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भारत-अमेरिका के बीच कब होगी ट्रेड डील, जाने क्या कहता आर्थिक सर्वेक्षण

भारत-अमेरिका के बीच कब होगी ट्रेड डील, जाने क्या कहता आर्थिक सर्वेक्षण
Jan 29, 2026, 11:10 AM
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Posted By Preeti Kumari

आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार, भारत-अमेरिका व्यापार समझौता मौजूदा वित्त वर्ष में भारत के लिए महत्वपूर्ण सकारात्मक कारक हो सकता है. यह वैश्विक व्यापार अनिश्चितता को कम कर निर्यात, निवेश और कारोबारी भरोसे को बढ़ावा देगा. चुनौतीपूर्ण वैश्विक माहौल के बावजूद भी भारत ने सुधारों को आगे बढ़ाया जा सका है. सर्वेक्षण में घरेलू मजबूती, कम महंगाई और मजबूत बैलेंस शीट पर जोर दिया गया है, जिससे वित्त वर्ष 2027 में 6.8-7.2% जीडीपी वृद्धि का अनुमान है.


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बता दें कि, आर्थिक सर्वेक्षण का कहना है कि, चालू वित्त वर्ष 2026 वैश्विक मोर्च पर भारत के लिए चुनौतीपूर्ण रहा है. क्योंकि इस अंतरराष्ट्रीय व्यापार में बढ़ती अनिश्चितता, दंडात्मक शुल्क और भू-राजनीतिक तनावों ने खासकर निर्यातक उद्योगों पर दबाव डाला है. इससे मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र और कारोबारी माहौल को लेकर विश्वास पर उल्टा असर हुआ है. हालांकि, केंद्र सरकार ने इस बड़ी संकट को सुधारने की बात कही है. जीएसटी का युक्तिकरण, विनियमन सुधारों में तेजी और कई क्षेत्रों में अनुपालन प्रक्रिया को सरल बनाने जैसे कदम इसी दिशा में उठाए गए है.


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केंद्र सरकार के इन्हीं सुधारों के चलते अगले वित्त वर्ष को सर्वेक्षण ने “समायोजन का वर्ष” बताया है, मतलब जो नियम लागू किये हैं उसका असर दिखाई भी देने के साथ ही यह संकेत है कि सरकार अभी तक जिन सुधारवादी फैसले किये हैं, उनको जमीन पर लागू करने की सरकार की कोशिश भी रहेगी. इसमें कंपनियां और उपभोक्ता नई नीतियों के अनुरूप खुद को ढालेंगे और इसका सकारात्मक असर घरेलू मांग और निवेश पर दिखेगा. सर्वेक्षण यह भी स्वीकार करता है कि वैश्विक माहौल अब भी अनिश्चित बना हुआ है, लेकिन भारत की अर्थव्यवस्था की बुनियाद पहले से ज्यादा मजबूत है.


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वैश्विक परिदृश्य की बात करें तो सर्वेक्षण का आकलन अपेक्षाकृत सतर्क है. मध्यम अवधि में वैश्विक वृद्धि कमजोर रहने की आशंका जताई गई है, महंगाई में कमी आने से कई देशों में मौद्रिक नीति नरम हो सकती है, जिससे फंड प्रवाह बढ़ेगा. ज्यादा फंड मिलने से विकास को गति मिलेगी,

कुछ अलग किस्म के जोखिम बने हुए हैं. एआई आधारित तेज उत्पादकता वृद्धि अगर उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी, तो वित्तीय बाजारों में सुधार (करेक्शन) और व्यापक अस्थिरता का खतरा है, वहीं, व्यापार संघर्षों का लंबा खिंचना निवेश और वैश्विक विकास को और कमजोर कर सकता है.

ज्ञानवापी मस्जिद की दीवार पर गेरुआ पेंटिंग को लेकर विवाद, शहर मुफ्ती ने किया विरोध
ज्ञानवापी मस्जिद की दीवार पर गेरुआ पेंटिंग को लेकर विवाद, शहर मुफ्ती ने किया विरोध
Controversy erupts over saffron painting on the wall of Gyanvapi Mosque, city Mufti protestsवाराणसी: अति संवेदनशील ज्ञानवापी मस्जिद की दीवार पर गेरुआ रंग से की गई पेंटिंग को लेकर विवाद सामने आया है. शहर मुफ्ती अब्दुल बातिन नोमानी साहब ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि मस्जिद की दीवार पर इस तरह की पेंटिंग धार्मिक मर्यादाओं के खिलाफ है. उन्होंने साफ चेतावनी दी कि यदि इसे नहीं हटाया गया, तो विरोध जारी रहेगा. शर मुफ्ती ने इसे परंपराओं के खिलाफ बताया. कहा कि पहले भी विरोध किया गया था. वहीं नमाज़ अदा करके निकले स्थानीय शकील अहमद ‘जादूगर’ ने इस मामले में अलग राय रखते हुए कहा कि उन्हें इस पेंटिंग से कोई आपत्ति नहीं है. उन्होंने कहा कि आमतौर पर मस्जिदों का रंग सफेद या हरा होता है, जबकि गेरुआ रंग मंदिरों से जुड़ा माना जाता है. ऐसे में धार्मिक स्थलों की परंपरा और पहचान का ध्यान रखना जरूरी है.वहीं, जुमे की नमाज को देखते हुए शुक्रवार को वाराणसी में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आया. काशी विश्वनाथ मंदिर–ज्ञानवापी क्षेत्र सहित संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई. एसीपी दशाश्वमेध अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि नमाज़ के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह एहतियाती कदम उठाया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो.इस पूरे मामले पर प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल जुम्मे की नमाज़ को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराना रही. वहीं पुलिस अधिकारियों से इस मुद्दे पर पूछे जाने पर वे खुलकर कुछ कहने से बचते नजर आए और सुरक्षा व्यवस्था पर ही जोर देते रहे. इधर, सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनज़र एसीपी दशाश्वमेध अतुल अंजान त्रिपाठी और एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार के नेतृत्व में काशी विश्वनाथ मंदिर के गेट नंबर 4 पर भारी पुलिस बल तैनात रहा.Also Read: विश्‍व मजदूर दिवस पर पीएम आदर्श गांव में बुलंद की आवाज, मजदूरी बढ़ाने की उठाई मांगमौके पर डीसीपी काशी गौरव बंसवाल, एडीसीपी काशी वैभव बाँगर और अन्य अधिकारी मौजूद रहे और लगातार निगरानी करते दिखे. फिलहाल क्षेत्र में स्थिति सामान्य है, लेकिन संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस लगातार नजर बनाए हुए है, ताकि किसी भी तरह के विवाद को बढ़ने से रोका जा सके.https://www.youtube.com/watch?v=yk_vEG6WMTk
विश्‍व मजदूर दिवस पर पीएम आदर्श गांव में बुलंद की आवाज, मजदूरी  बढ़ाने की उठाई मांग
विश्‍व मजदूर दिवस पर पीएम आदर्श गांव में बुलंद की आवाज, मजदूरी बढ़ाने की उठाई मांग
On World Labour Day, voices were raised in the PM's Adarsh ​​Village, demanding a wage increase.वाराणसी: विश्व मजदूर दिवस के अवसर पर शुक्रवार को प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम नागेपुर में बुनकरों और दिहाड़ी मजदूरों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार आवाज बुलंद की. सैकड़ों की संख्या में जुटे मजदूरों ने बुनकरी उद्योग को बचाने, रोजगार की स्थिरता सुनिश्चित करने और मजदूरी बढ़ाने की मांग को लेकर गांव में रैली निकाली और प्रदर्शन किया. रैली के बाद अम्बेडकर पार्क में एक सभा का आयोजन किया गया, जहां बुनकरों और मजदूरों ने अपनी समस्याओं को खुलकर रखा. वक्ताओं ने कहा कि बढ़ती महंगाई और घटते रोजगार के कारण बुनकर समुदाय और दिहाड़ी मजदूरों की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है. पारंपरिक बुनकरी उद्योग संकट के दौर से गुजर रहा है, जिससे हजारों परिवारों की आजीविका प्रभावित हो रही है.