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“वर्ल्ड्स बेस्ट साइंटिस्ट्स रैंकिंग्स 2026” में IIT (BHU) के नौ शोधकर्ताओं को स्थान, निदेशक ने कही ये बात

“वर्ल्ड्स बेस्ट साइंटिस्ट्स रैंकिंग्स 2026” में IIT (BHU) के नौ शोधकर्ताओं को स्थान, निदेशक ने कही ये बात
May 13, 2026, 10:08 AM
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Posted By Preeti Kumari

Nine IIT (BHU) researchers ranked in the “World's Best Scientists Rankings 2026,” the director said.


वाराणसी: आईआईटी बीएचयू के लिए यह अत्यंत गौरव का विषय है कि संस्थान के नौ संकाय सदस्यों को अमेरिका स्थित प्रतिष्ठित वैश्विक रिसर्च रैंकिंग प्लेटफॉर्म Research.com द्वारा जारी “वर्ल्ड्स बेस्ट साइंटिस्ट्स रैंकिंग्स 2026” में स्थान प्राप्त हुआ है. यह उपलब्धि संस्थान की वैश्विक स्तर पर बढ़ती शैक्षणिक एवं शोध उत्कृष्टता को दर्शाती है.


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रैंकिंग में शामिल IIT (BHU) के प्रतिष्ठित शोधकर्ताओं में प्रो. योगेश चन्द्र शर्मा (रसायन विज्ञान), प्रो. प्रलय मैती, प्रो. राजीव प्रकाश, डॉ. अनुज कुमार (मटेरियल्स साइंस एंड टेक्नोलॉजी), प्रो. प्रांजल चन्द्रा (बायोकेमिकल इंजीनियरिंग), प्रो. जहर सरकार (मैकेनिकल इंजीनियरिंग), प्रो. राम शरण सिंह (केमिकल इंजीनियरिंग), प्रो. सत्यव्रत जित एवं प्रो. सोमक भट्टाचार्य (इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग) शामिल हैं.


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गुणवत्ता एवं प्रभाव का आकलन


यह रैंकिंग वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त शोध प्रदर्शन संकेतकों जैसे H-index तथा Discipline H-index (D-index) के आधार पर तैयार की जाती है, जो किसी विशेष विषय क्षेत्र में वैज्ञानिक योगदान की गुणवत्ता एवं प्रभाव का आकलन करते हैं. उल्लेखनीय है कि इन संकाय सदस्यों में से कई शोधकर्ताओं को पिछले वर्षों में Elsevier की “World’s Top 2% Scientists” सूची में भी कई बार स्थान प्राप्त हो चुका है.


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संस्‍थान परिवार के लिए गर्व का विषय


इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने कहा कि प्रतिष्ठित रैंकिंग में संस्थान के संकाय सदस्यों का शामिल होना पूरे संस्‍थान परिवार के लिए गर्व का विषय है. यह सम्मान संस्थान में हो रहे उच्चस्तरीय शोध, नवाचार एवं वैश्विक प्रभाव को प्रतिबिंबित करता है. उन्होंने कहा कि संस्‍थान शोध, नवाचार एवं अंतर्विषयी सहयोग के उत्कृष्ट वातावरण को निरंतर प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे समाज एवं तकनीकी विकास में सार्थक योगदान सुनिश्चित हो सके. उन्होंने यह भी कहा कि यह उपलब्धि विज्ञान, इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी के अग्रणी क्षेत्रों में आईआईटी बीएचयू की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा को और सुदृढ़ करती है.


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यह उपलब्धि संस्थान द्वारा उच्च गुणवत्ता वाले शोध, वैश्विक शैक्षणिक पहचान एवं बहुविषयी वैज्ञानिक योगदान को निरंतर प्रोत्साहन देने के प्रयासों को रेखांकित करती है. विस्तृत रैंकिंग Research.com की वेबसाइट पर उपलब्ध है.


