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आखिर UGC पर क्यों छिड़ा विवाद, धरने पर बैठे PCS अफसर

आखिर UGC पर क्यों छिड़ा विवाद, धरने पर बैठे PCS अफसर
Jan 27, 2026, 11:35 AM
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Posted By Preeti Kumari

यूजीसी यानि यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (UGC) ने एक नया नियम बनाया हैं. जिसका नाम है Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations, 2026. ये नियम यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में जातिगत भेदभाव को रोकने के लिए हैं. इस नियम के मुताबिक, हर यूनिवर्सिटी और कॉलेज में एक इक्विटी कमेटी बनानी होगी.


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इस कमेटी में शामिल एससी, एसटी और ओबीसी छात्रों की शिकायतें सुनेगी और तय समय में उनका निपटारा करेगी. कमेटी में एससी-एसटी, ओबीसी, दिव्यांग और महिलाओं का होना बेहद जरूरी है. कमेटी का काम कैंपस में बराबरी का माहौल बनाने के साथ ही पिछड़े वर्ग के छात्रों के लिए योजनाएं लागू करना होगा. सुप्रीम कोर्ट द्वारा लाए गए यूजीसी नियमों पर सुनवाई कर कोर्ट ने कहा कि, 2012 के पुराने नियमों को अपडेट करें और भेदभाव रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था बनाएं.


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यूजीसी के इस नए बिल को लेकर बवाल मच गया है. क्योंकि इस बिल के तहत जातिगत भेदभाव को रोकने का हवाला दिया गया है. हालांकि, यूजीसी द्वारा बनाए गए नए नियमों के खिलाफ लोग सड़कों पर उतर आए है और खुलकर विरोध प्रदर्शन कर रहे है. यूनिवर्सिटी के खिलाफ कॉलेज से लेकर सड़कों तक लोग हल्ला बोल रहे हैं. ऐसे में आइए समझते हैं कि आखिरी यूजीसी को यह बिल क्‍यों लाना पड़ा और इसके पीछे जिस रिपोर्ट को आधार बनाया गया है उसमें क्‍या कहा गया है.


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जाने क्यों लाने पड़े ये नियम


ये नियम सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर आए हैं.सुप्रीम कोर्ट ने 2025 में रोहित वेमुला और पायल तड़वी जैसे मामलों की सुनवाई के दौरान UGC को 8 हफ्तों में नए सख्त नियम बनाने को कहा था. हैदराबाद यूनिवर्सिटी के रोहित वेमुला और मुंबई मेडिकल कॉलेज की पायल तड़वी ने कथित जातिगत उत्पीड़न के बाद सुसाइड कर लिया था. इन मामलों में उनकी माताओं ने PIL दाखिल की थी. कोर्ट ने UGC से कहा था कि 2012 के पुराने नियमों को अपडेट करें और भेदभाव रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था बनाएं.


नए नियमों में बड़ा भेदभाव


यूजीसी के इस नए नियमों में जातिगत भेदभाव को स्‍पष्‍ट रूप से परिभाषित किया गया है. ये SC, ST और OBC छात्रों के खिलाफ किसी भी तरह का प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष या अपमानजनक व्यवहार भेदभाव माना जाएगा. अगर कोई छात्र की गरिमा या शिक्षा में समानता को कम करता है, तो वो भेदभाव माना जाएगा. इस मामले की शिकायत कमेटी को की जा सकती है और दोषी पर सख्त कार्रवाई होगी.


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रिपोर्ट ने खोली UGC का राज


UGC ने सुप्रीम कोर्ट में एक रिपोर्ट सौंपी थी जिसमें जातिगत भेदभाव के आंकड़े दिए गए थे. रिपोर्ट के मुताबिक, उच्च शिक्षण संस्थानों में जाति आधारित भेदभाव की शिकायतें 2017-18 में 173 थीं, जो 2023-24 में बढ़कर 378 हो गईं यानी 5 साल में इसमें 118.4% की बढ़ोतरी हुई. ये आंकड़े UGC के अपने डेटा से हैं, जो पार्लियामेंट कमिटी और सुप्रीम कोर्ट को दिए गए. शिकायतों में 90% से ज्यादा का निपटारा हुआ, लेकिन पेंडिंग केस भी बढ़े.2019-20 में 18 से 2023-24 में 108 केस सामने आए.


