ गई है. हाल ही में शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) सामान्य स्तर से ऊपर रहा है, जिसमें अर्दली बाजार में एक्यूआई 117 और भेलूपुर में 119 तक पहुंच गया.


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कुछ जानकारों का कहना है कि प्रदूषण नियंत्रण पर ध्यान नहीं दिया गया तो स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है. भीषण गर्मी के बीच बनारस की हवा लगातार प्रदूषित दिख रही है. पिछले दस दिन से शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) सामान्य स्तर से ऊपर दर्ज किया जा रहा है. इस प्रदूषण ने खासकर सांस और हृदय रोगियों की चिंता बढ़ा दी है.


बीते बुधवार को शहर का औसत एक्यूआई 106 था, एक दिन पहले 186 तक पहुंच गया था. सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में अर्दली बाजार में एक्यूआई 117 रिकॉर्ड किया गया. यहां पीएम 2.5 का स्तर 218 और पीएम 10 का स्तर 172 मिला. भेलूपुर में एक्यूआई 119 रहा, जबकि पीएम 2.5 का स्तर 121 और पीएम 10 219 तक पहुंचा दिखा. मलदहिया में एक्यूआई 89 और बीएचयू क्षेत्र में 101 दर्ज किया गया, मलदहिया और कुछ अन्य क्षेत्र अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति में हैं, बाकी जगह प्रदूषण का स्तर तय मानकों से अधिक है.


कई निर्माण स्थलों पर लों पानी का छिड़काव


विशेषज्ञों के अनुसार पीएम 2.5 का सुरक्षित मानक 60 और पीएम 10 का 100 होता है, लेकिन शहर के कई इलाकों में यह स्तर दोगुना हो गया है. पीएम 2.5 के बेहद सूक्ष्म धूल कण फेफड़ों में पहुंचकर अस्थमा, एलर्जी और हृदय संबंधी बीमारियों को बढ़ा सकते हैं, विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी और तेज धूप के कारण वातावरण में धूल के महीन कण अधिक सक्रिय हो जाते हैं. इसके अलावा शहर में चल रहे निर्माण कार्य, सड़कों की खुदाई, उड़ती धूल, डीजल वाहनों का धुआं प्रदूषण बढ़ाने में बड़ी वजह हैं. कई निर्माण स्थलों पर लों पानी का छिड़काव और ग्रीन नेट लगाने जैसे नियमों का पालन नहीं हो रहा है, जिससे धूल सीधे हवा में घुल रही है.


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धूल वाली जगह मुंह ढक लें


बीएचयू के चेस्ट एंड टीबी विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. जीएन श्रीवास्तव ने कहा कि अस्थमा और हृदय रोगियों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है. जहां भी धुल उड़ रही हो, वहां गमछा से मुंह ढक लें, उन्होंनेन्हों ने कहा कि यदि समय रहते प्रदूषण नियंत्रण पर ध्यान नहीं दिया गया तो बनारस की हवा लोगों की सेहत पर गंभीर असर डाल सकती है.


