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वाराणसी पुलिस की दोहरी सफलता, मुठभेड़ों में इनामी गौ-तस्कर समेत कुख्यात बदमाश गिरफ्तार

वाराणसी पुलिस की दोहरी सफलता, मुठभेड़ों में इनामी गौ-तस्कर समेत कुख्यात बदमाश गिरफ्तार
Sep 03, 2025, 07:41 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी : कमिश्नररेट पुलिस को उस समय बड़ी सफलता मिली जब थाना बड़ागाँव और फूलपुर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई कर ₹25,000 के इनामी कुख्यात गौ-तस्कर गोविन्द सिंह को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया.

गोविन्द सिंह पर 9 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और पुलिस उसकी तलाश लंबे समय से कर रही थी. मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने रामेश्वर के पास वरुणा पुल पर दबिश दी. इस दौरान आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग कर दी. जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके पैर में लगी और वह घायल हो गया. पुलिस ने मौके से एक 315 बोर का तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद किया. उसे उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है.


गौ-तस्करी नेटवर्क का खुलासा


पुलिस की पूछताछ में गोविन्द सिंह ने अंतर्राज्यीय गौ-तस्करी नेटवर्क की परतें खोलीं.

पहला स्तर – पूर्वी यूपी के जिलों से गायें चोरी या सस्ती कीमत पर खरीदना.

दूसरा स्तर – बिहार के पशु मेलों में इन्हें ऊंचे दाम पर बेचना.

तीसरा स्तर – ट्रांसपोर्टर द्वारा पशुओं को बंगाल तक पहुँचाना.


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चौथा स्तर – रास्ते में गाड़ियों को पास कराने वाले लोग.


गोविन्द ने बताया कि गायें यूपी से ₹500–600 में खरीदी जाती हैं और बिहार पहुँचने पर इनकी कीमत ₹10,000 तक हो जाती है। बंगाल पहुँचने पर दाम और अधिक मिलते हैं.उसका भाई राजू सिंह भी गौ-तस्कर है और इस समय जेल में बंद है.

गोमती ज़ोन पुलिस ने साफ किया कि इस नेटवर्क को तोड़ने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा और अन्य अपराधियों की गिरफ्तारी होगी.


दूसरी कार्रवाई : कैंट पुलिस की आधी रात बदमाशों से मुठभेड़


बीती रात कैंट पुलिस की टीम ने पांडेयपुर चौराहा के पास चेकिंग के दौरान बाइक सवार दो संदिग्धों को रोकने की कोशिश की. संदिग्ध मेंटल हॉस्पिटल के पास गली में भागे, लेकिन बारिश के पानी में बाइक फिसल गई. इसके बाद दोनों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी. पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में फायरिंग की जिसमें एक बदमाश को गोली लगने से घायल हो गया, जबकि दूसरा पकड़ा गया. घायल बदमाश की पहचान शाहिद अली उर्फ राजू अंसारी (निवासी कन्हाई सराय, लोहता) के रूप में हुई. उसका साथी अजय कुमार गुप्ता (निवासी सलारपुर, सारनाथ) भी गिरफ्तार हुआ. मौके से पुलिस ने तमंचा, कारतूस और चोरी की आशंका वाली बाइक बरामद की। दोनों बदमाश एक वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे.


घायल बदमाश अस्पताल में भर्ती


डीसीपी वरुणा प्रमोद कुमार और एसीपी कैंट नितिन तनेजा ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और फॉरेंसिक टीम से साक्ष्य जुटवाए. घायल बदमाश को दीनदयाल चिकित्सालय में भर्ती कराया गया.


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पुलिस की रणनीति : अपराधियों पर कड़ा शिकंजा


वाराणसी पुलिस लगातार “ऑपरेशन चक्रव्यूह” के तहत अपराधियों पर नकेल कस रही है. गोविन्द सिंह जैसे अंतर्राज्यीय नेटवर्क के सरगना को पकड़कर गौ-तस्करी के धंधे को कमजोर किया गया. वहीं, कैंट क्षेत्र की मुठभेड़ ने सक्रिय बदमाशों की कमर तोड़ी.

अधिकारियों का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी और तेज किया जाएगा. कुल मिलाकर, वाराणसी पुलिस की इन दोनों कार्रवाइयों ने न सिर्फ बड़े अपराधियों को गिरफ़्तार किया बल्कि संगठित अपराध के नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुए.

सारनाथ में पुलिसिंग का रियलिटी चेक, विवेचना से साइबर सुरक्षा तक परखी तैयारी
सारनाथ में पुलिसिंग का रियलिटी चेक, विवेचना से साइबर सुरक्षा तक परखी तैयारी
वाराणसी: पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने मंगलवार 22 सितंबर को थाना सारनाथ का निरीक्षण कर सर्किल सारनाथ के अंतर्गत आने वाले थानों की पुलिसिंग, लंबित एवं कालबाधित विवेचनाओं और कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने पुलिस अधिकारियों को अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, साइबर पुलिसिंग और जनसुनवाई को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए. लंबित और कालबाधित विवेचनाओं की समीक्षा करते हुए प्रत्येक मामले में गुणवत्तापूर्ण साक्ष्य संकलन, प्रभावी पर्यवेक्षण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने पर जोर दिया.‘थाना गोद लेने’ की पहल के तहत संबंधित अधिकारियों को थानों की कार्यप्रणाली, अपराध नियंत्रण, जनसुनवाई और पुलिसकर्मियों के कल्याण की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए. निरीक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों से साइबर सुरक्षा, प्रतिबिम्ब एप, सीसीटीएनएस, आरटीसी, जेडएफडी, फॉरेंसिक जांच, साक्ष्य संकलन, सीडीआर और आईडीपीआर से जुड़े विषयों की जानकारी ली गई. पुलिस आयुक्त ने तकनीकी दक्षता बढ़ाने पर जोर दिया.मिशन शक्ति केंद्र की महिला पुलिसकर्मियों को विद्यालयों, हॉस्टल और कोचिंग संस्थानों में नियमित जागरूकता कार्यक्रम चलाने तथा महिलाओं और छात्राओं से संवाद बढ़ाने को कहा गया. इसके अलावा शिक्षण संस्थानों में सीसीटीवी कैमरों की नियमित जांच, महिला सुरक्षा से जुड़ी शिकायतों पर कार्रवाई और 1090, 112 व 1930 हेल्पलाइन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए गए.रिक्रूट बने सवालों के ‘स्मार्ट’ जवाबपुलिस आयुक्त ने नए रिक्रूट आरक्षियों से साइबर अपराध, नए कानून, सीसीटीएनएस और फॉरेंसिक सहित विभिन्न विषयों पर सवाल किए. बेहतर प्रदर्शन करने वाले 6 रिक्रूट आरक्षियों को ₹500-₹500 का नकद पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया. इनमें अनुप्रिया पटेल — थाना चोलापुर, पूनम देवी — थाना चौबेपुर, प्रियांशु दूबे — थाना चौबेपुर, रजत शाही — थाना सारनाथ, प्रियंका देवी — थाना सारनाथ और गार्गी सिंह — थाना सारनाथ शामिल हैं.पुलिस आयुक्त ने अधिकारियों और थाना प्रभारियों को नियमित स्थलीय निरीक्षण कर अतिक्रमण हटाने, जाम की स्थिति रोकने और यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के निर्देश दिए. थाना परिसर में साफ-सफाई, शुद्ध पेयजल, आगंतुकों के लिए बेहतर व्यवस्था, महिला पुलिसकर्मियों के लिए अलग शौचालय और पुलिस मेस में स्वच्छ एवं पौष्टिक भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया. निरीक्षण के दौरान डीसीपी वरुणा जोन राजेश कुमार पाण्डेय, एडीसीपी वरुणा जोन लिपि नगायच सहित संबंधित एसीपी और पुलिसकर्मी मौजूद रहे.
बीएचयू केंद्रीय कार्यालय का घेराव, चीफ प्रॉक्टर को हटाने की उठाई मांग, सुरक्षाकर्मियों से हुई धक्का मुक्की
बीएचयू केंद्रीय कार्यालय का घेराव, चीफ प्रॉक्टर को हटाने की उठाई मांग, सुरक्षाकर्मियों से हुई धक्का मुक्की
वाराणसी : बीएचयू में चीफ प्रॉक्टर के खिलाफ छात्र लामबंद हो गए हैं. इसी क्रम में बुधवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े छात्रों ने विश्वविद्यालय के केंद्रीय कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया. छात्रों के केंद्रीय कार्यालय की ओर बढ़ने की सूचना पर प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीम मौके पर पहुंच गई और छात्रों को रोकने का प्रयास किया. इस दौरान छात्रों और सुरक्षाकर्मियों के बीच हल्की धक्का-मुक्की भी हुई. प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने चीफ प्रॉक्टर को तत्काल पद से हटाने की मांग की. अपनी मांगों को लेकर परिसर में दीवार लेखन का भी सहारा लिया. हालांकि कई स्‍थानों पर लेखने को मिटाने का प्रयास भी किया गया.छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय में लंबे समय से प्रॉक्टोरियल बोर्ड की कार्यप्रणाली को लेकर छात्र संगठनों में नाराजगी है. आरोप है कि छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के बाद उनके खिलाफ जांच कमेटियां गठित की जाती हैं और उन्हें कार्यालय बुलाकर पूछताछ के नाम पर मानसिक रूप से परेशान किया जाता है.