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मोतियाबिंद आपरेशन के बाद चली गई रोशनी, डाक्‍टर समेत तीन पर केस दर्ज

मोतियाबिंद आपरेशन के बाद चली गई रोशनी, डाक्‍टर समेत तीन पर केस दर्ज
Jan 15, 2026, 08:21 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी : मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद एक मरीज की आंखों की रोशनी पूरी तरह से चली गई. इस मामले में रामनगर पुलिस ने यूरेनिया नेत्रालय के प्रबंधक और दो चिकित्सकों के खिलाफ केस दर्ज किया है. यह मामला चिकित्सीय लापरवाही का बताया जा रहा है, जिससे पीड़ित को शारीरिक, मानसिक और आर्थिक क्षति उठानी पड़ी. चितईपुर थाना क्षेत्र के करौंदी अंबेडकर नगर निवासी हरेराम सिंह ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि उन्हें लंबे समय से मोतियाबिंद की समस्या थी. इसी दौरान उनके संपर्क में आए डॉ. लालमनी ने उन्हें आंख के चिकित्सक डॉ. एस.एस. वर्मा के पास इलाज और ऑपरेशन के लिए भेजा.


14 मई को हुआ था ऑपरेशन


पीड़ित के अनुसार, 14 मई 2025 को यूरेनिया नेत्रालय में मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया गया और आंख में लेंस भी लगाया गया. आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान चिकित्सक डॉ. एस.एस. वर्मा ने घोर लापरवाही बरती और आवश्यक चिकित्सीय जांच, सावधानियों एवं उपचार के तय मानकों का पालन नहीं किया.

ऑपरेशन के बाद आंख की रोशनी बेहतर होने के बजाय लगातार बिगड़ती चली गई और कुछ ही समय में आंख से पूरी तरह दिखाई देना बंद हो गया. पीड़ित का आरोप है कि जब उन्होंने बिगड़ती हालत की शिकायत की तो डॉ. एस.एस. वर्मा ने उन्हें भरोसा दिलाया कि दवाओं से सब ठीक हो जाएगा. हालांकि, इलाज के बावजूद आंखों की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ.

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इसके बाद अन्य चिकित्सकों को दिखाने पर बताया गया कि आंख की रोशनी जाने की वजह ऑपरेशन के दौरान हुई चिकित्सीय लापरवाही है. हरेराम सिंह का कहना है कि इस घटना से उन्हें शारीरिक और मानसिक पीड़ा के साथ-साथ आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा है. उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.

रामनगर थाना प्रभारी दुर्गा सिंह ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर हरि विहार कॉलोनी निवासी चिकित्सक डॉ. एस.एस. वर्मा, डॉ. लालमनी और यूरेनिया नेत्रालय के प्रबंधक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. मामले की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

वाराणसी में स्‍नातक एमएलसी चुनाव में सपा प्रत्‍याशी आशुतोष स‍ि‍न्‍हा चौथे चरण में 7195 मतों से आगे
वाराणसी में स्‍नातक एमएलसी चुनाव में सपा प्रत्‍याशी आशुतोष स‍ि‍न्‍हा चौथे चरण में 7195 मतों से आगे
वाराणसी : स्नातक एमएलसी चुनाव वाराणसी में चल रही मतगणना में सपा स्नातक एमएलसी प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा ने भाजपा के उम्‍मीवार पर बढ़त बनाई है. शि‍क्षक एमएलसी चुनाव देर रात सपा उम्‍मीदवार लाल ब‍िहारी यादव के जीतने के बाद से ही सपाइयों का जोश बढ़ा हुआ है. रात में अपने उम्‍मीदवार की जीत के बाद से ही सपाई मौके पर सक्र‍ियता के साथ जुटे हुए हैं. दोपहर में जारी र‍िपोर्ट के अनुसार स्नातक एमएलसी आशुतोष सिन्हा तीसरे चक्र की मतगणना में 4583 मतों से आगे रहे. तृतीय चक्र की काउंटिंग पूरी हुई तो आशुतोष सिन्हा को 5776 मत म‍िले, जबक‍ि कुल प्राप्त मतों की संख्या अब तक 16195 हो गई. वहीं केदार सिंह को तीसरे राउंड में 4414 मत मिले ज‍िससे कुल प्राप्त मतों की संख्या 11188 हो गई. चौथे राउंड की मतगणना पूरी होने पर सपा के आशुतोष सिन्हा को मिले 22599 मत मिले. वहीं केदार सिंह को 15404 मत प्राप्‍त हुए. आशुतोष सिन्हा 7195 मतों से आगे चल रहे हैं.ALSO READ : संस्कृत शिक्षा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर मंथन, डिजिटल गुरुकुल और संस्कृत AI पर जोरपहड़‍िया स्‍थ‍ित मतगणना स्‍थल पर बंडल‍िंंग का काम पूरा होने के बाद काउंट‍िंंग शुरू की गई तो सपा उम्‍मीदवार आशुतोष स‍िन्‍हा ने दूसरे राउंड में अपनी बढ़त बनाते हुए करीब 2900 वोट से आशुतोष सिन्हा आगे हो गए. यह बढ़त आगे भी जारी रही. शिक्षक एमएलसी की जीत के बाद सपा खेमे में उत्साह और बढ़ गया था. पहड़िया मंडी के मुख्य द्वार के सामने सड़क के उस पर एक बाउंड्री वॉल में बनाए गए समाजवादी पार्टी के टेंट रूपी कैंप में मौजूद सपा कार्यकर्ता एक दिन पूर्व की अपेक्षा बुधवार को और उत्साहित दिखे. मानो उनका अनुमान जीत में बदल गया हो. वहीं सुबह स्नातक खण्ड के समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा ने बुधवार को प्रशासन पर गड़बड़ी कराने का आरोप लगाते हुए कहा क‍ि प्रशासन मतगणना में गड़बड़ी कर सकता है. दो राउंड की गिनती पूरी होने पर भी प्रशासन घोषणा नहीं कर रहा है और न ही इस संबंध में कुछ डिस्प्ले किया जा रहा है. कहा क‍ि चुनाव आयोग इस बात का तत्काल संज्ञान ले.
संस्कृत शिक्षा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर मंथन, डिजिटल गुरुकुल और संस्कृत AI पर जोर
संस्कृत शिक्षा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर मंथन, डिजिटल गुरुकुल और संस्कृत AI पर जोर
वाराणसी : सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने और भारतीय ज्ञान-परंपरा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने को लेकर सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज के अंतर्गत बैठक आयोजित की गई। इसमें डिजिटल गुरुकुल, संस्कृत AI, प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण और ज्ञानसेतु जैसे विषयों पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि तकनीक के बेहतर इस्तेमाल से संस्कृत शिक्षा को अधिक सरल, सुलभ और प्रभावी बनाया जा सकता है।कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्कृत विद्या विभाग के प्रो. डॉ. रविशंकर पांडेय ने की। बैठक में शिक्षकों और विद्यार्थियों ने इस बात पर विचार किया कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से संस्कृत साहित्य और प्राचीन ज्ञान को नई पीढ़ी तक कैसे पहुंचाया जाए। साथ ही, शिक्षा में डिजिटल संसाधनों के उपयोग और गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री की उपलब्धता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।