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सावन के प्रथम सोमवार को जलाभिषेक के लिए यादव बंधुओं ने कर दी ये मांग, बैठक में बताई वजह...

सावन के प्रथम सोमवार को जलाभिषेक के लिए यादव बंधुओं ने कर दी ये मांग, बैठक में बताई वजह...
Jul 06, 2026, 12:16 PM
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Posted By Shivangi Ojha

वाराणसी : सावन भले अभी आया नहीं लेकिन तैयारियां शुरू कर दी गई हैं. सावन के पहले सोमवार को यादव बंधु श्रीकाशी विश्वनाथ का जलाभिषेक करेंगे. उन्होंने रविवार को बैठकर कर जलाभिषेक के दौरान होने वाली समस्याओं पर चर्चा की और प्रशासन से इस परंपरा को कायम रखने के लिए मुकम्मल व्यवस्थाएं करने की मांग की. उन्होंने इस बार महामृत्युंजय महादेव में जलाभिषेक के लिए ललिता घाट से जल भरने के लिए जिला प्रशासन से मांग की.


दो साल से लगी है रोक


यादव बंधुओं का कहना है कि अब तक ललिता घाट से ही जल भरने की परंपरा थी लेकिन पिछले दो साल से विकास कार्य के चलते प्रशासन ने इस पर रोक लगा रखी है. वे श्रीकाशी विश्वनाथ सहित नौ शिवालयों व देवालयों में जलाभिषेक करेंगे. चंद्रवंशी गोप सेवा समिति की अहिल्याबाई घाट स्थित समिति के अनिल यादव के प्रतिष्ठान में हुई बैठक में पदाधिकारियों व सदस्यों ने विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि ललिता घाट पर विकास कार्य पूरा हो गया है, इसलिए इस बार जल वहीं से भर कर महामृत्युंजय महादेव जाने की अनुमति दी जाए.


सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक प्रबंधन, खराब सड़कों पर भी चर्चा


उन्होंने जलाभिषेक के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक प्रबंधन, खराब सड़कों को ठीक कराने, साफ-सफाई, बिजली के जर्जर तारों को बदलने आदि की मांग की. समिति के अध्यक्ष लालजी चंद्रवंशी ने बताया कि जलाभिषेक यात्रा केदारघाट पर गौरी केदारेश्वर महादेव, तिलभांडेश्वर, शीतला माता, अहिलेश्वर महादेव, श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर, महामृत्युंजय, त्रिलोचन महादेव, ओंकालेश्वर महादेव के बाद लाटभैरव में जलाभिषेक व दर्शन कर यात्रा को विराम दिया जाएगा.

बैठक की अध्यक्षता पारसनाथ यादव ने की. संचालन श्यामू यादव व धन्यवाद ज्ञापन अनिल यादव ने किया. बैठक में लालजी चंद्रवंशी, शालिनी यादव, अजय यादव, मनोज यादव, अशोक यादव, प्रभाकर यादव (नगर अध्यक्ष), विकास यादव आदि मौजूद रहे.


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पुरानी है जलाभिषेक की परंपरा


लालजी चंद्रवंशी ने बताया कि यह ऐतिहासिक परंपरा वर्ष 1932 से लगातार चली आ रही है. इस वर्ष जलाभिषेक का 94वां वर्ष है. इस परंपरा में कोई बदलाव नहीं होगा। भोला सरदार और चुन्नी सरदार ने इस परंपरा की शुरुआत की थी. काशी के यादव बंधु आज भी उनके संकल्प को भव्यतापूर्वक निभा रहे हैं. बैठक में भोला सरदार और चुन्नी सरदार की स्मृति में शहर में एक द्वार बनवाने की मांग की गई.