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यूजीसी पर क्यों छिड़ा विरोध


यूजीसी नए नियमों के खिलाफ सवर्ण यानी जनरल कैटेगरी के छात्र प्रदर्शन करने पर उतर आए हैं. उनका आरोप है कि ये नियम सवर्णों के खिलाफ हैं. नियमों में सिर्फ SC, ST और OBC के खिलाफ भेदभाव की बात कही गई है. पर सच्चाई तो यह है कि जनरल कैटेगरी के छात्रों को भेदभाव का शिकार माना ही नहीं गया है, जिसको लेकर विरोध हो रहा है.


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ऐसे में सवर्ण समाज के लोगों का कहना है कि इन नियमों का फायदा उठाकर कोई भी छात्र सवर्णों को फंसाने के लिए झूठी शिकायत कर सकता है. सुप्रीम कोर्ट में भी इसके खिलाफ याचिका दायर हो चुकी है. याचिका में कहा गया है कि ये UGC एक्ट और उच्च शिक्षा में समान अवसर की भावना के खिलाफ है. विरोध करने वाले कहते हैं कि इससे भेदभाव कम नहीं, बल्कि ज्यादा हो सकता है.

दो दिन बाद बदलेगा मौसम का रुख, लोकल हीटिंग से हो सकती है बादलों की सक्रियता...
दो दिन बाद बदलेगा मौसम का रुख, लोकल हीटिंग से हो सकती है बादलों की सक्रियता...
वाराणसी : पूर्वांचल स‍ह‍ित वाराणसी में मौसम के रुख में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं. माना जा रहा है कि अब ज‍ितना ताप था उससे अध‍िक नहीं होने वाला, लोकल हीट‍िंंग बढ़ने पर वातावरण में बादलों की सक्र‍ियता का रुख हो सकता है. मौसम व‍िभाग ने इस सप्‍ताह म‍िला जुला मौसम का असर रहने का अनुमान जताया है. माना जा रहा है क‍ि इस सप्‍ताह के दूसरे ह‍िस्‍से से मौसम का रुख बदलेगा और वातावरण में गर्मी के असर का प्रभाव घटने के साथ ही वातावरण में ठंडक का असर घुलेगा. माना जा रहा है क‍ि दो द‍िन बाद मौसम का रुख बदल जाएगा.आज मंगलवार की सुबह वातावरण में कुछ ठंडक का अहसास रहा लेक‍िन दस बजे के बाद बाद हवाएं गर्म हो गईं और देखते ही देखते गर्म हवाओं का झोंका प्रभावी होने लगा. इसकी वजह से दोपहर 12 बजे से गर्म हवाओं के थपेड़ों का असर नजर आने लगा और दोपहर से मौसम पूरी तरह से गर्म हो गया. माना जा रहा है कि‍ गर्म हवाओं का असर रात तक बना रहेगा. आधी रात के बाद ही कुछ राहत लोगों को म‍िल सकती है. मौसम व‍िभाग ने सप्‍ताह भर का चार्ट जारी क‍िया है और वातावरण का रुख बदलने का अनुमान जाह‍िर क‍िया गया है.बीते चौबीस घंटों में अध‍िकतम तापमान 44.2°C दर्ज क‍िया गया जो सामान्‍य से 3.2 ड‍िग्री अध‍िक रहा. न्‍यूनतम तापमान 27.0°C दर्ज क‍िया गया जो सामान्‍य से 0.6 ड‍िग्री अध‍िक रहा. आर्द्रता न्‍यूनतम 22% दर्ज की गई, वहीं अध‍िकतम 46% दर्ज की गई. वाराणसी सह‍ित पूर्वांचल के ल‍िए मौसम व‍िभाग ने नए स‍िरे से अपडेट जारी क‍िया है. अब दो द‍िनों के लगातार तल्‍ख धूप के बाद बादलों की सक्र‍ियता का अनुमान मौसम व‍िभाग ने लगाया है. माना जा रहा है अब वातावरण अध‍िक गर्म नहीं होने जा रहा है जहां है वहीं स्‍थ‍िर रहेगा और आने वाले समय में लोकल हीट‍िंंग की वजह से बरसात का दौर रहेगा.अर्बन हीट एक्शन प्लान सक्रियप्रदेश में भीषण गर्मी और हीट वेव को लेकर हाई अलर्ट जारी किए जाने के बाद जनपद वाराणसी में जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है. बढ़ते तापमान और लू के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं. जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि जनपद में “अर्बन हीट एक्शन प्लान” को सक्रिय कर दिया गया है, ताकि लोगों को गर्मी से राहत दिलाई जा सके और हीट स्ट्रोक की घटनाओं को रोका जा सके. जिलाधिकारी ने बताया कि छोटे बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विद्यालयों में अवकाश घोषित किया गया है.ALSO READ : वाराणसी में गंगा दशहरा पर घाटों पर उमड़ा आस्‍था का सैलाब, लगाई पुण्‍य की डुबकी...