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कर्णघंटा पोखरे की बदहाली, व्‍यवस्‍थाओं के अभाव की कब सुध लेगा नगर निगम

कर्णघंटा पोखरे की बदहाली, व्‍यवस्‍थाओं के अभाव की कब सुध लेगा नगर निगम
Apr 23, 2026, 11:14 AM
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Posted By Preeti Kumari

When will the Municipal Corporation take care of the poor condition of Karnaghanta pond and its lack of facilities?


वाराणसी: गर्मी बढ़ते ही शहर के तालाबों और कुंडों की हालत चिंताजनक होने लगी है. जल स्तर घटने और गंदगी बढ़ने से जलचरों को ऑक्सीजन की कमी का सामना करना पड़ता है, जिससे उनकी मौत तक होने लगती है. नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी संदीप श्रीवास्तव के अनुसार नगर निगम सीमा में 136 तालाब-कुंड और बाहरी क्षेत्र में 210 तालाब-कुंड आते हैं. निगम की ओर से इनके संरक्षण और देखरेख के लिए व्यवस्थाएं किए जाने का दावा किया जा रहा है.


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इसी सिलसिले में आज गुरुवार को गांडीव डिजिटल की टीम जमीनी हकीकत जानने के लिए काशी के अति प्राचीन कर्णघंटा कुंड पहुंची, जो बुलानाला क्षेत्र के कर्णघंटा मोहल्ले में स्थित है. यहां की जमीनी हकीकत दावों से अलग नजर आई. कुंड परिसर में सफाई, लाइट व्यवस्था , पानी और मूलभूत सुविधाओं का अभाव साफ दिखाई दिया.


कुंड का पौराणिक महत्‍व


कुंड के पुरोहित विश्वनाथ दुबे ने बताया कि कर्णघंटा कुंड का पौराणिक महत्व काफी अधिक है. दक्षिण भारत से हजारों श्रद्धालु यहां दर्शन-पूजन के लिए आते हैं. इसके बावजूद पोखरे की हालत बेहद खराब है. मंदिर परिसर के बाहर नियमित सफाई नहीं होती. नगर निगम की ओर से लगाई गई लाइट बंदरों द्वारा तोड़ दिए जाने के बाद आज तक ठीक नहीं कराई गई. शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई.


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उन्होंने बताया कि वर्ष 2019 में कुंड की मरम्मत कराई गई थी, लेकिन उसके बाद से आज तक कोई देखरेख नहीं हुई. मरम्मत के दौरान निकला मलबा भी कुंड में ही डाल दिया गया था. कुंड के आसपास लगे पत्थर अव्यवस्थित पड़े हैं और दीवारों पर बनी धार्मिक पेंटिंग के रंग भी समय के साथ फीके पड़ चुके हैं. पुरोहित ने यह भी कहा कि पोखरे में मछलियों की सुरक्षा के लिए कोई व्यवस्था नहीं है. गंदगी और साफ-सफाई की कमी के कारण मछलियां मर जाती हैं. आसपास के लोग अपने स्तर पर मदद करते हैं, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है.


गुरु पूर्णिमा पर उमड़ती है भीड़


गुरु पूर्णिमा के अवसर पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, लेकिन तालाब की बदहाल स्थिति के कारण लोग व्यवस्थित तरीके से धार्मिक अनुष्ठान नहीं कर पाते. बैठने की भी कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे श्रद्धालुओं को परेशानी उठानी पड़ती है.


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स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है. इससे समस्या लगातार बनी हुई है और लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है.

इसी क्रम में गांडीव डिजिटल की टीम काशी के किसी दूसरे कुंडों के महत्‍व और उनकी जमीनी हकीकत जानेगी.