सारनाथ को वैश्विक सम्मान, बुद्ध की करुणा का संदेश अब और बुलंद: प्रो. वांगछुग दोर्जे नेगी
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वाराणसी: केंद्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान (सीआईएचटीएस), सारनाथ के कुलपति प्रो. वांगछुग दोर्जे नेगी ने सारनाथ को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किए जाने को भारत की आध्यात्मिक विरासत की वैश्विक स्वीकृति बताया है। उन्होंने कहा कि यह केवल किसी ऐतिहासिक स्थल को मिला सम्मान नहीं, बल्कि भगवान बुद्ध के शांति, करुणा और मानव कल्याण के संदेश को पूरी दुनिया द्वारा स्वीकार किए जाने का प्रतीक है।उन्होंने कहा कि धम्मचक्कप्पवत्तन दिवस के 2605वें आयोजन से ठीक पहले मिली यह उपलब्धि सारनाथ की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्ता को नई ऊंचाई प्रदान करती है। यही वह पावन स्थल है, जहां भगवान बुद्ध ने ज्ञान प्राप्ति के बाद अपना पहला उपदेश देकर धर्मचक्र का प्रवर्तन किया था। आज भी यह स्थान विश्वभर के बौद्ध श्रद्धालुओं, शोधार्थियों और पर्यटकों के लिए प्रेरणा का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।प्रो. नेगी ने कहा कि भारत की पहचान केवल अपनी प्राचीन सभ्यता से नहीं, बल्कि उन सार्वभौमिक मूल्यों से है जिन्हें भगवान बुद्ध ने मानवता के सामने रखा। सत्य, अहिंसा, करुणा और सह-अस्तित्व का उनका संदेश वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में पहले से अधिक प्रासंगिक हो गया है।ALSO READ : शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोपी गिरफ्तार, वाराणसी छोड़ने की फिराक में था.उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के संरक्षण और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को देते हुए केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत तथा संस्कृति सचिव विवेक अग्रवाल के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि देश की सांस्कृतिक विरासत को विश्व मंच पर नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।कुलपति ने देशवासियों और विश्वभर के बौद्ध अनुयायियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सारनाथ अब केवल इतिहास का साक्षी नहीं, बल्कि विश्व शांति और मानवता के साझा भविष्य का भी प्रेरणा-स्थल बनकर उभरेगा। उन्होंने अंत में कामना की कि भगवान बुद्ध का करुणा और मैत्री का संदेश संपूर्ण विश्व में सद्भाव, शांति और मानव कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता रहे।
शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोपी गिरफ्तार, वाराणसी छोड़ने की फिराक में था.
शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोपी गिरफ्तार, वाराणसी छोड़ने की फिराक में था.
वाराणसी: मंडुआडीह थाना पुलिस ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म, मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को शनिवार तड़के बरेका (बीएलडब्ल्यू) आवासीय परिसर से गिरफ्तार किया गया।पुलिस के अनुसार, लहरतारा निवासी एक महिला की तहरीर पर 24 जुलाई को आरोपी किशन कुमार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 69, 115(2), 352 और 351(3) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और विरोध करने पर मारपीट, गाली-गलौज के साथ जान से मारने की धमकी दी।मामले की विवेचना उपनिरीक्षक प्रवीण सचान कर रहे हैं। पुलिस टीम ने 25 जुलाई की रात करीब 12:25 बजे आरोपी किशन कुमार (30), निवासी लहरतारा, को बीएलडब्ल्यू आवासीय परिसर से गिरफ्तार कर लिया।ALSO READ : गुरु पूर्णिमा पर नहीं लगेगा जाम पड़ाव आश्रम में ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था का एडीसीपी ने लिया जायजापूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि युवती से उसकी मित्रता थी और दोनों के बीच आपसी सहमति से संबंध बने थे। उसने यह भी स्वीकार किया कि मुकदमा दर्ज होने की जानकारी मिलने के बाद वह वाराणसी छोड़कर जाने की तैयारी में था, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक प्रवीण सचान, उपनिरीक्षक विवेक यादव, फैंटम-48 के कांस्टेबल अमित कुमार तिवारी तथा कांस्टेबल संदीप शाह शामिल रहे। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
गुरु पूर्णिमा पर नहीं लगेगा जाम  पड़ाव आश्रम में ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था का एडीसीपी ने लिया जायजा
गुरु पूर्णिमा पर नहीं लगेगा जाम पड़ाव आश्रम में ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था का एडीसीपी ने लिया जायजा
वाराणसी: गुरु पूर्णिमा पर्व पर पड़ाव स्थित श्री सर्वेश्वरी समूह के अवधूत भगवान राम आश्रम में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। 28 और 29 जुलाई को होने वाले आयोजन के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए एडीसीपी ट्रैफिक अंशुमान मिश्र ने शनिवार को आश्रम परिसर और आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान एडीसीपी ने यातायात प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था, बैरिकेडिंग, श्रद्धालुओं के प्रवेश एवं निकास मार्ग सहित अन्य व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी कर ली जाएं, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या जाम की स्थिति उत्पन्न न हो।ALSO READ : काशी विद्यापीठ में 'दहेज मुक्त भारत' विषयक भाषण प्रतियोगिता, विद्यार्थियों ने लिया दहेज न लेने-देने का संकल्प.पुलिस प्रशासन ने गुरु पूर्णिमा पर लाखों श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना को देखते हुए विशेष ट्रैफिक एवं पार्किंग प्लान तैयार किया है। इसके तहत प्रमुख मार्गों पर यातायात का सुचारु संचालन, पार्किंग स्थलों का निर्धारण तथा आवश्यक स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यातायात व्यवस्था उपलब्ध कराना है, जिससे गुरु पूर्णिमा का आयोजन शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।