वाराणसी में केंद्रों पर गेहूं की खरीद शुरू, पहले विक्रेता बने इस गांव के किसान

वाराणसी: जिले में इस वर्ष गेहूं खरीद का कुल लक्ष्य नौ हजार मीट्रिक टन निर्धारित किया गया है. इसके लिए 29 गेहूं क्रय केंद्र खोले गए हैं. सरकार ने निर्देश दिया है कि सभी केंद्र 30 मार्च से खुल गए हैं. जहां कुछ केंद्र पर बोहनी तक नहीं हुई वहीं, अब तक 1 अप्रैल तक गेहूं खरीद के लिए कुल 1109 किसानों ने ऑनलाइन आवेदन किया है. साथ ही इस बार किसानों का सत्यापन तहसील स्तर पर नहीं किया जाएगा.

किसान मनिहर ने गेहूं बेचने के लिए केंद्र को दिया योगदान
बता दें, बीते बुधवार को बड़ागांव के बगिया स्थित खाद्य विभाग द्वारा बनाए गए गेहूं क्रय केंद्र पर पहले विक्रेता के रूप में साधोगंज खरावन गांव के किसान मनिहर जायसवाल ने गेहूं बेचने के लिए केंद्र पर पहुंचकर अपना योगदान दिया. केंद्र प्रभारी राजेश कुमार शुक्ला ने उन्हें पहले ग्राहक होने का सम्मान देते हुए माला पहनाई और उनका मुंह मीठा कराया.

किसान मनिहर ने 30 क्विंटल गेहूं केंद्र पर बेचा
मनिहर जायसवाल ने 60 बोरी में कुल 30 क्विंटल गेहूं लाकर केंद्र पर बेचा. केंद्र प्रभारी ने बताया कि गेहूं खरीद का भुगतान किसान के खाते में एनपीसीआई के माध्यम से सीधे 48 घंटे के भीतर किया जाएगा. यह प्रक्रिया किसानों के लिए सुविधाजनक होगी और उन्हें समय पर भुगतान मिलने की उम्मीद है. इस वर्ष की गेहूं खरीद प्रक्रिया में किसानों की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं.

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किसानों को ऑनलाइन आवेदन करने की सुविधा
किसानों को ऑनलाइन आवेदन करने की सुविधा दी गई है, जिससे उन्हें अपने गेहूं को बेचने में आसानी होगी. जिले में गेहूं खरीद के लिए खोले गए केंद्रों की संख्या और किसानों की बढ़ती भागीदारी इस बात का संकेत है कि कृषि क्षेत्र में सुधार की दिशा में सकारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं. किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिले, यह सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन पूरी तरह से तत्पर है. जिले में गेहूं खरीद की प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं.



