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विश्वनाथ धाम में मनी अक्षयवट प्रभु हनुमान की जयंती, फूलों और रुद्राक्ष से भव्य शृंगार

विश्वनाथ धाम में मनी अक्षयवट  प्रभु हनुमान की जयंती, फूलों और रुद्राक्ष से भव्य शृंगार
Apr 02, 2026, 07:02 AM
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Posted By Preeti Kumari

वाराणसी: प्रत्येक वर्ष भांति इस वर्ष भी चैत्र पूर्णिमा को हनुमान जयंती के पावन पर्व पर श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में विराजमान अक्षयवट हनुमान की जयंती भव्यता से मनायी गई. गुरुवार की सुबह हनुमत लला का पंचामृत स्नान कराके तेल-सिंधुर का लेपन करने के पश्चात नूतन वस्त्र धारण कराया गया. गेंदा, तुलसी, कुंद आदि सुगंधित पुष्प की मालाओं और रुद्राक्ष से भव्य शृंगार पंडित राजू पांडेय ने किया.


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बाबा को रजत मुकुट धारण कराके विविध प्रकार के मिष्ठान- फल का भोग लगाया गया. मंदिर के महंत नील कुमार मिश्रा ने बताया कि बाबा की महाआरती की और भक्तों के दर्शन के लिए कपाट खोल दिया गया. भक्तों में लड्डू का प्रसाद वितरण किया. इस अवसर पर महंत बच्चा पाठक, रमेश गिरी, राजू पाठक, अंकित मिश्रा आदि लोग मौजूद रहे. यहां हनुमान जी खडे रूप में विराजमान हैं.


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हनुमान ध्‍वजा शाेभायात्रा में बरसे श्रद्धा के फूल


महादेव की नगरी काशी में रामभक्त हनुमान की जयंती धूमधाम से मनाई गई. एक तरफ मंदिरों में भारी भीड़ देखने को मिली तो दूसरी तरफ काशी की सड़कों पर सबसे बड़ी हनुमान ध्वजा यात्रा निकाली गई. करीब 3 किलोमीटर लंबे इस हनुमान ध्वजा यात्रा में 50 हजार से ज्यादा श्रद्धालु शामिल हुए. इस दौरान जय श्री राम और जय हनुमान की गूंज हर तरफ गूंजती रही. भिखारीपुर, सुंदरपुर से निकली इस शोभायात्रा में भक्तों का कारवां बढ़ता देख हर कोई हैरान रहा. ध्वजा यात्रा का एक हिस्सा संकट मोचन दरबार में तो दूसरा बीएचयू गेट पर रहा.


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इस यात्रा के दौरान 60 फीट लंबे रथ पर प्रभु श्री राम की झांकी भी सजी और राम भजन की धुन से पूरा माहौल राममय बना रहा. संकट मोचन हनुमान जी की विभिन्न झांकिया और 60 फीट ऊंचा ध्वज इस ध्वजा यात्रा में भक्तों के आकर्षण का केंद्र रहा. इस यात्रा में महिलाएं हाथों में ध्वज लिए नंगे पांव चलती रही. संकट मोचन बाबा के दरबार पहुंच भक्तों ने 5100 ध्वज उन्हें अर्पित किए.

