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वाराणसी में बुलडोजर एक्शन, भारी फोर्स के बीच कई इलाकों से हटाया जा रहा अतिक्रमण

वाराणसी में बुलडोजर एक्शन, भारी फोर्स के बीच कई इलाकों से हटाया जा रहा अतिक्रमण
May 07, 2026, 10:21 AM
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Posted By Preeti Kumari

Bulldozer action in Varanasi, encroachments being removed from many areas amid heavy force


वाराणसी: नगर निगम की ओर से गुरुवार को चितईपुर और कैंट के अलावा वरूणा पार इलाके से अतिक्रमण के खिलाफ तगडा अभियान चलाया जा रहा है. अतिक्रमण हटाने के साथ नगर निगम की ओर से लैंडबैंक बढ़ाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है. अब तक 550 बीघे सरकारी जमीन से कब्जा हटवाया जा चुका है. पिछले दिनों हुए सर्वे में 1400 बीघे से अधिक सरकारी जमीनों को चिह्नित किया गया था. पहले उन जमीनों से कब्जा हटवाया जाएगा, जहां कोई विवाद नहीं है. टीन शेड लगाकर कब्जा करने वालों को हटवाया जाएगा.


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जमीन से कब्जा हटवाकर


कब्जा हटवाने के बाद जमीन को तारों से घेरकर नगर निगम अपना बोर्ड लगाएगा. इनका इस्तेमाल सरकारी योजनाओं के विकास में किया जाएगा. इन पर कम्युनिटी सेंटर, बरातघर, पार्क आदि का विकास किया जाएगा. इन पर बीते कई वर्षों से लोगों का कब्जा है. इनकी कीमत तकरीबन 700 करोड़ रुपये के आसपास होगी. कुछ जमीन से कब्जा हटवाकर वहां पिलर लगाए गए हैं. कुछ जगहों पर निगम ने अपना बोर्ड और तारों का घेरा बनवाकर इसे पूरी तरह से अपनी संपत्ति घोषित कर दिया है.


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1300 बीघे से अधिक सरकारी जमीन पर कब्जा


नवविस्तारित इलाकों के सर्वे में 79 गांव ऐसे मिले हैं, जहां पर 1300 बीघे से अधिक सरकारी जमीन पर कब्जा था. लंबे वक्त से ग्राम सभाओं का वर्चस्व होने के कारण लोगों ने मनमाने तरीके से कब्जा करके रखा था. सहायक नगर आयुक्त अनिल यादव ने बताया कि नगर निगम की ओर से सरकारी जमीन से कब्जा हटवाया जा रहा है. इसे नगर निगम की ओर से विकास कार्य कराए जाएंगे.नगर निगम के इस बुल्‍डोजर कार्रवाई से इलाके में अफरा तफरी की स्थिति देखी जा रही है. इस दौरान बडी संख्‍या में पुलिस फोर्स की तैनाती की गई.


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कैंट स्‍टेशन पर रेलवे ने चलाया अभियान


उत्तर रेलवे के वाराणसी जंक्शन स्टेशन पर रेल सुरक्षा बल, स्वास्थ्य एवं यातायात निरीक्षकों तथा सीईओ केंटोनमेंट द्वारा नियुक्त की गई संयुक्त टीम द्वारा वाराणसी कैंट जंक्शन स्टेशन के द्वितीय प्रवेश द्वार के बाहर अवैध रूप से खड़े होने वाले ठेलों एवं अतिक्रमण को हटाया गया.

इस संबंध में स्टेशन निदेशक अर्पित गुप्ता एवं सीईओ केंटोनमेंट सत्यम मोहन ने संयुक्त अभियान चलाए जाने के लिए रणनीति बनाई थी जिसमें कैंटोनमेंट क्षेत्र के अधिकार क्षेत्र में आने वाले भूखंड पर चल रहे अवैध ठेले और अतिक्रमण को आज विशेष दस्ते का सहयोग लेकर इस प्रक्रिया के तहत क्रियान्वित किया गया.


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अवैध ठेलों के खड़े रहने से जहां एक और स्टेशन का मार्ग अवरुद्ध होता था तो दूसरी और उनके द्वारा फैलाए जा रहे कचरे से सफाई प्रबंधन में भी बाधा उत्पन्न होती थी जिस से यात्रियों को असुविधा के साथ साथ रेल एवं कैंटोनमेंट प्रशासन दोनों की छवि भी धूमिल होती थी. इसका संज्ञान लेते हुए जनहित एवं यात्री सेवा को सर्वोपरि रखते हुए यह आवश्यक कार्यवाही आज सफलतापूर्वक सम्पन्न की गई.

