नीले और केसरिया झंडे को लेकर उपद्रव, ACP घायल

Violence over blue and saffron flags, ACP injured
वाराणसी: चोलापुर थाना क्षेत्र के नेहिया गांव में बाबा बटुक भैरव नाथ गेट से अंबेडकर नीला झंडा उतारकर रामनवमी के दिन केसरिया ध्वज लगाने का मामला शुक्रवार को एक बार फिर से तूल पकड लिया. जानकारी के अनुसार दलित समाज के लोग सुबह सड़क पर उतर आए. देखते ही देखते लोगों ने चक्काजाम कर दिया और नारेबाजी करते हुए उग्र प्रदर्शन करने लगे. सूचना के बाद पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को नियंत्रित करने का प्रयास किया तो पथराव शुरू हो गया. जिससे एसीपी सारनाथ विदुष सक्सेना समेत अन्य पुलिसकर्मी घायल हो गए. घटना के बाद मौके डीआईजी कानून व्यवस्था शिवहरी मीणा, डीसीपी वरुणा जोन प्रमोद कुमार, सारनाथ थाना प्रभारी सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल पहुंच गए. मौके पर तनाव की स्थिति बनी हुई है.

बता दें कि, अंबेडकर जयंजी के दिन दलित समाज के लोगों ने जुलूस के दौरान बाबा बटुक भैरव नाथ गेट के ऊपर नीला झंडा लगा दिया था. इस बीच गुरुवार को लोगों ने देखा कि झंडा उतार दिया गया है. इसको लेकर दलित समाज के लोग सड़क पर उतर आए. चक्काजाम कर लोगों ने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया. अफरा तफरी के बीच चोलापुर थाने की पुलिस पहुंची और झंडा फिर से लगवा कर मामले को शांत करा दिया.

झंडा लगाने का विरोध शुरू
उधर, इसकी सूचना जैसे ही दूसरे पक्ष को हुई तो हिंदू संगठन समेत अन्य लोग मौके पर पहुंचे और झंडा लगाने का विरोध शुरू कर दिया. विरोध को देखते हुए पुलिस ने वापस झंडा उतरवा लिया. पुलिस के अनुसार दोनों पक्षों के बीच थाने में बातचीत के बाद आपसी सहमति से रामनवमी के दिन लगा केसरिया ध्वज को लगवाया गया था. इस बीच शुक्रवार को मामला फिर से तूल पकड़ लिया. दलित समाज के लोग सड़क पर उतर आए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया.

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देखते ही देखते प्रदर्शन कर रहे लोग उग्र हो गए और पुलिस पर पथराव करने लगे. घटना में एसीपी और एक अन्य पुलिसकर्मी को चोट पहुंची. हालांकि पुलिस ने बल प्रयोग कर ग्रामीणों को खदेड़ दिया. मौके पर व्याप्त तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है. पुलिस ने गांव सर्च आपरेशन की तैयारी कर रही है.



