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सस्टेनेबल सिटीज चैलेंज के विजेता समाधानों की घोषणा, वाराणसी में अब लागू होंगे वैश्विक नवाचार

सस्टेनेबल सिटीज चैलेंज के विजेता समाधानों की घोषणा, वाराणसी में अब लागू होंगे वैश्विक नवाचार
Jul 19, 2026, 09:53 AM
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Posted By gagan arora

वाराणसी: वाराणसी को अधिक सुरक्षित, सुगम और टिकाऊ (सस्टेनेबल) शहर बनाने की दिशा में रविवार को एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। शहर के एक होटल में आयोजित "Varanasi Sustainable Cities Journey – From Challenge to Implementation" कार्यक्रम में सस्टेनेबल सिटीज चैलेंज वाराणसी के विजेता समाधानों की घोषणा की गई। कार्यक्रम में नगर निगम, वाराणसी स्मार्ट सिटी, टोयोटा मोबिलिटी फाउंडेशन (TMF), डब्ल्यूआरआई इंडिया (WRI India) तथा विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि और विशेषज्ञ मौजूद रहे।


कार्यक्रम में बताया गया कि वर्ष 2023 में शुरू हुई इस वैश्विक पहल का उद्देश्य वाराणसी जैसे व्यस्त और धार्मिक महत्व वाले शहर में भीड़ प्रबंधन, पैदल यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही और शहरी गतिशीलता (अर्बन मोबिलिटी) को बेहतर बनाने के लिए नवीन और व्यावहारिक समाधान विकसित करना था। इसके लिए दुनिया भर के नवप्रवर्तकों (Innovators) से प्रस्ताव आमंत्रित किए गए, जिनमें से चयनित समाधानों का शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पायलट परीक्षण किया गया।


करीब दो वर्षों तक चले अध्ययन, परीक्षण और मूल्यांकन के बाद अब उन विजेता समाधानों का चयन किया गया है जिन्हें वाराणसी में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। इन नवाचारों के माध्यम से शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों, पर्यटन क्षेत्रों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पैदल यात्रियों की सुविधा बढ़ाने, भीड़ को वैज्ञानिक तरीके से नियंत्रित करने और आवागमन को अधिक सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।


कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि वाराणसी की भौगोलिक और सांस्कृतिक विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किए गए ये समाधान भविष्य की शहरी चुनौतियों से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। साथ ही इससे स्थानीय नागरिकों, श्रद्धालुओं और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को बेहतर सार्वजनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।


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आयोजकों के अनुसार, सस्टेनेबल सिटीज चैलेंज केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि वाराणसी को भविष्य के लिए तैयार करने की एक दीर्घकालिक पहल है। चयनित समाधानों के सफल क्रियान्वयन के बाद वाराणसी का मॉडल देश और दुनिया के अन्य शहरों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है। नगर निगम और वाराणसी स्मार्ट सिटी ने विश्वास जताया कि इस पहल से शहर में स्मार्ट, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल शहरी परिवहन व्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।