आधे घंटे की बारिश ने खोली विकास के दावों की पोल,  कांग्रेस का प्रदर्शन
आधे घंटे की बारिश ने खोली विकास के दावों की पोल, कांग्रेस का प्रदर्शन
वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में मंगलवार को हुई बारिश ने शहर की जलनिकासी व्यवस्था और विकास के दावों की पोल खोल दी, महज आधे घंटे की बारिश के बाद शहर के कई इलाकों, गलियों, चौराहों और प्रमुख मार्गों पर जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई. काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के मुख्य द्वार पर भी भारी जलजमाव देखने को मिला, जिससे मरीजों, छात्र-छात्राओं और आम नागरिकों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.इस दौरान महानगर युवा कांग्रेस अध्यक्ष चंचल शर्मा ने कहा कि देश और प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन सरकार है, वाराणसी से प्रधानमंत्री वर्ष 2014 से लगातार सांसद हैं, और शहर को विश्वस्तरीय बनाने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है, कि थोड़ी सी बारिश में ही शहर की सड़कें और चौराहे जलमग्न हो जाते हैं.चंचल शर्मा ने कहा कि “शहर की हर गली, चौराहे और प्रमुख मार्ग पर जलजमाव की स्थिति दिखाई दे रही है, यह नगर निगम और भाजपा सरकार के विकास के दावों की पोल खोल रहा है, जब महज आधे घंटे की बारिश में यह हाल हो जाता है, तो बड़े-बड़े विकास के दावों की वास्तविकता खुद सामने आ जाती है.उन्होंने कहा कि BHU का मुख्य द्वार अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है, जहां प्रतिदिन हजारों मरीज, छात्र-छात्राएं, उनके परिजन और आम नागरिक आवागमन करते हैं, ऐसे स्थान पर जलजमाव होना, नगर निगम की जलनिकासी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है, उन्होंने सरकार और नगर निगम से मांग की कि शहर की जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए स्थायी और प्रभावी कदम उठाए जाएं.ALSO READ : वाराणसी में डंपर की टक्‍कर से बाइक सवार युवती की मौत, पिता गंभीर रूप से घायलयुवा कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जनता को कागजों और विज्ञापनों में विकास नहीं, बल्कि जमीन पर बेहतर सड़क, साफ-सफाई और सुचारु जलनिकासी व्यवस्था चाहिए.वाराणसी जैसे महत्वपूर्ण शहर में हर बारिश के बाद जलजमाव की समस्या का सामने आना जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है.इस अवसर पर महानगर युवा कांग्रेस अध्यक्ष चंचल शर्मा, कैंट विधानसभा अध्यक्ष युवा कांग्रेस धीरज सोनकर, महानगर महासचिव युवा कांग्रेस आयुष पटेल, महानगर उपाध्यक्ष युवा कांग्रेस आस्तोष श्रीवास्तव सहित अन्य युवा कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे.
वाराणसी में डंपर की टक्‍कर से बाइक सवार युवती की मौत, पिता गंभीर रूप से घायल
वाराणसी में डंपर की टक्‍कर से बाइक सवार युवती की मौत, पिता गंभीर रूप से घायल
वाराणसी : चौबेपुर थाना क्षेत्र के सिंगुलपुर अंडरपास पर मंगलवार दोपहर एक भीषण सड़क हादसे में बाइक सवार युवती की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसके पिता गंभीर रूप से घायल हो गए. तेज रफ्तार डंपर ने बाइक को बगल से टक्कर मारी, जिससे बाइक पूरी तरह चकनाचूर हो गई. हादसे की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुँच गई और मामले की जाँच शुरू कर दी है. हादसे की खबर लगते ही युवती के परिवार में मातम पसर गया.