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वाराणसी में वाटर मेट्रो की तैयारी, इस साल के अंत तक संचालन के ल‍िए सर्वे का लक्ष्‍य

वाराणसी में वाटर मेट्रो की तैयारी, इस साल के अंत तक संचालन के ल‍िए सर्वे का लक्ष्‍य
Oct 28, 2025, 12:18 PM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी, अयोध्या और प्रयागराज समेत देश के 18 शहरों में वाटर मेट्रो का संचालन किया जाएगा. पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय के अंतर्गत भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना का खाका तैयार किया है.


अर्बन वाटर मेट्रो प्रोजेक्ट के तहत आईडब्ल्यूएआई की ओर से कोच्चि मेट्रो रेल लिमिटेड को सर्वे करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है. सभी शहरों में सर्वेक्षण का कार्य 31 दिसंबर 2025 तक पूरा करने का निर्देश दिया गया है. इस परियोजना के शुरू होने के बाद यात्रियों को अनोखी सुविधाएं प्राप्त होंगी और इसके साथ ही ये शहर पर्यटन के मानचित्र पर भी शामिल हो सकेंगे.


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प्राध‍िकरण के इस फैसले से अब जलमार्ग से प्रमुख क्षेत्रों की कनेक्‍ट‍िव‍िटी बेहतर होने की उम्‍मीद जगी है. इसकी वजह से पर्यटन के क्षेत्र में चमक रहे बनारस में पर्यटकों के ह‍ित में चार चांद लगना तय है. हालांक‍ि तय किए गए समय के अनुसार काम पूरा हो गया तो अगले साल तक गंगा में पर्यटकों को नया अनुभव म‍िलना तय है.


इस परियोजना के तहत वाराणसी में भी वाटर मेट्रो चलाने की तैयारी की जा रही है, जिससे आम लोगों को जाम से बचते हुए यात्रा करने का अवसर मिलेगा. यह न केवल यातायात को सुगम बनाएगा, बल्कि प्रदूषण को भी कम करेगा. वाराणसी के साथ-साथ अयोध्या और प्रयागराज भी इस योजना में शामिल हैं.


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आईडब्ल्यूएआई ने वाराणसी में सर्वेक्षण किया है, जिसमें सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं. वाराणसी में गंगा में आठ स्थानों पर यात्र‍ियों के ल‍िए स्टेशन प्रस्तावित किए गए हैं, जहां से लोग वाटर मेट्रो में सवार हो सकेंगे. इनमें रामनगर स्थित आईडब्ल्यूएआई टर्मिनल, शास्त्री घाट, संत रविदास घाट, चेत सिंह घाट, काशी विश्वनाथ मंदिर के पास ललिता घाट पर, पंचगंगा घाट, नमो घाट और केशव घाट आद‍ि शामिल हैं.


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राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या एक पर मौजूद वाराणसी, अयोध्या, प्रयागराज जैसे धार्म‍िक शहरों में वाटर मेट्रो चलाने की योजना बनाई जा रही है. वाराणसी में आईडब्ल्यूएआई ने ट्रैफिक अध्ययन पूरा कर लिया है, जिसमें वाटर मेट्रो के संचालन को आवश्यक और उपयोगी माना गया है.


अंतर्राष्ट्रीय भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि वाटर मेट्रो पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ लोगों को सुरक्षित और सुगम यात्रा का विकल्प प्रदान करेगी. यह परियोजना शहरों में जनसंख्या के बढ़ते दबाव को देखते हुए भविष्य में सार्वजनिक परिवहन का एक बेहतर माध्यम साबित होगी.