पवन एक्सप्रेस 9 घंटे लेट, यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें; मेगा ब्लॉक से 40 मिनट रुकी सिकंदराबाद-दानापुर सुपरफास्ट...
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वाराणसी: गर्मी की छुट्टियों और बढ़ी हुई यात्री संख्या के बीच वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन पर गुरुवार को कई ट्रेनें घंटों की देरी से पहुंचीं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा. मुंबई और लोकमान्य तिलक टर्मिनस की ओर से आने वाली ट्रेनों के लेट होने से प्लेटफॉर्म पर यात्रियों की भीड़ उमड़ पड़ी.लोकमान्य तिलक टर्मिनस से जयनगर जाने वाली 11061 एलटीटी-जयनगर एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से करीब 9 घंटे की देरी से रात 9:25 बजे वाराणसी स्टेशन पहुंची. वहीं मुंबई से आने वाली पवन एक्सप्रेस भी करीब 8 घंटे विलंबित रही. रेलवे की ओर से ट्रेनों के लेट होने की सूचना तो लगातार प्रसारित की जा रही थी, लेकिन देरी के कारणों की स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने से यात्रियों में असमंजस बना रहा.सूत्रों के अनुसार लोकमान्य तिलक-वाराणसी रेलखंड पर विभिन्न स्थानों पर ट्रैक मेंटेनेंस और अन्य तकनीकी कार्यों के लिए लिए गए ब्लॉकों के कारण ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ.इधर, 12791 सिकंदराबाद-दानापुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस निर्धारित समय से 10 मिनट पहले दोपहर 1:15 बजे प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर पहुंच गई, लेकिन आगे मेगा ब्लॉक होने के कारण ट्रेन को करीब 40 मिनट तक स्टेशन पर खड़ा रखना पड़ा. इसके बाद ट्रेन दोपहर 2:15 बजे रवाना हुई.also read:संवरेगा वाराणसी का बुनियादी ढांचा, 48.88 करोड़ की योजना से चौराहों से लेकर कुंडों तक दिखेगी हेरिटेज झलक...गर्मी की छुट्टियों के चलते मुंबई, पुणे, देहरादून और सिकंदराबाद समेत विभिन्न शहरों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक काशी पहुंच रहे हैं। वहीं पुलिस भर्ती परीक्षा में शामिल होने आए अभ्यर्थियों की भीड़ से कैंट स्टेशन के प्लेटफॉर्म खचाखच भरे रहे. यात्री जहां जगह मिली, वहीं बैठकर ट्रेनों का इंतजार करते नजर आए.वहीं, 01025 दादर-बलिया स्पेशल अपने निर्धारित समय से करीब 9 घंटे 20 मिनट की देरी से सुबह 7:10 बजे वाराणसी पहुंची. दूसरी ओर 11071 कामायनी एक्सप्रेस भी निर्धारित समय शाम 7:45 बजे के बजाय करीब 6 घंटे विलंब से रात 1:45 बजे स्टेशन पहुंची. ट्रेनों की देरी के कारण आगे की यात्रा करने वाले यात्रियों को लंबे इंतजार और असुविधा का सामना करना पड़ा.
संवरेगा वाराणसी का बुनियादी ढांचा, 48.88 करोड़ की योजना से चौराहों से लेकर कुंडों तक दिखेगी हेरिटेज झलक...
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वाराणसी: नगर निगम वाराणसी ने शहर की प्राचीन और ऐतिहासिक पहचान को संरक्षित रखते हुए आधुनिक सुविधाओं से लैस बनाने के लिए 48.88 करोड़ रुपये की व्यापक विकास योजना तैयार की है. इस योजना के तहत धार्मिक स्थलों, प्रमुख चौराहों, पर्यटन क्षेत्रों और यातायात व्यवस्था को नए स्वरूप में विकसित किया जाएगा.नगर निगम की इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य काशी की सांस्कृतिक विरासत को बनाए रखते हुए नागरिकों और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है.योजना के तहत शहर के कई प्रमुख स्थलों पर हेरिटेज थीम आधारित विकास कार्य किए जाएंगे.सारनाथ में बनेगी आधुनिक स्वचालित पार्किंगपर्यटकों की बढ़ती संख्या और पार्किंग की समस्या को देखते हुए सारनाथ में आधुनिक स्वचालित (स्लाइडिंग/पजल) पार्किंग का निर्माण कराया जाएगा. यह पार्किंग तकनीक आधारित होगी, जिससे कम स्थान में अधिक वाहनों को खड़ा किया जा सकेगा और ट्रैफिक व्यवस्था को भी राहत मिलेगी.मणिकर्णिका घाट क्षेत्र में सुधरेगी पार्किंग व्यवस्थामहाश्मशान मणिकर्णिका घाट के आसपास की भीड़भाड़ को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय सब्जी मंडी को व्यवस्थित किया जाएगा. साथ ही दोपहिया वाहनों के लिए समर्पित पार्किंग स्थल विकसित किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को सुविधा मिलेगी.पिशाचमोचन कुंड पर मिलेंगी विश्वस्तरीय सुविधाएंधार्मिक महत्व के पिशाचमोचन कुंड पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 2.34 करोड़ रुपये की लागत से शौचालय, शुद्ध पेयजल और ठहरने की बेहतर व्यवस्था विकसित की जाएगी. इससे पितृपक्ष और अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं को काफी राहत मिलेगी.चौराहों का होगा हेरिटेज कायाकल्पनगर आयुक्त हिमांशु नागपाल के अनुसार, शहर के 15 प्रमुख चौराहों और तिराहों को हेरिटेज थीम पर विकसित किया जा रहा है. मिंट हाउस और नदेसर तिराहे पर कार्य शुरू हो चुका है, जहां प्राचीन बनारसी शैली के ट्रैफिक बूथ और विशाल पारंपरिक घड़ी स्थापित की गई है.पहले चरण में 3.10 करोड़ रुपये की लागत से कचहरी, पुलिस लाइन, सुंदरपुर और भिखारीपुर चौराहों का सुंदरीकरण पूरा किया जा चुका है.वीआईपी मार्ग पर बनेंगे महाकाल स्तंभबाबतपुर एयरपोर्ट से शहर की ओर आने वाले मार्ग को आध्यात्मिक प्रवेश द्वार (स्पिरिचुअल गेटवे) के रूप में विकसित किया जाएगा. इस मार्ग पर 2.35 करोड़ रुपये की लागत से भव्य महाकाल स्तंभ पिलर्स लगाए जाएंगे, जो काशी की धार्मिक पहचान को दर्शाएंगे.मैदागिन से गिरजाघर तक हेरिटेज लाइटिंगमैदागिन चौराहे से गोदौलिया होते हुए गिरजाघर चौराहे तक 3.98 करोड़ रुपये की लागत से हेरिटेज लाइटिंग लगाई जाएगी. इससे रात के समय पूरा मार्ग आकर्षक दूधिया रोशनी से जगमगाएगा और पर्यटकों को काशी की ऐतिहासिक भव्यता का नया अनुभव मिलेगा.काशी की पहचान और सुविधाओं का होगा संगमनगर निगम का कहना है कि इस परियोजना के माध्यम से वाराणसी में आधुनिक सुविधाओं और प्राचीन सांस्कृतिक विरासत का संतुलित समावेश किया जाएगा. इससे शहर की सुंदरता बढ़ने के साथ-साथ पर्यटन, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधाओं में भी उल्लेखनीय सुधार होगा.
कांग्रेस का पलटवार, महापौर कर रहे कांग्रेस पार्षद दल को बदनाम करने का प्रयास...
कांग्रेस का पलटवार, महापौर कर रहे कांग्रेस पार्षद दल को बदनाम करने का प्रयास...
वाराणसी : मैदागिन स्थित पार्टी कार्यालय राजीव भवन में मीडिया को संबोधित करते हुए महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने नगर निगम से जुड़े विभिन्न जनहित के मुद्दों, शहर की बदहाल व्यवस्था, सफाई, जलनिकासी, सीवर व्यवस्था तथा हाल ही में मीट-मांस की दुकानों को शहर से बाहर स्थानांतरित किए जाने को लेकर चल रही चर्चाओं पर विस्तार से विचार व्यक्त किया. कांग्रेस पार्षद दल के नेता गुलशन अंसारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पिछले दिनों यह प्रचारित किया जा रहा है कि वाराणसी शहर से मीट-मांस की दुकानों को बाहर करने का प्रस्ताव कांग्रेस पार्षद दल की ओर से दिया गया था. उन्होंने इस दावे को पूरी तरह झूठा, निराधार और भ्रामक बताते हुए कहा कि उन्होंने नगर निगम में ऐसा कोई प्रस्ताव कभी नहीं दिया है. यदि महापौर अशोक तिवारी यह दावा कर रहे हैं कि कांग्रेस पार्षद दल या उनके द्वारा ऐसा कोई प्रस्ताव दिया गया था, तो वह तत्काल उस प्रस्ताव को सार्वजनिक करें. जनता को बताया जाए कि कब, किस बैठक में और किस पत्र के माध्यम से ऐसा प्रस्ताव दिया गया. यदि महापौर ऐसा करने में असमर्थ हैं तो उन्हें काशी की जनता से माफी मांगनी चाहिए.कांग्रेस की राजनीति समाज को जोड़ने की राजनीति है, जबकि भाजपा समाज को बांटने और भ्रम फैलाने का काम कर रही है. नगर निगम की विफलताओं और शहर की ज्वलंत समस्याओं से जनता का ध्यान हटाने के लिए कांग्रेस पार्षद दल पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं. काशी विश्व की प्राचीनतम सांस्कृतिक नगरी है और इसकी पहचान गंगा-जमुनी तहजीब, आपसी भाईचारे और सामाजिक समरसता से रही है. यहां सभी धर्मों और समुदायों के लोग सदियों से प्रेम और सौहार्द के साथ रहते आए हैं. ऐसे में महापौर द्वारा दिए जा रहे भ्रामक बयान सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करने वाले हैं. कांग्रेस पार्षद दल ने केवल सावन और नवरात्र जैसे विशेष धार्मिक अवसरों पर, जब लाखों श्रद्धालु काशी आते हैं, तब आस्था और परंपराओं का सम्मान करते हुए कुछ दिनों के लिए मीट-मांस की दुकानों को बंद रखने की बात कही थी. लेकिन उस सुझाव को तोड़-मरोड़कर पूरे शहर से दुकानों को बाहर करने के प्रस्ताव के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, जो पूरी तरह गलत है.कहा क‍ि काशी के महापौर अशोक तिवारी से पूछना चाहता हूं कि यदि मैंने ऐसा कोई प्रस्ताव दिया है तो उसे सार्वजनिक करें. अन्यथा जनता को गुमराह करना बंद करें. काशी की जनभावनाओं से खिलवाड़ न करें और गंगा-जमुनी तहजीब को राजनीतिक लाभ के लिए निशाना न बनाएं. भाजपा को समाज में विभाजन पैदा करने के बजाय शहर के विकास, सफाई व्यवस्था, जलभराव, टूटी सड़कों और नागरिक सुविधाओं पर ध्यान देना चाहिए.”ALSO READ: भगवान राम पर टिप्पणी मामला: राहुल गांधी को झटका, MP-MLA कोर्ट ने दिया नए सिरे से सुनवाई का आदेश...वार्ता को संबोधित करते हुए राघवेन्द्र चौबे ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी जनहित के मुद्दों पर पूरी तरह विफल साबित हुई है. नगर निगम की बदहाल व्यवस्था, शहर में व्याप्त अव्यवस्था, सफाई संकट, जलभराव और विकास कार्यों की धीमी गति से जनता परेशान है. इन मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए भाजपा नए-नए विवाद पैदा कर रही है. बताया क‍ि कांग्रेस किसी भी धर्म, समुदाय या व्यवसाय विशेष के खिलाफ नहीं है. कांग्रेस संविधान की भावना और सभी वर्गों के सम्मान में विश्वास करती है. काशी की पहचान उसकी सांस्कृतिक विविधता, धार्मिक सहिष्णुता और साझा विरासत से है. भाजपा यदि इस विरासत को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करेगी तो कांग्रेस उसका लोकतांत्रिक तरीके से मजबूती से विरोध करेगी.बताया क‍ि कांग्रेस काशी की गंगा-जमुनी संस्कृति, सामाजिक सद्भाव और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए सदैव संघर्ष करती रहेगी. बैठक के अंत में निर्णय लिया गया कि यदि कांग्रेस पार्षद दल के खिलाफ झूठा प्रचार जारी रहा तो कांग्रेस जन-जन तक सच्चाई पहुंचाने के लिए व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाएगी और नगर निगम की विफलताओं को जनता के सामने उजागर करेगी.