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युवा कारोबारी हत्‍याकांड में चार आरोपी गए जेल, फरार अन्‍य पर 25-25 हजार का इनाम

युवा कारोबारी हत्‍याकांड में चार आरोपी गए जेल, फरार अन्‍य पर 25-25 हजार का इनाम
Apr 29, 2026, 10:12 AM
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Posted By Preeti Kumari

Four accused in the murder of a young businessman have been jailed, while others who are absconding have a reward of 25,000 each.


वाराणसी: फूलपुर थाना क्षेत्र के घमहापुर में युवा कारोबारी मनीष सिंह की हत्या से क्षेत में तनाव का माहौल है. इस बीच पुलिस ने इस हत्‍याकांड के चार आरोपियों मनोज प्रजापति, हरिश्चंद्र राजभर, योगेंद्र प्रजापति व अभिषेक उर्फ बुद्धू को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने आरोपियों कोर्ट में पेश किया जहां से उन्‍हें जेल भेज दिया गया. उधर, चार अन्य वांछित आरोपियों आशीष राजभर, मनीष राजभर, नागेंद्र प्रजापति और दीपक राजभर समेत अज्ञात की गिरफ्तारी के लिए क्राइम ब्रांच, फूलपुर पुलिस की चार टीमें दबिश दे रही हैं. एहतियातन गांव में पीएसी और पुलिस फोर्स तैनात है. इसके साथ ही फरार आरोपियों पर पर डीसीपी गोमती जोन ने 25-25 हज़ार का इनाम घोषित किया है.


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पीड़ित परिजनों से की बातचीत


एडीसीपी गोमती जोन नृपेंद्र कुमार ने दूसरे दिन भी पीड़ित परिजनों से बातचीत की. उन्हें भरोसा दिलाया कि कार्रवाई ऐसी होगी, जो नजीर बनेगी. पीड़ित परिवार के साथ न्याय होगा. बता दें, कि रविवार की रात पत्तल-दोना की फैक्टरी से घर लौटते समय कार सवार मनीष सिंह की कार से बिंदू देवी को टक्कर लगने के बाद आक्रोशित मनबढ़ों ने ईंट से पीट-पीटकर मनीष सिंह की हत्या कर दी थी. मनीष सिंह के चाचा अरुण सिंह की तहरीर के आधार पर हत्या, मॉब लिंचिंग समेत अन्य आरोपों में प्राथमिकी दर्ज की गई. इस मामले में दबिश देने गई एसओजी को ग्रामीणों ने बंधक बना लिया था औी पिस्‍टल भी छीन ली थी. खालिसपुर गांव में आरोपी की गिरफ्तारी को दबिश देने गई क्राइम ब्रांच के साथ दुर्व्यवहार मामले में आरोपियों की भी पहचान कराई जा रही है. 60 अज्ञात के खिलाफ फूलपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है.


परिजन बदहवास, बेटियां करती रहीं पापा को याद


घमहापुर निवासी मनीष कुमार सिंह की हत्या से परिजन बदहवास हैं. पत्नी अंकिता का रो-रोकर बुरा हाल है. छह माह के बेटे को संभालने में हर किसी की आंखें डबडबा जा रही हैं. मनीष के घर जुटे रिश्तेदारों ने बताया कि मंगलवार को अंकिता और मनीष की दसवीं वैवाहिक वर्षगांठ थी. आठ साल की बेटी मैत्री और चार साल की बेटी वैशु अपने पापा को याद कर रोती रही. परिवार में हर कोई गमगीन है. मनीष की विवाहित दो बहनों ने पुलिस से आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की. बहनों ने बताया कि भैया मारपीट से बहुत दूर रहते थे. रास्ते में यदि कोई मिल जाता था, तो उसे अपनी कार में बैठा लेते थे.


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परिजनों से मिलने जाने से रोका


घमहापुर में मनीष सिंह की हत्या के बाद सोशल मीडिया पर क्षत्रिय संगठनों ने विरोध जताया. करणी सेना समेत अन्य संगठनों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और आर्थिक सहायता राशि पीड़ित परिजनों को दिलाए जाने की मांग की है. सोशल मीडिया पर पुलिस ने निगरानी बढ़ा दी है. माहौल खराब करने वाले फेसबुक और इंस्टाग्राम आईडी की निगरानी कराई जा रही है. एडीसीपी नृपेंद्र कुमार ने बताया कि माहौल खराब करने और अशांति फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. वहीं कारोबारी के परिजनों से मिलने जान रहे कई लोगों को पुलिस ने रोक दिया. तनाव का हवाला देते हुए उन्‍हें पुलिस वापस कर रही थी.