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काशी में नई व्‍यवस्‍था के संग भगवान जगन्नाथ रथयात्रा मेले का शुभारंभ, उमड़े श्रद्धालु
काशी में नई व्‍यवस्‍था के संग भगवान जगन्नाथ रथयात्रा मेले का शुभारंभ, उमड़े श्रद्धालु
वाराणसी : महादेव की नगरी काशी में भक्तिमय वातावरण के बीच गुरुवार की सुबह भगवान जगन्नाथ की तीन दिवसीय ऐतिहासिक रथयात्रा मेले का शुभारंभ हुआ. नई व्‍यवस्‍था के साथ तड़के सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा. भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विशेष पीतांबरी श्रृंगार किया गया. इसके बाद संपन्न हुई मंगला आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और भगवान के दर्शन कर सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना की. सुबह लगभग पांच बजे विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद मंदिर के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए. जैसे ही दर्शन शुरू हुए, मंदिर परिसर और आसपास की सड़कों पर भक्तों की लंबी कतार दिखाई देने लगीं. पूरे क्षेत्र में “जय जगन्नाथ” के जयघोष और भक्ति गीतों से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया.इस बार लगभग पांच किलोमीटर की रथयात्राइस वर्ष की रथयात्रा लगभग पांच किलोमीटर के निर्धारित मार्ग से होकर निकलेगी. भगवान को पारंपरिक रूप से 56 प्रकार के व्यंजनों का विशेष भोग अर्पित किया गया. दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में नानखटाई और तुलसी दल वितरित किए गए. भक्तों ने श्रद्धापूर्वक प्रसाद ग्रहण किया और परिवार की सुख-समृद्धि की मंगलकामना की. करीब दो किलोमीटर तक फैले मेले में सुबह से ही भारी भीड़ देखने को मिली. धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ मेले में लगे विभिन्न स्टॉलों पर भी लोगों की अच्छी खासी भीड़ रही. दूर-दराज़ से आए श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ इस ऐतिहासिक आयोजन में शामिल हुए.पहली बार बैरिकेडिंग से व्यवस्थित हुई दर्शन व्यवस्थाश्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए इस बार प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट ने विशेष इंतजाम किए हैं. पहली बार दर्शन व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाने के लिए बैरिकेडिंग की गई है. श्रद्धालुओं के प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए गए हैं, जिससे भीड़ नियंत्रण में काफी सुविधा मिल रही है और दर्शन भी सुचारु रूप से संपन्न हो रहे हैं. सुरक्षा व्यवस्था के तहत तीन थाना क्षेत्रों की पुलिस बल तैनात की गई है. इसके अलावा वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी लगातार मौके पर मौजूद रहकर सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं. प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम दर्शन उपलब्ध कराना है. इस दौरान अतिक्रमण करने वालों को हिदायत भी दी गई.नानखटाई बनी मेले का प्रमुख आकर्षणकाशी की जगन्नाथ रथयात्रा केवल धार्मिक महत्व ही नहीं रखती, बल्कि अपनी पारंपरिक खाद्य संस्कृति के लिए भी प्रसिद्ध है. इस मेले में भगवान को नानखटाई का भोग लगाने की वर्षों पुरानी परंपरा है. यही कारण है कि मेले के दौरान इसकी मांग कई गुना बढ़ जाती है. रथयात्रा मार्ग पर जगह-जगह नानखटाई के आकर्षक स्टॉल लगाए गए हैं, जहां विभिन्न स्वाद और आकार की नानखटाई उपलब्ध है. श्रद्धालु प्रसाद के रूप में इसे खरीदने के साथ-साथ अपने परिजनों और मित्रों के लिए भी बड़ी मात्रा में इसकी खरीदारी कर रहे हैं. दुकानदारों के अनुसार रथयात्रा के तीन दिनों में नानखटाई की बिक्री सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक हो जाती है.ALSO READ: कंक्रीट मिक्सर की चपेट में आने से साइकिल सवार व्‍यक्ति की मौत, चालक वाहन समेत फरारमंगला आरती में शामिल हुए ट्रस्ट अध्यक्षजगन्नाथ मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं पूर्व विधान परिषद सदस्य बृजेश सिंह भी अपने परिवार के साथ मंगला आरती में शामिल हुए. उन्होंने भगवान जगन्नाथ का पूजन कर प्रदेश और देशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि काशी में भगवान जगन्नाथ की दिव्य मंगला आरती में सम्मिलित होना उनके लिए सौभाग्य और आध्यात्मिक आनंद का विषय है. उन्होंने बताया कि तीन दिवसीय रथयात्रा मेला 16, 17 और 18 जुलाई तक आयोजित किया जा रहा है तथा सभी श्रद्धालुओं से परिवार सहित मेले में पहुंचकर भगवान के दर्शन करने और धार्मिक आयोजन का हिस्सा बनने की अपील की. वाराणसी की ऐतिहासिक जगन्नाथ रथयात्रा हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करती है.
कंक्रीट मिक्सर की चपेट में आने से साइकिल सवार व्‍यक्ति की मौत, चालक वाहन समेत फरार
कंक्रीट मिक्सर की चपेट में आने से साइकिल सवार व्‍यक्ति की मौत, चालक वाहन समेत फरार