कनेक्शन से जुड़ी समस्याएं उठाईंसभा में मौजूद बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता अभिषेक कुमार और उपखण्ड अधिकारी मुकेश यादव के समक्ष ग्रामीणों और बुनकरों ने बिजली आपूर्ति, बिलिंग और कनेक्शन से जुड़ी समस्याएं भी उठाईं. अधिकारियों ने समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया. इस अवसर पर सर्व सेवा संघ उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ गांधीवादी समाजसेवी रामधीरज भाई ने कहा कि बुनकरों और मजदूरों के हितों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए. उन्होंने सरकार से मांग की कि बुनकरी उद्योग को संरक्षण देने के लिए ठोस नीतियां बनाई जाएं और मजदूरों को उचित पारिश्रमिक दिया जाए.Also Read: मनीष हत्‍याकांड के विरोध में वकीलों ने किया चक्‍काजाम, धरना देकर की आवाज बुलंदभारतीय सामुदायिक कार्यकर्ता मंच (आईकन) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद मूर्ति ने कहा कि मजदूरों की एकजुटता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है. वहीं, आल इंडिया बुनकर फोरम के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुहम्मद अकरम ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा. कार्यक्रम में बुनकर प्रकोष्ठ सलाहकार उत्तर प्रदेश शैलेश, संतोष बीडीसी सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद रहे. सभा के अंत में मजदूरों ने एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की और सरकार से शीघ्र कार्रवाई की अपील की.https://www.youtube.com/watch?v=yk_vEG6WMTk
मनीष हत्‍याकांड के विरोध में वकीलों ने किया चक्‍काजाम, धरना देकर की आवाज बुलंद
मनीष हत्‍याकांड के विरोध में वकीलों ने किया चक्‍काजाम, धरना देकर की आवाज बुलंद
Lawyers staged a sit-in protest against the Manish murder case and raised their voices.वाराणसी: फूलपुर थाना क्षेत्र के युवा उद्यमी मनीष सिंह की पीट-पीटकर निर्मम हत्या के विरोध में अब अधिवक्ता सडक पर उतर गए. वकीलों ने घमहापुर गांव पहुंचकर पुलिस की लचर कार्रवाई पर विरोध जताया, आक्रोश जताते हुए अधिकवक्ताओं ने चक्काजाम किया. पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना भी दिया. धरना-प्रदर्शन के चलते सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और आवागमन प्रभावित हुआ. अधिवक्ताओं और परिजनों द्वारा दो 2:10 बजे धरना प्रारंभ किया गया. उनके द्वारा मांग की गई की मौके पर वरिष्ठ अधिकारी जब तक नहीं आएंगे धरना प्रदर्शन समाप्त नहीं होगा.परिजनों ने पुलिस पर लगाया गंभीर आरोप शुक्रवार दोपहर सेंट्रल बार एसोसिएशन, वाराणसी के अध्यक्ष प्रेम प्रकाश सिंह गौतम के साथ दर्जनों अधिवक्ता पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे. इस दौरान परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए पूरी घटना की जानकारी अधिवक्ताओं को दी. इसके बाद अधिवक्ताओं और परिजनों ने बसनी-कुआर मार्ग पर जाम लगाकर धरना शुरू कर दिया. हालांकि एसीपी पिंडरा द्वारा 48 घंटे का समय मांगा गया. एसीपी ने कहा कि 48 घंटे के अंदर परिणाम आप लोगों के सामने होगा. उसके बाद नाराज अधिवक्ता और परिजन धरना प्रदर्शन समाप्त किए. करीब 20 मिनट तक बसनी-कुआर मार्ग जाम रहा. एसीपी पिंडरा ने सीपी से वार्ता करके बताया कि 2 दिन के अंदर सभी की गिरफ्तारी हो जाएगी और सीपी आज सायं 5 बजे पीड़ित परिवार को मिलने के लिए बुलाया है. इसके बाद वकलों ने धरना समाप्त किया और आवागमन चालू हुआ.उद्योग व्यापार मंडल ने जताया आक्रोशइस बीच उद्योग व्यापार मंडल उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष शिव कुमार गुप्ता के नेतृत्व में पदाधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल गांव पहुंचा. सभी ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की तथा हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया. प्रदेश अध्यक्ष शिव कुमार गुप्ता ने कहा कि इस दुखद घटना की व्यापार मंडल कड़ी निंदा करता है और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगा.Also Read: काशी विश्‍वनाथ मंदिर में एप आधारित दर्शन व्‍यवस्‍था का विरोध, कांग्रेस और सपा ने लगाया यह आरोप