मौसम ने फिर ली अंगड़ाई, तेज आंधी संग जमकर बरसेंगे बदरा
मौसम ने फिर ली अंगड़ाई, तेज आंधी संग जमकर बरसेंगे बदरा
Weather News: मौसम का मिजाज इन दिनों लगातार करवट लेता नजर आ रहा है. जिसके चलते कई जगह बदलते मौसम का असर देखने को मिला है. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 3 से 6 अप्रैल के बीच उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में गरज, बिजली और 40–50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ हल्की-हल्की बारिश होने की संभावना है.बर्फबारी होने की संभावना दरअसल, उत्तर-पश्चिम भारत में 3-4 अप्रैल और इसके बाद 7–8 अप्रैल को एक बेहद सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ असर दिखाने वाला है. इसके प्रभाव से जम्मू-कश्मीर से लेकर हिमाचल, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर-प्रदेश तक मौसम खराब रहेगा. 4 और 6 अप्रैल को पश्चिमी राजस्थान में व 3 अप्रैल को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में छिटपुट से मध्यम बारिश के आसार हैं. 7 और 8 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फरबाद के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है. इसी अवधि में पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और राजस्थान में भी बारिश, गरज और तेज हवाएं चल सकती हैं.ओलावृष्टि का खतरा3 और 4 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पूर्वी राजस्थान में गरज के साथ तेज आंधी चलने की चेतावनी दी गई है. इस दौरान 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जबकि कुछ स्थानों पर झोंके 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं. इसके साथ ही 3 और 4 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में ओलावृष्टि की संभावना है. उत्तराखंड में 4 अप्रैल, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 4 और 5 अप्रैल, राजस्थान में 3 और 4 अप्रैल तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में 5 अप्रैल को भी कहीं-कहीं ओले गिर सकते हैं.दिल्ली-एनसीआर पर पश्चिमी विक्षोभ का असरबता दें कि, मार्च के आखिरी 10 दिनों में उत्तर भारत के कई हिस्सों में 5-6 दिन बारिश देखने को मिली थी. लगातार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभों के कारण मौसम बदला हुआ है. हालांकि तापमान में ज्यादा गिरावट नहीं आई, लेकिन बादल, बारिश और तेज हवाओं ने गर्मी से कुछ राहत दी है. यही सिलसिला अप्रैल के पहले सप्ताह में भी जारी रहने की संभावना जताई गई है.यह भी पढ़ें: दिल्ली NCR से यूपी तक मौसम का बदला मिजाज, बारिश संग गिरेंगे ओलेजानें कहां होगी बारिशहिमाचल प्रदेश व जम्मू-कश्मीर: 3-4 और 7 अप्रैलउत्तराखंड: 3 से 5 अप्रैलपंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़: 3-4 अप्रैलदिल्ली-एनसीआर: 3 और 4 अप्रैलपश्चिमी यूपी: 3-5 अप्रैल, पूर्वी यूपी: 4-5 अप्रैलपूर्वी राजस्थान: 3-4 और 6-7 अप्रैलपश्चिमी राजस्थान: 2-4 और 6-7 अप्रैलकिसानों को किया गया अलर्ट बदलते मौसम को देखते हुए मौसम विभाग ने किसानों को आंधी, ओलावृष्टि और बिजली गिरने को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है. खुले खेतों में काम करते समय सावधानी बरतने और फसलों की सुरक्षा के उपाय करने को कहा गया है. किसानों को ये बात इसलिए सलाह के तौर पर दी गई है. क्योंकि, एक दिन पहले हुई बारिश के चलते किसानों की फसल पुरी तरह से बर्बाद हो गई थी. जिसके चलते वो काफी परेशान हो गये. बता दें. अप्रैल की शुरुआत में ही उत्तर से दक्षिण और पूर्वोत्तर तक बारिश और आंधी का असर दिखेगा, जिससे अगले कुछ दिनों तक मौसम सुहावना लेकिन चुनौतीपूर्ण रहने के आसार हैं.
95 बटालियन CRPF का धूम-धाम से मना 38वाँ स्थापना दिवस, आयोजित भव्य सांस्कृतिक संध्या
95 बटालियन CRPF का धूम-धाम से मना 38वाँ स्थापना दिवस, आयोजित भव्य सांस्कृतिक संध्या
वाराणसी: 95 बटालियन सीआरपीएफ ने बीते 1 अप्रैल को अपना 38वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया. इस अवसर पर बटालियन के कमांडेंट राजेश्वर बालापुरकर ने स्पेशल गार्ड की सलामी ली और सभी कार्मिकों को बधाई देते हुए बटालियन के कार्यों को याद किया. अपने इस स्थापना दिवस पर विशेष रूप से सभी जवानों और अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि, किसी भी बटालियन के लिए अपना वार्षिकोत्सव उतना ही महत्वपूर्ण होता है, जितना किसी व्यक्ति के जन्मदिन का. उन्होंने बटालियन के गौरवशाली इतिहास और उपलब्धियों को याद करते हुए सभी कार्मिकों का उत्साहवर्धन किया.भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन38वें स्थापना दिवस के अवसर पर वाहिनी मुख्यालय में शाम के समय पर भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम की अध्यक्षता द्वितीय कमान अधिकारी आलोक कुमार ने की. जहां मुख्य अतिथि के रूप में आशीष जैन, डीआरएम वाराणसी और मनोज कुमार, डीआईजीपी एनडीआरएफ उपस्थित रहे. बता दें, अप्रैल को 95 बटालियन CRPF की स्थापना दिवस होता है, जिसके उपलक्ष्य में इसे धूम-धाम के साथ मनाया गया है.कार्यक्रम में घुला संगीत का रंगसबसे खास बात तो यह रही कि इस समारोह में दिग्गज अधिकारी से लेकर वाहिनी के जवानों और उनके परिजनों ने कई प्रकार के लोकगीत और लोकनृत्य प्रस्तुत किया, साथ ही अधिकारियों, जवानों और उनके परिवारिजनों ने मिलकर एक साथ बड़े खाने में भोजन भी किया. जहां हर कोई एक-दूसरे के साथ खुशियां बांटते नजर आए. जिसके चलते कार्यक्रम का वातावरण काफी संगीतमय दिखा. 95 बटालियन सीआरपीएफ का स्थापना दिवस हर वर्ष 1 अप्रैल को ही मनाया जाता है. यह दिन न केवल बटालियन की स्थापना की याद दिलाता है, बल्कि सभी कार्मिकों को एकजुटता और समर्पण की प्रेरणा भी देता है.असिस्टेंट कमांडेंट अभिषेक सिंहआशुतोष शाहुअभिषेक कुमारशिव कुमार दिक्षितरंजन कुमार सिंहसांस्कृतिक कार्यक्रम में काशी विश्वनाथ मंदिर के श्रीकांत महंत, कमांडेंट सीआईएसएफ श्रीमती सुचिता सिंह, डीडीए पहाड़ियां मंडी संजय सिंह, डीडीसी पहाड़ियां मंडी अमित कुमार, डॉ. अजय तिवारी (नयी सुबह संस्था), एस.एन. यादव (HBIS), राजीव कुमार सिंह (SHO लालपुर), आदित्य राज सिंह (संत अतुलानंद) सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे.
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- अभी खेल बाकी है, फिर करेंगे ईरान पर जोरदार हमला
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- अभी खेल बाकी है, फिर करेंगे ईरान पर जोरदार हमला
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहा युद्ध अभी भी खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. इसी बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी जनता को संबोधित करते हुए कहा कि,अभी वो ईरान जंग को खत्म करने नहीं जा रहे हैं. क्योंकि, अमेरिकी सेना लक्ष्य हासिल करने के करीब है और अमेरिका अगले 2-3 सप्ताह तक ईरान पर 'बेहद कड़ा' प्रहार करेगा. लेकिन उससे पहले ये बता दें कि, एक महीने की जंग में अमेरिकी सेना ने ईरान की हालत इतनी खराब कर दी है कि अमेरिकी हमले में ईरानी नौसेना और एयरफोर्स तक तबाह हो चुके है. साथ ही उसके टॉप लीडर तक मारे जा चुके हैं.अपने इसी कार्रवाई पर डोनाल्ड ट्रंप ने खुद की बड़ाई करते हुए ये तक कह दिया कि, अमेरिका के इतिहास में आज-तक कोई भी राष्ट्रपति मेरे जैसा काम नहीं किया होगा. जो आज डोनाल्ड ट्रंप ने अपने शासन काल में कर दिखाया है. वो मिडिल ईस्ट में की गई पिछली सरकारों की गलतियों को सुधार रहे हैं.ट्रंप ने संबोधन में कह दी बड़ी बात दरअसल, अमेरिका और इजराइल द्वारा 28 फरवरी को ईरान पर सैन्य हमला शुरू करने के बाद से ट्रंप का यह पहला प्रमुख संबोधन है. गौर करने वाली बात यह है कि अपने संबोधन में उन्होंने वहीं बात कहीं है जो कुछ दिनों पहले भी अपने इन्हीं बयानों को लेकर चर्चाओं में छाएं हुए थे. हालांकि, यह संबोधन ऐसे समय पर हुआ है, जब अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान चलाया जा रहा है.इस महायुद्ध का दूसरे महीना भी लग गया है, जिसे विराम देने के लिए खुद डोनाल्ड ट्रंप ने ये दावा किया था कि कुछ दिनों में युद्ध खत्म हो जाएगा, लेकिन ईरान के साथ चल रहे जंग को खत्म नहीं करने के दावे ने हर किसी को हैरान कर दिया है. लेकिन हाल के दिनों में इस संघर्ष को लेकर अमेरिकी जनता के बीच नाराजगी भी साफ देखने को मिल रही है. जो अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है, क्योंकि उन्हें आरोपों का सामना करना पड़ रहा है कि उन्होंने मिडिल ईस्ट के इस संघर्ष पर कंट्रोल खो दिया है, जिससे युद्ध के प्रमुख उद्देश्यों को प्राप्त नहीं कर पाएंगे.अपने ही दावे से मुकरे डोनाल्ड ट्रंप कुछ भी हो ईरान के खिलाफ युद्ध छेड़ने वाले ट्रंप ने खुद ही इस जंग में अमेरिका की जीत बता चुके हैं. ऐसे में उन्होंने दुनिया भर में फैले आर्थिक नतीजों की जिम्मेदारी लेने से भी साफ इंकार कर दिया है. डोनाल्ड ट्रंप के इस रवैये को देख अमेरिकी जनता समेत देश और दुनिया के लोग काफी हैरान है, उन्हें ये समझ नहीं आ रहा है कि आखिर ट्रंप राष्ट्रपति के पद पर होकर इस तरह की बाते करना और अपने दावों से पल भर में मुकर जाना ठीक नहीं है, इसका असर आने वाले आगामी चुनाव पर साफ पड़ सकता है. जिससे ट्रंप बिलकुल भी परे है.यह भी पढ़ें: यूपी कॉलेज में छात्रों ने काली पट्टी बांधकर किया प्रदर्शन, प्राचार्य के खिलाफ कार्रवाई की मांगबता दें, एक तरफ ट्रंप द्वारा ये दावा किया जा रहा है कि, ईरानी सेना पूरी तरह से कमजोर हो चुकी है, इसकी कमजोरी का कारण अमेरिकी हमला है, जिससे वो डर चुका है, तो दूसरी तरफ ईरान ने इजरायल पर हवाई हमला कर दिया है. इजरायल की सेना ने कहा कि उसके एयरडिफेंस ने गुरुवार तड़के ईरानी मिसाइलों की तीन लहरों का जवाब दिया. खास बात है कि तीसरी लहर की खबर डोनाल्ड ट्रंप के भाषण के तुरंत बाद सामने आई है. जो काफी हैरान कर देने वाली है.