बैठक में प्राचीन संस्कृत पांडुलिपियों के संरक्षण और डिजिटलीकरण को महत्वपूर्ण बताया गया। वक्ताओं का कहना था कि डिजिटल माध्यमों की मदद से पुरानी ज्ञान-संपदा को सुरक्षित रखने के साथ उसे अधिक लोगों तक पहुंचाया जा सकता है। वहीं, संस्कृत AI के जरिए संस्कृत भाषा के अध्ययन को आसान बनाने और विद्यार्थियों के लिए नए शैक्षिक अवसर विकसित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया और विभिन्न विषयों पर समूह बनाकर नवाचार से जुड़े विचार साझा किए। शिक्षा के साथ सामाजिक जागरूकता, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक बुद्धिमत्ता के विकास को भी जरूरी बताया गया। आयोजन का उद्देश्य शिक्षकों और विद्यार्थियों के सहयोग से नए विचारों को व्यावहारिक रूप देना तथा परंपरा और तकनीक के समन्वय से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना रहा।ALSO READ : वाराणसी में जीएम समेत शेफ तक पर एक करोड़ की धोखाधड़ी में प्राथमिकी दर्ज, पुलिस जांच में जुटी...कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन शिवानन्द मिश्र ने किया। इस अवसर पर डॉ. बालेश्वर झा, डॉ. सूर्यभान कुमार, डॉ. मुकेश जी मेहता, डॉ. अरुण कुमार, डॉ. श्रवण कुमार, डॉ. विशाखानंद बंसोड़ सहित अन्य शिक्षक और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
वाराणसी में जीएम समेत शेफ तक पर एक करोड़ की धोखाधड़ी में प्राथमिकी दर्ज, पुलिस जांच में जुटी...
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वाराणसी : मलदहिया स्थित विनायक प्लाजा में संचालित सनसूत्रा आउटलेट के महाप्रबंधक समेत आठ कर्मचारियों के खिलाफ एक करोड़ रुपये से अधिक के घोटाला और धोखाधड़ी के आरोप में सिगरा थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई. रघु कुल कृपा हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अभिलाष नारायण सिंह की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है.अभिलाष नारायण सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया कि आउटलेट में पिछले 10 महीनों से लगातार वित्तीय अनियमितताएं की जा रही थीं. उनके मुताबिक, हर महीने आठ से 10 लाख रुपये का गबन किया गया. इस तरह कंपनी को एक करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक क्षति पहुंचाई गई. तहरीर में तत्कालीन महाप्रबंधक रणवीर सिंह राणा, एआरएम राम सिंह, कार्यकारी कैप्टन मनीष राणा, कैप्टन संजय सिंह पुरसोरा, जीएसए रजत सिंह पुरसोरा, कैशियर संजय साहू, कैप्टन सौम्या जायसवाल और किचन शेफ अंकित कंधारी को आरोपित किया गया है.शिकायतकर्ता का आरोप है कि सभी ने मिलकर कंपनी की रकम और कारोबार से जुड़े रिकॉर्ड में हेरफेर किया. आरोप के अनुसार, आउटलेट की नकदी, शराब के स्टॉक और बिलिंग रिकॉर्ड में अनियमितताएं की गईं. ग्राहकों से डेकोरेशन, इवेंट और अन्य सेवाओं के लिए प्राप्त रकम कंपनी के खाते में जमा नहीं कराई गई. शिकायत में दावा किया गया है कि यह राशि कर्मचारियों ने अपने पास रख ली. इसके अलावा, गेस्ट रिकॉर्ड और सुरक्षा संबंधी डेटा में भी छेड़छाड़ किए जाने का आरोप लगाया गया है.ALSO READ : वाराणसी मतगणना स्थल के पास से सपा का कैंप हटाने पहुंचे अफसर, कार्यकर्ताओं से हुई बहस...शिकायतकर्ता के मुताबिक, यह कथित धोखाधड़ी लंबे समय से चल रही थी, जिससे कंपनी को लगातार वित्तीय नुकसान हुआ. मामले में सिगरा थाने में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस आरोपों की जांच कर रही है. सिगरा इंस्पेक्टर शिवाकांत मिश्रा ने बताया कि शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है. मामले की विवेचना की जा रही है. जांच के बाद ही आरोपों की पुष्टि और पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.