इसके साथ ही शहर के विभिन्न स्थानों पर पेयजल की व्यवस्था कराई गई है. खासकर उन बड़े ट्रैफिक वाले इलाकों में, जहां लोगों को लंबे समय तक सिग्नल पर रुकना पड़ता है, वहां छांव की विशेष व्यवस्था की गई है ताकि राहगीरों और वाहन चालकों को तेज धूप से राहत मिल सके.
वाराणसी में गंगा दशहरा पर घाटों पर उमड़ा आस्‍था का सैलाब, लगाई पुण्‍य की डुबकी...
वाराणसी में गंगा दशहरा पर घाटों पर उमड़ा आस्‍था का सैलाब, लगाई पुण्‍य की डुबकी...
वाराणसी : गंगा दशहरा के पुण्‍य अवसर पर मंगलवार का भी योग रहा तो पुण्‍य की डुबकी लगाने के लिए आस्‍था का सैलाब उमड़ पड़ा. आस्‍थावानों से काशी का गंगा तट सुबह सूर्योदय के साथ ही पट गया. भक्‍तों ने पुण्‍य की डुबकी लगाई, दान किया और बाबा दरबार की ओर कदम बढ़ चले.भक्‍तों ने आस्‍था पथ पर पुण्‍य की कामना से जरूरतमंदों को दान कर मां गंगा से मनुहार किया. दोपहर तक लगातार आस्‍थावानों की कतार गंगा के तट पर लगी रही. हर हर गंगे का उद्घोष और बाबा दरबार में काशी व‍िश्‍वनाथ गंगे का मान नजर आया. गंगा के अवतरण दिवस गंगा दशहरा पर नमामि गंगे ने दशाश्वमेध घाट पर अविरल गंगा-निर्मल गंगा की कामना से दुग्धाभिषेक किया. सनातनी संस्कृति का प्रवाह मां गंगा की आरती उतारी गई. शपथ लेकर जन भागीदारी सुनिश्चित करने का आवाह्न किया गया.भाजपा विधायक नीलकंठ तिवारी ने बटुकों संग गंगा का दुग्‍धाभिषेक किया. नमामि गंगे टीम के महिला और पुरुष सदस्यों ने गंगा तलहटी की सफाई कर लोगों से गंदगी न करने की अपील की. लाउडस्पीकर और स्वच्छता स्लोगन लिखी तख्तियों के द्वारा घाटों पर लोगों को जागरूक किया गया. गंगा दशहरा स्नान के लिए उपस्थित हजारों लोगों को जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जन-भागीदारी सुनिश्चित करने का संकल्प दिलाया गया.नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर संयोजक राजेश शुक्ला ने कहा कि गंगा दशहरा उस दिन के सम्मान में धार्मिक आस्था के साथ मनाया जाता है जब देवी गंगा पृथ्वी पर आई थीं. राजा सगर के साठ हजार पुत्रों का उद्धार करने के लिए धरती पर आई गंगा तब से लेकर आज तक पृथ्वीवासियों को मुक्ति, शांति, आजीविका और आनंद प्रदान कर रही हैं.मां गंगा का अवतरण ज्येष्ठ शुक्ल दशमी, हस्त नक्षत्र, कन्या राशि, मिथुन लग्न में हुआ था. इसलिए ज्येष्ठ शुक्ल दशमी को मां गंगा के धरा पर अवतरण दिवस गंगा दशहरा कहते हैं. इस बार यह पर्व 26 मई को मनाया जा रहा है. ख्यात ज्योतिषाचार्य पं. ऋषि द्विवेदी के अनुसार गंगा दशहरा इस वर्ष अपने आप में विशेष है. अधिकमास ज्येष्ठ की दशमी तिथि के संदर्भ में धर्मशास्त्र की आज्ञा है कि-‘ज्येष्ठ मलमासे सती तत्वैव दशहरा कार्या न तू शुद्धै’ अर्थात् ज्येष्ठ में मलमास होने पर दस पापों से मुक्ति का पर्व गंगा दशहरा पर्व मलमास में ही मनाया जाना चाहिए.ALSO READ : प्रेमी से शादी की जिद में युवती मोबाइल टावर पर चढ़ी, पुलिस ने समझाकर नीचे उतारा...गंगा तट से लेकर विश्‍वनाथ दरबार तक सुरक्षा के व्‍यापक बंदोबस्‍त किए गए हैं. गोदौलिया चौराहा और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन कैमरे के माध्यम से निगरानी अभियान चलाया गया. वाराणसी पुलिस की ड्रोन टीम ने नंदी चौक से गंगा के क्षेत्र तक सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन की स्थिति का जायजा लिया. वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष रूप से सक्रिय है. जल पुलिस और एनडीआरएफ के जवान भी गंगा में गश्‍त करते रहे.
