विश्वनाथ धाम में मनी अक्षयवट प्रभु हनुमान की जयंती, फूलों और रुद्राक्ष से भव्य शृंगार
वाराणसी: प्रत्येक वर्ष भांति इस वर्ष भी चैत्र पूर्णिमा को हनुमान जयंती के पावन पर्व पर श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में विराजमान अक्षयवट हनुमान की जयंती भव्यता से मनायी गई. गुरुवार की सुबह हनुमत लला का पंचामृत स्नान कराके तेल-सिंधुर का लेपन करने के पश्चात नूतन वस्त्र धारण कराया गया. गेंदा, तुलसी, कुंद आदि सुगंधित पुष्प की मालाओं और रुद्राक्ष से भव्य शृंगार पंडित राजू पांडेय ने किया.

बाबा को रजत मुकुट धारण कराके विविध प्रकार के मिष्ठान- फल का भोग लगाया गया. मंदिर के महंत नील कुमार मिश्रा ने बताया कि बाबा की महाआरती की और भक्तों के दर्शन के लिए कपाट खोल दिया गया. भक्तों में लड्डू का प्रसाद वितरण किया. इस अवसर पर महंत बच्चा पाठक, रमेश गिरी, राजू पाठक, अंकित मिश्रा आदि लोग मौजूद रहे. यहां हनुमान जी खडे रूप में विराजमान हैं.

हनुमान ध्वजा शाेभायात्रा में बरसे श्रद्धा के फूल
महादेव की नगरी काशी में रामभक्त हनुमान की जयंती धूमधाम से मनाई गई. एक तरफ मंदिरों में भारी भीड़ देखने को मिली तो दूसरी तरफ काशी की सड़कों पर सबसे बड़ी हनुमान ध्वजा यात्रा निकाली गई. करीब 3 किलोमीटर लंबे इस हनुमान ध्वजा यात्रा में 50 हजार से ज्यादा श्रद्धालु शामिल हुए. इस दौरान जय श्री राम और जय हनुमान की गूंज हर तरफ गूंजती रही. भिखारीपुर, सुंदरपुर से निकली इस शोभायात्रा में भक्तों का कारवां बढ़ता देख हर कोई हैरान रहा. ध्वजा यात्रा का एक हिस्सा संकट मोचन दरबार में तो दूसरा बीएचयू गेट पर रहा.

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इस यात्रा के दौरान 60 फीट लंबे रथ पर प्रभु श्री राम की झांकी भी सजी और राम भजन की धुन से पूरा माहौल राममय बना रहा. संकट मोचन हनुमान जी की विभिन्न झांकिया और 60 फीट ऊंचा ध्वज इस ध्वजा यात्रा में भक्तों के आकर्षण का केंद्र रहा. इस यात्रा में महिलाएं हाथों में ध्वज लिए नंगे पांव चलती रही. संकट मोचन बाबा के दरबार पहुंच भक्तों ने 5100 ध्वज उन्हें अर्पित किए.