महानगर उद्योग व्यापार समिति के अध्यक्ष प्रेम मिश्रा का निधन, शहर के व्यापरियों में शोक की लहर
महानगर उद्योग व्यापार समिति के अध्यक्ष प्रेम मिश्रा का निधन, शहर के व्यापरियों में शोक की लहर
वाराणसी: महानगर उद्योग व्यापार समिति के अध्यक्ष प्रेम मिश्रा का शुक्रवार की सुबह हृदयाघात से निधन हो गया. व्यापारियों की समस्याओं के लिए हमेशा मुखर रहने वाले प्रेम मिश्रा के अचानक निधन से शहर के व्यापारियों और उद्यमियों में शोक की लहर है. समिति के संरक्षक आरके चौधरी और श्री नारायण खेमका ने अपूरणीय क्षति बताई.महामंत्री सनी जौहर ने जताया शोक महामंत्री अशोक जायसवाल, युवा अध्यक्ष सुजीत गुप्ता और राहुल मेहता ने कहा कि उन्होंने जीवन का हर पल व्यापारियों के हक, सम्मान और अधिकार की लड़ाई के लिए समर्पित किया. उनका सरल स्वभाव, संघर्षशील नेतृत्व और व्यापारियों के प्रति समर्पण हमेशा हम सभी के दिलों में जीवित रहेगा.रजनीश कन्नौजिया और सुरेश तुलस्यान ने कहा कि उनका जाना पूरे व्यापार समाज के एक मजबूत स्तंभ के टूट जाने जैसा है. उधर, वाराणसी व्यापार मंडल काशी प्रांत के अध्यक्ष प्रमोद अग्रहरि और महामंत्री सनी जौहर ने भी शोक जताया.यह भी पढ़ें: IMS BHU को मिली क्लीनिकल ट्रायल की मंजूरी, एकेडमिक काउंसिल की बैठक में बनी सहमतिवाराणसी के तमाम व्‍यापार संगठनों ने भी महानगर उद्योग व्यापार समिति के अध्यक्ष प्रेम मिश्र के निधन काे अपूरणीय क्षति बताया. उनकी अंतिम यात्रा उनके निज निवास स्थान पिपलानी कटरा (संगीत गली) से शाम 5.30 बजे मणिकर्णिका घाट के लिए प्रस्थान करेगी.
IMS BHU को मिली क्लीनिकल ट्रायल की मंजूरी, एकेडमिक काउंसिल की बैठक में बनी सहमति
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वाराणसी: गहमागहमी के बीच बीएचयू में इस साल की पहली एकेडमिक काउंसिल की बैठक बृहस्पतिवार को कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी की अध्यक्षता में हुई. देर रात तक चली इस बैठक में कोर्स और नियमों को लेकर खूब बहस और तर्क प्रस्तुत किए गए. आईएमएस बीएचयू के सदस्यों ने अपने 90 फीसदी प्रस्तावों को पारित करा लिया. वहीं, क्लीनिकल ट्रायल की मंजूरी को सहमति बन गई है लेकिन आयुर्वेद की ओर से अभी इसे स्वीकार नहीं किया गया है.एलोपेथी में खोली जाएगी क्लीनिकल ऐसे में एलोपेथी में ही क्लीनिकल ट्रायल रिसर्च यूनिट खोली जाएगी. जबकि आयुर्वेद के डीन बाद में चर्चा कर फिर से प्रस्ताव भेजेंगे. दवाओं का क्लीनिकल ट्रायल मानवों पर होगा. वहीं, इंटेसिव मैनेजमेंट केयर विभाग बनाया जाएगा. वहीं कई विभागों के एमडी और डीएम कोर्स में 5-6 सीटें बढ़ाई जाएंगी. मेडिकल में ऑक्यूपेशनल थेरेपी सेंटर खोला जाएगा.34 प्रस्तावों को किया पारित बीएचयू के महामना हॉल में दोपहर तीन बजे से शुरू हुई एकेडमिक काउंसिल की बैठक में 21 नए एजेंडे रखे गए. कुलपति ने एक और कुलसचिव ने तीन प्रस्ताव रखे. अपर परीक्षा नियंता प्रो. जीपी सिंह 2025-26 सत्र में पीएचडी प्रवेश के लिए प्रस्ताव रखा. वहीं एनईपी के चेयरपर्सन ने तीन एजेंडा प्रस्तावित किया. वहीं 27 सितंबर 2025 को हुई एकेडमिक काउंसिल के 34 प्रस्तावों को पारित किया गया.