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 गंज शहीदा मस्जिद पर नया ट्विस्ट लगी नई नोटिस, फिर रेलवे ने हटाई बढ़ा संशय...
गंज शहीदा मस्जिद पर नया ट्विस्ट लगी नई नोटिस, फिर रेलवे ने हटाई बढ़ा संशय...
वाराणसी:काशी रेलवे स्टेशन के बाहर स्थित गंज शहीदा मस्जिद को लेकर मंगलवार को एक बार फिर नया विवाद खड़ा हो गया. मस्जिद के मुख्य द्वार पर अचानक एक नई नोटिस चस्पा कर दी गई. नोटिस में 13 जून को रेलवे प्रशासन की ओर से जारी नोटिस को प्रशासनिक कारणों से तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की बात लिखी गई थी.नोटिस लगते ही इलाके में चर्चा तेज हो गई और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग व मस्जिद कमेटी के सदस्य मौके पर पहुंचने लगे. स्थानीय लोगों के मुताबिक मंगलवार दोपहर एक रेलकर्मी मस्जिद के गेट पर नई नोटिस लगाकर चला गया.नई नोटिस में कहा गया था कि काशी रेलवे स्टेशन के प्रथम प्रवेश द्वार के पास स्थित मस्जिद के संबंध में 13 जून को जारी नोटिस को रेलवे प्रशासन रद्द करता है. नोटिस पर उत्तर रेलवे वाराणसी का उल्लेख भी किया गया था.जैसे ही इसकी जानकारी फैली मस्जिद के बाहर लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई. दोपहर से शाम तक स्थानीय नागरिक, मस्जिद कमेटी के सदस्य और आसपास के लोग पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रहे. सबसे बड़ा सवाल यही रहा कि आखिर रेलवे प्रशासन ने अपना पुराना फैसला वापस क्यों लिया.हालांकि शाम करीब 5:50 बजे मामले ने नया मोड़ ले लिया. रेलवे अधिकारी आरपीएफ जवानों के साथ मौके पर पहुंचे और मस्जिद के गेट पर लगी नई नोटिस को हटवा दिया.मौके पर मौजूद रेलवे के आईडब्ल्यू काशी विनय सिंह ने बताया कि यह नई नोटिस रेलवे प्रशासन की ओर से जारी नहीं की गई थी. किसने इसे चस्पा किया इसकी जानकारी नहीं है. जानकारी मिलते ही आरपीएफ की मौजूदगी में उसे फाड़ दिया गया. उन्होंने साफ कहा कि रेलवे की ओर से पहले जारी नोटिस ही मान्य है.वहीं इस पूरे घटनाक्रम में नया दावा तब सामने आया जब नोटिस चस्पा करने वाले रेलकर्मी सुनील ने बताया कि उसने यह नई नोटिस रेलवे अधिकारियों के कहने पर लगाई थी. बाद में उन्हीं के निर्देश पर उसे फाड़कर हटा दिया गया.अब इस पूरे मामले में सवाल और संशय दोनों गहराते जा रहे हैं. आखिर नई नोटिस किसने जारी की किसके आदेश पर लगाई गई और फिर क्यों हटाई गई. देर शाम तक रेलवे प्रशासन की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था. जिससे पूरे घटनाक्रम को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही.
 री-नीट फर्जी परीक्षा देते हुए, बीएचयू की नर्सिंग छात्रा गिरफ्तार...
री-नीट फर्जी परीक्षा देते हुए, बीएचयू की नर्सिंग छात्रा गिरफ्तार...
वाराणसी : आईएमएस-बीएचयू (IMS BHU) की बीएससी नर्सिंग द्वितीय वर्ष की छात्रा पूनम कुमारी को बिहार के लखीसराय जिले में री-नीट परीक्षा में दूसरी अभ्यर्थी की जगह फर्जी परीक्षा देते हुए पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया हैयह मामला बड़े सॉल्वर गिरोह का हिस्सा है, जिसमें कुल 30 लोगों को पकड़ा गया है.गिरोह में मेडिकल-नर्सिंग के 12 छात्र-छात्राएं शामिल है.पुलिस के अनुसार पूनम कुमारी झारखंड के गिरिडीह जिले के बरमसिया गांव की निवासी है. वह 2025 बैच की बीएससी नर्सिंग छात्रा है.लखीसराय के एक परीक्षा केंद्र पर मूल अभ्यर्थी मधु प्रिया की जगह फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल कर वह परीक्षा देने बैठी थी.