विद्यार्थियों ने लिया स्वच्छता को दैनिक संस्कार बनाने का संकल्प, गीले-सूखे कचरे को अलग रखने की अपील

वाराणसी. नगर निगम वाराणसी की ओर से चलाए जा रहे ‘स्वच्छता से संस्कार अभियान’ के तहत मंगलवार को दशाश्वमेध जोन के विभिन्न विद्यालयों में स्वच्छता एवं कचरा प्रबंधन को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। विश्वनाथ गली स्थित विश्वनाथ सनातन धर्म इंटर कॉलेज और नई सड़क स्थित सनातन धर्म इंटर कॉलेज में विद्यार्थियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए कचरे को स्रोत पर ही अलग-अलग रखने की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों को गीले, सूखे, सैनिटरी और घरेलू हानिकारक कचरे के बारे में विस्तार से समझाया गया। बताया गया कि भोजन के अवशेष, फल-सब्जियों के छिलके और चाय की पत्ती जैसे गीले कचरे से जैविक खाद तैयार की जा सकती है। वहीं कागज, प्लास्टिक की बोतलें, गत्ता और रैपर जैसे सूखे कचरे को रिसाइक्लिंग के लिए भेजा जा सकता है।
विद्यार्थियों को सैनिटरी कचरे के साथ-साथ बैटरी, बल्ब और पेंट के डिब्बों जैसे घरेलू हानिकारक कचरे को सामान्य कूड़े से अलग रखने की आवश्यकता भी बताई गई। विशेषज्ञों ने समझाया कि कचरे का सही तरीके से पृथक्करण न केवल सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाता है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
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जागरूकता कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों से संवाद कर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। साथ ही सिंगल यूज़ प्लास्टिक का बहिष्कार करने और इसके स्थान पर पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाने की अपील की गई। विद्यार्थियों से कहा गया कि वे घर और विद्यालय में कचरे का पृथक्करण शुरू करें और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि स्वच्छता सिर्फ एक अभियान नहीं, बल्कि हमारी रोजमर्रा की आदत और संस्कार बननी चाहिए। इस दौरान बेसिक्स आईईसी और आईटीसी की टीमें भी मौजूद रहीं।



