नाग पंचमी से पहले सजने लगे अखाड़े, 150 साल पुरानी दंगल परंपरा फिर होगी जीवंत

वाराणसी: नाग पंचमी के पर्व को लेकर काशी के अखाड़ों में तैयारियां तेज हो गई हैं, कुश्ती और दंगल की करीब 150 वर्ष पुरानी परंपरा को इस बार भी पूरे उत्साह के साथ आगे बढ़ाने की तैयारी है. नाग पंचमी के दिन अखाड़ों में विधि-विधान से पूजा-अर्चना होगी. इसके बाद छोटे बच्चों के बीच कुश्ती मुकाबले कराए जाएंगे.
कर्णघंटा अखाड़ा के प्रबंधक दिनेश यादव ने बताया कि नाग पंचमी के बाद पड़ने वाले पहले रविवार को काशी के नामचीन पहलवानों का पारंपरिक दंगल आयोजित किया जाता है. इस वर्ष 23 अगस्त को दोपहर दो बजे से दंगल शुरू होगा, जो देर रात तक चलेगा, आयोजन में क्षेत्रीय पार्षद संजय केसरी समेत कई अतिथि शामिल होंगे.

उन्होंने बताया कि दंगल की शुरुआत डंबल, गदा और नाल के प्रदर्शन से होगी, इसके बाद पहलवानों के बीच जोड़ी के मुकाबले होंगे, कार्यक्रम के अंत में वर्षों पुरानी गरनाल की परंपरा भी निभाई जाएगी. काशी की प्रसिद्ध ‘शेर वाली जोड़ी’ दंगल का खास आकर्षण रहेगी.
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दंगल को लेकर अखाड़ों में तैयारियां शुरू हो गई हैं, पहलवान अभ्यास में जुटे हैं और आयोजन को लेकर उत्साह का माहौल है. मुकाबलों में विजेता पहलवानों को वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार शील्ड, घड़ी, बाल्टी, कंडाल समेत विभिन्न पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा.



