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क्या सच में इस वैक्सीन से ठीक होगा पैंक्रियाज कैंसर, जाने कितना खतरनाक

क्या सच में इस वैक्सीन से ठीक होगा पैंक्रियाज कैंसर, जाने कितना खतरनाक
Jan 31, 2026, 12:42 PM
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Posted By Preeti Kumari

कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी का नाम सुनते ही हर किसी के रोंगटे खड़े हो जाते हैं. लेकिन इससे जुडी एक बीमारी है जो बेहद गंभीर बीमारी है. उसका नाम पैंक्रियाज यानी अग्नाशय का कैंसर है, जो दुनिया के सबसे खतरनाक और जानलेवा कैंसरों में गिना जाता है. यह बीमारी इतनी तेजी से बढ़ती है कि जब तक इसके लक्षण साफ दिखाई देते हैं, तब तक बहुत देर हो चुकी होती है. यही वजह है कि इस कैंसर से पीड़ित करीब 90 प्रतिशत मरीजों की मौत पांच साल के भीतर हो जाती है.


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डॉक्टरों और वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह कैंसर लंबे समय से एक बड़ी चुनौती बना हुआ है. न तो इसका जल्दी पता चल पाता है और न ही इसके इलाज के बहुत प्रभावी विकल्प मौजूद हैं. लेकिन अब, कई दशकों की निराशा के बाद कुछ नए शोधों ने उम्मीद की एक नई रोशनी दिखाई है. हाल के वर्षों में वैज्ञानिक यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि शरीर का अपना इम्यून सिस्टम को कैसे इस तरह तैयार किया जाए कि वह खुद कैंसर से लड़ सके. इसी दिशा में अब वैक्सीन और इम्यूनोथेरेपी पर आधारित इलाज को लेकर उत्साह बढ़ा है.


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चूहों के शरीर से पैंक्रियाज कैंसर


स्पेन के वैज्ञानिकों ने हाल ही में एक नई संयोजन चिकित्सा पद्धति (कॉम्बिनेशन थेरेपी) विकसित की है, जिसने प्रयोगशाला में चूहों के शरीर से पैंक्रियाज कैंसर के ट्यूमर को पूरी तरह खत्म कर दिया. हालांकि यह शोध अभी इंसानों पर आजमाया नहीं गया है, लेकिन इसके नतीजे इतने सकारात्मक हैं कि वैज्ञानिकों को लगने लगा है कि भविष्य में यह तरीका मरीजों की जिंदगी बचाने में मदद कर सकता है. इससे पहले अमेरिका में भी वैज्ञानिकों ने आधारित व्यक्तिगत पैंक्रियाज कैंसर वैक्सीन का शुरुआती मानव परीक्षण किया था, जिसमें कुछ मरीजों में अच्छे परिणाम देखने को मिले थे. इन दोनों अध्ययनों ने मिलकर यह संकेत दिया है कि वैक्सीन आधारित इलाज भविष्य में एक बड़ा बदलाव ला सकता है.


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यह नई थेरेपी कैसे काम करती है?


स्पेन में हुए इस अध्ययन को स्पेनिश नेशनल कैंसर रिसर्च सेंटर (CNIO) के वैज्ञानिक मारियानो बारबासिड और उनकी टीम ने किया. यह इलाज किसी एक दवा पर आधारित नहीं है, बल्कि इसमें तीन अलग-अलग तरीकों को एक साथ यूज किया गया है. जिसमें पहला एडवांस इम्यूनोथेरेपी है, इससे शरीर का इम्यून सिस्टम को मजबूत किया जाता है. इसके बाद दूसरा कैंसर वैक्सीन, जो इम्यून सिस्टम को कैंसर कोशिकाओं को पहचानना सिखाती है.


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वहीं तीसरा चेकपॉइंट इनहिबिटर्स,जो इम्यून सिस्टम पर लगे ब्रेक को हटाकर उसे खुलकर कैंसर से लड़ने देते हैं. इन तीनों को मिलाकर वैज्ञानिकों ने कैंसर के चारों ओर बनी उसकी सुरक्षा ढाल को तोड़ दिया, जिससे टी-सेल्स कैंसर पर हमला कर सकीं और ट्यूमर दोबारा लौट नहीं पाया. विशेषज्ञों का मानना है कि एक से ज्यादा तरीकों को साथ में यूज करने से इलाज ज्यादा असरदार होता है, बजाय इसके कि सिर्फ एक ही दवा दी जाए.

प्रोफेसर विजयनाथ मिश्र ने ने किया ओपन-स्पेस ग्रुप प्रदर्शनी का उद्घाटन
प्रोफेसर विजयनाथ मिश्र ने ने किया ओपन-स्पेस ग्रुप प्रदर्शनी का उद्घाटन
वाराणसी : ललित कला काशी 'वर्थ एंड वरशिप' (Worth and Worship) प्रदर्शनी पेश कर रहा है।ललित कला काशी 15 से 17 जुलाई, 2026 तक वाराणसी के ऐतिहासिक घाटों पर "वर्थ एंड वरशिप" नाम की एक ओपन-स्पेस ग्रुप प्रदर्शनी आयोजित की गई है। डॉ. प्रियंका चंद्रा द्वारा क्यूरेट की गई इस अनोखी आउटडोर प्रदर्शनी में दस अवॉर्ड-प्राप्त कलाकार शामिल हैं: सिद्धार्थ, रामकुमार माहेश्वरी, आशिमा मेहरोत्रा, अनिल कुमार पटेल, स्वाति रंजन, दीपशिखा वर्मा, स्वाति झा, शालिनी सिंह, रितेक राज और सूरज वर्मा।इसका भव्य उद्घाटन आज 15 जुलाई को शाम 6 बजे सुबह-ए-बनारस घाट पर मुख्य अतिथि प्रो. विजय नाथ मिश्रा ने की। इसके बाद यह प्रदर्शनी लोगों तक पहुँचने के लिए तुलसी, आदिनाथ, चेत सिंह और अस्सी घाटों पर जाएगी।ALSO READ: चाय की दुकान पर बिक रही थी अवैध शराब और बीयर, सिगरा पुलिस के छापे में भंडाफोड़पवित्र गंगा के किनारे, यह एग्ज़िबिशन दस आर्टिस्ट को दुनियावी लालच ("वर्थ") और भगवान की भक्ति ("वर्शिप") के बीच की पतली लाइन को समझने के लिए एक साथ लाती है, जो कुछ समय के लिए और हमेशा रहने वाले के बीच इंसानी संघर्ष को दिखाती है।
चाय की दुकान पर बिक रही थी अवैध शराब और बीयर, सिगरा पुलिस के छापे में भंडाफोड़
चाय की दुकान पर बिक रही थी अवैध शराब और बीयर, सिगरा पुलिस के छापे में भंडाफोड़
वाराणसी: सिगरा थाना क्षेत्र के विजयनगरम मार्केट में संचालित एक चाय की दुकान पर अवैध रूप से शराब और बीयर की बिक्री किए जाने का मामला सामने आया है। सूचना मिलने पर सिगरा पुलिस ने छापेमारी कर दुकान से बड़ी मात्रा में शराब और बीयर बरामद की तथा अवैध कारोबार का भंडाफोड़ कर दिया।पुलिस के अनुसार, लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि चाय की दुकान की आड़ में चोरी-छिपे शराब और बीयर बेची जा रही है। इसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान दुकान से विभिन्न ब्रांड की शराब और बीयर की बोतलें बरामद हुईं।ALSO READ: बरेका में नराकास की छमाही बैठक, हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन और नवाचार पर मंथनपुलिस ने मौके से दुकान संचालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। बरामद शराब और बीयर को जब्त कर लिया गया है। मामले में आबकारी अधिनियम समेत अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।सिगरा पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बरेका में नराकास की छमाही बैठक, हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन और नवाचार पर मंथन
बरेका में नराकास की छमाही बैठक, हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन और नवाचार पर मंथन
वाराणसी: बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में बुधवार को भारत सरकार के गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग के तत्वावधान में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), वाराणसी की छमाही बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता नराकास के अध्यक्ष एवं बरेका के महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने की, जिसमें नगर के 60 से अधिक केंद्रीय कार्यालयों के प्रमुखों और प्रतिनिधियों ने भाग लेकर राजभाषा हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन, नवाचार और डिजिटल माध्यमों में इसके बढ़ते उपयोग पर व्यापक चर्चा की।बैठक में महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने कहा कि राजभाषा हिंदी केवल कार्यालयी भाषा नहीं, बल्कि प्रशासन और आमजन के बीच संवाद का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने सदस्य कार्यालयों से हिंदी को सरल, प्रभावी और तकनीक-सम्मत बनाकर अधिकाधिक प्रयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने भारतेंदु हरिश्चंद्र के प्रसिद्ध कथन "निज भाषा उन्नति अहै" का उल्लेख करते हुए प्रशासनिक कार्यों में हिंदी के व्यापक उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया।इस दौरान नराकास, वाराणसी की पत्रिका 'बनारस दर्पण' तथा आईआईटी-बीएचयू की राजभाषा पत्रिका 'अभ्युदय' का लोकार्पण भी किया गया। बैठक में पिछली कार्यवृत्त की पुष्टि, निर्णयों के अनुपालन की समीक्षा तथा विभिन्न सदस्य कार्यालयों की राजभाषा संबंधी प्रगति और उपलब्धियों पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रतिनिधियों ने अपने संस्थानों में हिंदी के प्रचार-प्रसार और नवाचारों से जुड़े अनुभव भी साझा किए।ALSO READ: पूर्व एमएलसी बृजेश सिंह एक और मामले में बरी, 36 साल पुराने प्रकरण का पटाक्षेपपूर्वोत्तर रेलवे, वाराणसी के मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन ने कहा कि किसी भी संगठन की सफलता जनता से उसके जुड़ाव पर निर्भर करती है और हिंदी इस जुड़ाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। वहीं गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग के सहायक निदेशक (कार्यान्वयन) अजय कुमार चौधरी ने राजभाषा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर हिंदी के बढ़ते उपयोग तथा सदस्य कार्यालयों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया।बैठक में बरेका के उप महाप्रबंधक सागर, प्राचार्य प्राविधिक प्रशिक्षण केंद्र सुभाष चंद्र यादव सहित अनेक अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन नराकास के सदस्य सचिव एवं वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी यथार्थ पाण्डेय ने किया तथा अंत में उन्होंने सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।