गिरोह ने इस फर्जीवाड़े के लिए पूनम से 10 लाख रुपये की डील की थी, जिसमें 50 हजार रुपये एडवांस में दिए जा चुके थे. बाकी रकम रिजल्ट और कॉलेज एलॉटमेंट के बाद देने की बात हुई था. गिरोह में विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के छात्र-छात्राएं शामिल हैं, जिनमें एम्स के छात्र भी बताए जा रहे हैं।इस घटना से बीएचयू परिसर में हड़कंप मच गया है. आईएमएस-बीएचयू के निदेशक ब्रिगेडियर एसएन संखवार ने कहा, “अभी हमें पूरी जानकारी नहीं मिली है.लखीसराय पुलिस से संपर्क नहीं हुआ है. यदि हमारी छात्रा इसमें शामिल पाई गई तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.छात्रा पर पहले भी था केसजानकारी के अनुसार पूनम कुमारी पर यह पहला मामला नहीं है. वर्ष 2021 में भी बीएचयू के दंत संकाय (Dental Faculty) की एक छात्रा को नीट परीक्षा में फर्जीवाड़े के आरोप में सारनाथ के सेंट फ्रांसिस जेवियर स्कूल से गिरफ्तार किया गया था.उस समय भी अभ्यर्थी की मां को भी पकड़ा गया था.ALSO READ : लखनऊ अग्निकांड के बाद वीडीए का एक्शन, नियमों के उल्लंघन पर कई कोचिंग सेंटर सील...पुलिस जांच में जुटीलखीसराय पुलिस की टीम सभी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है. प्रेरणा कुमार (पुलिस अधिकारी) ने कहा, “हम पूरे गिरोह की जांच कर रहे हैं. बायोमेट्रिक कर्मियों की मिली भगत की भी छानबीन की जा रही है.
लखनऊ अग्निकांड के बाद वीडीए का एक्शन, नियमों के उल्लंघन पर कई कोचिंग सेंटर सील...
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वाराणसी : लखनऊ कोचिंग सेंटर हादसे के बाद दूसरे दिन भी वाराणसी में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया. मंगलवार की सुबह सीएफओ आनंद सिंह राजपूत टीम के साथ दुर्गाकुंड इलाके में स्थित कोचिंग संस्थानों पर पहुंचे. सबसे पहले दुर्गाकुंड कबीरनगर स्थित जेआरएस कोचिंग पहुंचे जहां कोचिंग में लगे फायर इक्विपमेंट को चेक किया गया. इस दौरान साकेत नगर और संकटमोचन स्थित एलन कोचिंग सेंटर को सील किया गया. वाराणसी विकास प्राधिकरण और फायर की टीम ने कोचिंग संस्थानों पर पहुंचकर छानबीन की. कोचिंग परिसर में घूम कर वायरिंग और एंट्री एग्जिट चेक किया. इसके बाद बेसमेंट को चेक किया. जहां लकड़ी की बेंच और एसी सहित एक्सपायर हुए उपकरण पड़े थे.कुछ संस्थानों पर खामियां पाई गईं, जिसके बाद उन्हें खाली कराकर सील करने की कार्रवाई के निर्देश दिए गए. जिन कोचिंग सेंटरों के भवन का नक्शा पास नहीं था उन्हें वीडीए द्वारा सील किया गया. पांडेयपुर में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा जांच शुरू हुई. यहां फायर एवं सेफ्टी की पड़ताल प्रशासन द्वारा की गई. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फायर सेफ्टी, आपातकालीन निकास, पार्किंग व्यवस्था, अग्निशमन उपकरणों और सुरक्षा मानकों की नियमित जांच के निर्देश दिए गए. तीन कोचिंग सेंटरों को सील करने की बात सामने आ रही है.ALSO READ : मगहर से काशी तक पहुंचेगी 'निर्गुण त्रिधारा भक्ति उत्सव' की गूंज, कबीर जयंती पर होगा आगाज...इसी क्रम में पांडेयपुर चौकी प्रभारी दिनेश सिंह ने क्षेत्र स्थित आकाश इंस्टीट्यूट का निरीक्षण किया. इस दौरान फायर सेफ्टी अलार्म, अग्निशमन उपकरणों तथा अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच की गई. साथ ही संस्थान प्रबंधन को सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए.