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वाराणसी में फावड़े से महिला पर जानलेवा वार, उपचार के दौरान मौत

वाराणसी में फावड़े से महिला पर जानलेवा वार, उपचार के दौरान मौत
Jan 19, 2026, 11:51 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी : मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के चित्रसेनपुर गांव में पड़ोसी कुलदीप पटेल ने शराब के नशे में गाली-गलौज के दौरान 40 वर्षीय सुनीता पटेल पर फावड़े से सिर पर जानलेवा वार कर दिया. शनिवार की दोपहर हुए इस हमले में गंभीर रूप से घायल सुनीता को पहले भुल्लनपुर के वैदिक अस्पताल ले जाया गया, जहां से उनकी हालत अधिक बिगड़ने पर बीएचयू ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया, जहां इलाज के दौरान सोमवार तड़के करीब तीन बजे सुनीता पटेल ने दम तोड़ दिया. मृतका सुनीता पटेल की तीन छोटी उम्र के बच्चे हैं. सबसे बड़ा बेटा ईशु 16 वर्ष का है, जबकि प्रियांशु 12 और ज्ञानंशु 11 वर्ष के हैं. उनकी मां की अचानक मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है और घर में मातम का माहौल है.


मृतक के पति मुन्ना पटेल ने तहरीर दी, जिसके आधार पर पुलिस ने कुलदीप पटेल, उसके पिता विक्रमा, माता चंद्रावती, पत्नी नीतू और पुत्र श्रीयांश के खिलाफ फावड़े से जानलेवा हमला करने, गाली-गलौज करने तथा मारपीट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है. थानाप्रभारी निरीक्षक प्रमोद पांडेय ने बताया कि प्रारंभिक जांच में भूमि विवाद की कोई पुष्टि नहीं हुई है. घटना पूरी तरह शराब के नशे में हुए आपसी विवाद के कारण हुई.

पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया है, लेकिन मुख्य हमलावर कुलदीप पटेल सहित कुछ अन्य लोग अभी भी फरार हैं. उनकी तलाश के लिए विशेष टीम गठित की गई है और लगातार छापेमारी जारी है. स्थिति को देखते हुए गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो.


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परिवार के सदस्यों और स्थानीय लोगों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है. इस घटना ने इलाके में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है और सभी शांति बनाए रखने की अपील कर रहे हैं. पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और जल्द ही बाकी आरोपियों को भी हिरासत में लेने का दावा कर रही है.

ताइक्वांडो कप 2026: नन्हे खिलाड़ियों की दमदार किक, वाराणसी बना चैंपियन
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वाराणसी: मेहनत जब मैट पर उतरती है, तो हर किक और पंच एक कहानी बन जाती है. बीएचयू के विभूति नारायण सिंह इंडोर हॉल में 29-30 अप्रैल 2026 को आयोजित 5वीं स्व. जनार्दन मिश्र स्मृति ओपन स्टेट ताइक्वांडो चैंपियनशिप में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जहां सैकड़ों बच्चों ने अपने हुनर से माहौल को जोश और उत्साह से भर दिया. 3 साल के नन्हे खिलाड़ियों से लेकर 20 वर्ष तक के युवाओं ने इस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया. मिर्जापुर, भदोही, गाजीपुर, बलरामपुर समेत कई जिलों और राज्यों से आए खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला.किसी के चेहरे पर जीत की चमक थी तो कहीं हार के बाद भी सीखने का जज़्बा. मेजबान वाराणसी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया. गाजीपुर दूसरे और बलरामपुर तीसरे स्थान पर रहा. UMAI ग्रुप के खिलाड़ियों ने गोल्ड और सिल्वर मेडल जीतकर शहर का नाम रोशन किया. वाराणसी की आश्वी मिश्रा ने फ्रेशर कैटेगरी में पहली बार उतरते ही गोल्ड मेडल जीतकर सबका ध्यान खींचा. आश्वी ने अपनी सफलता का श्रेय गुरुजनों और कड़ी मेहनत को दिया. कोच विकास यादव ने कहा, “ये मेडल सिर्फ धातु नहीं, बल्कि उन सुबहों की मेहनत है जब बच्चे सूरज से पहले अभ्यास के लिए मैदान में होते हैं.”फ्रेशर कैटेगरी के उभरते नामफ्रेशर वर्ग में समृद्धि, मानवी, लावण्या, क्योंरके इसीका, रितिका और रिसीका जैसे खिलाड़ियों ने भी शानदार प्रदर्शन कर अपनी छाप छोड़ी. इस आयोजन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बनारस की धरती पर खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं, बस उन्हें मंच और मार्गदर्शन की जरूरत है.https://www.youtube.com/watch?v=OxmuubD2ofQ
काशी विश्‍वनाथ मंदिर में एप आधारित नई व्‍यवस्‍था, श्रद्धालुओं को होगा बेहतर अनुभव
काशी विश्‍वनाथ मंदिर में एप आधारित नई व्‍यवस्‍था, श्रद्धालुओं को होगा बेहतर अनुभव
New app-based system at Kashi Vishwanath Temple, devotees will have a better experienceवाराणसी: काशी विश्वनाथ मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अब दर्शन व्यवस्था और अधिक सुव्यवस्थित और आधुनिक बनाया जा रहा है. मंदिर न्यास ने श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और बेहतर अनुभव देने के उद्देश्य से एप-आधारित नई व्‍यवस्‍था लागू करने का निर्णय लिया है. श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास एक मई से ऐप आधारित व्यवस्था शुरू करने जा रहा है. इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा. काशी विश्वनाथ न्यास परिषद के सीईओ डॉ. विश्वभूषण ने बताया कि इसमें श्रद्धालुओं के मूल विवरण अनिवार्य रूप से प्राप्त किए जाएंगे. कई भाषाओं में प्रशिक्षित कर्मचारियों की नियुक्ति इस आधार पर उनका सामान्य, क्षेत्रीय और भाषाई वर्गीकरण किया जाएगा. इससे कई भाषाओं में प्रशिक्षित कर्मचारियों की नियुक्ति कर बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा. सुरक्षा की दृष्टि से नई व्यवस्था महत्वपूर्ण होगी. आगंतुकों की मूल पहचान संबंधी जानकारी सीमित अवधि तक सुरक्षित रखी जाएगी. काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के अनुसार, धाम में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को भाषा और क्षेत्रीय भिन्नताओं के कारण कई बार असुविधा का सामना करना पड़ता है. इसी समस्या को दूर करने के लिए यह नई व्यवस्था शुरू की जा रही है.ई प्रणाली के तहत सुगम दर्शन, अभिषेक और अन्य विशेष सेवाओं के लिए आने वाले श्रद्धालुओं का पंजीकरण एप के माध्यम से किया जाएगा. इसमें आधार संख्या सहित कुछ जरूरी विवरण दर्ज करना अनिवार्य होगा. इस डेटा के आधार पर श्रद्धालुओं का भाषाई और क्षेत्रीय वर्गीकरण किया जाएगा, जिससे संबंधित भाषाओं में प्रशिक्षित कर्मचारियों की तैनाती की जा सकेगी. इससे श्रद्धालुओं को अधिक सहज और संतोषजनक अनुभव मिलेगा.Also Read: बुद्ध पूर्णिमा: सारनाथ बौद्ध अनुयायियों से गुलजार, भगवान बुद्ध के अस्थि अवशेष के किए दर्शननई व्यवस्था आगामी दिनों में शुरू की जाएगी यह नई व्यवस्था आगामी दिनों में शुरू की जाएगी और 1 मई 2026 के बाद इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा. न्यास ने स्पष्ट किया है कि सामान्य श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क दर्शन व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है. काशीवासियों के लिए भी विशेष द्वार से सुबह और शाम के समय मुफ्त दर्शन की सुविधा पहले की तरह जारी रहेगी. मंदिर न्यास ने श्रद्धालुओं से इस नई व्यवस्था के सफल संचालन के लिए सहयोग की अपील की है. साथ ही, सुझाव देने के लिए आधिकारिक वेबसाइट और ईमेल के माध्यम से अपनी राय साझा करने का आग्रह किया गया है.https://www.youtube.com/watch?v=OxmuubD2ofQ
बुद्ध पूर्णिमा: सारनाथ बौद्ध अनुयायियों से गुलजार, भगवान बुद्ध के अस्थि अवशेष के किए दर्शन
बुद्ध पूर्णिमा: सारनाथ बौद्ध अनुयायियों से गुलजार, भगवान बुद्ध के अस्थि अवशेष के किए दर्शन
Buddha Purnima: Sarnath buzzes with Buddhist followers, offering prayers to the relics of Lord Buddhaवाराणसी: वैशाख बुद्ध पूर्णिमा के मौके पर शुक्रवार को सारनाथ गुलजार है. इस अवसर पर सुबह मूलगंध कुटी बौद्ध मंदिर में हजारों बौद्ध अनुयायी भगवान बुद्ध के अस्थि अवशेष का दर्शन पूजन कर निहाल हुए. दिन भर बौद्ध भिक्षुओं की चहल पहल बनी रही. मंदिर और मठों में विशेष सजावट की गई. बौद्ध मंदिर के विहाराधिपति भिक्षु आर सुमित्ता नन्द थेरो के नेतृत्व में हीरा मोती से जड़ित फ्लास्क में रखा बुद्ध अस्थि अवशेष मन्दिर के हाल में दर्शन को रखा गया.जापानी बौद्ध मंदिर में किए दर्शन पूजन थाईलैंड, वियतनाम, श्रीलंका के साथ महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, बिहार के बोध गया, के अलावा यूपी के श्रावस्ती, कुशीनगर, गाजीपुर, जौनपुर, चंदौली,अन्य जिलों से बौद्ध अनुयायी एंव स्थानीय बौद्ध मठ के बौद्ध भिक्षुओं ने बुद्ध अस्थि अवशेष के दर्शन किये. इस दौरान भिक्षु चंदिमा, भिक्षु शीलवश, भिक्षु धम्म रत्न, भिक्षु रत्नाकर, सहित थाई, तिब्बती,जापानी, वियतनाम, कम्बोडिया बौद्ध मंदिर के बौद्ध भिक्षु शामिल रहे. इसके पूर्व मन्दिर में सुबह 6 बजे विश्व शांति के लिए बौद्ध भिक्षुओं ने पूजा की. इसके साथ यहां आए बौद्ध अनुयायियों ने सारनाथ के कम्बोडिया, थाईलैंड, वियतनाम, तिब्बती, जापानी बौद्ध मंदिर में दर्शन पूजन किए.Also Read: कमर्शियल LPG सिलेंडर के संग महंगा हुआ 5 किलो वाला 'छोटू', जानें दामों में कितनी बढ़ोतरीबुद्ध पूर्णिमा पर सारनाथ आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भोजन दान किया गया. इसके पहले पहला भोजन भिक्षु चण्डपदुम लेकर भगवान बुद्ध के चढ़ाया गया. धम्म शिक्षण केंद्र के प्रभारी भिक्षु चंदिमा ने बताया कि मूलगंध कुटी बौद्ध मंदिर परिसर में सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक भोजन की व्यवस्था की गई. इस दौरान सारनाथ में दुकानों पर भी भीड देखी गई. अवकाश होने और मौसम के तकाजे के कारण आम लोग भी बडी संख्‍या में लोगा पहुंचे.https://www.youtube.com/watch?v=OxmuubD2ofQ