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वाराणसी में सेना भर्ती के लिए युवाओं ने दिखाया दमखम, लगाई दौड़

वाराणसी में सेना भर्ती के लिए युवाओं ने दिखाया दमखम, लगाई दौड़
Nov 08, 2025, 08:21 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी : कैंटोमेंट स्थित रणबांकुरा स्टेडियम में शनिवार को सेना (अग्निवीर) भर्ती रैली की शुरुआत हुई. पहले दिन क्लर्क और ट्रेडमैन पद के लिए सभी 12 जिलों के अभ्यर्थी शामिल हुए. कुल 1028 अभ्यर्थियों को बुलाया गया था, जिनमें से 844 ने दौड़ में भाग लिया और 395 अभ्यर्थी सफल घोषित हुए. भर्ती प्रक्रिया के पहले दिन रेस सकुशल सम्पन्न हुई. आयोजन का नेतृत्व आगरा से आई कर्नल रेशमा शरीन के नेतृत्व वाली 11 सदस्यीय टीम ने किया. वहीं, कैंट पुलिस ने बाहरी क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाल रखी थी. इस दौरान कैंट थाना प्रभारी शिवाकांत मिश्रा फुलवरिया चौकी प्रभारी दीक्षा पांडेय शांतनु मिश्रा आदि चक्रमण करते नजर आए.


रणाबांकुरे मैदान में आयोजित अग्निवीर रैली में आज युवाओं ने 1600 मीटर की दौड़ लगाई. इस परीक्षा में पास होने के लिए युवाओं को छह मिनट 15 सेकेंड में 1600 मीटर की दौड़ लगानी पडती है. दौड़ पूरी करने के बाद सफल अभ्यर्थियों के शारीरिक माप और डाक्यूमेंट्स की चेकिंग की जाएगी. भर्ती की तीनों बाधा पार करने वाले अभ्यर्थियों को नौ नवंबर को चिकित्सकीय जांच के लिए दुबारा से बुलाया जाएगा.


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भर्ती प्रक्रिया सुबह छह बजे दौड़, बीम, जिगजैग के साथ शुरू होकर चरणवार शारीरिक माप व डाक्यूमेंट्स जांच पूर्ण होने के बाद ही खत्म होगी. भर्ती की प्रक्रिया आठ नवंबर से 21 नवंबर (14 दिन) तक चलेगी. परीक्षा की शुचिता के लिए 17 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. 12 चिकित्सक, तीन कर्नल व 30 फौजी रैली कराने के लिए बाहर से बुलाए गए हैं.


शारीरिक माप के मानक

-169 सेंटीमीटर ऊंचाई चाहिए.

-77 मीटर सीने की चौड़ाई चाहिए.


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कितने जिलों से कुल कितने अभ्यर्थी आज पहुंचें


-वाराणसी, आजमगढ़, बलिया, चंदौली, देवरिया, गाजीपुर, गोरखपुर, जौनपुर, मऊ, मीरजापुर, भदोही, सोनभद्र व वाराणसी जिले के अभ्यर्थी रैली में शामिल.


शारीरिक परीक्षा का यह होगा शेड्यूल


-आठ नवंबर : क्लर्क व आठवीं, दसवीं पास ट्रेडमैन के लिए 1030 अभ्यर्थी.

-नौ नवंबर : टेक्निकल व क्लर्क के 1030 अभ्यर्थी.

-10 नवंबर : टेक्निकल के 1052 अभ्यर्थी.

-11 नवंबर : आजमगढ़ निवासी जीडी (जनरल ड्यूटी) के 1189 अभ्यर्थी.

-12 नवंबर : बलिया निवासी जीडी के 1275 अभ्यर्थी.

-13 नवंबर : बलिया व चंदौली निवासी जीडी के 1218 अभ्यर्थी.

-14 नवंबर : चंदौली व देवरिया निवासी जीडी के 1217 अभ्यर्थी.

-15 नवंबर : देवरिया व गाजीपुर निवासी जीडी के 1233 अभ्यर्थी.

-16 नवंबर : गाजीपुर निवासी जीडी के 1260 अभ्यर्थी.

-17 नवंबर : गाजीपुर व मऊ निवासी जीडी के 1235 अभ्यर्थी.

-18 नवंबर : मीरजापुर, भदोही व गोरखपुर निवासी जीडी के 1264 अभ्यर्थी.

-19 नवंबर : गोरखपुर निवासी जीडी के 1154 अभ्यर्थी.

-20 नवंबर : वाराणसी निवासी जीडी के 1152 अभ्यर्थी.

-21 नवंबर : जौनपुर व सोनभद्र निवासी जीडी के 978 अभ्यर्थी.


अभ्यर्थी क्या-क्या लेकर पहुंचे

-वाटर प्रूफ बैग.

-कलर एडमिट कार्ड ए-4 साइज में.

-शैक्षिक प्रमाणपत्र.

-दसवीं की मार्कशीट.

-12 वीं की मार्कशीट और सर्टिफिकेट.

-आठवीं पास के लिए टीसी व मार्कशीट.

-निवास प्रमाणपत्र.

-जाति प्रमाणपत्र.

-धर्म सर्टिफिकेट.

-पुलिस द्वारा जारी चरित्र प्रमाणपत्र (छह माह से ज्यादा पुराना न हो)

-ग्राम पंचायत या निकाय से जारी चरित्र प्रमाणपत्र.

-सरपंच द्वारा जारी अविवाहित प्रमाणपत्र.

-पैनकार्ड व आधार कार्ड.


हमने रैली कराने की तैयारी पूरी कर ली है. अभ्यर्थियों को किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होगी. शैलेश कुमार, निदेशक सेना भर्ती कार्यालय.

एयरपोर्ट विस्तार का मुआवजा उड़ाया, एपीके फाइल के जरिये 6.64 लाख की साइबर ठगी...
एयरपोर्ट विस्तार का मुआवजा उड़ाया, एपीके फाइल के जरिये 6.64 लाख की साइबर ठगी...
वाराणसी: बाबतपुर एयरपोर्ट विस्तार के लिए मिले मुआवजे की रकम पर साइबर ठगों के सेंध लगाने का मामला सामने आया है. फूलपुर थाना क्षेत्र के मंगारी गांव निवासी अंजू देवी के संयुक्त बैंक खाते से ठगों ने एपीके फाइल के जरिये 6.64 लाख रुपये उड़ा लिए. मामले में साइबर क्राइम पुलिस थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस जांच में जुट गई है.अंजू देवी ने पुलिस को बताया कि उनका और उनके पति मनोज पटेल का सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में संयुक्त बचत खाता है. इसी खाते में बाबतपुर एयरपोर्ट विस्तार के मुआवजे के रूप में 9.03 लाख रुपये आए थे. 20 अगस्त से 31 अगस्त के बीच उनके संयुक्त खाते से अलग-अलग माध्यमों से 6,51,783 रुपये निकल गए.इसके अलावा बैंक की मंगारी शाखा स्थित एक अन्य खाते से भी 13 हजार रुपये निकाल लिए गए. कुल 6,64,783 रुपये की साइबर ठगी हुई. पीड़िता के मुताबिक, उनके वाट्सएप पर एक मोबाइल नंबर से एपीके फाइल भेजी गई थी. फाइल पर क्लिक करते ही साइबर अपराधियों ने मोबाइल और खाते से संबंधित जानकारी तक पहुंच हासिल कर ली. इसके बाद खाते से रकम निकलती चली गई. खाते से रकम कटने की जानकारी होने पर पीड़िता ने साइबर क्राइम पुलिस से शिकायत की.ALSO READ: दूध प्रोटीन-एलोवेरा एंटासिड टैबलेट को भारतीय पेटेंट, बीएचयू की शोध टीम की बड़ी उपलब्धिसाइबर क्राइम थाना प्रभारी निरीक्षक उदयवीर सिंह ने बताया कि मामले की जांच निरीक्षक ओम प्रकाश सरोज को सौंपी गई है. पुलिस लेनदेन से जुड़े विवरण और एपीके फाइल भेजने वाले मोबाइल नंबर की जांच कर रही है. पुलिस ने लोगों से साइबर ठगी से सतर्क रहने की अपील की है. थाना प्रभारी ने कहा कि वाट्सएप या एसएमएस पर अनजान नंबरों से आने वाली किसी भी एपीके फाइल पर क्लिक न करें. संदिग्ध लिंक खोलने से भी बचें. ऐसी फाइलें मोबाइल में सेंध लगाकर बैंक खाते तक पहुंच बनाने का माध्यम बन सकती हैं. साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराएं.
पितृपक्ष 27 सितंबर से, इस बार 14 दिनों त‍क म‍िलेगी पितरों की कृपा
पितृपक्ष 27 सितंबर से, इस बार 14 दिनों त‍क म‍िलेगी पितरों की कृपा
वाराणसी : इस वर्ष पितृपक्ष का आरंभ 27 सितंबर से होगा और यह 10 अक्टूबर तक मनाया जाएगा. यानी पितरों की कृपा पाने का पक्ष इस बार 14 दिनों का होगा. साथ ही षष्ठी और सप्तमी तिथि एक ही दिन पड़ने के कारण पितृपक्ष की अवधि कम हो रही है. जिनके पिता की मृत्यु पूर्णिमा तिथि को हुई है, वे 26 सितंबर को पितृ श्राद्ध करेंगे. ख्यात ज्योतिषाचार्य पं. ऋषि द्विवेदी के अनुसार, 27 सितंबर को आश्विन कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा से पितृ पक्ष की शुरुआत होगी. 