वीडीए का एक्शन: 52 बीघे की प्लॉटिंग ध्वस्त, सात के खिलाफ एफआईआर

वाराणसी : विकास प्राधिकरण वाराणसी की ओर से अवैध प्लाटिंग के खिलाफ ध्वस्तीकरण अभियान चलाया जा रहा है. इसी क्रम में गुरुवार को सात लोगों के 52 बीघे की अवैध प्लॉटिंग को बुलडोजर से ध्वस्त किया गया. वीडीए उपाध्यक्ष पुर्ण बोरा के निर्देश पर जोन तीन और पांच की प्रवर्तन टीम ने कार्रवाई की और थाने में सात के खिलाफ एपआईआर दर्ज कराई. दशाश्वमेध वार्ड के गंगापुर में आलोक रंजन ने चार बीघे में, विपिन सिंह ने तीन बीघे, कल्लीपुर में दो बीघे में, शाइन सिटी में 20 बीघे सहित कुल 29 बीघे में की गई अवैध प्लॉटिंग पर बुलडोजर चलाया गया. उत्तर प्रदेश नगर नियोजन और विकास अधिनियम-1973 की सुसंगत धारा-27 के तहत ध्वस्तीकरण के साथ प्राथमिकी दर्ज कराई गई.
रामनगर जोन में चौराहा के अवसफ अहमद की ओर से लगभग पांच बीघा में, जिवधीपुर में पप्पू यादव के 10 बीघा में, कटारिया के रजनीश सिंह के आठ बीघा सहित कुल 23 बीघा में की गई अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ प्रवर्तन टीम ने कार्रवाई की. वीडीए उपाध्यक्ष पुर्ण बोरा ने कहा कि भूमि क्रय से पहले लैंड यूज जांच लें. अपील की कि वाराणसी विकास प्राधिकरण से ले-आउट स्वीकृत प्लॉट ही खरीदें. कार्रवाई में रविंद्र प्रकाश, अशोक त्यागी, अवर अभियंता आदर्श निराला, संजय तिवारी, राजू कुमार मौजूद रहे.
वीडीए ने दूसरे की जमीन बेच दी
विकास प्राधिकरण ने दूसरी की जमीन को ही अपोलो हास्पिटल को बेच दिया है. इस संबंध में पीड़ित महिला को जानकारी हुई तो वह रोते बिलखते हुए वीडीए पहुंच गई. प्राधिकरण के अधिकारी भी जानकारी होने पर सन्न रह गए तो महिला को मैनेज करने की व्यवस्था करते हुए डैमेज कंट्रोल शुरू किया गया. वीडीए ने बड़ा लालपुर आवासीय योजना के तहत अपोलो हास्पिटल को दूसरे की जमीन बेच दी. यह मामला तब सामने आया जब वीडीए ने उक्त जमीन पर नक्शा भी पास कर दिया. बिंदु देवी नामक एक महिला वीडीए पर जबर्दस्ती जमीन कब्जा करने का आरोप लगाने के साथ ही वह विकास प्राधिकरण पहुंचकर हंगामा करने लगी. उनकी जान देने की बात सुनकर अधिकारियों और कर्मचारियों के होश उड़ गए. अंततः वीडीए के कर्मियों ने किसी तरह महिला को समझाकर घर भेज दिया. वीडीए उपाध्यक्ष का कहना है कि गलती की जांच कराई जा रही है.
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