वाराणसी : जिले के चोलापुर थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में साइकिल सवार व्यक्ति की जान चली गई. घटना आजमगढ़ हाईवे स्थित दानगंज बाजार के पास हुई, जहां संतुलन बिगडने के कारण साइकिल से गिरने पर तेज रफ्तार कंक्रीट मिक्सर वाहन की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई. हादसे के समय साइकिल पर पीछे बैठा उसका रिश्तेदार समय रहते कूद गया, जिससे उसकी जान बच गई. दुर्घटना के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया. पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है. हादसे की खबर लगते ही मृतक के परिवार में मातम पसर गया.पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान चोलापुर क्षेत्र के जैरामपुर सरैया निवासी नखरु राजभर उर्फ कल्लू (45 वर्ष) के रूप में हुई है. बताया गया कि वह अपने ससुराल पहाड़पुर गांव आए हुए थे. गुरुवार सुबह वह अपने एक रिश्तेदार के साथ साइकिल से दानगंज बाजार किसी जरूरी काम से जा रहे थे. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बाजार के समीप पहुंचते ही किसी कारणवश साइकिल का संतुलन बिगड़ गया और दोनों सड़क पर गिर पड़े. पीछे बैठा रिश्तेदार तुरंत उछलकर सड़क से हट गया, लेकिन नखरु राजभर संभल नहीं सके और सड़क पर ही गिर गए. उसी दौरान वाराणसी की ओर से आजमगढ़ जा रहा कंक्रीट मिक्सर वाहन उनके ऊपर से गुजर गया. टक्कर और वाहन की चपेट में आने से उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई.ALSO READ: पंच सम्मेलन : नरेगा में बंदरबांट, वर्तमान योजना में ग्रामों के बुनियादी विकास पर जोरहादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई. स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी. सूचना के बाद चोलापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना के बाद चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया. घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है. फुटेज के आधार पर वाहन और उसके चालक की पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं. मामले में आगे की जांच जारी है. मृतक नखरु राजभर अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य बताए जा रहे हैं. वह ठेला चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे. परिवार में उनकी पत्नी पुम्मी देवी, तीन बेटे और एक बेटी हैं. हादसे की खबर मिलते ही परिवार में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया.
पंच सम्मेलन : नरेगा में बंदरबांट, वर्तमान योजना में ग्रामों के बुनियादी विकास पर जोर
पंच सम्मेलन : नरेगा में बंदरबांट, वर्तमान योजना में ग्रामों के बुनियादी विकास पर जोर
वाराणसी : ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार तथा ग्राम्य विकास विभाग उत्तर प्रदेश के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को रूद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में विकसित भारत जी राम जी अधिनियम, 2025 के तहत पंच सम्मेलन का आयोजन किया गया. पंच सम्मेलन को उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सम्बोधित करते हुए कहा कि पंच सम्मेलन में चार राज्यों उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार तथा झारखंड के पंचायत प्रमुखों को शामिल किया गया है. उन्होंने कहा आने वाला समय भारत का है तथा उत्तर प्रदेश समेत उत्तर भारत का है. विकसित भारत जी राम जी कानून को बनाने हेतु जब संसद में प्रस्ताव रखा गया तो विपक्ष ने विरोध जरूर किया लेकिन जब उन्होंने इसके उद्देश्यों को जान लिया तब उन्होंने सांकेतिक विरोध किया. ग्रामीणों के स्वरूप को बदलने में पुरानी नरेगा योजना में केवल पैसे की बंदरबांट थी लेकिन वर्तमान योजना में ग्रामों के बुनियादी विकास समेत विकसित पंचायत पर कार्य किया गया है.दवाई, कमाई तथा पढ़ाई की चिंताइस योजना में दवाई, कमाई तथा पढ़ाई की भविष्य की चिंताओं को सम्मिलित किया गया है. इस योजना में पीएम गतिशक्ति को शामिल करते हुए कार्यों के डुप्लीकेसी को रोका गया है. सरकार का लगातार ध्यान विकसित भारत के तरफ है. उन्होंने सभी से लक्ष्य तय करके कार्य करने हेतु प्रेरित किया. कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने प्रयासों से 25 करोड़ से ज्यादे लोगों को गरीबी रेखा से ऊपर उठाया. उन्होंने पिछली सरकारों के बिना लक्ष्य के विजन को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जितने पीएम आवास वर्तमान सरकार में बने उतने आज तक पिछली सरकारों में कभी नहीं बने. आज भूखे पेट कोई नहीं सोता सभी को अन्न योजना से लाभान्वित किया गया है.