पीएचडी कराने के प्रस्ताव को नहीं माना गया भारत अध्ययन केंद्र में न्यूमेरी सीट पर हिंदू अध्ययन में पीएचडी कराने के प्रस्ताव को नहीं माना गया है. इससे एंडजंक्ट फैकल्टी यानी कि दूसरे विभाग के प्रोफेसर को हिंदू अध्ययन से पीएचडी कराने के लिए अलग से सीट नहीं मिलेगी. परीक्षा नियंत्रक कार्यालय के अधिकारियों ने सुपर न्यूमेरी सीट को नियम के विरूद्ध बताया तो कुलपति ने इस प्रस्ताव पर मुहर नहीं लगाई.पीएचडी ऑर्डिनेंस में होगा सुधारएकेडमिक काउंसिल की ओर से फैसला लिया गया है कि पीएचडी ऑर्डिनेंस में सुधार किया जाएगा. खामियों को खत्म किया जाएगा. प्रोग्रेस रिपोर्ट और निकासी को लेकर कई नियम बदले जाएंगे. वसंता राजघाट में चार वर्ष के शिक्षा में बीए और बीएड कोर्स चलेगा. पर्यटन से एमए कोर्स को मंजूरी नहीं मिल पाई. दरअसल इसमें ग्रुप डिस्कसन और पर्सनल इंटरव्यू (जीडीपीआई) हटाने का प्रस्ताव था लेकिन एकेडमिक काउंसिल के अधिकारियों ने इसे भी नियम के खिलाफ बताया.
वाराणसी पुलिस का एक्‍शन, सड़क जाम होने पर लान संचालक के खिलाफ केस दर्ज
वाराणसी पुलिस का एक्‍शन, सड़क जाम होने पर लान संचालक के खिलाफ केस दर्ज
वाराणसी: सड़क को वाहन पार्किंग के रूप में उपयोग करने से उत्पन्न जाम की समस्या के खिलाफ कमिश्‍नरेट पुलिस ने कड़ा एक्‍शन लिया है. इस मामले में टंडन लान संचालक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. हाल ही में वैवाहिक लान के सामने बरात लगने के दौरान भारी जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिससे पुलिस को जाम को हटाने में काफी मेहनत करनी पड़ी. पुलिस के प्रयासों के बावजूद यातायात को सामान्य करने में रात के 12 बजे तक का समय लग गया.वैवाहिक लानों में वाहन पार्किंग की नहीं कोई व्यवस्था सारनाथ क्षेत्र में अधिकांश वैवाहिक लानों में वाहन पार्किंग की उचित व्यवस्था नहीं है. बुधवार को तेज लगन के कारण बरातों का आगमन शुरू होते ही जाम लगना प्रारंभ हो गया. सड़क के किनारे बड़ी संख्या में चार पहिया वाहनों के खड़े होने से यह स्थिति उत्पन्न हुई. जाम की सूचना मिलते ही सारनाथ पुलिस की कई टीमें मौके पर पहुंच गईं और जाम को हटाने में जुट गईं. हालांकि, लोगों को जाम से राहत मिली, लेकिन ट्रैफिक को पूरी तरह से सुचारु करने में मध्य रात्रि हो गई.संचालक के खिलाफ मामला दर्जउपनिरीक्षक राहल कुमार यादव ने सारनाथ थाना में टंडन लान संचालक के खिलाफ मामला दर्ज कराया. तहरीर में बताया गया कि सुहेलदेव पार्क और रंगोली तिराहा के पास सार्वजनिक मार्ग पर बड़ी संख्या में वाहन खड़े किए गए थे. पुलिस ने जांच की तो पता चला कि निकटवर्ती टंडन लान के संचालक ने सड़क और फुटपाथ पर वाहनों की पार्किंग कराई थी. सारनाथ थानाध्यक्ष पंकज त्रिपाठी ने बताया कि सभी लान संचालकों को नोटिस जारी किया जाएगा, जिनके यहां वाहन पार्किंग की व्यवस्था नहीं है.यह भी पढ़ें: IIT-BHU के टेक्नेक्स में पहुंचे फेरारी के CEO, गंगा में किया नौका विहारयातायात प्रबंधन की गंभीरता हुआ उजागरइस घटना ने सारनाथ क्षेत्र में यातायात प्रबंधन की गंभीरता को उजागर किया है. पुलिस प्रशासन ने इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने का निर्णय लिया है. यह आवश्यक है कि सभी लान संचालक अपने परिसर में वाहन पार्किंग की उचित व्यवस्था करें, ताकि भविष्य में ऐसी समस्याओं का सामना न करना पड़े. पुलिस प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे सड़क पर वाहन खड़ा करने से बचें और यातायात नियमों का पालन करें.