वाराणसी बनेगा देश का बॉक्सिंग हब, गांव-गांव से तलाशेंगे प्रतिभाएं

वाराणसी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी को देश का बॉक्सिंग हब बनाने की तैयारी है. भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) का नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, अनुभवी प्रशिक्षकों की उपलब्धता और ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित बॉक्सिंग अकादमियों को इस अभियान का आधार बनाया जाएगा. भारतीय मुक्केबाजी संघ के महासचिव प्रमोद कुमार ने मंगलवार को वाराणसी में यह जानकारी दी.
राष्ट्रीय मुक्केबाजी प्रतियोगिता के लिए खिलाड़ियों के चयन के सिलसिले में वाराणसी पहुंचे प्रमोद कुमार ने कहा कि देश में बॉक्सिंग का क्रेज लगातार बढ़ रहा है. अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारतीय मुक्केबाजों के प्रदर्शन से इस खेल के प्रति युवाओं का रुझान बढ़ा है. ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय बॉक्सरों ने शानदार प्रदर्शन किया और अब एशियाई खेलों में भी उनसे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है.
गांवों तक पहुंचेगा बॉक्सिंग का प्रशिक्षण
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प्रमोद कुमार ने कहा कि भारतीय मुक्केबाजी संघ का विशेष जोर कम उम्र में प्रतिभाओं की पहचान करने पर है. 10 से 12 वर्ष के प्रतिभाशाली बालक-बालिकाओं को चिह्नित कर उन्हें आधुनिक बॉक्सिंग तकनीक का प्रशिक्षण दिलाया जाएगा. इसके लिए अलग-अलग स्थानों पर बॉक्सिंग रिंग की व्यवस्था की जा रही है.
उन्होंने कहा कि प्रतिभा केवल शहरों तक सीमित नहीं है. ग्रामीण क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में प्रतिभाशाली बच्चे हैं. ऐसे में गांव-गांव तक पहुंचकर टैलेंट हंट किया जाएगा और बेहतर खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर दिया जाएगा.
वाराणसी में मौजूद हैं बेहतर सुविधाएं
उन्होंने कहा कि वाराणसी को बॉक्सिंग हब बनाने के लिए यहां पहले से ही कई सुविधाएं मौजूद हैं. साई का नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, प्रशिक्षकों की उपलब्धता और विभिन्न क्षेत्रों में बॉक्सिंग अकादमियां इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं. इन संसाधनों को बेहतर तरीके से जोड़कर वाराणसी को राष्ट्रीय स्तर पर बॉक्सिंग के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है.
वाराणसी पहुंचने पर जिला मुक्केबाजी संघ की अध्यक्ष डॉ. नीलू मिश्रा और उपाध्यक्ष केबी रावत ने भारतीय मुक्केबाजी संघ के महासचिव प्रमोद कुमार का स्वागत किया.