प्रेमी से शादी की जिद में युवती मोबाइल टावर पर चढ़ी, पुलिस ने समझाकर नीचे उतारा...
प्रेमी से शादी की जिद में युवती मोबाइल टावर पर चढ़ी, पुलिस ने समझाकर नीचे उतारा...
वाराणसी : पानी टंकी, मोबाइल टावर पर चढ़कर अपनी मांग पूरी कराने का चलन बढ़ गया है. इस करतूत से जहां पुलिस के हाथ पैर फूलने लगते हैं वहीं लोगों को भी परेशानी का सामना करना पडता है. ऐसी ही एक घटना बड़ागांव थाना क्षेत्र के पश्चिमपुर अहरक गांव में सामने आई जहां आज मंगलवार की सुबह सात बजे एक 21 वर्षीय युवती द्वारा मोबाइल टावर पर चढ़ गई. घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया. युवती ने कहा कि यदि उसका प्रेमी उससे शादी नहीं करेगा, तो वह कूदकर आत्महत्या कर लेगी. इस घटना के बाद गांव में बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हो गए और युवती को नीचे उतारने का प्रयास करने लगे. जब ग्रामीणों के प्रयास विफल रहे, तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी.सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और युवती को समझाने-बुझाने का प्रयास किया. पुलिस ने किसी तरह युवती को टावर से नीचे उतारकर अपने साथ थाने ले आई. इसके बाद दोनों पक्ष के परिजनों को भी थाने बुलाया गया. समाचार लिखे जाने तक लड़का और लड़की शादी के लिए तैयार हो गए थे, लेकिन दोनों के परिजनों के बीच वाद विवाद जारी था.जानकारी के अनुसार, युवती का प्रेम संबंध इसी थाना क्षेत्र के सनी विश्वकर्मा के साथ काफी समय से चल रहा था. लेकिन परिजनों के दबाव के कारण सनी शादी करने से इंकार करने लगा. इससे क्षुब्ध होकर युवती सुबह मोबाइल टावर पर चढ गई. पुलिस का कहना है कि लड़का और लड़की शादी के लिए राजी हो गए हैं, लेकिन अभी भी दोनों के परिजनों को समझाने का प्रयास जारी है.इस घटना ने गांव में चर्चा का विषय बना दिया है. ग्रामीणों का कहना है कि प्रेम संबंधों में परिवारों का दबाव कभी-कभी युवाओं को इस तरह के कदम उठाने के लिए मजबूर कर देता है. पुलिस ने भी इस मामले में संवेदनशीलता दिखाई और युवती को सुरक्षित रूप से नीचे उतारने में सफल रही.स्थानीय पुलिस ने बताया कि युवती की मानसिक स्थिति को देखते हुए उसे समझाने का प्रयास किया गया. दोनों परिवारों के बीच अभी भी कुछ मतभेद हैं, जिन्हें सुलझाने की कोशिश की जा रही है. गांव के लोगों का मानना है कि प्रेम विवाह को लेकर समाज में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है. इस तरह की घटनाएं केवल व्यक्तिगत नहीं होतीं, बल्कि समाज के लिए भी एक संदेश देती हैं. पुलिस ने इस मामले में आगे की कार्रवाई करते हुए दोनों परिवारों के बीच संवाद स्थापित करने का प्रयास किया है.ALSO READ : वाराणसी में कैब चालक ने महिला यात्री से की छेड़खानी, केस दर्ज कर पुलिस तलाश में जुटी...पुलिस का कहना है कि वे चाहते हैं कि दोनों परिवार इस रिश्ते को स्वीकार करें और युवती और उसके प्रेमी को एक खुशहाल जीवन जीने का अवसर दें. बतादें कि पिछले दिनों शिवपुर क्षेत्र में एक युवती भी प्रेमी से शादी की जिद में पानीटंकी पर चढ गई थी. हालांकि प्रेमी के आने पर वह नीचे उतर गई थी.