यूपी में महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड योजना करेगी सशक्‍तइलाज के अभाव में किसी को जीवन नहीं खोना पड़ेगा, आयुष्मान योजना से इलाज की व्यवस्था की गई है. उन्होंने सभी पंचायत प्रमुखों से कहा कि आप ऐसा कार्य करें की जिसके ऊपर आप हाथ रखें वहीं प्रधान बने जो की केवल आपके किए कार्यों से तय होगा. उत्तर प्रदेश में एक बड़ी योजना महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड योजना शुरू करने जा रहे हैं. महिला सशक्तिकरण के तरफ हमारा लगातार ध्यान होना चाहिए ताकि आधी आबादी सशक्त हो. परिवारों का ही विकास विकसित भारत का विकास है. हमारा उद्देश्य लगातार जनता की सेवा करना रहा है. कार्य योजना पक्ष - विपक्ष सभी बैठकर बनाएं. 30 लाख से ग्रामों में समूह की फैक्ट्री बनाने का भी कार्य होगा. प्रशासनिक मद छह प्रतिशत से बढ़ाकर नौ प्रतिशत किया गया है. गांवों के विकास का दूरगामी रोडमैप आप विकसित करें. गांव छोड़कर कोई शहर नहीं जाए हम इसपर लगातार कार्य करें.गांवों के विकास के लिए सरकार दृढ़ संकल्पितअनेकों योजनाएं गांवों के विकास को लाने हेतु सरकार दृढ़ संकल्पित है. ये सरकार न खाऊंगा न खाने दूंगा पर कार्य कर रही है. गांवों का सर्वांगीण विकास हो यही हमारा लक्ष्य है. उन्होंने वाराणसी में एलिवेटेड सड़कें बनाने हेतु कैबिनेट की मंजूरी एवं 25 हजार करोड़ की धनराशि आवंटित होने पर भी सभी को बधाई दी. उपमुख्‍यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या ने कहा कि विकसित भारत तभी संभव है जब विकसित उत्तर प्रदेश विकसित होगा. आज गुंडे उत्तर प्रदेश छोड़कर भाग चुके हैं. आज देश नक्सलवाद से मुक्त हो चुका है, गरीबों के अन्याय को रोका गया. जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाने को भी उन्होंने सरकार की उपलब्धियों में रेखांकित किया.जी राम जी योजना से ग्रामीण विकास के अगले पच्चीस वर्षों का विकास शामिलकेंद्र सरकार में ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए ग्रामीण विकास मंत्रालय के कार्यों पर भी सभी का ध्यान खींचा. उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार का तीसरा सबसे बड़ा मंत्रालय ग्रामीण विकास है. जी राम जी योजना से ग्रामीण विकास के अगले पच्चीस वर्षों के विकास को शामिल किया गया है. उन्होंने प्रधानों से मजबूत ग्रामीण विकास की नींव रखने की अपेक्षा की. उन्होंने मनरेगा योजना को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि नरेगा योजना के तहत प्रतिवर्ष एक ही गड्ढे को बार - बार न खोदें बल्कि वर्तमान योजना से मजबूत विकसित पंचायत के तरफ बढ़ें. हमारा यह सामूहिक प्रयास हो कि समूहों के रोजगार को मार्केट देने के तरफ कार्य करें. लगातार सरस मेलों का आयोजन होना चाहिए. वर्तमान सरकार ने अपने कार्यकाल में 23 करोड़ बैंक खाते खोलने का कार्य किया है. पंद्रह साल पहले से वर्तमान काशी में अकल्पनीय, अतुलनीय, अविश्वस्नीय कार्य हुए हैं. विश्वनाथ कारीडोर बनने के बाद काशी की दिशा बदल गई है. काशी की पूरी व्यवस्था की बदलने का कार्य हुआ है. सड़कें, एयर कनेक्टिविटी भी उच्च स्तर पर विकसित हुए हैं.रोजगार की 100 दिन की गारंटी अब 125 दिनआयुक्त ग्राम्य विकास जी एस प्रियदर्शी ने कहा कि एक जुलाई 2026 को लागू किए गए कानून के तहत प्रथम पंच सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है. इसके तहत पंचायत अध्यक्षों से सीधे वार्ता की जाएगी. उन्होंने बताया अब रोजगार की 100 दिन की गारंटी को बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है जिसके तहत बुनियादी रोजगार को भी इसमें सम्मिलित किया गया है.संयुक्त सचिव, ग्रामीण विकास भारत सरकार सुश्री रोहिणी आर जी ने कहा कि देश के स्तर पर प्रथम सम्मेलन वाराणसी में आयोजित हो रहा है जिसमें मै सभी अतिथियों का स्वागत करती हूं. सम्मेलन में उत्तर प्रदेश, बिहार तथा झारखंड से भारी संख्या में पंचायत प्रमुखों को शामिल किया गया है. विकसित भारत जी राम जी अधिनियम एक जुलाई से देश के 2.8 लाख ग्रामों में एक साथ लागू किया गया जिसमें ये प्रावधान किया गया कि श्रमिकों को एक दिन भी बिना रोजगार के न बैठना पड़े इसकी व्यवस्था इसमें की गई है. आगे जाकर पंचायत की यह जिम्मेदारी है कि हम पंचायत को विकसित बनाने के प्रावधान बनाएं. उन्होंने बताया कि पिछले दो सप्ताह में दो करोड़ से ज्यादे रोजगार सृजित किए गए हैं.ALSO READ: जमीन और मकान के नाम पर पुलिसकर्मियों से लाखों की धोखाधड़ी, मां और बेटों पर केस दर्जकार्यक्रम में प्रमुख रूप से उत्तर प्रदेश सरकार में उप मुख्यमंत्री एवं मंत्री ग्राम्य विकास केशव प्रसाद मौर्य, केंद्र सरकार में ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान, एमएसएमई राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पूनम मौर्य, सदस्य विधान परिषद राय धर्मेंद्र सिंह, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, त्रिभुवन राम, संयुक्त सचिव, ग्रामीण विकास भारत सरकार सुश्री रोहिणी आर, आयुक्त ग्रामीण विकास विभाग उत्तर प्रदेश जी एस प्रियदर्शी, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार, डीसी एनआरएलएम पवन सिंह समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा भारी संख्या में पंचायत प्रमुख शामिल रहे.