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वाराणसी में हाईवे पर अचेत मिली युवती, दो युवकों पर गलत व्यवहार का आरोप...
वाराणसी में हाईवे पर अचेत मिली युवती, दो युवकों पर गलत व्यवहार का आरोप...
वाराणसी : फूलपुर थाना क्षेत्र के वाराणसी-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब पिंडरा बाइपास स्थित सुरही अंडरपास के पास एक 22 वर्षीय युवती अचेत अवस्था में मिली. राहगीरों की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने युवती को तत्काल उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिंडरा भेजा. घटना के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं.पुलिस के अनुसार, होश में आने के बाद युवती ने खुद को जौनपुर जिले के जलालपुर थाना क्षेत्र के एक गांव की निवासी बताया. युवती ने आरोप लगाया कि वह किसी काम से बाजार आई थी. इसी दौरान उसके पूर्व परिचित दो युवक उससे मिले और उसे नाश्ता कराने के बहाने अपने साथ ले गए. युवती का कहना है कि रास्ते में दोनों युवकों ने उसे लस्सी पिलाई, जिसके बाद उसे चक्कर आने लगे और वह अचेत हो गई. युवती ने आरोप लगाया कि बेहोशी की हालत में दोनों युवकों ने उसके साथ गलत व्यवहार किया. इसके बाद उसे हाईवे किनारे छोड़कर फरार हो गए. युवती के बयान के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है.पुलिस के मुताबिक, युवती के शरीर पर चोट के कुछ निशान भी पाए गए हैं, जिससे मामले की संवेदनशीलता बढ़ गई है. हालांकि समाचार लिखे जाने तक युवती अथवा उसके परिजनों की ओर से कोई औपचारिक तहरीर नहीं दी गई थी. इसी कारण पुलिस ने अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं किया है.ALSO READ : तुलसी घाट पर पर्यावरण कार्यशाला: महिलाओं ने सीखा कार्बन फुटप्रिंट कम करने का हुनर...प्राथमिक उपचार के बाद युवती को बेहतर इलाज और चिकित्सकीय परीक्षण के लिए मंडलीय अस्पताल भेज दिया गया. थाना प्रभारी राजीव कुमार सिंह ने बताया कि युवती के लिखित बयान, चिकित्सकीय रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी. पुलिस संभावित आरोपितों की पहचान करने और घटना की सच्चाई सामने लाने के लिए विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है.
तुलसी घाट पर पर्यावरण कार्यशाला: महिलाओं ने सीखा कार्बन फुटप्रिंट कम करने का हुनर...
तुलसी घाट पर पर्यावरण कार्यशाला: महिलाओं ने सीखा कार्बन फुटप्रिंट कम करने का हुनर...
वाराणसी: स्थानीय तुलसी घाट पर मंगलवार को संकट मोचन फाउंडेशन और ‘मदर्स फॉर मदर’ के संयुक्त तत्वावधान में पर्यावरण संरक्षण विषयक कार्यशाला का आयोजन किया गया. इस जागरूकता कार्यक्रम में शहर के विभिन्न विद्यालयों और सामाजिक संस्थाओं से जुड़ी करीब 50 महिलाओं ने भाग लिया.कार्यशाला को संबोधित करते हुए ‘मदर्स फॉर मदर’ की अध्यक्षा आभा मिश्रा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि यदि नई पीढ़ी को पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाया जाए तो संरक्षण के प्रयासों को नई दिशा और मजबूती मिलेगी. उन्होंने महिलाओं से दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव अपनाकर पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया.कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने एक विशेष प्रश्नावली के माध्यम से अपने व्यक्तिगत कार्बन फुटप्रिंट का आकलन किया. विशेषज्ञों ने उन्हें ऊर्जा की बचत, प्लास्टिक के कम उपयोग, सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने और पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली अपनाने जैसे उपायों की जानकारी दी. साथ ही कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए व्यावहारिक कार्ययोजना भी तैयार कराई गई.ALSO READ:गंज शहीदा मस्जिद पर नया ट्विस्ट लगी नई नोटिस, फिर रेलवे ने हटाई बढ़ा संशय...