जानकारी के अनुसार, मृतका जोया खां (उम्र 21, अविवाहित, पुत्री आलम खां) अपने पिता के साथ बाइक पर बैठकर गाजीपुर से वाराणसी की ओर जा रही थीं. इसी दौरान एक तेज रफ्तार डंपर चौबेपुर की ओर से भगतुवा चौराहे की तरफ जा रहा था. अंडरपास पर दोनों वाहनों की भीषण टक्कर हुई. जिससे बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई. पिता-पुत्री सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए. हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के स्थानीय ग्रामीणों और मौके पर मौजूद पुलिस ने तुरंत दोनों घायलों को नजदीकी नरपतपुर सीएससी पहुँचाया. वहाँ डॉक्टरों ने पिता का प्राथमिक इलाज शुरू किया, जबकि पुत्री जोया खां को जाँच के बाद मृत घोषित कर दिया.सूचना के बाद युवती के अन्य परिजन अस्पताल पहुँचे, जहाँ उनका रो-रोकर बुरा हाल है. परिजनों ने प्रशासन से न्याय और डंपर चालक की गिरफ्तारी की गुहार लगाई है. मृतका का पता चुप्पेपुर, थाना शिवपुर, वाराणसी बताया गया है. घायल पिता की स्थिति अब स्थिर बताई जा रही है.ALSO READ : बीएचयू अस्पताल बना तालाब, कमर भर पानी, कंधे पर मरीज लेकर पहुंचे ओपीडी व इमरजेंसीस्थानीय पुलिस ने डंपर को कब्जे में ले लिया है, जबकि चालक मौके से फरार हो गया. पुलिस टीम उसकी तलाश में जुटी है. थानाध्यक्ष का कहना है कि मामला दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है.
बीएचयू अस्पताल बना तालाब, कमर भर पानी, कंधे पर मरीज लेकर पहुंचे ओपीडी व इमरजेंसी
बीएचयू अस्पताल बना तालाब, कमर भर पानी, कंधे पर मरीज लेकर पहुंचे ओपीडी व इमरजेंसी
वाराणसी : काशी में सोमवार रात से शुरू हुई बारिश मंगलवार को भी लगातार जारी रही. बारिश के चलते सड़कें तालाब बन गईं हैं. वहीं रात से सुबह तक हुई बारिश से बीएचयू परिसर में कमर भर पानी भर गया. इस दौरान बीएचयू अस्पताल में इलाज के लिए आए मरीजों व तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा. लोगों को कमर भर पानी में घुसकर जाना पड़ा. बच्चे व बुजुर्गों को गोद में उठाकर ले जाना पड़ा. उधर, बरेका में पानी भरने के कारण गेट बंद कर दिया गया है. ऐसे में आवागमन बाधित है. सोमवार की देर शाम से हो रही बारिश में बीएचयू अस्पताल में व्यवस्थाएं चरमरा गईं. पूरा अस्पताल तालाब बन गया.मंगलवार को ओपीडी से लेकर इमरजेंसी जाने वाले रास्ते के साथ ही खून जांच काउंटर, पर्ची, दवा काउंटर वाले रास्ते पर एक फीट से ज्यादा पानी भरा रहा. पानी भरने के कारण अस्पताल में स्ट्रेचर, व्हील चेयर तक नहीं जा सका. लोग मरीजों को कंधे पर बिठाकर ओपीडी और इमरजेंसी में पहुंचे. यह पहली बार नहीं है.हर वर्ष बारिश के मौसम में अस्पताल की यही स्थिति देखने को मिलती है. यहां हर दिन यूपी, बिहार, झारखंड आदि जगहों से करीब 6,000 मरीज इलाज की उम्मीद लेकर आते हैं, वहीं मरीजों की भारी भीड़ के मुकाबले अस्पताल की व्यवस्थाएं नाकाफी नजर आती हैं. लेकिन जलभराव के विकराल रूप को देखते हुए मरीजों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई है.ALSO READ : वाराणसी नगर निगम का एक्शन, डेढ़ घंटे में पानी गायब, 11 प्रमुख मार्गों से हटाए गए गिरे पेड़दर्जनों मरीज और उनके तीमारदार परिसर का दृश्य देखकर बिना डॉक्टर को दिखाए ही वापस लौटने पर मजबूर हो गए. जलभराव का सबसे गंभीर असर बाल रोग विभाग पर पडा. छोटे-छोटे बच्चों को लेकर पहुंचे अभिभावक पानी के बीच काफी परेशान नजर आए. नेत्र एवं ईएनटी विभाग में बुजुर्ग मरीजों की संख्या ज्यादा होती है, जिन्हें कमर भर पानी में चलने में भारी जोखिम उठाना पड़ा.