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वाराणसी से अब चार घंटे में थाईलैंड, एक फरवरी से एअर इंडिया की विमान सेवा

वाराणसी से अब चार घंटे में  थाईलैंड, एक फरवरी से एअर इंडिया की विमान सेवा
Jan 13, 2026, 07:33 AM
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Posted By Monisha Rai

वाराणसी : बाबतपुर स्थित लाल बहादुर शास्‍त्री अंतरराष्‍ट्रीय एयरपोर्ट से अब एअर इंड‍िया की बैंकाक, थाईलैंड की व‍िमान सेवा शुरू होने जा रही है. पूर्वांचल के लिए महत्वपूर्ण जानकारी यह है कि अब वाराणसी से बैंकाक जाने वाले पर्यटक केवल चार घंटे में अपने गंतव्य तक पहुँच सकेंगे. एअर इंडिया एक्सप्रेस इस रूट पर नई विमान सेवा एक फरवरी से आरंभ करने जा रही है. नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने विमान संचालन की अनुमति प्रदान कर दी है, और टिकट बुकिंग भी प्रारंभ हो चुकी है.


नोट कर लें किराया


AIR INDIA


विमान का एक तरफ का किराया 8,000 से 10,000 रुपए के बीच निर्धारित किया गया है, हालाँकि यह फ्लैक्सी फेयर होने के कारण घट या बढ़ भी सकता है. जानकारी के अनुसार, एयर इंडिया एक्सप्रेस का विमान आई एक्स 215 दोपहर 12:35 बजे वाराणसी से उड़ान भरकर शाम 06:05 बजे बैंकाक पहुँचेगा. इसके बाद, यही विमान आई एक्स 216 बनकर बैंकाक के स्थानीय समयानुसार शाम 7:05 बजे उड़ान भरकर भारतीय समयानुसार रात 9:35 बजे वाराणसी लौटेगा.


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ट्रैवल कारोबार से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि वाराणसी और बैंकाक के बीच सीधी उड़ान सेवा शुरू होने से न केवल पर्यटन बल्कि व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा. यह सेवा वाराणसी के सैलानियों के लिए एक नई सुविधा प्रदान करेगी, जिससे वे आसानी से बैंकाक की यात्रा कर सकेंगे.

यह ध्यान देने योग्य है कि कोविड-19 के पूर्व, वाराणसी और बैंकाक के बीच इंडिगो और थाई एयरवेज की उड़ानें संचालित होती थीं. लेकिन कोरोना महामारी के कारण इस रूट पर सेवाएँ बंद कर दी गई थीं. अब, पाँच साल बाद इस रूट पर उड़ानें फिर से शुरू होने से पर्यटकों में उत्साह का माहौल है. इस नई सेवा के माध्यम से, वाराणसी के सैलानी अब बैंकाक की संस्कृति, खान-पान और पर्यटन स्थलों का आनंद आसानी से ले सकेंगे.