कार्यशाला में यह भी बताया गया कि ‘मदर्स फॉर मदर’ संस्था तकनीक और कौशल विकास के माध्यम से महिलाओं को हुनरमंद बनाकर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रही है. संस्था के प्रयासों से महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं, बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारियों के प्रति भी जागरूक बन रही हैं.इस अवसर पर अशोक पांडेय, गोपाल पांडेय, विकल्प दुबे सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे. कार्यक्रम के अंत में पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए सभी प्रतिभागियों ने अपने-अपने स्तर पर पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली अपनाने की प्रतिबद्धता जताई.
गंज शहीदा मस्जिद पर नया ट्विस्ट लगी नई नोटिस, फिर रेलवे ने हटाई बढ़ा संशय...
गंज शहीदा मस्जिद पर नया ट्विस्ट लगी नई नोटिस, फिर रेलवे ने हटाई बढ़ा संशय...
वाराणसी:काशी रेलवे स्टेशन के बाहर स्थित गंज शहीदा मस्जिद को लेकर मंगलवार को एक बार फिर नया विवाद खड़ा हो गया. मस्जिद के मुख्य द्वार पर अचानक एक नई नोटिस चस्पा कर दी गई. नोटिस में 13 जून को रेलवे प्रशासन की ओर से जारी नोटिस को प्रशासनिक कारणों से तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की बात लिखी गई थी.नोटिस लगते ही इलाके में चर्चा तेज हो गई और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग व मस्जिद कमेटी के सदस्य मौके पर पहुंचने लगे. स्थानीय लोगों के मुताबिक मंगलवार दोपहर एक रेलकर्मी मस्जिद के गेट पर नई नोटिस लगाकर चला गया.नई नोटिस में कहा गया था कि काशी रेलवे स्टेशन के प्रथम प्रवेश द्वार के पास स्थित मस्जिद के संबंध में 13 जून को जारी नोटिस को रेलवे प्रशासन रद्द करता है. नोटिस पर उत्तर रेलवे वाराणसी का उल्लेख भी किया गया था.जैसे ही इसकी जानकारी फैली मस्जिद के बाहर लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई. दोपहर से शाम तक स्थानीय नागरिक, मस्जिद कमेटी के सदस्य और आसपास के लोग पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रहे. सबसे बड़ा सवाल यही रहा कि आखिर रेलवे प्रशासन ने अपना पुराना फैसला वापस क्यों लिया.हालांकि शाम करीब 5:50 बजे मामले ने नया मोड़ ले लिया. रेलवे अधिकारी आरपीएफ जवानों के साथ मौके पर पहुंचे और मस्जिद के गेट पर लगी नई नोटिस को हटवा दिया.मौके पर मौजूद रेलवे के आईडब्ल्यू काशी विनय सिंह ने बताया कि यह नई नोटिस रेलवे प्रशासन की ओर से जारी नहीं की गई थी. किसने इसे चस्पा किया इसकी जानकारी नहीं है. जानकारी मिलते ही आरपीएफ की मौजूदगी में उसे फाड़ दिया गया. उन्होंने साफ कहा कि रेलवे की ओर से पहले जारी नोटिस ही मान्य है.वहीं इस पूरे घटनाक्रम में नया दावा तब सामने आया जब नोटिस चस्पा करने वाले रेलकर्मी सुनील ने बताया कि उसने यह नई नोटिस रेलवे अधिकारियों के कहने पर लगाई थी. बाद में उन्हीं के निर्देश पर उसे फाड़कर हटा दिया गया.अब इस पूरे मामले में सवाल और संशय दोनों गहराते जा रहे हैं. आखिर नई नोटिस किसने जारी की किसके आदेश पर लगाई गई और फिर क्यों हटाई गई. देर शाम तक रेलवे प्रशासन की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था. जिससे पूरे घटनाक्रम को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही.