युवा कारोबारी हत्याकांड में चार आरोपी गए जेल, फरार अन्य पर 25-25 हजार का इनाम

Four accused in the murder of a young businessman have been jailed, while others who are absconding have a reward of 25,000 each.
वाराणसी: फूलपुर थाना क्षेत्र के घमहापुर में युवा कारोबारी मनीष सिंह की हत्या से क्षेत में तनाव का माहौल है. इस बीच पुलिस ने इस हत्याकांड के चार आरोपियों मनोज प्रजापति, हरिश्चंद्र राजभर, योगेंद्र प्रजापति व अभिषेक उर्फ बुद्धू को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने आरोपियों कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया. उधर, चार अन्य वांछित आरोपियों आशीष राजभर, मनीष राजभर, नागेंद्र प्रजापति और दीपक राजभर समेत अज्ञात की गिरफ्तारी के लिए क्राइम ब्रांच, फूलपुर पुलिस की चार टीमें दबिश दे रही हैं. एहतियातन गांव में पीएसी और पुलिस फोर्स तैनात है. इसके साथ ही फरार आरोपियों पर पर डीसीपी गोमती जोन ने 25-25 हज़ार का इनाम घोषित किया है.

पीड़ित परिजनों से की बातचीत
एडीसीपी गोमती जोन नृपेंद्र कुमार ने दूसरे दिन भी पीड़ित परिजनों से बातचीत की. उन्हें भरोसा दिलाया कि कार्रवाई ऐसी होगी, जो नजीर बनेगी. पीड़ित परिवार के साथ न्याय होगा. बता दें, कि रविवार की रात पत्तल-दोना की फैक्टरी से घर लौटते समय कार सवार मनीष सिंह की कार से बिंदू देवी को टक्कर लगने के बाद आक्रोशित मनबढ़ों ने ईंट से पीट-पीटकर मनीष सिंह की हत्या कर दी थी. मनीष सिंह के चाचा अरुण सिंह की तहरीर के आधार पर हत्या, मॉब लिंचिंग समेत अन्य आरोपों में प्राथमिकी दर्ज की गई. इस मामले में दबिश देने गई एसओजी को ग्रामीणों ने बंधक बना लिया था औी पिस्टल भी छीन ली थी. खालिसपुर गांव में आरोपी की गिरफ्तारी को दबिश देने गई क्राइम ब्रांच के साथ दुर्व्यवहार मामले में आरोपियों की भी पहचान कराई जा रही है. 60 अज्ञात के खिलाफ फूलपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है.
परिजन बदहवास, बेटियां करती रहीं पापा को याद
घमहापुर निवासी मनीष कुमार सिंह की हत्या से परिजन बदहवास हैं. पत्नी अंकिता का रो-रोकर बुरा हाल है. छह माह के बेटे को संभालने में हर किसी की आंखें डबडबा जा रही हैं. मनीष के घर जुटे रिश्तेदारों ने बताया कि मंगलवार को अंकिता और मनीष की दसवीं वैवाहिक वर्षगांठ थी. आठ साल की बेटी मैत्री और चार साल की बेटी वैशु अपने पापा को याद कर रोती रही. परिवार में हर कोई गमगीन है. मनीष की विवाहित दो बहनों ने पुलिस से आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की. बहनों ने बताया कि भैया मारपीट से बहुत दूर रहते थे. रास्ते में यदि कोई मिल जाता था, तो उसे अपनी कार में बैठा लेते थे.

परिजनों से मिलने जाने से रोका
घमहापुर में मनीष सिंह की हत्या के बाद सोशल मीडिया पर क्षत्रिय संगठनों ने विरोध जताया. करणी सेना समेत अन्य संगठनों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और आर्थिक सहायता राशि पीड़ित परिजनों को दिलाए जाने की मांग की है. सोशल मीडिया पर पुलिस ने निगरानी बढ़ा दी है. माहौल खराब करने वाले फेसबुक और इंस्टाग्राम आईडी की निगरानी कराई जा रही है. एडीसीपी नृपेंद्र कुमार ने बताया कि माहौल खराब करने और अशांति फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. वहीं कारोबारी के परिजनों से मिलने जान रहे कई लोगों को पुलिस ने रोक दिया. तनाव का हवाला देते हुए उन्हें पुलिस वापस कर रही थी.
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