इस पेंगुइन ने खीचा लोगों का ध्यान, वायरल हुई वीडियो
इस पेंगुइन ने खीचा लोगों का ध्यान, वायरल हुई वीडियो
अंटार्कटिका की अंतहीन बर्फ के बीच एक अकेला पेंगुइन, अपनी कॉलोनी को पीछे छोड़कर विशाल बर्फीले पहाड़ों की ओर बढ़ रहा है. इन दिनों इंटरनेट पर वायरल वीडियो सनसनी मचा रहा है. यह वायरल वीडियो रेजिस्टेंस और विद्रोह का एक अनूठा प्रतीक बन गया है. सोशल मीडिया पर लोग इसे रॉबर्ट फ्रॉस्ट की 'रोड नॉट टेकन' चुनने वाला बता रहे हैं, जिसके बाद हर कोई यही जानना चाहता है कि, अपनी कॉलोनी को छोड़कर आखिर वो पेंगुइन अकेला पहाड़ की तरफ क्यों जा रहा है? तो चलिए आज हम आपको इसके बारे में बताते हैं.आखिर क्या है 'निहिलिस्ट पेंगुइन' की असली कहानी?सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो की सच्चाई यह है कि, जनवरी 2026 में वायरल हो रहा ये वीडियो यह हालिया का नहीं है. यह क्लिप 19 साल पुरानी एक डॉक्यूमेंट्री 'एनकाउंटर्स एट द एंड ऑफ द वर्ल्ड' (2007) से ली गई है, जिसे जर्मन फिल्म निर्माता वर्र्नर हर्जोग ने निर्देशित किया था, इस फिल्म में एक एडली पेंगुइन को अपनी कॉलोनी से दूर जाते दिखाया गया है.आमतौर पर पेंगुइन समुद्र की ओर जाते हैं, जहां उन्हें खाना और जीवन मिलता है, लेकिन यह पेंगुइन उनसे उलट दुर्गम पहाड़ियों की ओर जा पड़ा. हर्जोग ने इसे ‘डेथ मार्च’ यानी मौत की यात्रा कहा, क्योंकि उस दिशा में पेंगुइन का जीवित बचना नामुमकिन था.क्यों छोड़ दिया उसने सब कुछफिल्म में बताया जा रहा है कि, अगर उस पेंगुइन को पकड़कर वापस कॉलोनी में छोड़ भी दिया जाता, तब भी वह मुड़कर फिर से उसी ‘डेथ मार्च’ पर निकल पड़ता है. फिल्म निर्माता ने यह भी कन्फर्म किया था कि वह पेंगुइन उन पहाड़ों की ओर करीब 70 कि.मी. चला, लेकिन बाद में उसकी मृत्यु हो गई. अब हजारों लोग इस पेंगुइन का वीडियो और मीम शेयर कर रहे हैं. इनमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भी शामिल हैं. उन्होंने पेंगुइन के साथ एक एआई जेनेरेटेड पोस्ट शेयर करके ग्रीन लैंड पर कब्जा करने की अपनी धमकी को बढ़ावा दिया है.इस वायरल वीडियों में डोनाल्ड ट्रंप को पेंगुइन को देख कई लोगों ने टॉक्सिक वर्क कल्चर को लेकर निशाना साधा हैं. कई लोगों ने इसे इनर पीस से जोड़कर देख रहे हैं कि यह पेंगुइन दुनिया के दिखावे को छोड़कर अकेले निकल पड़ा है, वह दुनिया की भीड़ में और दिखावा नहीं करना चाहता है.
उमा भारती बोलीं, शंकराचार्य होने का सबूत मांगना मर्यादा का उल्लंघन
उमा भारती बोलीं, शंकराचार्य होने का सबूत मांगना मर्यादा का उल्लंघन
यूपी के प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और प्रशासन के बीच विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है. दोनों पक्ष अपनी-अपनी बातों पर अडिग है. इस बीच एमपी की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती का बयान भी सामने आया है, जिसमें उन्होंने प्रशासन द्वारा शंकराचार्य होने के सबूत मांगने को पूरी तरह अनुचित करार दिया है. हालांकि, उन्होंने इसके साथ यह भी कहा है कि योगी विरोधी खुशफहमी न पालें. मेरा कथन सीएम योगी के खिलाफ नहीं हैं.मर्यादाओं का उल्लंघन कियाप्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और प्रशासन के विवाद पर पूर्व सीएम उमा भारती ने बयान दिया और प्रशासन द्वारा शंकराचार्य होने का सबूत मांगने को अनुचित बताया, लेकिन उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि, उनका कथन सीएम योगी के खिलाफ नहीं है, यह अधिकार सिर्फ शंकराचार्यों या विद्वत परिषद का है.इस मामले में कई अधिकारियों ने अपना इस्तीफा भी दिया है. जहां उमा भारती ने अपने एक ट्वीट में लिखा था, मुझे विश्वास है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच कोई सकारात्मक समाधान निकल आएगा. लेकिन, प्रशासनिक अधिकारियों के द्वारा शंकराचार्य होने का सबूत मांगना, यह प्रशासन ने अपनी मर्यादाओं और अधिकारों का उल्लंघन किया है.यूपी में इस्तीफे का दौर जारी वहीं दूसरी तरफ यूपी में जारी अफसरों द्वारा दिया जा रहे इस्तीफे पर उमा भारती ने चिंता जताई और कहा कि, लागू हुआ नया नियम यूजीसी और शंकराचार्य के शिष्यों के साथ हुए अत्याचार को देख बरेली सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने अपना इस्तीफा तक दे दिया. यूपी में यह कोई पहला इस्तीफा नहीं, बल्कि अयोध्या में GST डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. जिसे लेकर यूपी की राजनीति गरमाई हुई है.
काशी विद्यापीठ में समाज कार्य विभाग की स्किल डेवलपमेंट परीक्षा 6 फरवरी को
काशी विद्यापीठ में समाज कार्य विभाग की स्किल डेवलपमेंट परीक्षा 6 फरवरी को
वाराणसी : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के समाज कार्य विभाग में स्नातक प्रथम एवं तृतीय सेमेस्टर के नियमित और छूटे हुए विद्यार्थियों की स्किल डेवलपमेंट (एन.जी.ओ. मैनेजमेंट एंड वॉलंट्री एक्शन ) की परीक्षा 6 फरवरी को आयोजित की जाएगी.विभागाध्यक्ष एवं संकायाध्यक्ष प्रो. वंदना सिन्हा ने बताया कि परीक्षा दोपहर 12 बजे से समाज कार्य संकाय के प्रो. राजाराम शास्त्री सभागार में होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा में सभी संबंधित विद्यार्थियों की उपस्थिति अनिवार्य है. अनुपस्थित रहने पर पुनः परीक्षा का आयोजन नहीं किया जाएगा.मनोविज्ञान विभाग में मिड-टर्म परीक्षा 31 जनवरी कोमहात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के मनोविज्ञान विभाग में स्नातक तृतीय सेमेस्टर के छात्रों के लिए साइकोलॉजिकल टेस्टिंग (स्किल डेवलपमेंट) विषय की मिड-टर्म परीक्षा एवं असाइनमेंट प्रेजेंटेशन 31 जनवरी को आयोजित की जाएगी.विभागाध्यक्ष प्रो. शेफाली वर्मा ठकराल ने बताया कि बी.ए., बी.कॉम. एवं बी.एस-सी. पाठ्यक्रम के छात्रों की यह परीक्षा पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न 01 बजे तक होगी। वहीं, साइकोलॉजिकल टेस्टिंग (स्किल डेवलपमेंट) की मुख्य परीक्षा 05 फरवरी को पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न 01 बजे तक कक्ष संख्या-09 में संपन्न होगी.ALSO READ : बनारस लिट फेस्ट - गंगा आरती, ऋतेश्वर महाराज के आशीर्वचन से शुरू होगा आयोजन, ये होंगे खास