छात्र पल्लव ने कहा कि चीफ प्रॉक्टर के निर्देश पर कई मामलों में छात्रों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की घटनाएं हुई हैं. उनका कहना है कि अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से धरना देने वाले छात्रों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाती है. इसी को लेकर एबीवीपी ने विश्वविद्यालय प्रशासन से प्रॉक्टोरियल व्यवस्था में तत्काल बदलाव की मांग की है.छात्रों ने रखीं नौ प्रमुख मांगें• चीफ प्रॉक्टर व प्रोक्टोरियल बोर्ड को तत्काल बर्खास्त किया जाए.• छात्रों पर दर्ज मुकदमे व दंडात्मक कार्रवाई वापस ली जाए.• छात्रों के उत्पीड़न व अभद्रता पर तत्काल रोक लगे.• 12 सितंबर की प्रेक्षागृह आवंटन प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच हो.• विश्वविद्यालय परिसर में बाहरी व्यक्तियों के अनधिकृत प्रवेश पर रोक लगे.• संवेदनशील स्थानों पर CCTV व डार्क स्पॉट पर स्ट्रीट लाइट लगे.• मधुवन उद्यान सहित सार्वजनिक स्थलों की निगरानी बढ़े; नशाखोरी पर रोक लगे.• खाद्य दुकानों पर CCTV व अनिवार्य रेट लिस्ट हो.• सुरक्षाकर्मियों के वेतन-सेवा शर्तों में समानता व उत्पीड़न पर रोक सुनिश्चित हो.
पिशाच मोचन कुंड में डूबकर युवक की मौत, अस्पताल से शव लेकर भागे परिजन, पुलिस ने ऐसे पकड़ा
पिशाच मोचन कुंड में डूबकर युवक की मौत, अस्पताल से शव लेकर भागे परिजन, पुलिस ने ऐसे पकड़ा
वाराणसी : पिशाच मोचन कुंड में बुधवार को मलदहिया मलिन बस्ती के रहने वाले एक युवक की डूबने से मौत हो गई. घटना की सूचना मिलते ही सिगरा थाने की पुलिस और एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और मशक्‍कत के बाद युवक के शव को कुंड से बाहर निकाला गया. इस दौरान पुलिसकर्मी शव को लेकर कबीरचौरा स्थित मंडलीय अस्पताल पहुंचे, जहां से पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने के दौरान परिजनों से पुलिसकर्मियों की बहस हो गई और परिजन युवक के शव को लेकर भाग निकले. हालांकि, बाद में पुलिसकर्मियों ने दौडधूप कर शव को वापस बरामद किया. इस दौरान गहमागहमी का माहौल बना रहा.जानकारी के मुताबिक, सिगरा थाना क्षेत्र के मलदहिया का रहने वाला राजू अपने दो दोस्तों के साथ पिशाच मोचन कुंड के पास गया था. सूत्रों के मुताबिक, तीनों ने अत्यधिक मात्रा में शराब का सेवन किया था. इसी दौरान राजू का पैर फिसल गया और वह कुंड में डूब गया. घटना की जानकारी होने के बाद मौके पर अफरा तफरी मची रही. वहीं, इस मामले की सूचना स्थानीय पुलिस को भी दी गई और एनडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंचकर राजू के शव को खोजने लगी.थोड़ी ही देर में एनडीआरएफ की टीम ने राजू के शव को कुंड से बाहर निकाला. इस दौरान दो पुलिसकर्मियों को शव सुपुर्द किया गया और वे शव को लेकर मंडलीय अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद राजू को मृत घोषित कर दिया. राजू को मृत घोषित किए जाने के बाद पुलिसकर्मी पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के लिए अग्रिम कार्रवाई में जुट गए. इसी दौरान परिजन भी वहां पहुंच गए और पुलिसकर्मियों से उनकी कहासुनी हो गई. बताया जा रहा है कि परिजन पोस्टमार्टम के लिए तैयार नहीं थे. स्ट्रेचर पर पड़े शव को उठाकर परिजन भागने लगे. इस दौरान वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने का काफी प्रयास किया.ALSO READ : बनारसीपन से बनाई खास पहचान, संजय मिश्रा को मिला राष्ट्रीय सम्मानपुलिस ने दौड़कर पकड़ाइसी बीच परिजन ई-रिक्शा में शव को लादकर अस्पताल परिसर से भाग निकले. अस्पताल परिसर में हुई इस घटना के बाद अफरा तफरी का माहौल कायम हो गया. ई-रिक्शा से भाग रहे परिजनों के पीछे पुलिस भी दौड़ी और कुछ दूरी पर जाकर सड़क पर पुलिस कर्मियों ने ई-रिक्शा को रोक दिया और शव को कब्जे में ले लिया.सिगरा थाना अध्यक्ष शिवाकांत मिश्रा ने बताया कि पिशाच मोचन कुंड में एक युवक के डूबने की जानकारी मिली थी, जिसके बाद थाने की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची और युवक के शव को लेकर कबीरचौरा गई. वहीं, परिजन पुलिस कर्मियों से धक्का-मुक्की कर शव को लेकर भागने लगे. इसके बाद कुछ ही दूरी पर जाने के बाद उन्हें पकड़ लिया गया और फिलहाल शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. उन्होंने बताया कि पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है.