वाराणसी में अवैध निर्माण के खिलाफ वीडीए की कार्रवाई, निर्माणाधीन परियोजन सील

वाराणसी : नियमों और मानकों के विपरीत हो रहे निर्माण कार्यों पर वाराणसी विकास प्राधिकरण ने सख्ती तेज कर दी है. इसी क्रम में जोन-1 क्षेत्र के अंतर्गत वार्ड शिवपुर स्थित सेहमलपुर अठगांवा में एक निर्माणाधीन परियोजना को सील कर दिया गया. यह कार्रवाई प्राधिकरण के उपाध्यक्ष के निर्देश पर की गई, जिसमें प्रवर्तन टीम ने मौके पर पहुंचकर पूरे परिसर को बंद कर दिया.
प्राधिकरण से मिली जानकारी के अनुसार शिल्पी इंटरप्राइजेज, चंद्र टावर बजरिया के अनुराग चंद्र द्वारा आराजी संख्या 13, 17, 18 और 19, मौजा सेहमलपुर, वार्ड शिवपुर में निर्माण कार्य कराया जा रहा था. पूर्व में स्वीकृत मानचित्र के मुताबिक इस परियोजना में कुल छह ब्लॉकों में ईडब्ल्यूएस और एलआईजी श्रेणी के 32 फ्लैट विकसित किए जाने थे. लेकिन निरीक्षण के दौरान पाया गया कि निर्माण कार्य स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप नहीं किया जा रहा था. आरोप है कि मानचित्र में बदलाव के बावजूद संशोधित स्वीकृति प्राधिकरण से नहीं ली गई, जो कि नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है.
मामले को गंभीर मानते हुए प्रवर्तन टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में स्थल का निरीक्षण किया. निरीक्षण के बाद निर्माणाधीन परिसर को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया. इस दौरान सहायक नगर नियोजक एवं जोनल अधिकारी सौरभ जोशी, अवर अभियंता जयप्रकाश गुप्ता, प्रवर्तन दल के सदस्य, सुपरवाइजर और स्थानीय पुलिस बल मौजूद रहे. कार्रवाई के समय मौके पर हलचल का माहौल रहा, लेकिन प्रशासनिक प्रक्रिया शांतिपूर्वक पूरी की गई.
वीडीए की इस कार्रवाई को अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है. हाल के दिनों में प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि स्वीकृत मानचित्र से इतर किसी भी प्रकार का निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. अधिकारियों का कहना है कि शहर में नियोजित विकास सुनिश्चित करने के लिए नियमों का पालन अनिवार्य है और किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर कठोर कानूनी कदम उठाए जाएंगे.
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वीडीए उपाध्यक्ष ने आम नागरिकों से अपील की है कि संपत्ति खरीदते समय पूरी सतर्कता बरतें. केवल उन्हीं परियोजनाओं या प्लॉट का चयन करें जिनका लेआउट और मानचित्र प्राधिकरण से विधिवत स्वीकृत हो. बिना मानचित्र स्वीकृति के निर्माण कार्य न कराएं और न ही ऐसे किसी प्रोजेक्ट में निवेश करें, जहां नियमों की अनदेखी की जा रही हो. उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों के उल्लंघन की स्थिति में सीलिंग, ध्वस्तीकरण और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी.



