प्रधानमंत्री के आने की आहट, तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन ने विभागों से परियोजनाओं की मांगी सूची

वाराणसी : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फरवरी में शिवरात्रि के बाद अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी आ सकते हैं. इस संभावित आगमन को लेकर जिला प्रशासन की ओर से तैयारियों की सूचना है. विभिन्न विभागों से उन योजनाओं और परियोजनाओं की सूची मांगी गई है, जिनका शिलान्यास या लोकार्पण प्रधानमंत्री द्वारा किया जा सकता है. इस दौरे के दौरान काशी को एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात मिलने की संभावना है.
इन परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास संभावित
तैयार की गई सूची में सिग्नेचर रेल रोड ब्रिज, सोलर पार्क, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी), नई सड़कें, फ्लाईओवर, ग्रामीण एवं शहरी कनेक्टिविटी से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं. इसके अतिरिक्त, कमिश्नरी परिसर में मंडलीय एकीकृत कार्यालय भवन, नगर निगम का नया सदन, रामनगर क्षेत्र में वृद्धाश्रम एवं वर्किंग वूमेन हॉस्टल का शिलान्यास भी संभावित है. ऊर्जा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत सर्किट हाउस परिसर में प्रदेश का पहला साइलेंट सब स्टेशन स्थापित किए जाने की तैयारी है.
लोक निर्माण विभाग की कई सड़क परियोजनाएं, एनएचएआई के हाईवे प्रोजेक्ट, जिला अस्पतालों में डे-केयर सेंटर तथा बनारस रेलवे स्टेशन पर प्रस्तावित तीसरी रेल लाइन के शिलान्यास को भी इस एजेंडे में शामिल किया गया है. माना जा रहा है कि रोपवे की परियोजना भी इसमें शामिल हो सकती है.
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दे सकते हैं सौगात
जिला प्रशासन के सूत्रों का कहना है कि प्राथमिकता के आधार पर योजनाओं की सूची तैयार कर प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजी जाएगी, ताकि दौरे के दौरान विकास कार्यों का व्यापक कार्यक्रम सुनिश्चित किया जा सके. अभी यह प्रारंभिक स्तर पर ही है। माना जा रहा है कि शिवरात्रि से होली के बीच पीएम का दौरा हो सकता है. प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा काशी के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, जो न केवल विकास की नई राह खोलेगा, बल्कि स्थानीय निवासियों के लिए रोजगार के नए अवसर भी प्रदान करेगा. इस दौरे में शामिल होने वाली परियोजनाओं का चयन स्थानीय प्रशासन द्वारा किया जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी आवश्यक विकास कार्य समय पर पूरे हों.