नशामुक्त भारत के संदेश के साथ BHU में निकली ‘संडे ऑन साइकिल’ रैली.
नशामुक्त भारत के संदेश के साथ BHU में निकली ‘संडे ऑन साइकिल’ रैली.
वाराणसी: नशामुक्त भारत अभियान के तहत रविवार को काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के तत्वावधान में ‘संडे ऑन साइकिल’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के जरिए युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने और नशामुक्त भारत का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।मालवीय भवन प्रांगण से कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने हरी झंडी दिखाकर साइकिल रैली को रवाना किया। इस दौरान विश्वविद्यालय के कुलसचिव राजन श्रीवास्तव, वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षक, NSS स्वयंसेवक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।कार्यक्रम के दौरान कुलपति ने युवाओं से नशे से दूर रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा न केवल स्वयं नशे से बचें, बल्कि अपने आसपास के लोगों और समाज को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें। उन्होंने नशामुक्त समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।also read: विश्व आदिवासी दिवस पर बरेका में निकली भव्य शोभायात्रा, पारंपरिक वेशभूषा में दिखी संस्कृति की झलकसाइकिल रैली में शामिल प्रतिभागियों ने नशामुक्त भारत का संदेश लोगों तक पहुंचाया और युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया। रैली के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया।कार्यक्रम का समन्वयन काशी हिंदू विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम समन्वयक डॉ. स्वप्ना मीना ने किया। आयोजन में विश्वविद्यालय परिवार के साथ बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की भागीदारी रही।
विश्व आदिवासी दिवस पर बरेका में निकली भव्य शोभायात्रा, पारंपरिक वेशभूषा में दिखी संस्कृति की झलक
विश्व आदिवासी दिवस पर बरेका में निकली भव्य शोभायात्रा, पारंपरिक वेशभूषा में दिखी संस्कृति की झलक
वाराणसी: विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में आदिवासी परिवार, बरेका के तत्वावधान में भव्य शोभायात्रा और सांस्कृतिक समारोह का आयोजन किया गया। आयोजन में आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, लोक परंपराओं और सामाजिक एकता की आकर्षक झलक देखने को मिली।शाम चार बजे बरेका सेंट जॉन स्कूल, गेट संख्या-2 से शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा कुंदन तिराहा और सूर्य सरोवर मार्ग होते हुए इंटर कॉलेज चौराहे पहुंची। यहां भगवान गौतम बुद्ध, जननायक बिरसा मुंडा और भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके बाद शोभायात्रा पश्चिमी संस्थान, जलालीपट्टी पहुंचकर संपन्न हुई।शोभायात्रा में बड़ी संख्या में महिला, पुरुष, युवा और बच्चे पारंपरिक आदिवासी वेशभूषा में शामिल हुए। रंग-बिरंगे परिधानों के साथ पारंपरिक गीत-संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्साह और उल्लास से भर दिया। रास्ते में स्थानीय लोगों ने भी शोभायात्रा का उत्साहपूर्वक स्वागत किया।पश्चिमी संस्थान, जलालीपट्टी में आयोजित सांस्कृतिक समारोह में आदिवासी समाज की विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। वक्ताओं ने आदिवासी समुदाय की समृद्ध परंपराओं और प्रकृति के साथ उनके गहरे जुड़ाव को रेखांकित किया। उन्होंने सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने की जरूरत पर भी जोर दिया।also read: श्रावण में भास्करा पोखरा पर पुलिस अलर्ट, गहरे पानी में जाने से बचने की अपीलकार्यक्रम के दौरान सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का संदेश दिया गया। आयोजन में बरेका के अधिकारी, कर्मचारी, उनके परिजन, आदिवासी महिला समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।इस अवसर पर सहायक कार्मिक अधिकारी (कर्मशाला) पीयूष मिंज, जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार, आरपीएफ इंस्पेक्टर प्रमोद लकड़ा, पूर्व संयुक्त सचिव बरेका अमर सिंह, कालू मांझी सहित आदिवासी परिवार बरेका के सुदर्शन उरांव, दिलीप तिर्की, सुचित कुजूर, अजय कुमार तिर्की, संजीवन तिर्की और अजय तिग्गा मौजूद रहे। वहीं आदिवासी महिला समिति की सपना टोप्पो, तारा मैरी मिंज, प्रेमा लिली टोप्पो, अनुपमा और बंदना बारला सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।
श्रावण में भास्करा पोखरा पर पुलिस अलर्ट, गहरे पानी में जाने से बचने की अपील
श्रावण में भास्करा पोखरा पर पुलिस अलर्ट, गहरे पानी में जाने से बचने की अपील
वाराणसी: श्रावण माह में रोहनिया क्षेत्र स्थित भास्करा पोखरा में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की अनहोनी से बचाने के लिए पुलिस की ओर से लगातार जागरूक किया जा रहा है।एसीपी रोहनिया अवधेश विश्वकर्मा ने भास्करा पोखरा पहुंचने वाले श्रद्धालुओं से अपील की कि वे निर्धारित और सुरक्षित स्थान पर ही स्नान करें। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु किसी भी स्थिति में गहरे पानी में न जाएं और सुरक्षा मानकों की अनदेखी न करें।also read: आँसुओं, आक्रोश के बाद खुले आसमान के नीचे दालमंडीएसीपी ने खासतौर पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चों को अकेले पानी के पास न जाने दें और स्नान के दौरान उन पर लगातार नजर बनाए रखें। थोड़ी सी लापरवाही गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।पुलिस प्रशासन की ओर से श्रावण माह के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक सतर्कता बरती जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे पुलिस के निर्देशों का पालन करें और धार्मिक आस्था के साथ अपनी सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखें। अधिकारियों का कहना है कि सामूहिक सहयोग और सतर्कता से ही श्रावण माह के आयोजनों को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सकता है।