2 अक्टूबर को षष्ठी और सप्तमी तिथि एक साथ आने के कारण पितृपक्ष की अवधि में कमी आ रही है. जिनके पिता की मृत्यु शस्त्र या विष से हुई हो, उनका श्राद्ध चतुर्दशी को किया जाता है.वहीं, जिनके पिता की स्वाभाविक मृत्यु चतुर्दशी को हुई हो, वे द्वादशी तिथि को श्राद्ध करेंगे. माता की मृत्यु किसी भी तिथि पर हुई हो, उनका श्राद्ध नवमी (मातृ नवमी) को करना चाहिए. इस वर्ष मातृ नवमी 4 अक्टूबर को है. पितृपक्ष के दौरान श्रद्धालुओं को अपने पितरों के प्रति श्रद्धा और सम्मान प्रकट करने का अवसर मिलता है. यह समय परिवार के सदस्यों के लिए एकत्रित होने और अपने पूर्वजों की याद में श्रद्धांजलि अर्पित करने का होता है. पितृपक्ष के दौरान किए गए अनुष्ठान से पितरों की कृपा प्राप्त करने की मान्यता है. इस समय श्रद्धालु अपने पितरों के लिए विशेष भोजन तैयार करते हैं और उन्हें अर्पित करते हैं. यह परंपरा सदियों से चली आ रही है और इसे धार्मिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है.आनलाइन पिंडदान के लिए कर रहे संपर्कपितृपक्ष पर काशी में ई-पिंडदान कराने के लिए कर्मकांडी ब्राह्मण पैकेज दे रहे हैं. विदेशों में बैठे आस्थावानों ने अपने पितरों का श्राद्ध करने के लिए इन पुरोहितों से संपर्क करना शुरू कर दिया हैं. ब्राह्मणों ने सोशल मीडिया पर इसका प्रचार प्रसार भी शुरू कर दिया है. बता दें कि पिंडदान, तर्पण और त्रिपिंडी श्राद्ध के लिए व्यक्तिगत रूप से आने में असमर्थ आस्थावान आनलाइन अनुष्ठान कराते हैं. हाल ही में रूस की महिला ने अपने पिता और भाई का आनलाइन पिंडदान कराया था.ALSO READ : दूध प्रोटीन-एलोवेरा एंटासिड टैबलेट को भारतीय पेटेंट, बीएचयू की शोध टीम की बड़ी उपलब्धि
दूध प्रोटीन-एलोवेरा एंटासिड टैबलेट को भारतीय पेटेंट, बीएचयू की शोध टीम की बड़ी उपलब्धि
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वाराणसी : बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) की शोध टीम ने दूध प्रोटीन और एलोवेरा से तैयार नवीन मिश्रित एंटासिड टैबलेट के लिए भारतीय पेटेंट हासिल किया है। भारत सरकार के पेटेंट कार्यालय ने इस आविष्कार को पेटेंट संख्या 597350 प्रदान किया है। इसका आवेदन संख्या 202311057324 है।यह शोध बीएचयू के कृषि विज्ञान संस्थान के डेयरी साइंस एंड फूड टेक्नोलॉजी विभाग में किया गया। आविष्कारक टीम में प्रो. दिनेश चन्द्र राय, प्रो. राज कुमार दुआरी, डॉ. अरविंद, डॉ. रुचि चावला, रिधि पांडे और कृष्ण कुमार शामिल हैं।शोध टीम के नेतृत्वकर्ता प्रो. दिनेश चन्द्र राय ने इस उपलब्धि को प्राकृतिक पाचन स्वास्थ्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह पेटेंट डेयरी फार्म और शोध प्रयोगशाला से निकलकर समाज के दैनिक जीवन तक पहुंचने वाले नवाचार का उदाहरण है।उन्होंने कहा कि पेटेंट मिलने के बाद इस तकनीक के क्लिनिकल परीक्षण, उत्पादन विस्तार और व्यावसायीकरण की संभावनाएं खुलेंगी। साथ ही, अम्लता की समस्या के दैनिक प्रबंधन के लिए प्रोटीन युक्त विकल्प विकसित करने की दिशा में भी यह शोध उपयोगी हो सकता है।ALSO READ : बीएचयू में 7वें बाल चिकित्सा डायलिसिस एवं चिकित्सीय एफेरेसिस मॉड्यूल का शुभारंभप्रो. राय के अनुसार, यह उपलब्धि स्वदेशी नवाचार, डेयरी उत्पादों के मूल्य संवर्धन और साक्ष्य आधारित पारंपरिक ज्ञान को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है।इस उपलब्धि पर दोनों विश्वविद्यालयों के शैक्षणिक समुदाय और पूर्ववर्ती छात्र संघों ने शोध टीम को बधाई दी तथा शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में टीम के योगदान की सराहना की।